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NCP अध्यक्ष पद छोड़ने का शरद पवार ने किया ऐलान

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महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने इस्तीफा देने का ऐलान किया।

दरअसल शरद पवार के बाद अब पार्टी का मुखिया कौन होगा फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को पवार का उत्तराधिकारी माना जाता है। फिलहाल एनसीपी के अध्यक्ष पद के लिए उनके भतीजे अजित पवार भी प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखे जाते हैं।

बता दें कि शरद पवार ने अध्यक्ष पद छोड़ने की वजह नहीं बताई। 4 दिन पहले गुरुवार को ही शरद पवार ने कहा था कि अब रोटी पलटने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि किसी ने मुझसे कहा कि रोटी सही समय पर पलटनी है। न पलटे तो कड़वी हो जाती है।

जानकारी के अनुसार शरद पवार ने सन 1999 में कांग्रेस से अलग होकर एनसीपी बनाई थी। जिसके बाद से ही वे पार्टी के अध्यक्ष हैं। पवार के इस ऐलान के बाद पार्टी कार्यकर्ता उनके समर्थन में नारे लगाने लगे और अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

मिशन 2023 : MP में भाजपा और कांग्रेस ने करवाया सर्वे, चौंकाने वाले परिणाम आए सामने

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भोपाल। इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ ने सर्वे कराया है। पहले चुनाव से जुड़े सर्वे (Survey) पार्टियां ही करवाती थीं लेकिन अब तो नेता-मंत्री भी सर्वे करवाने लगे हैं। इन दिनों भोपाल के राजनीतिक गलियारों में जिन सर्वे की चर्चा है वो हैं, शिवराज सरकार की तरफ से कराए गए सर्वे, मध्य प्रदेश पुलिस की शाखा इंटेलिजेंस का सर्वे या रिपोर्ट, कांग्रेस नेता कमलनाथ के सर्वे और संघ के सर्वे है।

इनमें शिवराज और कमलनाथ कुछ महीनों के अंतराल में विधानसभा वार सर्वे कराते हैं, जिसमें मुद्दों के साथ-साथ प्रत्याशियों की लोकप्रियता जांची जाती है। कमलनाथ ने पिछले स्थानीय निकाय चुनाव में अपने सर्वे के आधार पर ही टिकट दिए थे, जिसमें कांग्रेस ने नगर निगम के चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया था। वो अपना सर्वे सभी टिकट चाहने वालों के सामने रखकर सच्चाई से रूबरू कराते हैं।

कमलनाथ के सर्वे में कांग्रेस की दोबारा दमदार वापसी बताई जा रही है वहीं शिवराज के सर्वे में सरकार बनाने लायक विधायक जीतकर आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पहले इंटेलिजेंस और संघ के सर्वे में बीजेपी की हालत नाज़ुक दिख रही थी मगर अब बीजेपी वापसी करती दिख रही है। इसका क्रेडिट शिवराज की लाडली बहना योजना को दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ BJP को बड़ा झटका, कांग्रेस में शामिल हुए दिग्गज भाजपा नेता नंदकुमार साय, सीएम बघेल ने दिलाई सदस्यता

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छत्तीसगढ़ बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। भाजपा के आदिवासी नेता नंदकुमार साय कांग्रेस में शामिल हो गए। सोमवार को सीएम भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ मोहन मरकाम की मौजूदगी में साय ने कांग्रेस की सदस्यता ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं अटल बिहारी वाजपेयी को फॉलो करता हूं लेकिन बीजेपी अब वैसी पार्टी नहीं रही, जैसी अटल जी के समय हुआ करती थी।

नंदकुमार साय के रविवार को बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद से उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें शुरू हो गई थीं, हालांकि शाम को पूर्व सीएम रमन सिंह ने बताया कि वे उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें, साय ने अपने इस्तीफे में लिखा था कि मेरी गरिमा को लगातार ठेस पहुंचाई जा रही है, जिससे मैं आहत महसूस कर रहा हूं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार सुबह नंदकुमार साय का राजीव भवन में स्वागत किया और कहा कि नंदकुमार साय जाना-पहचाना चेहरा हैं। तीन बार विधायक और पांच बार सांसद रहे हैं। साय ने अपना पूरा जीवन आदिवासियों के लिए समर्पित कर दिया। वे आदिवासी हितों के लिए लड़ते हैं। बहुत ही निश्चल मन के व्यक्ति हैं साय। कांग्रेस की नीति और सिद्धांत पर उन्होंने भरोसा जताया।”

