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कुंभ में आयाजित धर्म संसद में सरकार से नाराज संतो ने लिया बड़ा फैसला

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प्रयागराज में कुंभ के बीच चल रही संतों की धर्म संसद में संतों ने ऐलान किया गया है कि संत समाज के लोग अगले महीने प्रयाग से अयोध्या के लिए कूच करेंगे। ‘परमधर्म संसद’ की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में कहा गया है कि मंदिर निर्माण के लिए 21 फरवरी की तारीख तय की गई है। कोर्ट के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा गया है कि खेद का विषय है कि कुत्ते तक को तत्काल न्याय दिलाने वाले राम के देश में रामजन्मभूमि के मुकदमे को न्याय नहीं मिल रहा है।

पीएम मोदी के इंटरव्यू का जिक्र करते हुए धर्मसंसद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने साक्षात्कार में कहा है कि न्याय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब उनकी बारी आएगी तो वह अपनी भूमिका निभाएंगे। वह अपने वचन पर स्थिर नहीं रह सके और उन्होंने रामजन्मभूमि विवाद की न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करवाई है, जिसमें गैर-विवादित जमीन को उसके मालिकों को लौटाने की बात कही गई है। याचिका में कहा गया है कि 48 एकड़ भूमि रामजन्मभूमि न्यास की है जबकि सच्चाई यह है कि एक एकड़ भूमि के अलावा सारी जमीन उत्तर प्रदेश सरकार की है, जो रामायण पार्क के लिए अधिगृहीत की गई थी।’

गोली खानी पड़े या जेल जाना पड़े, हम तैयारः स्वरूपानंद सरस्वती

धर्म संसद की अगुवाई कर रहे शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ’हम सविनय अवज्ञा आंदोलन के इस पहले चरण में हिंदुओं की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए 21 फरवरी 2019 की तारीख तय की गई है। बसंत पंचमी के बाद हम प्रयागराज से अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। उसके लिए हमें अगर गोली भी खानी पड़ी या जेल भी जाना पड़े तो हम प्रस्तुत हैं। अगर इस काम में सत्ता के तीन अंगों में से किसी के द्वारा अवरोध डाला गया तो हम संपूर्ण हिंदू जनता को धर्मादेश जारी करते हैं कि जबतक मंदिर निर्माण नहीं हो जाता, तबतक हर हिंदू का यह कर्तव्य होगा कि वह गिरफ्तारी देनी हो तो गिरफ्तारी दें। यह आंदोलन तबतक चलेगा जबतक रामजन्मभूमि हिंदुओं को सौंप नहीं दी जाती और उस पर हम मंदिर का निर्माण नहीं कर लेते।

पंचांग-27 अक्टूबर 2018, जानिए करवा चौथ व्रत की उत्तम विधि और शुभ मुहूर्त

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 *सुप्रभातम्* 

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««« *आज का पंचांग* »»»

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कलियुगाब्द……………………5120विक्रम संवत्…………………..2075शक संवत्……………………..1940मास…………………………..कार्तिकपक्ष………………………………कृष्णतिथी……………………………तृतीयासंध्या 06.36 पर्यंत पश्चात चतुर्थीरवि………………………..दक्षिणायनसूर्योदय………………06.28.58 परसूर्यास्त……………….05.52.23 परसूर्य राशि………………………..तुलाचन्द्र राशि………………………वृषभनक्षत्र…………………………कृत्तिकाप्रातः 08.18 पर्यंत पश्चात रोहिणीयोग…………………………….वरिघरात्रि 01.08 पर्यंत पश्चात परिघकरण………………………….वणिजप्रातः 07.25 पर्यंत पश्चत विष्टिऋतु………………………………शरददिन…………………………..शनिवार
🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-*27 अक्तूबर सन 2018 ईस्वी ।

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 *तिथि विशेष (करवां चौथ) :-*

