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कोरोना के इलाज को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने दिए यह निर्देश

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मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) में कोरोना(Corona) मरीजों का उपचार करने वाले सभी क्लीनिक और नर्सिग होम को अपने रिसेप्शन काउंटर पर उपचार दरों का ब्यौरा प्रदर्शित करना होगा। राज्य में कोई नर्सिग होम कोरोना मरीज से प्रदर्शित दरों से 40 प्रतिशत से अधिक राशि नहीं ले सकेंगे।

राज्य में भोपाल छोड़कर अन्य स्थानों पर सरकारी कोविड सेंटर को बंद किया जा चुका है। सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, वहीं निजी नर्सिग होम और क्लीनिक को सरकार की ओर से सहायता नहीं दी जा रही है। इस स्थिति में निजी नर्सिग होम और क्लीनिक द्वारा मरीजों से मनमानी वसूली की शिकायतें मिल रही हैं।

स्वास्थ्य, सूचना, शिक्षा, संचार ब्यूरो संचालक ने बताया कि रिसेप्शन पर उपचार दरें प्रदर्शित करने के आदेश पूर्व में जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा नवंबर 2020 में कोविड-19 की निर्धारित उपचार दरों को क्लीनिक और नर्सिग होम में रिसेप्शन काउंटर पर प्रदर्शित करने के संबंध में पारित आदेश के अनुक्रम में निर्देश जारी किए गए हैं।

क्लीनिक एवं नर्सिग होम जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कोविड-19 की निर्धारित दरों की भेजी गई सूची में दर्शाई दरों से 40 प्रतिशत से अधिक प्राप्त नहीं कर सकेंगे। उपचार की निर्धारित दरों से 40 प्रतिशत से अधिक राशि लिए जाने की जानकारी मिलती है तो इसे जिला प्रशासन और उच्च न्यायालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए भी भेजा जाएगा।

टीकाकरण के दूसरे दिन राजधानी के जेपी अस्पताल में था सन्नाटा ,टीका सेंटर पर कोई वालियंटीयर नही था समय पर मौजूद

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मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) में कोरोना वैक्सीनेशन(Corona Vaccine) अभियान के तहत भोपाल(Bhopal) में सोमवार को वैक्सीनेशन का दूसरा दिन है। जेपी अस्पातल में सुबह 9 बजे से सेंटर शुरू होने के डेढ़ घंटे बाद यानी लगभग 10:30 बजे पहले फ्रंट लाइन वर्कर वैक्सीन पहुंचा। आज भोपाल के 12 सेंटर पर सुबह 9 बजे से वैक्सीन रजिस्टर्ड लोगों को लगाना है।

पहले फेज के पहले डोज के लिए 1200 लोगों को वैक्सीन लगना था, लेकिन करीब 50% ने ही टीका लगवाया। हालांकि एम्स और चिरायु अस्पताल में वैक्सीनेशन 100% रहा। यहां पर सभी 100 रजिस्टर्ड वर्कर्स ने वैक्सीनेशन कराया।

भोपाल में देर रात तक कई सेंटर पर वैक्सीन लगाया गया, लेकिन उसके बाद भी लक्ष्य से यह काफी कम रहा। पहले दिन 1200 हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया था। अब डॉक्टरों को उम्मीद है कि सोमवार को यह संख्या काफी बढ़ जाएगी। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर आईडी चौरसिया ने मीडिया को बताया कि वह पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं। टीका लग जाने के 32 घंटे बाद भी उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।

मध्यप्रदेश में शुरू हुआ कोरोना का टीकाकरण, भोपाल के हरिदेव को लगने जा रहा है पहला टीका

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कोरोना(Corona) के खिलाफ टीकाकरण(Vaccination) अभियान की शुरुआत पूरे देश भर मे शुरू हो चुका है। आज मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) में कुल 150 सेंटर(150 Centre’s) बनाए गए हैं और हर सेंटर पर 100 फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण का लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है। राज्य में टीकाकरण के पहले चरण में कुल चार लाख 17 हजार स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अस्पतालों में तैनात फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाया जाना है। इनमें से करीब 15 हज़ार लोगों को आज ही टीका लगाया जाएगा ।

मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन तीन चरणों में होगा। सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर्स और अस्पतालों के कर्मचारियों को टीका लगेगा। फिर फ्रंट लाइन वर्कर्स, जैसे पुलिस एवं डिफेंस कर्मचारी, राजस्व कर्मचारी, नगर निकायों के कर्मचारियों को वैक्सीन दी जाएगी। तीसरे चरण में 50 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों को टीका लगाया जाएगा। उसके अलावा 50 साल से कम उम्र के उन लोगों भी तीसरे चरण में टीका लगाया जाएगा, जो किसी और गंभीर बीमारी की वजह से ज़्यादा जोखिम वाली कैटेगरी में आते हैं।

