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कोरोना का कहर जारी, 24 घंटे में आए रिकॉर्ड 1,68,912 नए मामले

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Special Coverage of Corona Virus in India by Newbuzzindia
Special Coverage of Corona Virus in India by Newbuzzindia

देश में कोरोना के मामले रिकॉर्ड तेजी से बड़ रहे है। पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 1,68,912 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1,35,27,717 हुई। 904 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,70,179 हो गई है। देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 12,01,009 है और डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या 1,21,56,529 है।

रेमडेसिविर के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

कोविड-19 मामलों में हालिया उछाल के मद्देनजर, भारत ने रविवार को स्थिति में सुधार होने तक रेमडेसिविर इंजेक्शन और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि रेमडेसिविर की मांग में अचानक बढ़ोतरी के बाद यह कदम उठाया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल कोविड-19 रोगियों के इलाज में किया जाता है।

दिल्ली में हालत नाज़ुक

राजधानी दिल्ली में कोरोना का कहर पूरे जोरों पर है। बीते 24 घंटे की बात करें तो दिल्ली में कोरोना ने 10,000 का आंकड़ा पार कर लिया है, जिसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चिंता भी जाहिर की है और नाइट कर्फ्यू के साथ-साथ कुछ और पाबंदियां भी लागू की गई हैं।

महाराष्ट्र में लग सकता है लॉकडाउन

महाराष्ट्र में कोरोना की बेकाबू स्पीड के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सख्त लॉकडाउन का संकेत दिया है। दो दिन के अंदर वह इसकी घोषणा कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, रविवार को टास्क फोर्स की विशेष बैठक बुलाई गई है। चर्चा है कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए 8 दिन या फिर 15 दिनों का सख्त लॉकडाउन लगाया जा सकता है। हालांकि, इस पर पर आखिरी फैसला रविवार और सोमवार को होने वाली कई बैठकों के बाद ही लिया जाएगा।

भारत में पहली बार आए 1 लाख से ज़्यादा कोरोना के मामले

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भारत में कोरोना की नई लहर अब पूरी तरह से बेकाबू हो गई है। कोरोना पर पार पाना अब राज्य सरकारों के बस की बात नहीं लग रही है। तमाम कदम उठाने के बावजूद भारत में रविवार को कोरोना के एक लाख से ज़्यादा मामले सामने आए। देश भर में रविवार को कोरोना के 1 लाख 3 हज़ार मामले सामने आए। यह पहली बार किसी एक दिन में सबसे ज़्यादा आया हुआ मामला है।

दिल्ली में रविवार को चार हजार से ज़्यादा मामले सामने आए। देश भर में आए एक लाख नए मामलों में से 57 हज़ार मामले ऐसे थे जो कि केवल महाराष्ट्र से थे। महाराष्ट्र में रविवार को 57,074 लोग कोरोना से संक्रमित हुए।

महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना से 222 लोगों की मौत हो गई। वहीं महाराष्ट्र में अब तक कोरोना के 30 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। कोरोना का ऐसा रूप लेता देख महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने लॉकडाउन लागू करने का फैसला कर लिया। महाराष्ट्र में सप्ताहांत में शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन लागू रहेगा।

26 जनवरी के किसान आंदलोन के बाद 400 किसान लापता

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किसान परेड के दौरान 26 जनवरी को लाल किला और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हिंसा के दौरान किसानों के लापता होने का मामला पंजाब में सियासी तौर पर गरमाने लगा है। सूबे के किसान संगठनों और धार्मिक संगठनों ने 400 से अधिक किसानों व नौजवानों के लापता होने का आरोप लगाया है और इस संबंध में दिल्ली पुलिस पर उंगली उठाई जा रही है।

पंजाब से जुड़े कई किसान संगठनों और धार्मिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली हिंसा के दौरान 400 से ज्यादा युवा और बुजुर्ग किसान लापता हैं। अमृतसर के खालड़ा मिशन ने आरोप लगाया है कि गायब हुए सभी लोग दिल्ली पुलिस की अवैध हिरासत में हैं।

पंजाब के मानवाधिकार संगठन के जांच अधिकारी सरबजीत सिंह वेरका ने दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना किसी केस के ज्यादा समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता है, इसलिए पकड़े गए लोगों के बारे में पुलिस जानकारी दे।

