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मध्यप्रदेश को मिली राहत, रिकवरी रेट में आया सुधार

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मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर एक अच्छी खबर है। दरअसल लगातार रिकवरी रेट में सुधार आने से मध्य प्रदेश देश में 7 वें से 11 वें नंबर पर आ गया है। मध्‍य प्रदेश में हर रोज 12 हजार के आसपास संक्रमित मरीज मिल रहे है, जिससे शिवराज सरकार की टेंशन लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन रिकवरी रेट में सुधार से राहत मिली है।

बता दें कि मध्‍य प्रदेश में सोमवार को 11612 मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौटे है। इस हिसाब से रिकवरी रेट 80.92 फीसदी रहा है। वहीं, अब तक 4,14,325 मरीज स्वस्थ हो चुके है। इसके अलावा 21 अप्रैल को एक्टिव केस की संख्या के हिसाब से मध्य प्रदेश देश में सातवें नंबर पर था। अब 11 वें स्थान पर आया। संक्रमण दर भी बीते 3 दिन से 23 से 24 फीसदी के बीच बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि कल रात बोकारो से ऑक्सीजन एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गई है। यह आज रात तक प्रदेश पहुचेंगी। भोपाल के साथ जबलपुर ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहुचेंगी। ऑक्सीजन के छह टैंकर भोपाल और जबलपुर आएंगे।

40 महिला आरिक्षित बेड के साथ शुरू हुआ भोपाल के 3 EME सेंटर में कोविड केयर सेंटर

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3 ईएमई सेंटर में कोविड केयर सेंटर शुरू हो गया है। 150 बेड वाले कोविड सेंटर में सभी सुविधाएं जुटाई गई है। डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर को कोरोना के बढ़ते मरीजों के हित तथा लोकहित में कोरोना मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से स्टेशन कमांडर आशुतोष शुक्ल तथा सेना के कई जवानों ने मिलकर इसे महज 48 घंटे में तैयार किया है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आर्मी केम्प स्थित कोविड सेंटर का निरीक्षण किया। इस मौके पर कलेक्टर अविनाश लवानिया सहित सेना के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री सारंग ने बताया कि 150 बिस्तरों के इस कोविड केयर सेंटर में 40 बिस्तर महिलाओं के लिए रिजर्व किए गए है। बता दे कि जिस प्रकार से सेना ने इस देश में हर संकट में समाज के साथ खड़े हो कर देश की सेवा की है खासकर ऐसे संकट जिसमें समाज को बहुत जरूरत होती है ऐसे में उन्होंने सेना को बहुत धन्यवाद कहा है।

सारंग ने बताया कि हमने सेना को विश्वास दिलाया है कि उन्हें जिस भी तरह की आवश्यकता होगी वे सारी सुविधाएं उन्हें मुहैया करवाई जाएगी। सारंग ने बताया कि 3 EME सेंटर में शुरू हुए इस कोविड केयर सेंटर को बैरागढ़ के सिविल अस्पताल से लिंक किया जा रहा है। सिविल अस्पताल में जो भी को कोरोना के मरीज आएंगे उन्हें यहां पर शिफ्ट किया जाएगा।

सरकार ने की सभी से अपील, कोरोना की इस दूसरी लेहर में घर पर भी पहने मास्क

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देश में बेकाबू हुई कोरोना वायरस की दूसरी लहर अपना कहर बरसा रही है। लगातार कोरोना संक्रमण के मरीजों और कोविड से होने वाली मौतों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में अब सरकार ने ये कहा कि आप अपने अपने घरों में भी मास्क पहन कर रहे।

देखा जा रहा है कि कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में बेड, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत हो गई है। जिसे दूर करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

बता दे कि देश मे बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 1 मई से Covid-19 Vaccination Drive को और तेज करने के लिए टीकाकरण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है अब 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को भी कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी।

देश में पिछले 24 घंटे में 3.55 लाख से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिले हैं और 2800 से अधिक लोगों की जान चली गई।

मद्रास हाईकोर्ट की चुनाव आयोग को चेतावनी, Covid प्रोटोकॉल बनाये नही रोक देंगे काउंटिंग