प्रदेश में पहला टीका भोपाल के जेपी अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड हरिदेव को लगाया जाना है। वहीं इंदौर में सबसे पहला टीका आशा पवार को लगाया जाना है जो सफाई कर्मचारी है। मध्य प्रदेश में टीकाकरण अभियान से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग से वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए अभियान की तैयारी के बारे में चर्चा की।

प्रदेश को अब तक कोविशील्ड वैक्सीन के पांच लाख छह हजार डोज़ मिल चुके हैं। यह वैक्सीन सभी जिलों को उनकी जरूरत के हिसाब से भेजी गई है। हर एक टीकाकरण केंद्र पर 3 कमरों की व्यवस्था की गई है, जिनमें वेटिंग हॉल, वैक्सीनेशन का कमरा और ऑब्जर्वेशन कमरा शामिल है।

अब कॉल लगाते समय नहीं सुनाई देगी अमिताभ बच्चन की आवाज़

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अभिनेता अमिताभ बच्चन (Amitabh bachchan) की कोरोना वाली कॉलर ट्यून (Caller Tune) अब नहीं सुनाई देगी। अब ऐसा नहीं होगा, फोन करने पर अब कोरोना टीकाकरण की नई कॉलर ट्यून सुनाई देगी। नए कॉलर ट्यून में एक महिला की आवाज है और इसका उपयोग COVID-19 टीकाकरण अभियान के बारे में जागरूकता के लिए किया जाएगा।

शुक्रवार 15 जनवरी से अमिताभ बच्चन की जगह महिला आर्टिस्ट की आवाज में कॉलर ट्यून सुनाई देगी। कोरोनाकाल मे पिछले कई महीनों से अमिताभ बच्चन की आवाज में कोरोना संक्रमण से सम्बंधित संदेश दिया जा रहा था। जिसके खिलाफ लोगों का आक्रोश भी सामने आया था, लोगों ने सोशल मीडिया उनकी आवाज वाली कॉलर ट्यून हटाने की भी मांग की थी।

पिछले दिनों यह मामला अदालत भी पहुंच गया। दिल्‍ली हाई कोर्ट में इसे हटाने को लेकर एक याचिका भी लगाई गई थी। यह मांग उठाई गई थी कि कोरोना काल में जिन लोगों ने इस महामारी से बचाव के लिए काम किया है, उनके सम्‍मान में यदि उनकी कॉलर ट्यून लगाई जाती तो यह बेहतर होता। लेकिन अब COVID-19 टीकाकरण अभियान के बारे में जागरूकता के लिए किया जाएगा। जब आप किसी को फोन करेंगे तो कोरोना टीकाकरण से जुड़ी कॉलर ट्यून सुनाई देगी। नई कॉलर ट्यून हिंदी और अंग्रेजी दोनों में ही होगी और ये जसलीन भल्ला की आवाज में होंगी ।

कोवक्सीने ट्रायल के बाद भोपाल के एक व्यक्ति की हुई मौत

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भोपाल (Bhopal) पीपुल्स मेडिकल कॉलेज (People’s Medical College) में चल रहे कोवैक्सीन ट्रायल में शामिल 47 वर्षीय दीपक मरावी की मौत हो गयी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में शव में जहर मिलने की पुष्टि हुई है। देश में करीब 26 करीब लोगों पर यह ट्रायल किया गया था, लेकिन मौत का यह पहला केस सामने आया है।

भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में 12 दिसंबर कोवैक्सीन का ट्रायल टीका लगाया गया था, जिसमें टीला जमालपुरा स्थित 47 वर्षीय वॉलंटियर दीपक मरावी भी शामिल थे। 21 दिसंबर को वह अपने घर में मृत मिले थे, जिसके बाद 22 दिसंबर को उनके शव का पोस्टमार्टम किया गया तो प्रारंभिक रिपोर्ट में शव में जहर मिलने की पुष्टि हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे तो पत्नी ने बताया कि उनकी बिना जानकारी के उनके पति को टीका लगाया गया। उनके पति को कोई भी बीमारी नहीं थी, टीका लगने से ही उनकी मौत हुई है और उनकी मृत्यु के बाद शासन प्रशासन ने आज तक सुध नहीं ली।

कांग्रेस के नेता नरेन्द्र सलूजा ने भोपाल में कोवैक्सीन का ट्रायल डोज़ लगवाने वाले वालंटियर दीपक मारवी की मौत की घटना बेहद गंभीर,सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच करवाये ये जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला। उनका कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर सारे मंत्री अब सबसे पहले वैक्सीन लगवाए।