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 *करवां चौथ :-*शास्त्रों के अनुसार यह व्रत कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की *चन्द्रोदय व्यापिनी चतुर्थी* के दिन करना चाहिए। पति की दीर्घायु एवं अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस दिन भालचन्द्र गणेश जी की अर्चना की जाती है। करवाचौथ में भी संकष्टीगणेश चतुर्थी की तरह दिन भर उपवास रखकर रात में चन्द्रमा को अ‌र्घ्य देने के उपरांत ही भोजन करने का विधान है। वर्तमान समय में करवाचौथ व्रतोत्सव ज्यादातर महिलाएं अपने परिवार में प्रचलित प्रथा के अनुसार ही मनाती हैं लेकिन अधिकतर स्त्रियां निराहार रहकर चन्द्रोदय की प्रतीक्षा करती हैं।कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करकचतुर्थी (करवा-चौथ) व्रत करने का विधान है। इस व्रत की विशेषता यह है कि केवल सौभाग्यवती स्त्रियों को ही यह व्रत करने का अधिकार है। स्त्री किसी भी आयु, जाति, वर्ण, संप्रदाय की हो, सबको इस व्रत को करने का अधिकार है। जो सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ अपने पति की आयु, स्वास्थ्य व सौभाग्य की कामना करती हैं वे यह व्रत रखती हैं।यह व्रत 12 वर्ष तक अथवा 16 वर्ष तक लगातार हर वर्ष किया जाता है। अवधि पूरी होने के पश्चात इस व्रत का उद्यापन (उपसंहार) किया जाता है। जो सुहागिन स्त्रियाँ आजीवन रखना चाहें वे जीवनभर इस व्रत को कर सकती हैं। इस व्रत के समान सौभाग्यदायक व्रत अन्य कोई दूसरा नहीं है। अतः सुहागिन स्त्रियाँ अपने सुहाग की रक्षार्थ इस व्रत का सतत पालन करें।

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 *करवां चौथ की कथा :-*एक बार पांडु पुत्र अर्जुन तपस्या करने नीलगिरी नामक पर्वत पर गए। इधर द्रोपदी बहुत परेशान थीं। उनकी कोई खबर न मिलने पर उन्होंने कृष्ण भगवान का ध्यान किया और अपनी चिंता व्यक्त की। कृष्ण भगवान ने कहा- बहना, इसी तरह का प्रश्न एक बार माता पार्वती ने शंकरजी से किया था।पूजन कर चंद्रमा को अर्घ्‍य देकर फिर भोजन ग्रहण किया जाता है। सोने, चाँदी या मिट्टी के करवे का आपस में आदान-प्रदान किया जाता है, जो आपसी प्रेम-भाव को बढ़ाता है। पूजन करने के बाद महिलाएँ अपने सास-ससुर एवं बड़ों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लेती हैं।तब शंकरजी ने माता पार्वती को करवा चौथ का व्रत बतलाया। इस व्रत को करने से स्त्रियाँ अपने सुहाग की रक्षा हर आने वाले संकट से वैसे ही कर सकती हैं जैसे एक ब्राह्मण ने की थी। प्राचीनकाल में एक ब्राह्मण था। उसके चार लड़के एवं एक गुणवती लड़की थी।एक बार लड़की मायके में थी, तब करवा चौथ का व्रत पड़ा। उसने व्रत को विधिपूर्वक किया। पूरे दिन निर्जला रही। कुछ खाया-पीया नहीं, पर उसके चारों भाई परेशान थे कि बहन को प्यास लगी होगी, भूख लगी होगी, पर बहन चंद्रोदय के बाद ही जल ग्रहण करेगी।भाइयों से न रहा गया, उन्होंने शाम होते ही बहन को बनावटी चंद्रोदय दिखा दिया। एक भाई पीपल की पेड़ पर छलनी लेकर चढ़ गया और दीपक जलाकर छलनी से रोशनी उत्पन्न कर दी। तभी दूसरे भाई ने नीचे से बहन को आवाज दी- देखो बहन, चंद्रमा निकल आया है, पूजन कर भोजन ग्रहण करो। बहन ने भोजन ग्रहण किया।भोजन ग्रहण करते ही उसके पति की मृत्यु हो गई। अब वह दुःखी हो विलाप करने लगी, तभी वहाँ से रानी इंद्राणी निकल रही थीं। उनसे उसका दुःख न देखा गया। ब्राह्मण कन्या ने उनके पैर पकड़ लिए और अपने दुःख का कारण पूछा, तब इंद्राणी ने बताया- तूने बिना चंद्र दर्शन किए करवा चौथ का व्रत तोड़ दिया इसलिए यह कष्ट मिला।अब तू वर्ष भर की चौथ का व्रत नियमपूर्वक करना तो तेरा पति जीवित हो जाएगा। उसने इंद्राणी के कहे अनुसार चौथ व्रत किया तो पुनः सौभाग्यवती हो गई। इसलिए प्रत्येक स्त्री को अपने पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत करना चाहिए। द्रोपदी ने यह व्रत किया और अर्जुन सकुशल मनोवांछित फल प्राप्त कर वापस लौट आए। तभी से हिन्दू महिलाएँ अपने अखंड सुहाग के लिए करवा चौथ व्रत करती हैं।
☸ शुभ अंक………………….9🔯 शुभ रंग……………आसमानी

