communal news
Tag: Communal News
“जब वो तोड़ने से ना रोक सके तो बनाने से कौन रोकेगा, बनेगा राम मंदिर।” -योगी आदित्यनाथ
भले ही भाजपा राम मंदिर मामले पर बोलने से बचती रहती है पर अभी जैसे ही यूपी में चुनाव का माहौल आया अपने इरादों को स्पष्ट करते हुए आखिर भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात कह दी है। आदित्यनाथ राम मंदिर मामले पर एक बार और विवादित बयान दे कर विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं।
ज़रूर पढ़ें, शिक्षा और देश दोनों का भगवाकरण है ज़रूरी। : कठेरिया
पार्टी सांसद योगी आदित्यनाथ ने यूपी के बस्ती में राम मंदिर को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने भड़काऊ अंदाज में कहा कि जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से कोई नहीं रोक सका, तो भला मंदिर बनाने से कौन रोकेगा।
रविवार को रामकथा के अयोजन में पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को धमकी भरे अंदाज में कहा, ‘भगवान राम के मंदिर को बनने से कोई नहीं रोक सकता है। जब ढांचा ढहाने से कोई नहीं रोक पाया तो मंदिर बनाने से कौन रोकेगा। छह दिसंबर को कार सेवकों ने ढांचा ढहाने के बाद ईट का एक-एक टुकड़ा अपने साथ लेकर चले गए और अपने हिसाब से उसका इस्तेमाल किया।’
ये भी पढ़ें… कैराना मामले पर योगी आदित्यनाथ ने उगला ज़हर, जाने क्या है पूरा मामला
मदर टेरेसा पर फिर हमला
बीजेपी सांसद यही नहीं रुके। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में भारत रत्न मदर टेरेसा को लेकर भी टिप्पणी की। आदित्यनाथ ने कहा, ‘मदर टेरेसा धर्मांतरण करवाती थी। आज भी सेवा के नाम पर धर्मांतरण जारी है। टेरेसा के लोग भारत का इसाईकरण करने का काम करते हैं। देश के पूर्वोत्तर राज्यों में इन इसाईयों ने किस तरह से खतरनाक स्थिति पैदा कर रखी है, इसे देखना है तो झारखंड, अरूणाचल, त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय जाइए।’
ये भी पढ़ें, तो अब चेतन भगत होंगे RBI के गवर्नर!!
‘कैराना मामले पर किसी ने पुरस्कार क्यों नहीं लौटाया ?’
आदित्यनाथ ने कैराना के मामले पर दुख प्रकट करते हुए कहा, ‘हिंदू कब तक पलायन करेगा और वह जाएगा कहां ? पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से हिंदुओं को भगाया गया। तब किसी ने असहिष्णुता की बात नहीं की। तब किसी ने कोई पुरस्कार वापस नहीं किया।’
ओवैसी का भाजपा से सवाल, “मुज़फ्फरनगर दंगे के बाद 50,000 मुसलमानों ने किया पलायन, कौन है ज़िम्मेदार?”
NewBuzzIndia:
कैराना पलायन मामले से उत्तर प्रदेश राजनीति ही नहीं राष्ट्रीय राजनीति में एक हलचल पैदा हो गया है। हुकुम सिंह ने जब अपना ‘हुकुम का इक्का’ फेंका तो उन्हें भी अंदाज़ा नहीं रहा होगा की उनके इस कदम से प्रदेश की सियासत किस तरह से प्रभावित होगी।
साल 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद 50,000 मुसलमानों के पलायन करने का दावा करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार (18 जून) को भाजपा से कहा कि क्या वह वहां एक तथ्यान्वेषी टीम भेजेगी, जैसा कि इसने हिंदुओं के कथित पलायन के मुद्दे पर कैराना भेजी है। हैदराबाद से लोक सभा सदस्य ने उत्तर प्रदेश के कैराना से कथित तौर पर पलायन करने वाले 346 परिवारों की सूची को ‘फर्जी’ बताया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर नाटक करना भाजपा और सपा दोनों के हितों के अनुकूल बैठता है।
ओवैसी ने दावा किया कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद 50,000 से अधिक लोगों ने अपना मूल स्थान छोड़ दिया जहां वे पीढ़ियों से रहते आ रहे थे। उन्होंने इसे देश की आजादी के बाद अल्पसंख्यकों को सामूहिक रूप से हटाने का कार्य बताया। उन्होंने कहा, ‘क्या भाजपा एक तथ्यान्वेषी टीम भेजेगी ? (मुजफ्फरनगर दंगों के बाद) विस्थापित हुए 50,000 लोगों के साथ क्या हुआ उसका पता लगाने के लिए क्या भाजपा कोई समय निकालेगी?’