नंदकुमार साय ने कहा कि यह मेरे जीवन का सबसे कठिन निर्णय रहा है। मैं शुरुआत से ही भाजपा का सदस्य रहा हूं। मैंने भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी के साथ काम किया है। साय ने आगे कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार जरूर है, लेकिन पार्टी अब पहले की तरह नहीं है। भूपेश सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। आज भी भूपेश सरकार अच्छा काम कर रही है।

2023 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ीं दिग्विजय सिंह की मुश्किलें, राज्यसभा की सदस्यता हो सकती है निरस्त !

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भोपाल। राजधानी की विशेष अदालत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा लगाए गए मानहानि के मामले में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह पर आरोप तय किए हैं। दिग्विजय सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 500 के तहत भाजपा नेता द्वारा दायर एक मामले में मानहानि का आरोप लगाया है। सिंह पर 2013 में मध्यप्रदेश को हिलाकर रख देने वाले व्यापम घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा है। फिलहाल इस मामले की सुनवाई एक जुलाई के लिए स्थगित कर दी।

दरअसल साल 2014 में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान विष्णुदत्त शर्मा को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। दिग्गी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि वीडी शर्मा एबीवीपी के महामंत्री रहे हैं। साथ ही सिंह ने उन पर आरोप लगाया था कि शर्मा ने व्यापमं घोटाले में बिचौलिये का काम किया है, जिसके चलते शर्मा ने उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था।

पूर्व सीएम के बयान के आधार पर वीडी शर्मा ने कहा था कि दिग्विजय सिंह के इस बयान को आम लोगों ने पढ़ा और सुना है, जिससे उनकी छवि खराब हुई है। इसके बाद विष्णुदत्त शर्मा ने 17 जुलाई 2014 को भोपाल कोर्ट में दिग्विजय के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। एमपी एमएलए कोर्ट ने दिसंबर 2022 में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के खिलाफ धारा 500 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया था, हालांकि इस मामले में दिग्विजय सिंह फिलहाल जमानत पर हैं।

एडवोकेट अशोक विश्वकर्मा ने बताया कि दिग्विजय सिंह कोर्ट में पेश नहीं हुए थे, इसलिए उनके वकील के माध्यम से आरोप तय किए गए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी। उन्होंने आगे कहा कि व्यापम मामले में जो आरोप दिग्विजय सिंह ने लगाए थे उस पर किसी एजेंसी ने वीडी शर्मा से पूछताछ तक नहीं की है। एमपी एमएलए कोर्ट ने दिसंबर 2022 में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के खिलाफ धारा 500 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया था।

मिशन 2023 – चुनावी रणनीति बनाने में जुटी भाजपा, बंद कमरे में हो रही चर्चा

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भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव ( Assembly Elections) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी बीच गुरुवार को भोपाल (Bhopal) के भाजपा कार्यालय (Bjp Office ) में दो बड़ी बैठकों की खबर सामने आई है। इस बैठक में बूथ विस्तार और सशक्तिकरण के साथ मोर्चों के आगामी कार्यक्रम को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।

सूत्रों की मानें तो इस बैठक में विधानसभा और 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर लेकर बूथ एक्शन प्लान बनाया जा रहा है, जिसमें करीब 64 हजार से ज्यादा बूथों का बूथ एक्शन प्लान तैयार होगा। हर बूथ का माइक्रो मैनेजमेंट किया जाएगा।

बता दें कि बूथ एक्शन प्लान में 51% वोट शेयर की प्लानिंग की जाएगी। हर एक बूथ पर वोट शेयर 51% करने की प्लानिंग की जाएगी। 4 मई से 14 मई तक 64 हजार से अधिक बूथों का, बूथ एक्शन प्लान तैयार होगा। 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में 15 मई से 15 जून तक भाजपा का हर सांसद घर-घर जाकर संवाद करेगा।

मन की बात कार्यक्रम में मध्यप्रदेश भाजपा ने ये तय किया है कि लगभग 64 हजार 100 बूथों पर समाज के प्रबुद्ध, प्रभावी और विशेष तरह के काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में आम लोगों को कनेक्ट करने के लिए 25 हज़ार स्थानों पर अलग से मन की बात का आयोजन किया जाएगा।