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के वकील हाकम सिंह का कहना है कि पंजाब के 80-90 नौजवान 26 जनवरी को सिंघु और टिकरी बॉर्डर गए थे। हिंसा की घटना के बाद वे सभी नौजवान किसान अब तक अपने शिविरों में नहीं लौटे हैं। वकीलों का एक ग्रुप उन्हें ढूंढने की कोशिश में जुटा है और इसके लिए हम पुलिस, किसान संगठनों और अस्पतालों के संपर्क में हैं।

शिवराज सिंह चौहान आज दिल्ली दौरे पर, नितिन गडकरी से करेंगे मुलाकात

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) आज दिल्ली दौरे पर रहेंगे। अपने दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और प्रकाश जावेडकर से मुलाकात करेंगे।

अपने एक दिवसीय दिल्ली दौरे के दौरान सीएम शिवराज नितिन गडकरी से चंबल प्रोग्रेस वय पर चर्चा करेंगे। इसके साथ वह स्थानीय कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री प्रकाश जावेडकर से भी मुलाकात कर उन्हें मध्यप्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देंगे।

केंद्रीय मंत्रियों के साथ सीएम शिवराज की मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के तहत चंबल प्रोग्रेस वय शिवराज सरकार की महत्वपूर्ण योजना में शामिल है। इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी चर्चा करेंगे।

त्योहारों से पहले दिल्ली में फिर बड़ा कोरोना का कहर, रेड अलर्ट जारी, फिर टूटे रिकॉर्ड

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त्योहारों के सीजन के बीच में दिल्ली के लिए परेशान करने वाली खबर सामने आई है। पहले से प्रदूषण की मार झेल रहे दिल्ली में कोरोना वायरस के केसों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिल्ली में पिछले एक दिन में सात हजार से ज्यादा नए पॉजिटिव केस रिकॉर्ड किए गए हैं। यह केस दिल्ली में एक दिन में रिकॉर्ड किए गए सबसे ज्यादा केस हैं।

दिल्ली के हेल्थ डिपार्टमेंट के बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली में रविवार (8 नवंबर) को 7,745 नए पॉजिटिव केस सामने आए और 77 लोगों की मौत हो गई। इसी के साथ, दिल्ली में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 41,857 हो गई है।

जेएनयू में एबीवीपी की गुंडागर्दी, कमरें में घुसकर 16 लोगों ने की छात्र की पिटाई

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JNU Student attacked by ABVP
JNU Student attacked by ABVP

दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ हिंसा का एक और मामला सामने आया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएसन (AISA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन साई बालाजी ने ट्वीट कर एबीवीपी पर इस हिसां का आरोप लगाते हुए इस घटना की जानकारी दी है।


बालाजी ने ट्वीट कर बताया कि जेएनयू के एक छात्र विवेक के कमरे में एबीवीपी के 16 लोग घुस गए और उसपर लोहे के डंड़े और रॉड से हमला किया। बालाजी ने आगे बताया कि विवेक को बचाने आई जेएनयूएसयू की महिला पार्षद के साथ भी बदतमीजी की गई।


एन साई बालाजी ने ट्वीट में लिखा, “एबीपीवी के 16 गुंडों ने कमरे में घुसकर जेएनयू के एक छात्र विवेक पर लोहे के कड़े और रॉड से हमला किया। उन्होंने विवेक की सहायता के लिए आईं जेएनयूएसयू की महिला पार्षद के साथ भी दुर्व्यवहार किया। ये वे गुंडे हैं जिन्होंने 5 जनवरी को छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था। दिल्ली पुलिस उन्हें आज तक गिरफ्तार नहीं किया। देखो उन्होंने क्या किया है।”



बताया जा रहा है कि हमले में विवेक के चहरे पर गंभीर चोटें आयी हैं। इसके अलावा हमलावरों ने उनके सिर पर कड़े से प्रहार किया। घायल छात्र विवेक का कहना है कि जब वह सोने की तैयारी कर रहा था तभी कोई कमरे के बाहर कोई आया और दरवाजा खोलने के लिए कहा। दरवाजा खोलने के बाद सभी अंदर आ गए। उनमें से एक ने कहा कि तुम विवेक हो और तुमने मेरी शिकायत की है। इस पर विवेक ने पूछा कि कैसी शिकायत। मैंने तो कोई शिकायत नहीं की है। इसी बात पर उसने विवेक के गाल पर तमाचा जड़ते हुए कहा कि नेता बनते हो और उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद विवेक को हेल्थ सेंटर ले जाया गया जहां उनका प्राथमिक इलाज हुआ।


जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा हा कि एबीवीपी के गुंडों ने छात्र को जान से मारने की कोशिश की है और यह साफ-साफ हत्या का प्रयास है। उन्होंने सवालिया अंदाज में पूछा कि क्या कोई कानून अभी बचा भी है? उन्होंने कहा कि 5 जनवरी को हुए एबीवीपी के हमले को 8 महीने हो जाएंगे। और अब उसके बाद यह घटना घटी है।


उन्होंने एक ट्वीट में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को टैग करते हुए पूछा है कि क्या इनके खिलाफ कार्रवाई होगी या फिर छात्रों को गुंडों के हाथ मरने के लिए छोड़ दिया जाएगा? उन्होंने कहा कि यह बीजेपी-आरएसएस का न्यू इंडिया है। जो न केवल परेशान करने वाला है बल्कि बेहद उत्पीड़नकारी भी है।

कोर्ट की अवमानना के मामले में प्रशांत भूषण दोषी करार, 20 को सजा पर फैसला करेगा सुप्रीम कोर्ट

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Prashant Bhushan
Prashant Bhushan

अदालत की अवमानना मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर वकील प्रशांत भूषण को दोषी करार दिया है। न्यायपालिका के प्रति अपमानजनक ट्वीट करने को लेकर वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ स्वत: शुरू की गई अवमानना कार्यवाही में आज कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने इस मामले में अधिवक्ता प्रशांत भूषण को दोषी करार देते हुए 20 अगस्त को सज़ा पर सुनवाई करने की बात कही।

इससे पहले न्यायालय में 5 अगस्त को हुई सुनवाई में अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अपने उन दो ट्वीट का बचाव किया था। कोर्ट ने आज हुई सुनवाई में यह माना है कि इससे अदालत की अवमानना हुई है।

गौरतलब है कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एसए बोबड़े और चार पूर्व सीजेआई को लेकर प्रशांत भूषण की ओर से किए गए दो अलग-अलग ट्वीट्स पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी। सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को नोटिस भेजा था।

नोटिस के जवाब में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा था, ‘सीजेआई की आलोचना सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को कम नहीं करता। बाइक पर सवार सीजेआई के बारे में ट्वीट कोर्ट में सामान्य सुनवाई न होने को लेकर उनकी पीड़ा को दर्शाता है। इसके अलावा चार पूर्व सीजेआई को लेकर ट्वीट के पीछे मेरी सोच है, जो भले ही अप्रिय लगे, लेकिन अवमानना नहीं है।’

कोर्ट की अवमानना अधिनियम की धारा 12 के तहत तय किए गए सजा के प्रावधान के मुताबिक, दोषी को छह महीने की कैद या दो हजार रुपए तक नकद जुर्माना या फिर दोनों हो सकती है। अब सजा पर बहस 20 अगस्त को होगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट सजा सुनाएगी।

दिल्ली में राहुल और प्रियंका से हुई सचिन पायलट की मुलाकात, टल सकता है सरकार पर से खतरा

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rahul gandhi with sachin pilot
rahul gandhi with sachin pilot

आज सुबह से ही राजस्थान में सियासी हलचल तेज है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट कुछ अन्य बागी विधायकों के साथ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात करने वाले हैं।

मीडिया में जारी खबरों के अनुसार इस मुलाकात में पायलट और पार्टी के बीच उपजी कड़वाहट को मिटाने की कोशिश की जाएगी। सूत्रों के अनुसार कुछ दिनों पहले एनसीआर में प्रियंका गांधी और सचिन पायलट के बीच मुलाकात हुई थी। जिसके बाद यह तय हो पाया है। प्रियंका और सचिन की मुलाकात के बाद कई स्तरों पर बातचीत भी हो चुकी है।

ताजा घटनाक्रम विधानसभा सत्र बुलाए जाने के पांच दिन पहले हुआ है। जहां अशोक गहलोत अपना बहुमत साबित करने का दावा कर रहे हैं और अपने विरोधियों पर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार गिराने के प्रयास का आरोप लगाया था।


वहीं इस जानकारी के उलट पायलट खेमा अपनी पुरानी बात पर अड़ा हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस की कामयाबी के दावे को खारिज करते हुए पायलट खेमे का कहना है कि हमारा मुख्य मुद्दा अभी भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पद से हटाना ही है।

चंद्रशेखर आज़ाद को मिली दिल्ली आने की अनुमति, अदालत ने जमानत की शर्तों में किया बदलाव