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 *राहुकाल :-*प्रात: 09.21 से 10.45 तक । 

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 *दिशाशूल :-*पूर्वदिशा- यदि आवश्यक हो तो उड़द का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें। 

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 *चौघडिया :-*प्रात: 07.56 से 09.20 तक शुभदोप. 12.09 से 01.34 तक चंचलदोप. 01.34 से 02.58 तक लाभदोप. 02.58 से 04.23 तक अमृतसायं 05.47 से 07.23 तक लाभरात्रि 08.58 से 10.34 तक शुभ। 

📿

 *आज का मंत्र :-*|| ॐ आंजनेय नमः ||

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 *संस्कृत सुभाषितानि :-*नासन्न सन्न सदसन्न महन्न चाणुन स्त्री पुमान्न च नपुंसकमेक बीजम् ।यैर्ब्रह्म तत्समनुपासितमेक चितैःधन्या विरेजुरितरे भवपाश बद्धाः॥६॥अर्थात :-जो न सत है , न असत और न सत और असत दोनों ही, न विशाल है और न सूक्ष्म, न स्त्री, न पुरुष और न नपुंसक ही, जो एक है और मूल कारण है, उस ब्रह्म की जो एकाग्र मन से उपासना करते हैं, वे धन्य हैं; दूसरे तो जन्म मृत्यु रूपी पाश में बंधे हैं ॥६॥  

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 *आरोग्यं :-**वजन घटाने के लिए सुपरफूड -*
🥒 *5. लौकी -*वैसे लौकी को खाना बहुत लोग पसंद नहीं करते हैं, लेकिन फाइबर से भरपूर ये खाद्य पदार्थ वजन को कम करने में बहुत ही सहायता करता है। इसके अलावा, यह कैलोरी पर भी बहुत कम है। 100 ग्राम लौकी में लगभग 15 कैलोरी होती है, और केवल 1 ग्राम वसा होती है। इसमें संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है। 
⚜ *आज का राशिफल :-* 

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 *राशि फलादेश मेष :-*भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। दूर के शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बढ़ेगी। जोखिम न लें। 

🐂

 *राशि फलादेश वृष :-*बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा। शत्रुओं का पराभव होगा, फिर भी सावधानी आवश्यक है। थकान महसूस होगी। सुख के साधनों पर व्यय अधिक होगा। 

👫

 *राशि फलादेश मिथुन :-*पुरानी व्याधि उठ सकती है। विवाद से क्लेश होगा। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। पारि‍वारिक समस्याएं बनी रहेंगी। मतभेद हो सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। 

🦀

 *राशि फलादेश कर्क :-*किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। व्यवसाय में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा काम करने का मन बन सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। थकान महसूस होगी। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। 

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 *राशि फलादेश सिंह :-*चोट व रोग से बाधा संभव है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। समाज में मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। सुख के साधन प्राप्त होंगे। लभा के अवसर हाथ आएंगे। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। 

👱

🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या :-*तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। विरोध होगा। स्वास्थ्य पर खर्च हो सकता है। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। वस्तुएं संभालकर रखें। 
⚖ *राशि फलादेश तुला :-*यात्रा में सावधानी रखें। नेत्र पीड़ा हो सकती है। प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। जल्दबाजी से हानि संभव है। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। किसी अपने का व्यवहार हृदय को चोट पहुंचा सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦂

 *राशि फलादेश वृश्चिक :-*वाणी पर नियंत्रण रखें। राजभय रहेगा। जल्दबाजी से बचें। शारीरिक कष्ट संभव है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें। 

🏹

 *राशि फलादेश धनु :-*भय, पीड़ा व चिंता का माहौल बन सकता है। आंखों में पीड़ा हो सकती है। भूमि व भवन इत्यादि खरीदने की योजना बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। विवाद से बचें। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाग्य का साथ पूरा-पूरा रहेगा। 