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देश मे बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच हो रहे चुनावों और रैलियों पर मद्रास हाइकोर्ट ने चुनाव आयोग को चेतावनी दी है कि 2 मई को काउंटिंग से पहले कोविड प्रोटोकॉल बनाये और पालन करवाये नही तो हम काउंटिंग रोक देंगे।

आज मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सनिव बैनर्जी ने तो यह तक कह दिया कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है। उन्होंने आयोग को चेतावनी दी कि 2 मई को काउंटिंग के दिन के लिए कोविड प्रोटोकॉल बनाए जाएं और उनका पालन हो। ऐसा नहीं हुआ तो हम काउंटिंग शेड्यूल को रोकने पर मजबूर हो जाएंगे।

मद्रास हाईकोर्ट तमिलनाडु की करूर विधानसभा सीट पर होने वाली काउंटिंग को लेकर दायर पिटीशन पर सुनवाई कर रहा था जिसमे मांग की गई है कि इस विधानसभा सीट पर 77 उम्मीदवार मैदान में हैं, इसलिए 2 मई को काउंटिंग के दिन यहां कोविड प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए।

सुनवाई के दौरान मद्रास हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस चीफ सनिब बैनर्जी नाराज हो गए। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा, ‘‘जब चुनावी रैलियां हो रही थीं, तब आप दूसरे ग्रह पर थे क्या? रैलियों के दौरान टूट रहे कोविड प्रोटोकॉल को आपने नहीं रोका। बिना सोशल डिस्टेंसिंग के चुनावी रैलियां होती रहीं। आज के हालात के लिए आपकी संस्था ही जिम्मेदार है। कोरोना की दूसरी लहर के लिए आप जिम्मेदार हैं। चुनाव आयोग के अफसरों पर तो संभवत: हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।’’ इस मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।

चुनाव आयोग पर हाईकोर्ट की 6 टिप्पणियां

1. आप इसे सुनिश्चित कीजिए कि काउंटिंग के दिन कोविड प्रोटोकॉल पर अमल हो।


2. किसी भी पर कीमत पर राजनीतिक या गैर-राजनीतिक वजह से काउंटिंग का दिन कोरोना के मामलों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार नहीं होना चाहिए।

3. या तो काउंटिंग तरीके से होगा या फिर उसे टाल दिया जाएगा।


4. लोगों की सेहत सबसे अहम है। यह बात परेशान करती है कि प्रशासन को इस बात की याद दिलानी पड़ती है।


5. जब नागरिक जिंदा रहेंगे, तभी वे उन अधिकारों का इस्तेमाल कर पाएंगे, जो उन्हें इस लोकतांत्रिक गणराज्य में मिले हैं।


6. आज के हालात जिंदा रहने और लोगों को बचाए रखने के लिए हैं, दूसरी सारी चीजें इसके बाद आती हैं।

रेल मंडल भोपाल द्वारा कोरोना की लड़ाई में सराहनीय पहल 292 बेड तैयार

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कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के लिए भोपाल रेल मंडल द्वारा आइसोलेशन कोच भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 पर खड़े किए गए हैं। यह आइसोलेशन 20 कोच में तैयार किए गए हैं जिससे लगभग 292 बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

भोपाल मंडल रेल प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों की इलाज के लिए भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर-06 पर खड़े किए गए 20 आइसोलेशन कोच कल से जिला प्रशासन के नियंत्रण में रहेंगे। हबीबगंज में भी तैयारी पूरी कर ली गई है। जैसे-जैसे भोपाल में मरीज बढ़ते जाएंगे,फिर हबीबगंज स्टेशन पर खड़े कोच भी जिला प्रशासन को सौंप दिए जाएंगे।

मंडल की टीम द्वारा जिला प्रशासन के साथ भोपाल स्टेशन पर सभी व्यवस्थाओं का मुआयना किया गया और सभी जरूरी इंतजाम अच्छे से कर दिए गए हैं।
भोपाल रेल मंडल द्वारा डॉक्टर्स, नर्सेस, फार्मासिस्ट, अटेंडेंट की व्यवस्था कर ली गई है। मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा के लिए कट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका नम्बर- 9752413476 ,9479981845 है।