गुरुवार शाम को सभी सांसदों और विधायकों की बैठक में विस्तृत दिशा निर्देश आलाकमान देगा। फिलहाल भाजपा में मोर्चा अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों की बैठक खत्म हो गई है। बैठक में पीएम मोदी के मन की बात के 100वें एपिसोड पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर जरूर दिशा निर्देश दिए हैं। एमपी के 65 हजार से ज्यादा बूथों पर 30 अप्रैल को मन की बात का प्रसारण होगा। हर बूथ पर मन की बात के दौरान भाजपा के 100 कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।

इसके साथ ही स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के विशिष्ठ नागरिकों को भी मन की बात में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में जिलाध्यक्षों को भाजपा के आगामी कार्यक्रमों में रूठे कार्यकर्ताओं को भी जोड़ने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिलाध्यक्षों को नाराज कार्यकर्ताओं को भी मानने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और मोर्चों के राष्ट्रीय पदाधिकारी सहित जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और मोर्चा प्रभारी शामिल हैं।

एनएसयूआई ने स्वास्थ्य मंत्री के बंगले के बाहर लगाए पोस्टर, रवि परमार समेत 10 कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुआ मुकदमा

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में एनएसयूआई ने स्वास्थ्य मंत्री के बंगले के बाहर “डॉ. बिकाऊ लाल चौधरी की तबादले की दुकान” के पोस्टर चस्पा कर दिए। दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री पर एनएसयूआई मेडिकल विंग ने ये पोस्टर लगाकर तबादले की दुकान चलाने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई नेता रवि परमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के बंगले पर पहुंचकर बंगले के बाहर जगह-जगह पोस्टर चस्पा किए।

वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर प्रभुराम चौधरी के बंगले पर ‘डॉक्टर बिकाऊ लाल की तबादले की दुकान’ के पोस्टर लगाना NSUI कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ गया। टीटी नगर पुलिस ने इस मामले को लेकर नेता रवि परमार समेत करीब 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक भोपाल की टीटी नगर पुलिस ने मंत्री प्रभुराम चौधरी के बंगले के बाहर खड़े गार्ड की शिकायत पर टीटी रवि परमार समेत करीब 10 लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने छात्र नेताओं के खिलाफ धारा 353 (शासकीय कार्य में बाधा), 491, 294 , 149 संपत्ति निवारण अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद नेता रवि परमार ने बताया कि हम पुलिस से डरने वाले नहीं है। शिवराज सरकार जब भी डरती है तो पुलिस को आगे करती है। रवि ने कहा कि सरकार के खिलाफ निरंतर प्रदर्शन जारी रहेगा। जिस प्रकार से बिकाऊ लाल सिर्फ तबादलों पर ध्यान दे रहें है, उसके खिलाफ NSUI लगातार आवाज़ उठाएगी।

दरअसल मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार हर जगह विरोध का सामना कर रही है। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी के विरुद्ध मंगलवार को एनएसयूआई मेडिकल विंग का अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने डॉ प्रभुराम चौधरी के बंगले की नेमप्लेट सहित बंगले के बाहर पोस्टर चस्पा कर दिया।

एनएसयूआई द्वारा चस्पा किए गए पोस्टर में “डॉ बिकाऊ लाल चौधरी की तबादले की दुकान” और “यह स्वास्थ्य मंत्री का बंगला नहीं बिकाऊ लाल चौधरी का तबादलो का कारखाना है” लिखा था। इस प्रदर्शन के जरिए एनएसयूआई ने मेडिकल विभाग में हो रहे तबादलों का विरोध जताया है। इस दौरान रवि परमार ने स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, “स्वास्थ्य विभाग में नियमों को अनदेखी करते हुए लाखों रुपयों लेकर धड़ल्ले से तबादले किए जा रहे हैं।

परमार ने चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा, “हम भाजपा को चेतावनी देना चाहते हैं कि उनकी सत्ता ज्यादा दिन तक नहीं रहेगी। छः महीने बाद राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी और सबका कच्चा-चिट्ठा बाहर आएगा। परमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि चौधरी यदि तबादलों का कारखाना बंद नहीं करेंगे तो प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा।

नगर निगम की कचरा गाड़ी में फेंकी गईं भगवान परशुराम की तस्वीरों वाली होर्डिंग्स, कांग्रेस ने जताया विरोध