🐊

 *राशि फलादेश मकर :-*विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। रोजगार में वृद्धि होगी। मित्र व संबंधियों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। विवाद न करें। 

🏺

 *राशि फलादेश कुंभ :-*दु:खद समाचार मिल सकता है। दौड़धूप अधिक होगी। धैर्य रखें। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। बनते कामों में अड़चन आएगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। बुद्धि से समस्याएं दूर होंगी। 

🐋

*राशि फलादेश मीन :-*प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। रोजगार में वृद्धि तथा प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। पुराने अटके कार्य पूर्ण होंगे। चोट व रोग से बचें। थकान रहेगी। जल्दबाजी न करें। 
☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो |*
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 *शुभम भवतु* 

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🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 

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पंचांग- 25 अक्टूबर 2018, मकर राशि जातकों को धैर्य रखने की जरुरत, पारिवारिक उलझनें बढ़ सकती हैं।

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 *सुप्रभातम्* 

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««« *आज का पंचांग* »»»

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कलियुगाब्द……………………5120विक्रम संवत्…………………..2075शक संवत्……………………..1940मास…………………………..कार्तिकपक्ष………………………………कृष्णतिथी………………………….प्रतिपदारात्रि 09.20 पर्यंत पश्चात द्वितीयारवि………………………..दक्षिणायनसूर्योदय………………06.27.25 परसूर्यास्त………………05.54.09 परसूर्य राशि…………………………तुलाचन्द्र राशि…………………………मेषनक्षत्र………………………….अश्विनीप्रातः 09.24 पर्यंत पश्चात भरणीयोग……………………………….वज्रप्रातः 07.50 पर्यंत पश्चात व्यतिपातकरण……………………………बालवप्रातः 09.51 पर्यंत पश्चात कौलवऋतु……………………………….शरददिन……………………………..गुरुवार
🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :-25 अक्तूबर सन 2018 ईस्वी ।

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 *राहुकाल* :-दोपहर 01.35 से 03.00 तक ।

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 *दिशाशूल* :-दक्षिणदिशा -यदि आवश्यक हो तो दही या जीरा का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।
☸ शुभ अंक……………..2🔯 शुभ रंग…………….पीला
✡ *चौघडिया* :-प्रात: 06.30 से 07.55 तक शुभप्रात: 10.45 से 12.09 तक चंचलदोप. 12.09 से 01.34 तक लाभदोप. 01.34 से 02.59 तक अमृतसायं 04.24 से 05.49 तक शुभसायं 05.49 से 07.24 तक अमृतरात्रि 07.24 से 08.59 तक चंचल |

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 *आज का मंत्र* :-|| ॐ ब्रहस्पत्ये नमः ||

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 *सुभाषितम्* :-त्यक्त्वा गृहे रतिमधोगतिहेतुभूताम्आत्मेच्छयोपनिषदर्थरसं पिबन्तः।वीतस्पृहा विषयभोगपदे विरक्ताधन्याश्चरंतिविजनेषु विरक्तसंगाः ॥३॥अर्थात :-अधो गति के मूल कारण, घर की आसक्ति को छोड़कर, स्वयं को जानने के लिए उपनिषदों का अर्थ रूपी रस पीने वाले, सभी विषय भोगों और पदों की इच्छा न करने वाले, विरागी, एकांत में रहने वाले, विरक्तों का साथ करने वाले धन्य हैं ॥३॥

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 *आरोग्यं* :-*वजन घटाने के लिए सुपरफूड -*
*3. आंवला -*वजन के बेहतर प्रबंधन के लिए, अक्सर खाली पेट आंवले का जूस पीने की सुझाव दी जाती है, क्योंकि आंवले का रस आपके मेटाबॉलिज्म को गति देता है। मेटाबॉलिज्म में तेज़ी आने से कैलोरी को बर्न करने सहायता मिलती है। वैसे विटामिन सी से भरपूर आंवला ऐसे फलों में से एक है, जो पेट की त्वचा से विभिन्न प्रकार की पीड़ाओं का इलाज करने के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद उच्च फाइबर सामग्री वजन घटाने में बहुत ही सहायता करती है। 
⚜ *आज का राशिफल* :-

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 *राशि फलादेश मेष* :-रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति हो सकती है। कारोबार फायदेमंद रहेगा। घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। किसी के व्यवहार से हृदय को ठेस पहुंच सकती है। ऐश्वर्य के साधन प्राप्त होंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।

