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भोपाल डीआईजी हुए सख्त, समझाइश देते हुए कहा तुम्हारी घटिया हरकतों से बड़े बुज़ुर्ग मर गए शर्म आना चाहिए

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भोपाल की सड़कों पर डीआईजी का सख्त अंदाज देखने को मिला। उन्होंने लोगों को पहले भी समझाइश दी थी लेकिन जब लोग नहीं माने तब दोबारा सड़कों पर उतरकर अनाउंसमेंट करते हुए डीआईजी इरशाद वली ने स्थानीय लोगों को जमकर लताड़ लगाई।

बता दे कि इरशाद वली काजीकेम्प की सड़कों पर अपने महकमे के साथ उतर गए। इरशाद वली गलियों में अनाउंसमेंट करते हुए निकले। उन्होंने किसी पर कार्रवाई नहीं की लेकिन उनको सख्त भाषा में समझा दिया। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि इसके बावजूद भी लोग नहीं मानते तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया।

दरअसल उन्होंने संकरी गलियों से गुजरते हुए अनाउंसमेंट करते हुए कहा कि “तुम्हारी घटिया हरकतों से बड़े बुज़ुर्ग मर गए है। शर्म आना चाहिए। शर्म हया सब बेच खाई है। बार बार समझा रहा हूं। तुम्हारी हरकतों से घर वाले, बड़े बुज़ुर्ग मरेंगे। बेवकूफों पर कुछ असर नहीं होता है।

काजी कैंप पर कुछ दिनों पहले पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने कई दुकानों को सील करने का काम किया था। यहां की तमाम गलियों को सील कर दिया गया था। बैरिकेड लगाकर चेकिंग व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। कई लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किए गए थे। इसके बावजूद यहां के लोग कोरोना कर्फ़्यू के नियम को लगातार तोड़ रहे हैं। यही कारण रहा कि अब खुद डीआईजी इरशाद वली ने इस इलाके की कमान संभाली और लोगों को अब अपने ही अंदाज में समझाएं दे रहे हैं।

कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर पुलिस ने करवाया डांस

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दतिया: प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस द्वारा लगातार करवाई किया जा रहा है। इस बीच मध्यप्रदेश के दतिया जिले में पुलिस कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर अनोखे अंदाज में करवाई करने का वीडियो सामने आया है।

कथित तौर पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया गया है की पुलिस कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों को इक्कट्ठा कर रोड पर डांस करवाया।

आपको बता दे कि कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर रोजाना पुलिस द्वारा करवाई किया जाता है। मास्क ना पहने और बिना कारण बाहर घूमने पर पुलिस पकड़ती है तो चालान के साथ साथ उनको जेल भी भेजती है।

भोपाल के अस्पातल में फिर देखी गई लापरवाही, मरीजों से कहा ICU छोड़ दे

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कोरोना महामारी का कहर अभी थमा नही है। अभी भी कोरोना संक्रमित मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल स्थित रेड क्रॉस हॉस्पिटल ने ICU में भर्ती मरीजों के परिजनों को अस्पताल छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया गया है। यह मामला बुधवार का है जहां मरीज के परिजन को बिना स्वस्थ्य हुए ही उन्हें डिस्चार्ज करने का स्लिप दे दिया गया।

कथित तौर पर बताया जा रहा है कि अस्पताल में डॉक्टरों की टीम नहीं है इसलिए वे ICU वार्ड को खाली कर दें। बात दे की इस पूरे मामले का एक वीडियो सामने आया है जिसमे ICU में भर्ती एक महिला के पति पूरी स्थिति के बारे में बता रहे हैं।

वीडियो में कुल तीन मरीजो के बारे में बताया जा रहा है। जिसमे एक पुरूष पूरी तरह से वेंटिलेटर पर है, एक महिला जो कि 70 फीसदी वेंटिलेटर पर निर्भर हैं और वहीं एक और पुरूष हैं जो की वेंटिलेटर पर नही हैं। इस वीडियो में महिला के पति बात रहे हैं की कैसे उनकी पत्नी का डिस्चार्ज स्लिप उनको घंटों पहले दे दिया गया।

गौरतलब है कि सरकार के तरफ से कहा जा रहा है अब जिले में स्थिति सामान्य हो रही है और संक्रमित मरीजों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। लेकिन अस्पताल मैनजमेंट की तरफ से हो रही लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमित मरीज और उनके परिजनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा फैसला, 1 जून से धीरे धीरे खोले जाएंगे जिले