गरीबों के साथ हो रहा है खिलवाड़,झूठ बोलकर लगा रहें है कोरोना वैक्सीन

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भोपाल(Bhopal) के पीपुल्स हॉस्पिटल(People’s Hospital) में कोरोना वैक्सीन ट्रायल(Corona Vaccine Trail) में फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। अस्पताल पर यह आरोप है कि करीब 600 लोगों को धोखे में रख कर उन पर कोरोना की वैक्सीन का ट्रायल किया गया है। इसके बाद कुछ लोग बीमार पड़ना शुरू हो गए है। अस्पताल पर यह भी आरोप है कि बीमार होने के बाद लोग अस्पताल के चक्कर लगा रहे है लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार का इलाज नहीं दिया जा रहाहैं।

गरीबों को लेकर आये थे , 750 रुपए भी दिए

अस्पताल में कोवैक्सिन के ट्रायल के लिए भोपाल की बस्तियों से लोगों को लाया गया था और बिना कुछ जानकारी दिए सभी को वैक्सीन लगा दी गयी। और यह बात भी निकल कर सामने आई है कि वैक्सीन लगाने के एवज में हर एक व्यक्ति को 750 रुपए भी दिए गए।

धोखे से लगा दिया गया टिका

सोशल एक्टिविस्ट रचना ढींगरा ने बताया कि 7 दिसंबर को भोपाल के शंकर नगर इलाके के हरि सिंह को पीपुल्स अस्पताल लाया गया था। हरि सिंह को बताया गया कि यहां उसके कुछ टेस्ट किए जाएंगे और उसे टिका लगाया जाएगा। हरि सिंह को बताया गया कि टिके से उसके शरीर का खून साफ होगा। उसके बाद एक कागज पर उसका नाम लिखा कर उसे टिका लगाया गया और साथ ही साथ 750 रुपए भी दिए गए।

अन्य बीमारी होने की आई शिकायत

हरि सिंह ने बताया कि वैक्सीन लगाने के कुछ दिन बाद उसे पीलिया हो गया था। हरि सिंह ने बताया कि टिका लगाने के दौरान उसे अस्पताल की तरफ से कहा गया था कि वैक्सीन लगाने के बाद अगर किसी प्रकार की परेशानी आती है तो वापस अस्पताल आ कर बताए। उस दौरान उसे बताया था कि उसे टाइफाइड हुआ था लेकिन अस्पताल वालों ने कहा कि इससे कुछ नहीं होता है। हरि सिंह ने बताया कि जांच करवाने के बावजूद भी किसी ने उससे कुछ पूछा न ही कुछ देखा और फिर वापस घर आगया।

वैक्सीन ट्रायल की दी जाती है जानकारी

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अनिल दीक्षित ने कहा कि कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के दौरान सबसे पहले व्यक्ति को करीब आधे घंटे वैक्सीन के बारे मे समझाया जाता है। उसके बाद अगर व्यक्ति राजी हो जाता है तो उससे दस्तखत लिए जाते है। उनका मेडिकल टेस्ट भी किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि वैक्सीन लगाने से पहले यह भी बताया जाता है कि वैक्सीन के दो डोज में से एक वैक्सीन खाली है और दूसरी में वैक्सीन है।

बहकावे मे है लोग

अस्पताल पर लग रहे आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि लोग बहकावे में आकर ऐसा बोल रहे होंगे, लेकिन फिर भी इस मामले की जांच करवाई जाएगी। डॉ. दीक्षित ने बताया कि व्यक्ति के फिट होने के बाद ही उस पर कोरोना की वैक्सीन का ट्रायल किया जाता है। उन्होंने कहा कि बस्ती से लोगों को लाने की बात है तो अस्पताल के तीन किलोमीटर के दायरे को प्रार्थमिकता दी गई है, जिस कारण ट्रायल में यहां के लोग ज्यादा संख्या में है।

Free covid-19 vaccination of 3 crore frontline workers in 1st phase: Harshvardhan

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Union health minister Dr Harsh Vardhan has made an announcement on Saturday that free vaccine of covid 19 shall be provided across the nation. The first phase of COVID-19 vaccination include one crore healthcare workers and two crore frontline workers.

Earlier in the day, health minister, who visited the GTB Hospital in Delhi to review a dry run for the COVID-19 vaccination, said that the “safety of vaccine is the prime concern”.

“I want to assure all Indians that the vaccine is aimed at safeguarding your health,” he said, adding that “positive news” can be expected soon.