🐂

 *राशि फलादेश वृष* :-बनते कामों में अवरोध उत्पन्न होगा। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। क्रोध पर नियंत्रण रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। घर-परिवार की चिंता रहेगी। स्वास्‍थ्य का ध्यान रखें। व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। आय बनी रहेगी। दूसरों पर भरोसा न करें। जोखिम न उठाएं। 

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 *राशि फलादेश मिथुन* :-व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने की योजना बनेगी। प्रतिष्ठित व्यक्तियों का सहयोग मिलेगा। लेनदारी वसूल करने के प्रयास सफल रहेंगे। घर-परिवार की चिंता रहेगी। भाग्य का भरपूर साथ प्राप्त होगा। आय बनी रहेगी। विवाद से बचें। 

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 *राशि फलादेश कर्क* :-आर्थिक उन्नति के लिए बनाई गई योजना फलीभूत होगी। मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। कार्यस्थल पर मनोनुकूल परिवर्तन संभव है। आय बनी रहेगी। रुके कार्य पूर्ण होंगे। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। चिंता रह सकती है। जोखिम न उठाएं। 

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 *राशि फलादेश सिंह* :-सत्संग का लाभ मिलेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थाटन का मन बनेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सौभाग्य वृद्धि होगी। यात्रा में सावधानी आवश्यक है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। परिवार में कोई शुभ कार्य हो सकता है। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 

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🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या* :-स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। अकारण क्रोध रहेगा। जोखिम व जमानत के का कार्य टालें। अपेक्षित कार्यों में विलंब से चिड़चिड़ापन रहेगा। व्यवसाय में ध्यान दें। लाभ होगा। जल्दबाजी से बचें। 

⚖ *राशि फलादेश तुला* :-जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्‍थिति नियंत्रण में होगी। दुष्टजन परास्त होकर शांत रहेंगे। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। छोटे भाइयों का सहयोग मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जोखिम न उठाएं। 

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 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। बिगड़े काम पूर्ण सफल होंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। बेरोजगारी दूर होगी। अज्ञात भय सताएगा। काम में एकाग्रता की कमी हो सकती है। पारिवारिक उठ सकती है।

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 *राशि फलादेश धनु* :-यात्रा मनोरंजक रहेगी। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। कारोबारी निर्णय सहज ही ले पाएंगे। किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी न करें। आय में वृद्धि तथा प्रसन्नता रहेगी।

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 *राशि फलादेश मकर* :-शोक समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। पारिवारिक उलझनें बढ़ सकती हैं। किसी अपने का व्यवहार दिल को ठेस पहुंचा सकता है। दौड़धूप अधिक रहेगी। किसी बड़े निर्णय को लेने में जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लेन-देन में सावधानी रखें। धैर्य रखें। लाभ होगा। 

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 *राशि फलादेश कुंभ* :-सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मेहनत का फल मिलेगा। पार्टनरों से सहयोग प्राप्त होगा। कार्यसिद्धि होगी। आय में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। कोई बड़ा काम करने की हिम्मत जुटा पाएंगे। बाहर जाने की योजना बनेगी। व्यवसाय में लाभ होगा। जल्दबाजी से बचें।

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 *राशि फलादेश मीन* :-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर में मेहमानों का आगमन होगा। उन पर स्वागत-सत्कार में व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। कार्यवृद्धि की योजना बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों में मतभेद हो सकता है। संयम बनाए रखें। 
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।
।। *शुभम भवतु* ।।
🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय*  

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पंचांग- 24 अक्टूबर 2018, कर्क राशि के जातकों के लिए नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है

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 *।। ॐ  ।।*    

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 *सुप्रभातम्* 

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 ««« *आज का पंचांग* »»»

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कलियुगाब्द……..5120विक्रम संवत्…………….2075शक संवत्…………1940मास………आश्विनपक्ष………………शुक्लतिथी…………………………पूर्णिमारात्रि 10.11 पर्यंत पश्चात प्रतिपदारवि………..दक्षिणायनसूर्योदय…………06.27.16 परसूर्यास्त………….05.54.23 परसूर्य राशि……………..तुलाचन्द्र राशि…………मीननक्षत्र…………..रेवतीप्रातः 06.24 पर्यंत पश्चात अश्विनीयोग…………..हर्षणप्रातः 09.26 पर्यंत पश्चात वज्रकरण…………………विष्टिप्रातः 10.27 पर्यंत पश्चात बवऋतु…………….शरददिन………..बुधवार 