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मध्य प्रदेश में कोरोना के कम होते मामलों के बाद अब 1 जून से जिलों को अनलॉक करने की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका एलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब कोरोना पूरी तरह काबू में आ गया है और अब जून से प्रदेश को अनलॉक करने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले 31 मई तक कोरोना कर्फ्यू का सख्ती से पालन किया जाएगा और इसमें किसी भी प्रकार से छूट नहीं दी जाएगी। फिर 31 मई तक सख्ती से कोरोना कर्फ्यू  का पालन कर गांव से लेकर शहरों को कोरोना मुक्त बनाना है। 

उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू  के चलते कोरोना अब काबू में है। अब हमें टारगेट कर 31 मई तक गांव और वार्ड को कोरोना मुक्त करने की मुहिम शुरु करना होगा।  दूसरी ओर प्रदेश में कोरोना संक्रमण में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन, कोरोना के इलाज से हटाई गई प्लाज्मा थेरेपी

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए हो रही प्लाज्मा थैरेपी को केंद्र सरकार ने कोविड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल से हटा दिया है। कोविड 19 के लिए गठित की गई नैशनल टास्क फोर्स की मीटिंग में इस पर चर्चा हुई थी जिसमें यह बात सामने आई कि प्लाज्मा थेरेपी से फायदा नहीं होता है।

इसको मद्देनज़र रखते हुए हेल्थ मिनिस्ट्री के जॉइंट मॉनिटरिंग ग्रुप ने कोविड 19 मरीजों के मैनेजमेंट के लिए रिवाइज्ड क्लीनिक गाइडलाइन जारी की है। इसमें प्लाज्मा थेरेपी को कोई जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि पहले के प्रोटोकॉल में यह शामिल था। कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में डॉक्टर्स के द्वारा प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 संबंधी आईसीएमआर- राष्ट्रीय कार्यबल की बैठक में सभी सदस्य एक मत होकर यह फैसला लिया कि कोविड-19 के वयस्क मरीजों के उपचार प्रबंधन संबंधी चिकित्सीय दिशा-निर्देशों से प्लाज्मा थेरेपी के इस्तेमाल को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि यह प्रभावी नहीं है और कई मामलों में इसका अनुचित रूप से इस्तेमाल किया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज की फटकार का भी नहीं हुआ असर , फिर एक बार विवादों में घिरा चिरायु अस्पताल

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भोपाल: राजधानी भोपाल का जाना माना चिरायु हॉस्पिटल एक बार फिर से विवादों के घेरे में आ गया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेशों की फिर से अवहेलना की जा रही है। चिरायु प्रबधंन ने एक कोरोना मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड के जरिये निःशुल्क करने से मना कर दिया।

मामला सोमवार का है जब पीड़ित योगेंद्र रघुवंशी कोरोना संक्रमित अपने दादी के इलाज के लिए वहां पहुँचें थे। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद चिरायु हॉस्पिटल ने उनका निशुल्क इलाज करने से मना कर दिया।

चिरायु मेडिकल कॉलेज के मालिक अजय गोयनका अपने जिद्द पर अड़े हुए है। पहले भी ऐसा ही मामला सामने आ चुका है। पीड़ित व्यक्ति को चिरायु हॉस्पिटल के प्रबधंन ने धक्का देकर हॉस्पिटल के बहार निकाल दिया था।

आपको बता दे कि हाल ही में एक और मामला वीडियो के जरिए खूब वायरल हुआ था जहाँ चिरायु अस्पताल के डॉक्टर ने आयुष्मान कार्ड कर इलाज करने से मना कर दिया था। उस वक्त भी जब गोयनका से पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि यहां आयुष्मान कार्ड एप्लीकेबल नही है।

भारत के मशहूर वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने कोविड पैनल के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा

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कोरोना के इस कठिन समय में देश के मशहूर वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने वैज्ञानिकों के सलाहकार समूह के फोरम से इस्तीफा दे दिया है। यह फोरम कोरोना वायरस के विभिन्न वैरिएंट का पता लगाने के लिए गठित किया गया था। बताया जा रहा है कि उन्हें SARS-CoV-2 वायरस के जीनोम स्ट्रक्चर की पहचान करने हेतु वैज्ञानिक सलाहकार ग्रुप का प्रमुख बनाया गया था। लेकिन उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।