“All misconceptions and disbelief is detrimental to ensuring that we have sustained and suitable coverage. The dry run will cover urban/rural/hard to reach terrains and private setting. Besides giving the vaccine the dry run will cover all other aspects. This will help us weed out any gaps,” he said.

His remarks come a day after India moved a step closer to getting a vaccine for the disease, which has affected over 1 crore people in the country; killed over 1.49 lakh. A government-appointed expert panel on Friday sent its recommendations for the Oxford vaccine manufactured by Pune’s Serum Institute of India – Covishield – to the Drugs Controller General of India (DCGI).

“The DCGI will soon take a decision on the recommendation,” the Health Minister told the reporters this morning as he reviewed the vaccine dry run at a Delhi hospital. He also assured about the safety of the vaccine. “There should be no rumours about the vaccine’s safety…Everything has been checked in detail. Initially when the polio vaccine was rolled out, even then rumours had floated. But once it went on the floor, all people were assured about the safety,” he said.

भोपाल में हेल्थ वर्करों पर हुआ कोरोना वैक्सीन का ड्राय रन, मंत्री सारंग और भोपाल कलेक्टर रहे मौजूद

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कोरोना वैक्सीन को लेकर मध्यप्रदेश सरकार जोरो से तैयारियों में जुटी हुई है। कोविशील्ड के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी के बाद पूरे देश मे आज कोरोना की वैक्सीन का ड्राय रन चला जा रहा है। ड्राय रन की प्रक्रिया ठीक उसी तरह से होगी जिस तरह से असली टीकाकरण में इस्तेमाल किया जाएगा। राजधानी भोपाल में इसके लिए 3 केंद्र गोविंदपुरा सीएससी, गांधीनगर सीएससी और जेके मेडिकल कॉलेज में बनाए गए जहां पर वैक्सीन लगाने की नियमबद्ध रिहर्सल की गई।

ऐसे हुआ ड्राय रन ट्रायल

भोपाल में तीन केंद्रों पर सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हुए कोरोना वैक्सीन के ड्राय रन की प्रक्रिया उसी तरह से अंजाम दिया गया जिस प्रक्रिया का इस्तेमाल कर ओरिजनल तरह से वैक्सीन को लगाया जाएगा। आज हुई रिहर्सल के दौरान कोल्ड चैन के माध्यम से जेपी अस्पताल से वैक्सीन को तीनों वैक्सिनेशन केंद्रों पर पहुंचाया गया। एसएमएस के माध्यम से जिन हेल्थ वर्करों को वैक्सिनेशन केंद्र बुलाया गया था।उन्हें सैनेटाइज कर प्रतीक्षा कक्ष में बैठाया गया और वहां पर उनके डाक्यूमेंट्स का सत्यापन किया गया, जिसके बाद टीका लगाने की डमी प्रक्रिया को पूरा किया गया। टीके की प्रक्रिया के बाद संबंधित व्यक्ति को डॉक्टरों के ऑब्जर्वेशन में कुछ समय के लिए रखा गया।

कोरोना वैक्सीन के ड्राय रन की प्रक्रिया के दौरान मध्यप्रदेश के चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग भी गोविंदपुरा स्थित आरोग्य केंद्र पहुंचे जहां पर ड्राय रन जारी था। व्यवस्था को देखकर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने खुशी जताई और कहा कि वैक्सीनेशन के लिए सारी सुविधाएं चाक चौबंद है। लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में टीकाकरण का रोडमैप पूरी तरह से तैयार है, भोपाल समेत प्रदेश के हर जिले में टीकाकरण की बेहतर सुविधाएं है।

यह रहेगी वैक्सीन लगाने की पूरी प्रक्रिया

Co win, एप के जरिए हेल्थ वर्करों को वेक्सीन सेंटर आने के लिए मैसेज के जरिए जानकारी दी जाएगी।वैक्सीनेशन केंद्र पर पहुंचने पर सबसे पहले व्यक्ति का टेंपरेचर चेक किया जाएगा।इसके बाद उन्हें प्रतीक्षा कक्ष में बैठाया जाएगा, जहां पर उनके डाक्यूमेंट्स का सत्यापन किया जाएगा।सत्यापन होने के बाद वैक्सीनेशन किया जाएगा।वैक्सीनेशन के बाद संबंधित व्यक्ति को 30 मिनट तक  डॉक्टरों के ऑब्जर्वेश में ही रहना होगा।अगर वैक्सीन लगाने के बाद किसी तरह की दिक्कत आती है तो वहां मौजूद डॉक्टर से संपर्क किया जाएगा।सब कुछ ठीक रहा तो टेंपरेचर जांच कर उन्हें घर भेजा दिया जाएगा।