*आंग्ल मतानुसार* :-24 अक्तूबर सन 2018 ईस्वी ।
⚜ *तिथि विशेष :*

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*शरद पूर्णिमा :-*अमावस्या और पूर्णिमा का चक्र पूरे सालभर ही चलता रहता है। लेकिन उसमें भी आश्विन पूर्णिमा का खास महत्व है। जिसे कोजागिरी, आश्विन पूर्णिमा, कौमुदी पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा (या जागने की रात) भी कहते हैं। आसमान में चमकने वाला चांद तो वही होता है लेकिन इस दिन चांद की खूबसूरती नजर लगने जितने निखार पर होती है। 

यमुना के तट पर शारदीय पूर्णिमा की मध्यरात्रि में भगवान ने क्लीं बीजमंत्र की ध्वनि से पूर्ण बंशी बजाई। उस समय चंद्रमंडल अखंड था। चाँदनी के प्रभाव से संपूर्ण परिवेश अनुराग की लालिमा से रंगता सा जा रहा था। इस प्रकार भगवान के दिव्य समुज्ज्वल रस के परिवेषण की उद्दीपन सामग्री सर्वत्र व्याप्त हो रही थी। भगवान श्यामसुंदर श्रीकृष्ण ने अपनी प्राणशक्ति जीवनीशक्ति का बंशी में समावेश कर ‘क्लीं’ ध्वनि को प्रतिध्वनित किया । 

प्राचीन काल से शरद पूर्णिमा को बेहद महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। शरद पूर्णिमा से हेमंत ऋतु की शुरुआत होती है। इसके महत्व और उल्लास के तौर-तरीकों के संबंध में शरद पूनम का महत्व शास्त्रों में भी वर्णित है। इस रात्रि को चंद्रमा अपनी समस्त कलाओं के साथ होता है और धरती पर अमृत वर्षा करता है। रात्रि 12 बजे होने वाली इस अमृत वर्षा का लाभ मानव को मिले इसी उद्देश्य से चंद्रोदय के वक्त गगन तले खीर या दूध रखा जाता है जिसका सेवन रात्रि 12 बजे बाद किया जाता है। 

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🏻‍♂  *कोजागरी व्रत :-*शरद पूर्णिमा को कोजागौरी लोक्खी (देवी लक्ष्मी) की पूजा की जाती है। चाहे पूर्णिमा किसी भी वक्त प्रारंभ हो पर पूजा दोपहर 12 बजे बाद ही शुभ मुहूर्त में होती है। पूजा में लक्ष्मीजी की प्रतिमा के अलावा कलश, धूप, दुर्वा, कमल का पुष्प, हर्तकी, कौड़ी, आरी (छोटा सूपड़ा), धान, सिंदूर व नारियल के लड्डू प्रमुख होते हैं। जहां तक बात पूजन विधि की है तो इसमें रंगोली और उल्लू ध्वनि का विशेष स्थान है।

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 *राहुकाल* :-दोपहर 12.10 से 01.35 तक । 

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 *दिशाशूल* :-उत्तरदिशा – यदि आवश्यक हो तो तिल का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।
☸ शुभ अंक…………….8🔯 शुभ रंग……………हरा
⚜ *चौघडिया :-*प्रात: 06.30 से 07.55 तक लाभ ।प्रात: 07.55 से 09.20 तक अमृत ।प्रात: 10.45 से 12.10 तक शुभ ।दोप. 03.00 से 04.25 तक चंचल ।सायं 04.25 से 05.50 तक लाभ ।रात्रि 07.25 से 09.00 तक शुभ ।

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 *आज का मंत्र* :-।।ॐ गजेशाय नम: ।।

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 *सुभाषितम्* :-आदौ विजित्य विषयान्मोहराग-द्वेषादिशत्रुगणमाह्रतयोगराज्याः।ज्ञात्वा मतं समनुभूयपरात्मविद्या-कांतासुखं  वनगृहे विचरन्ति धन्याः ॥२॥अर्थात :-मोह, राग, द्वेष आदि शत्रुरूप विषयों की इच्छा को आरंभ में ही जीत कर, योग के राज्य में आरूढ़ होने वाले, ज्ञान की प्राप्ति और सम्यक् अनुभूति कर के,  परा विद्या रूपी पत्नी के साथ वन रूपी गृह में विचरने वाले धन्य हैं ॥२॥