बता दे कि जमील ने कई हफ्तों पहले कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के सरकार के तौरतरीकों पर सवाल उठाए थे। वहीं कोरोना संकट के बीच डॉ शाहिद जमील को सरकार की ओर से अहम जिम्मेदारी दी गई थी।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जमील ने कहा है कि इसकी वजह बताना उनकी मजबूरी नहीं है। हालांकि मंत्रालय की सचिव रेणु स्वरूप ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया अभी नहीं दी है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के वैरिएंट B.1.617 को भारत में कोरोना की दूसरी भयानक लहर का सबसे बड़ा जिम्मेदार माना जा रहा है।

रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर बीजेपी ने किया पलटवार, कहा कांग्रेस के नेता है शामिल और आरोप हमपर लगाती है

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मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह द्वारा सीएम शिवराज के साथ इंजेक्शन कालाबाजारी के आरोपी का फोटो ट्विटर में पोस्ट करने के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा कालाबाजारी और नकली रेमडेसिविर के मामले मे कांग्रेस के नेता शामिल है और आरोप हमपर लगा रहे है।

बता दे कि बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार लगातार ऐसे लोगों पर रासुका की कार्रवाई कर ही रही है। उन्होंने ये भी कहा कि किसका फोटो किसके साथ है ये सवाल नहीं लेकिन ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो रही है या नहीं वो बड़ा सवाल है।

वहीं इस मामले को लेकर चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग भी मैदान में आ गए है। उन्होंने दिग्विजय के ट्वीट पर कहा कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हमारी सरकार ने की है अब कोई किसी के साथ फोटो खिंचवा लें लेकिन अपराध करेगा तो कार्रवाई की जाएगी।

जबलपुर के बीजेपी नेता ने किया कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन, महिला कांस्टेबल से की अभद्रता

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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की कही बातों का और कोरोना से रोक ठाम के लिए जो नियम बनाये गए है उनका बीजेपी कार्यकर्ताओं पर असर नहीं हो रहा है।दरअसल जबलपुर में बीजेपी के मंडल महामंत्री और उनका साथी बिना मास्क के ही घूम रहे थे। जब पुलिस की महिला कांस्टेबल ने उन्हें रोका तब वे दोनों अभद्रता पर उतर आए।

बता दे कि बीजेपी मंडल महामंत्री पुष्पराज पटेल, रंजीत ठाकुर, ऋषभ दास में से दो बिना मास्क के निकल रहे थे। वहां पुलिस की चेकिंग लगी थी। उन्हें देख वहां मौजूद लेडी कांस्टेबल गरिमा ने तीनों को रोक बिना मास्क में मिलने पर चालान बनाने की बात कही। यही सुनकर महामंत्री हंगामा करने लगे। धमकी देते हुए कहा कि वर्दी उतरवा कर घर पर बैठा दूंगा। साथ में चिल्ला-चिल्ला ये भी कहा कि यहीं एसपी और कलेक्टर को बुलाओ तभी यहां से उठेंगे।

बिना मास्क में नजर आने वाले बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी लेकिन हुआ इसके विपरीत। अधिकारियों ने अपने ही लोगों को फटकार लगा दी। फिर माफी मंगाते हुए समझौता करवा दिया।

गरिमा ने सफाई देते हुए कहा कि वह अपनी ड्यूटी कर रही हैं। बिना मास्क मिलने पर सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनके साथ मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी पदाधिकारियों के सामने भीगी बिल्ली बन गए थे। जानकरी मिली है कि पदाधिकारियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी। ल

मध्यप्रदेश के इस अस्पताल में फिर एक मरीज ने की आत्महत्या करने की कोशिश

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मध्य प्रदेश के अस्पतालों में आत्महत्या का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। ऐसी एक घटना अब इंदौर से आई है। बताया जा रहा है कि यहां शनिवार को एक कोरोना संक्रमित मरीज ने अस्पताल की तीसरी मंजिस छलांग लगा कर आत्महत्या करने की कोशिश की है।

बता दे कि ये घटना इंदौर के अरविंदो अस्पताल की है। यहां दो दिन पहले 33 वर्षीय अभिषेक शर्मा इलाज के लिए भर्ती हुआ था। वहीं शनिवार को अचानक मरीज ने अस्पताल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। जानकारी मिली है कि वे अभी गंभीर हालात में है और उसका इलाज किया जा रहा है।

इस घटना की सूचना अरविंदो अस्पताल प्रबंधक पुलिस को दे दी गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है। जहां रोज कोई न कोई अस्पताल से कोरोना संक्रमित मरीज आत्महत्या करने की कोशिश कर रहे है।