स्टेशन पर कंट्रोल बूथ बनाया गया है। इन आइसोलेशन कोचों में जो भी मरीज भर्ती किये जायेंगे, वह जिला प्रशासन के माध्यम से ही भर्ती किये जायेंगे। अतः जिस किसी को आइसोलेशन कोच की सुविधा चाहिए, वह जिला प्रशासन से संपर्क करें।

भोपाल के AIIMS के बाहर लगा बेड फुल का बोर्ड

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मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई है। अब AIIMS भोपाल ने परिसर के बाहर बोर्ड लगा दिया है। बोर्ड पर ये लिखा है- अभी सब बेड फुल है, असुविधा के लिए खेद है। प्रदेश के अस्पतालों का यही हाल देखा जा रहा है।

प्रदेश में ऑक्सीजन की व्यवस्था भी पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। अस्पतालों में डिमांड से कम ऑक्सीजन मिलने के कारण हड़कंप मचा हुआ है। ऑक्सीजन की पूर्ति नहीं होने के कारण अब अस्पतालों ने भी नए मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया है। बता दे कि भोपाल में लगभग 100 टन ऑक्सीजन की हर रोज जरूरत है, लेकिन सिर्फ 80 टन की ही सप्लाई हो रही है।

बता दे कि RKDF में ऑक्सीजन की कमी के चलते खाली पड़े 95 बेड पर नए मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा है। यहा कुल 225 बेड की व्यवस्था है। जिसमे 120 मरीज भर्ती और 95 खाली है। बता दें, कल इंदौर के बड़े अस्पताल ने भी नो-एंट्री का बोर्ड लगा दिया था।

दरअसल कोविड अस्पतालों में सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन सेफ्टी ऑडिट कमिटी गठित की गई है। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अपर आयुक्त नगर निगम सीपी गोहल की अध्यक्षता में ये कमेटी बनाई है। कमेटी ऑक्सीजन की स्थिति सुधारने और व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिम्मेदार होगी।

कोरोना से लड़ने के लिए भारत को मिली सफलता, इस दवा को मिली मंज़ूरी

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भारत में कोरोना की रफ्तार काफी तेज हो गई है। इस बीच कोरोना को मात देने के मिशन को रफ्तार देने के लिए भारत सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है। बता दे कि शुक्रवार को भारत के ड्रग्स रेगुलेटर की ओर से Zydus की Verafin को मंजूरी दे दी गई है।  इस Verafin का इस्तेमाल कोरोना पीड़ितों के इलाज में किया जा सकेगा।

दरअसल शुक्रवार को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने जायडस की इस ड्रग को मंजूरी दी है। जायडस का दावा है कि इसके इस्तेमाल के बाद 7 दिन में 91.15 फीसदी कोरोना पीड़ितों का RT-PCR टेस्ट नेगेटिव आया है। इस एंटीवायरल ड्रग के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों को राहत मिलती है और लड़ने की ताकत मिलती है। कंपनी ने ये भी दावा किया है कि कोरोना होने के शुरुआती वक्त में अगर Virafin दी जाती है, तो मरीज को कोरोना से उबरने में मदद मिलेगी और कम तकलीफ होगी।

अभी ये ड्रग्स सिर्फ डॉक्टर की सलाह के बाद ही किसी मरीज को दी जाएगी, इन्हें अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी ने इस ड्रग का भारत के करीब 25 सेंटर्स पर ट्रायल किया था, जिसमें अच्छे नतीजे देखने को मिले है। बताया जा रहा है कि इस ड्रग को लेने के 7 दिन बाद कोरोना मरीज में अंतर देखने को मिले है। और RT-PCR कोविड टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

कोरोना ने एक हफ्ते में खत्म किया पूरा परिवार

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कोरोना का आतंक पूरे विश्व में मचा हुआ है। ऐसे में उज्जैन शहर में कोरोना से एक हफ्ते में पूरा परिवार खत्म हो गया। बता दे पहले दादा, फिर मां, फिर पिता और फिर परिवार में आखिरी बची बेटी की भी मौत हो गई।