कैराना मामले पर योगी आदित्यनाथ ने उगला ज़हर, पढ़ें पूरी खबर
ओवैसी ने दावा किया कि मूल रूप से उसके (भाजपा) पास कोई और मुद्दा नहीं है और यह (कैराना मुद्दा) भाजपा का असली चेहरा उजागर करता है जो सबका साथ सबका विकास की बात करती है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा और सपा दोनों के लिए उपयुक्त बैठता है, भाजपा बहुसंख्यक समुदाय के बीच डर की भावना पैदा करना चाहती है। सपा मुसलमानों को यह संदेश देना चाहती है कि यदि आप सपा को नहीं चुनते हैं तो आप असुरक्षित हैं। इस तरह यह नाटक भाजपा और सपा, दोनों के अनुकूल बैठता है।
उन्होंने कहा कि जब ऐसा मुद्दा सामने आता है तो सपा खुश होती है क्योंकि इसे अपने मकसद में नाकाम रहने और कुशासन पर सवालों का जवाब नहीं देना पड़ता है। ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम अगले साल के शुरुआत में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में एक गठबंधन बनाने के लिए विकल्प खुले रखे हैं।
कैराना मामले में आया एक नया मोड़, राजनीतिक लाभ के लिए भाजपा सांसद करा रहे थे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण !!
NewBuzzIndia:
उत्तर प्रदेश के कैराना मामले में डीआईजी एके राघव ने डीआईजी मुख्यालय को एक रिपोर्ट भेजी है जिसने इस पूरे मामले में एक नया मोड़ दे दिया है। इस रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं। इसमें कहा गया है कि, कथित पलायन करने वाले हिंदुओं की लिस्ट बनाने वाले भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने ये सब सिर्फ इसलिए किया क्योंकि वो यूपी चुनाव में अपनी बेटी को लड़वाना चाहते हैं, जिसके लिए वो अपनी बेटी को जीत दिलाने के लिए साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करवा रहे हैं।
ये ज्ञात हो की हुकुम सिंह ने ही एक लिस्ट जारी की थी जिसमे उन्होंने इस बात का ज़िक्र किया कि किसी विशेष समुदाय के डर और उनकी दहशत से भारी संख्या में हिंदुओं का वहां से पलायन हुआ है।
11 जून को डीजीपी हेडक्वार्टर को भेजी गई रिपोर्ट में डीआईजी ने बताया कि शामली जिले के कैराणा, झिंझाना, कांधला कस्बे में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग रहते हैं। यहां 85 फीसदी मुस्लिम और 15 फीसदी हिंदू आबादी है। आने वाले चुनाव में फायदा उठाने के लिए भाजपा और अन्य सहोयगी दल सांप्रदायिक माहौल बना रहे हैं। साथ ही रिपोर्ट में बड़ी सांप्रदायिक घटना की भी संभावना जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये छोटी घटनाएं तुल देने की वजह से बड़ा रूप धारण कर सकती हैं।
जानिए वो 10 मुद्दें जिन पर मोदी कभी कुछ बोल ना पाए, सरकार भी रही बैकफुट पर
NewBuzzIndia | Exclusive:
केंद्र में भाजपा सरकार के आने के पूर्व भाजपा ने अनेकों वादे किए। इन वादों में से मोदी सरकार ने कुछ पुरे किए तो वहीं बहुत से वादों पर चुप्पी साधी रखी है। इसी तरह प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने भी कई मसलों पर कुछ नही कहा और बिलकुल चुप रहे।
हम आपको उन महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में बता रहे है जिन पर आवश्यक होने पर भी मोदी चुप रहे है-
1. राम मंदिर :-
भाजपा ने जब पहली बार राजनीती में जगह बनाई थी तब से राम मंदिर के मुद्दे को सबसे ऊपर उठाया था, पर अभी भी मोदी इस मुद्दे पर चुप है। और यह मुद्दा वैसा ही है जैसा पहले था।
2. धारा 370 :-
लोकसभा चुनाव के वक़्त मोदी के वादों में धारा 370 सबसे ऊपर था, पर अब मोदी इससे यू-टर्न लेते हुए दिखाई दे रहे है।
3. JNU मुद्दा :-
यह एक ऐसा मुद्दा था जिसने सरकार की जड़े हिला कर रख दी, पर फिर भी मोदी इससे दूर ही रहे।
4. व्यापम :-
यह भाजपा सरकार के सबसे बड़े घोटालों में से एक है, जिसमे कई लोगों की जान तक चली गयी, यह मुद्दा अभी भी नही सुलझा है। इस पर भी मोदी ने कोई रिएक्शन नही दिया।
5. काला धन :-
भाजपा को जीत दिलाने का यह सबसे बड़ा हथियार था, जिसमे विदेशो में जमा काला धन वापस लाने की बात कही गयी थी, पर अब तक ऐसा कुछ भी नही हुआ।
6. अख़लाक़ :-
अख़लाक़ एक ऐसा मुद्दा बन गया जिसमे देश में सहिष्णुता और असहिष्णुता के बीच जंग छिड़ गयी, पर इससे भी मोदी दूर भागते दिखे।
7. महंगाई:
वादों पर ध्यान दिया जाए तो मंहगाई को कम करने की बात कही गयी थी, पर फिलहाल स्थिति इसके बिलकुल विपरीत है।