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 *आरोग्यं* :-*वजन घटाने के लिए सुपरफूड -*
*2. अजवाइन के बीज -*वजन कम करने के लिए अजवाइन के बीज का सेवन कीजिए। अजवाइन के बीज में थाइमोल नामक एक आवश्यक तेल होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। थाइमोल न केवल बेहतर पाचन में मदद करने वाले गैस्ट्रिक रस के स्राव को बढ़ाता है।वजन घटाने और तेज़ मेटाबॉलिज्म के लिए एक स्वस्थ पाचन महत्वपूर्ण है। वैसे अजवाइन न सिर्फ वजन को कम करता है बल्कि् यह आपको पेट से जुड़ी की बीमारि‍यों को भी दूर रखने में भी सहायता करता है।
⚜ *आज का राशिफल :-*

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 *राशि फलादेश मेष* :- व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। जुए-सट्टे व लॉटरी से दूर  andरहें। व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। किसी अपने का व्यवहार समझ नहीं आएगा। सुख के साधनों पर खर्च होगा। किसी बड़ी समस्या से निजात मिलेगी। 

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 *राशि फलादेश वृष* :- फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। कर्ज लेना पड़ सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब होने से मन खिन्न रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। शत्रुभय रहेगा। परिवार की चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निरंतरता रहेगी। अपरिचित व्यक्ति से सावधान रहें। 

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 *राशि फलादेश मिथुन* :- संतान पक्ष की चिंता रहेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। आय व रोजगार में वृद्धि होगी। मित्र व संबंधी सहायता को आगे आएंगे। मेहमानों पर व्यय होगा। जल्दबाजी न करें। 

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 *राशि फलादेश कर्क* :- घर-बाहर तनाव रहेगा। लोगों से प्रतिकूलता रहेगी। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। मनोनुकूल तबादला हो सकता है। आय में निरंतरता रहेगी। अपेक्षित कार्य पूरे होंगे। 

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 *राशि फलादेश सिंह* :- तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। किसी मार्गदर्शक का सहयोग मिलेगा। लोगों की बातों में न आएं। कोर्ट व कचहरी में दबदबा बना रहेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यवसाय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। थकान महसूस होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

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🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या* :- चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। पुराना रोग परेशान कर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। अज्ञात भय रहेगा। नया कार्य प्रारंभ करने की योजना टालें। यात्रा में जल्दबाजी न करें। घर-बाहर अशांति रहेगी। धैर्य रखें। आय बनी रहेगी। 


⚖ *राशि फलादेश तुला* :- भागदौड़ अधिक रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। शत्रुओं का पराभव रहेगा। अधिकार प्राप्ति के योग हैं। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय लाभदायक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। आंखों में पीड़ा हो सकती है। 

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 *राशि फलादेश वृश्चिक* :- कष्ट, भय या तनाव का वातावरण बन सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। मकान, दुकान व जमीन खरीदने की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। धनहानि हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। जोखिम लेने का साहस कर पाएंगे। रुके कार्य पूर्ण होंगे।

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 *राशि फलादेश धनु* :- विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। पार्टी व पिकनिक का आनंद प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। नौकरी में अनुकूलता प्राप्त होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। रोजगार में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शुभ समय।

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 *राशि फलादेश मकर* :- घर में सहयोग नहीं मिलेगा। उत्तेजना व क्रोध पर नियंत्रण रखें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है, धैर्य रखें। भागदौड़ रहेगी। विवाद से क्लेश होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेमतलब आरोप लग सकते हैं। व्यवसाय धीमा चलेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।

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 *राशि फलादेश कुंभ* :- थोड़ी कोशिश से ही कार्यसिद्धि होगी। समाज में पूछ-परख बढ़ेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बाहर जाने का मन बनेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रतिष्ठित व्यक्ति सहयोग करेंगे। 

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 *राशि फलादेश मीन* :- भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। नए काम प्रारंभ करने का मन बनेगा। प्रसन्नता रहेगी। परिवार में मतभेद हो सकता है। विवाद न करें।
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।
☯ आप सभी को शारदीय नवरात्री के पावन पर्व पर आत्मीय शुभकामनाये ।
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 *शुभम भवतु* 

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🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 

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