कोरोना ने ऐसा कोहराम आदर्श विक्रमनगर में रहने वाले जैन परिवार में मचा है। घर के बड़े सदस्य संतोष कुमार जैन, उनकी पत्नी मंजुला और उनकी 26 साल की बेटी आयुषी कोरोना की वजह से एक हफ्ते में दुनिया छोड़ गए। बताया जा रहा है कि अब घर की देखरेख तक करने वाला कोई नहीं बचा। रिश्तेदारों ने नीदरलैंड में रह रही उनकी बेटी को सूचना दे दी है और घर के बाहर गार्ड तैनात कर दिया है।

संतोष कुमार जैन बिजली कंपनी से कुछ समय पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। जबकि उनकी पत्नी मंजुला हरिफाटक क्षेत्र में स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षिका थी। परिचितों ने बताया कि जैन दंपती की दो बेटियां है। एक शादी के बाद नीदरलैंड में रहती है।

रतलाम में हुआ कोरोना नियमों का उल्लंघन, ग्रामीणों ने किया पुलिस पर हमला

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मध्य प्रदेश के कोरोना का कहर बरस रहा है। हर जिले में कोरोना कर्फ्यू या लॉक लगा हुआ है। ऐसे में रतलाम जिले में लॉकडाउन के दौरान रामलीला के लिए मना किए जाने पर ग्रामीणों ने तीन पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। बता दे कि इस मामले में पुलिस ने 65 ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

बता दे कि ग्रामीणों के हमले में एक सब इंस्पेक्टर और 2 कॉन्स्टेबल घायल हो गए है जिसके बाद उन्हें जिले के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रतलाम के एसपी ने कहा किपुलिसकर्मियों को बुधवार की शाम को पता चला कि गांव में तकरीबन 200 ग्रामीणों की मौजूदगी में रामलीला रखी गई है। जब उन्होंने उसे रोकने के लिए पहुंचे तब ग्रामीणों ने उनके ऊपर हमला कर दिया। 

उन्होंने आगे बताया कि किसी तरह अपनी जान बचाते हुए नजदीकी पुलिस थाने आ गए। बाद में पुलिसफोर्स ने गांव में जाकर हालात पर काबू पाया।पुलिस ने जिले के 15 चिन्हित और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 353, 188 और147 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

दमोह उपचुनाव के बाद बीजेपी नेता प्रह्लाद पटेल ने दिखाया रंग, मतदाता को दी ‘दो तमाचे’ मारने की धमकी

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बुधवार की शाम दमोह सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटैल ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और कोरोना मरीजों को मिलने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में सिविल सर्जन डॉ. ममता तिमोरी से जानकारी ली।

जब उन्होंने निरीक्षण कि तब वहां पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिला अस्पताल में आक्सीजन की लूट मार मचाने वाली जो घटना हुई है उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। लोगों को धैर्य रखना चाहिए आखिर डाक्टर 24 घंटे मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस स्थति से हम सबको मिलकर निपटना होगा। 

ऐसे में वहां एक वीडियो दुबारा सामने आया है जिसमे एक कार्यकर्ता अपने मंत्री से अपनी माँ के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की गुहार लगा रहा था और मंत्री जी ने बोल दिया कि बकवास करेगा तो 2 थप्पड़ पड़ेंगे।

बता दे कि बीते दिन दमोह में चुनाव का माहौल था। तब सरकार हर उसका इलाज कर रही थी जिन्हें कोरोना था। उस समय उनके लिए भरपूर दावा और ऑक्सीजन था। और आज जब चुनाव हो गए है तो सरकार ने दमोह में लॉकडाउन लगा कर उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता के के मिश्रा में ट्वीट किया है कि , दमोह में मतदान के पहले हर संक्रमित को प्रदेश के मंत्री कारों से भोपाल-जबलपुर अस्पतालों में भर्ती करवा रहे थे,अब जिला अस्पताल में अपनी माँ को बचाने के लिए ऑक्सीजन की गुहार करने वाले BJP कार्यकर्ता को दो चांटे देने की बात कह रहे हैं केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल! काम निकल