8. चीन:
लोकसभा चुनाव के वक़्त, प्रचार के महत्वपूर्ण मुद्दों में चीन का मुद्दा अहम था। लगातार चीन का भारत के ज़मीन पर कब्ज़ा, अरुणांचल प्रदेश के कई हिस्सों को अपना कहना जैसे कई मुद्दे थे जिनपर उम्मीद की जा रही थी कि मोदी सरकार का रुख सख्त होगा। पर जैसे जैसे दिन ढले, इन मुद्दों को ठंडे बस्ते में डाल के भूल गयी सरकार।
9. डिग्री विवाद:
केजरीवाल के द्वारा उछाला गया मोदी की डिग्री का विवाद, इस पर भी मोदी कभी खुलकर सामने नही आये।
10. पत्नी:
यह मुद्दा मोदी के निजी जीवन का है। मोदी ने कभी सामने आकर अपनी पत्नी का नाम उजागर नही किया।
**Like us on facebook**
[wpdevart_like_box profile_id=”858179374289334″ connections=”show” width=”300″ height=”150″ header=”small” cover_photo=”show” locale=”en_US”]
Big News: UP में मुख्यमंत्री उम्मीदवार तय, योगी आदित्यनाथ होंगे भाजपा का चेहरा
#newbuzzindia/UP | उत्तरप्रदेश में 2017 में विधानसभा चुनाव होने है। इस चुनाव में विजय पाने के लिए अभी से सभी राजनैतिक दलों ने अपना दम लगाना शुरू कर दिया है। उत्तरप्रदेश का चुनाव, अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक भयावक होता है। यूपी पर विजय पाना, दिल्ली की गद्दी पाने जैसा है। इसलिए यहाँ हर दाल चाहता है की उसकी पार्टी की जीत हो।
ऐसे में भाजपा सबसे आगे नजर आ रही है। भाजपा ने अपनी सभाये शुरू कर दी है तो वहीँ दूसरे दाल भी वहुनाव की तैयारी में जुट गए है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार किसे बनाया जाए।
इस बात से तो बीजेपी ने पर्दा भी उठा दिया है और आखिरकार तनातनी ख़त्म करते हुए योगी आदित्यनाथ को यूपी की कमान सौपने का विचार बना लिया है।
बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों बीजेपी कोर कमेटी और आरएसएस के बीच गुपचुप तरीके से एक बैठक हुई। जिसमें मोदी की पसंद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की जगह गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ को यूपी से मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने पर सहमति बन गई है। जिसका ऐलान बीजेपी जल्द ही करने वाली है।
जानकारी के मुताबिक संघ प्रमुख मोहन भागवत की बात से मोदी भी सहमत नजर आए। संघ किसी भी हालत में नहीं चाहता था कि यूपी में बीजेपी का चेहरा योगी आदित्यनाथ के अलावा कोई दूसरा बने। साथ ही बीजेपी के कुछ वरिष्ठ नेता भी संघ की बात से सहमत नजर आए। जिसके बाद पीएम मोदी ने भी योगी आदित्यनाथ को यूपी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने को हरी झंडी दिखा दी।
चुनाब के इस रण में अब देखना यह होगा कि बीजेपी कितनी जल्द योगी आदित्यनाथ को बीजेपी की तरफ से यूपी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने का ऐलान करती है और क्या एक बार फिर बीजेपी और आरएसएस का हिंदुत्व का यह दांव सही साबित हो पाता है कि नहीं?
तोगड़िया ने हिंदुओं की मर्दानगी को ललकारा, कहा ‘घर जा के अपनी मर्दानगी की पूजा करो।’ मर्दानगी बढ़ाने के लिए बताए नुस्ख़े
NewBuzzIndia:
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता प्रवीण तोगड़िया ने अपनी रैली में विवादित बयान दिया है। तोगड़िया ने हिंदुओं की लगातार कम हो रही जनसंख्या के लिए हिंदुओं में बढ़ती नामर्दी को वजह बताया है। उन्होंने अपनी बनाई दवाई दिखाते हुए कहा कि हिंदू मर्दों को घर जाकर अपनी मर्दानगी की पूजा करनी चाहिए। यह रैली गुजरात के बरुच जिले में हुई थी।
प्रवीण तोगड़िया ने मुसलमानों से मुकाबला करने के लिए जनसंख्या बढ़ाने पर जोर भी दिया। उन्होंने कहा, ‘अब हिंदू घटेगा नहीं, बढ़ेगा, धर्मांतरण को ना और घर वापसी हो हां, लव जिहाद को ना और यूनिफॉर्म सिविल कोड को हां, बांग्लादेशी मुस्लिम को ना और हिंदू घरों में बच्चे पैदा करो।’
इसके बाद प्रवीण ने युवाओं को तंबाकू से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि यह नामर्दी का सबसे बड़ी वजह है। डॉक्टर की पढ़ाई कर चुके तोगड़िया ने अपनी दवाई दिखाते हुए आगे कहा, ‘यह मेरी बनाई चीज है। यह 600 रुपए में मिलती है पर मैं यहां 500 में दे दूंगा। इसे ले जाकर अपनी पत्नी को देना और कहना की इसको आपके खाने में मिलाकर दे। आप शक्तिशाली बने रहेंगे और बच्चे पैदा करते रहेंगे।’