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भीम आर्मी के प्रमुख चंद्र शेखर आज़ाद को राहत देते हुए दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को 15 जनवरी के जमानत आदेश की शर्तों को संशोधित करते हुए चुनाव के बीच दिल्ली आने की अनुमति दी है।

जमानत की शर्तों में बदलाव करते हुए अदालत ने आजाद से कहा है कि वह दिल्ली आ सकते है लेकिन उन्हें डीसीपी (अपराध) को अपनी यात्रा और दिन के कार्यक्रम के बारे में सूचित करना होगा। साथ ही उन्हें आवेदन में बताई गई जगह पर ही रहना होगा।

आजाद द्वारा जमानत की शर्तों में बदलाव करने के लिए दिए गए आवेदन पर तीस हजारी कोर्ट की न्यायाधीश कामिनी लाउ ने यह आदेश सुनाया है। आदेश सुनने से पहले सरकार की तरफ से आए वकील ऐसी कोई भी सामग्री नही दिख पाए जिससे यह साबित हो सके कि आजाद के दिल्ली आने पर राजधानी में हिंसा बढ़ेगी।

अधिवक्ता महमूद प्राचा और ओ पी भारती द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि आजाद कोई अपराधी नहीं था और जमानत में लगाई गई शर्तें गलत और अलोकतांत्रिक हैं। आवेदन में कहा गया है कि आजाद का दिल्ली में एक स्थानीय निवास भी है।

आवेदन में कहा गया कि, एक सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाते एक सामाजिक कार्यकर्ता को इलाज के अलावा चार सप्ताह तक दिल्ली न जाने की शर्त उनके मौलिक अधिकारों को प्रभावित करता है।

“लोकतंत्र में जब चुनाव सबसे बड़ा उत्सव होता है, जिसमें अधिकतम भागीदारी होनी चाहिए, जिसके कारण आज़ाद को इसमें भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए”, न्यायाधीश ने आदेश में कहा।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस ने बनाई नई रणनीति।

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2020 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इस चुनाव में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी नही बल्कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा होंगी और पूरा चुनाव उनके कार्यकाल में किये गए कार्यों के इर्द-गिर्द लड़ा जाएगा।

नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने इसको लेकर अभी से फरमान जारी कर कह दिया है कि, पार्टी की तरफ जारी किये जाने वाले किसी भी पोस्टर पर शीला दीक्षित का चेहरा सबसे प्रमुखता के साथ दिखाया जाए।

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में कांग्रेस के पास दिखाने के लिए जो कुछ भी है, वह शीला दीक्षित के समय का कामकाज ही है। ऐसे में आने वाले विधानसभा चुनाव में वह उन्हीं को भुनाएगी। इसके लिए नए नियुक्त किए गए अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की अगुवाई में बैठक कर फैसला ले लिया गया है।

कई बड़े वादे कर सकती है कांग्रेस

कांग्रेस द्वारा हाल के विधानसभा चुनावों में किये वादों पर नजर डाली जाए तो उसने अपने घोषणा पत्र में कई बड़े-बड़े वादे किये। जिसका लाभ उसे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मिला। वहीं हरियाणा में भी उसे उम्मीद से अच्छे परिणाम मिले।

हरियाणा चुनाव के बाद उत्साह में आई कांग्रेस दिल्ली में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखना चाहती। वह पूरी रणनीति बनाकर दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और भाजपा का मुकाबला करने को तैयार है। दोनों ही दलों के ट्रंप कार्ड का बारीकी से अध्ययन कर उनका जवाबी उत्तर तैयार किया जाएगा। पार्टी के अध्यक्ष रह चुके एक नेता के मुताबिक विधानसभा चुनाव  में कांग्रेस अरविंद केजरीवाल के फ्री बिजली, पानी और बस-मेट्रो के मुकाबले शानदार योजनाएं पेश करेगी और लोगों का समर्थन फिर से प्राप्त करेगी।

दिल्ली में मजबूत होने की उम्मीद

अध्यक्ष पद को लेकर तमाम उलझनों के बाद भी कांग्रेस ने हरियाँणा में शानदार प्रदर्शन किया है। चूंकि, पड़ोसी राज्य होने के नाते दिल्ली के चुनाव पर हरियाणा काफी असर डालता है, कांग्रेस को उम्मीद है कि वह दिल्ली में भी मजबूती पाने में कामयाब रहेगी। इसके लिए हरियाणा के नेता ऐसे इलाकों में प्रचार करते नजर आएंगे जहां हरियाणा के लोगों की बसावट ज्यादा है।