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भोपाल। 22 अप्रैल का दिन बेहद खास है। आज अक्षय तृतीया का पर्व है और इसी तिथि को भगवान विष्णु के अवतार परशुराम जी की जयंती भी है। आज जहां सीएम शिवराज ने गुफा मंदिर में इस पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया वहीं राजधानी भोपाल में भगवान परशुराम का अपमान भी देखने को मिला है। भोपाल नगर निगम ने होर्डिंग में लगीं भगवान परशुराम की तस्वीरों को निकालकर कचरा गाड़ी में डाल दिया। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।

इस मामले पर अब कांग्रेस तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रही है। मामला भोपाल के अशोका गार्डन के 80 फिट रोड़ का है, जहां परशुराम जयंती पर कचरे की गाड़ी में परशुराम जी की तस्वीरों वाले होर्डिंग्स रखे मिले। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने ये होर्डिंग लगवाए थे जिसमें परशुराम जयंती का बधाई संदेश था जिन्हें नगर निगम के कर्मचारियों ने निकालकर कचरा गाड़ी में डाल दिया। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस मामले पर कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला का कहना है कि मुख्यमंत्री एक तरफ ब्राम्हण कल्याण बोर्ड बनाने की बात करते हैं, दूसरी तरफ हमारे आराध्य भगवान परशुराम कचरे की गाड़ी में फेंके जा रहे हैं। आने वाले समय में बीजेपी सरकार सत्ता में नहीं रहेगी। 2023 में तस्वीर साफ है अब परशुराम भगवान के अपमान का बदला समूचा ब्राह्मण समाज चुनाव में देगा।

वहीं अब भगवान परशुराम के अपमान पर ब्राह्मण समाज और संगठनों में भी नाराज़गी है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने परशुराम के अपमान पर उग्र आंदोलन की चेतावनी तक दी है। समाज के अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने मेयर मालती राय से माफी मांगने की मांग की है और कहा है कि वे माफी मांगें और कर्मचारियों को बर्खास्त करें। कार्रवाई न होने पर प्रदेश में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह को कहा देश विरोधी, ट्वीट लिखकर कही ये बात…

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भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Union Minister Jyotiraditya Scindia) ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) पर हमला बोला है। दिग्विजय सिंह के उज्जैन में दिए बयान पर पलटवार करते हुए सिंधिया ने कहा है, “हे प्रभु महाकाल, कृपया दिग्विजय सिंह जी जैसे देश-विरोधी और मध्य प्रदेश के बंटाधार, भारत में पैदा ना हों।”

आगामी चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने कमर कस ली है। दिग्गज नेता हर जिले में जाकर मंडल वार्ड स्तर के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। इसी सिलसिले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह गुरुवार देर रात उज्जैन पहुंचे। शुक्रवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

पत्रकारों ने जब दिग्विजय सिंह से पूछा कि, यदि इस बार भी कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कोई नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह बीजेपी में शामिल हो जाएगा तो कांग्रेस क्या करेगी? इसका जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि, हे महाकाल, कांग्रेस में कोई दूसरा ज्योतिरादित्य सिंधिया पैदा ना हो।

उन्होंने ये भी कहा कि जब कमलनाथ सरकार को गिराया गया उस समय राजा महाराजा बीजेपी के हाथों बिक गए। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर पलटवार करते हुए अब सिंधिया ने भी हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर दिग्विजय पर निशाना साधा है।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने की तैयारी, कमलनाथ ने 16 नेताओं को सौंपी अलग-अलग जिलों की कमान

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भोपाल। 2023 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कांग्रेस के 16 नेताओं को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। सभी नेता आवंटित जिलों में संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के साथ ही चुनाव की कार्ययोजना को लेकर कार्य करेंगे। कमलनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को विंध्य, अरुण यादव और जीतू पटवरी को बुंदेलखंड और जयवर्धन सिंह को इंदौर व उज्जैन जिले की ज़िम्मेदारी सौंपी है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और फूल सिंह बरैया ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में चुनाव की तैयारियां संभालेंगे। चुनाव अभियान समिति की बैठक में वरिष्ठ नेताओं को जिले सौंपने का निर्णय लिया गया था। सभी की सहमति के बाद जिले आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को ग्वालियर, दतिया और शिवपुरी की जिम्मेदारी दी गई है तो फूल सिंह बरैया श्योपुर, मुरैना और भिंड में मतदान केंद्र स्तर पर चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को सीधी, रीवा, कटनी और सिंगरौली, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह को अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और जबलपुर का प्रभार दिया गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया के पास आदिवासी बहुल बड़वानी और खरगोन जिले में पार्टी को जिताने का काम रहेगा। संगठन ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को बुंदेलखंड के निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और जीतू पटवारी को सतना, दमोह, पन्ना के साथ रायसेन की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

सज्जन सिंह वर्मा छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, बाला बच्चन खंडवा, बुरहानपुर और धार जिले में चुनाव अभियान को देखेंगे। तो वहीं मीनाक्षी नटराजन को आलीराजपुर, झाबुआ और आगर को संभालने की ज़िम्मेदारी दी गई है। रामनिवास रावत को राजगढ़ और शाजापुर, केपी सिंह को गुना, अशोकनगर और विदिशा तो वहीं तरुण भनोत को डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, मंडला और नरसिंहपुर की कमान सौंपी है। कमलेश्वर पटेल को नीमच, मंदसौर और रतलाम जिले का प्रभार दिया गया है। सीहोर और देवास जिले में पार्टी को जिताने का दायित्व लाखन सिंह यादव का होगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को समन्वय का कार्य सौंपा गया है।

MP भाजपा संगठन की बढ़ीं मुश्किलें! नेताओं द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर हुई गंभीर चर्चा

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मध्यप्रदेश में आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा ने अपनी कमर कस ली है। इस तैयारी के बीच ही भाजपा के 14 नेताओं द्वारा पेश की गई रिपोर्ट ने संगठन को चिंता में डाल दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं की मानसिकता को समझने के लिए 14 नेताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया था। जिसके बाद पार्टी की कोर कमेटी ने मंगलवार को इस रिपोर्ट पर चर्चा की। बैठक के दौरान यह बताया गया कि लाड़ली बहना योजना का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, लेकिन कई जिलों के कार्यकर्ताओं में नाराज़गी नज़र आ रही है जो आगामी चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है।

सूत्रों की मानें तो पार्टी कार्यकर्ताओं को सत्ता विरोधी लहर दिख रही है और इस समय उनसे संवाद जरूरी है। बताया जा रहा है कि कोर कमेटी की बैठक से पहले भाजपा के सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने उन नेताओं के साथ बैठक की। जहां नेताओं ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया कि राज्य में सरकार बनाने के लिए हालात सुधारना जरूरी होगा। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में नेताओं के बीच भ्रष्टाचार को सरकार के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं के गुस्से का एक कारण भी बताया गया है।

जानकारी के अनुसार निचली नौकरशाही में भ्रष्टाचार के कारण भी लोग सरकार से नाराज हैं। पार्टी कार्यकर्ता नाराज हैं, क्योंकि अधिकारी शायद ही उन्हें महत्व देते हैं। जिसके बाद शिवप्रकाश ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कहा कि वे कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी शिकायतें दूर करें। इसके साथ ही बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर सीनियर नेताओं को ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों को संभाग स्तर पर जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि वे स्थानीय नेताओं के संपर्क में रहें और अपना काम करें। अलग-अलग जगहों पर प्रभावशाली नेताओं का संयुक्त दौरा भी आयोजित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर तथा प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ग्वालियर-चंबल अंचल का दौरा करेंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के साथ मालवा-निमाड़ क्षेत्र का दौरा करेंगे।

संगठन अब केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस करेगा। इसके अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं को यह बताने का प्रयास किया जाएगा कि राज्य में सरकार बनाना कितना जरूरी है। साथ ही डबल इंजन की सरकार पर प्रचार भी होगा। कोर कमेटी ने अगले पांच महीने के लिए पार्टी का एजेंडा तय कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के नौ साल अगले महीने पूरे हो रहे हैं, जिसके लिए एक महीने का अभियान चलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात की 100वीं कड़ी 30 अप्रैल को बूथ स्तर पर मनाई जाएगी। उस दिन भाजपा नेता बूथों पर जाएंगे और हर बूथ पर 100 कार्यकर्ता मन की बात सुनेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं का महाकुंभ 25 सितंबर को होगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। साथ ही निष्क्रिय पड़े विभिन्न संगठनों का भी सम्मेलन होगा और इसमें वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे।