पंचांग-27 अक्टूबर 2018, जानिए करवा चौथ व्रत की उत्तम विधि और शुभ मुहूर्त

                ।। 🕉 ।।    

🚩
🌞

 *सुप्रभातम्* 

🌞
🚩
📜

««« *आज का पंचांग* »»»

📜

कलियुगाब्द……………………5120विक्रम संवत्…………………..2075शक संवत्……………………..1940मास…………………………..कार्तिकपक्ष………………………………कृष्णतिथी……………………………तृतीयासंध्या 06.36 पर्यंत पश्चात चतुर्थीरवि………………………..दक्षिणायनसूर्योदय………………06.28.58 परसूर्यास्त……………….05.52.23 परसूर्य राशि………………………..तुलाचन्द्र राशि………………………वृषभनक्षत्र…………………………कृत्तिकाप्रातः 08.18 पर्यंत पश्चात रोहिणीयोग…………………………….वरिघरात्रि 01.08 पर्यंत पश्चात परिघकरण………………………….वणिजप्रातः 07.25 पर्यंत पश्चत विष्टिऋतु………………………………शरददिन…………………………..शनिवार
🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-*27 अक्तूबर सन 2018 ईस्वी ।

🏵

 *तिथि विशेष (करवां चौथ) :-*

🌛

 *करवां चौथ :-*शास्त्रों के अनुसार यह व्रत कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की *चन्द्रोदय व्यापिनी चतुर्थी* के दिन करना चाहिए। पति की दीर्घायु एवं अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस दिन भालचन्द्र गणेश जी की अर्चना की जाती है। करवाचौथ में भी संकष्टीगणेश चतुर्थी की तरह दिन भर उपवास रखकर रात में चन्द्रमा को अ‌र्घ्य देने के उपरांत ही भोजन करने का विधान है। वर्तमान समय में करवाचौथ व्रतोत्सव ज्यादातर महिलाएं अपने परिवार में प्रचलित प्रथा के अनुसार ही मनाती हैं लेकिन अधिकतर स्त्रियां निराहार रहकर चन्द्रोदय की प्रतीक्षा करती हैं।कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करकचतुर्थी (करवा-चौथ) व्रत करने का विधान है। इस व्रत की विशेषता यह है कि केवल सौभाग्यवती स्त्रियों को ही यह व्रत करने का अधिकार है। स्त्री किसी भी आयु, जाति, वर्ण, संप्रदाय की हो, सबको इस व्रत को करने का अधिकार है। जो सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ अपने पति की आयु, स्वास्थ्य व सौभाग्य की कामना करती हैं वे यह व्रत रखती हैं।यह व्रत 12 वर्ष तक अथवा 16 वर्ष तक लगातार हर वर्ष किया जाता है। अवधि पूरी होने के पश्चात इस व्रत का उद्यापन (उपसंहार) किया जाता है। जो सुहागिन स्त्रियाँ आजीवन रखना चाहें वे जीवनभर इस व्रत को कर सकती हैं। इस व्रत के समान सौभाग्यदायक व्रत अन्य कोई दूसरा नहीं है। अतः सुहागिन स्त्रियाँ अपने सुहाग की रक्षार्थ इस व्रत का सतत पालन करें।

📖

 *करवां चौथ की कथा :-*एक बार पांडु पुत्र अर्जुन तपस्या करने नीलगिरी नामक पर्वत पर गए। इधर द्रोपदी बहुत परेशान थीं। उनकी कोई खबर न मिलने पर उन्होंने कृष्ण भगवान का ध्यान किया और अपनी चिंता व्यक्त की। कृष्ण भगवान ने कहा- बहना, इसी तरह का प्रश्न एक बार माता पार्वती ने शंकरजी से किया था।पूजन कर चंद्रमा को अर्घ्‍य देकर फिर भोजन ग्रहण किया जाता है। सोने, चाँदी या मिट्टी के करवे का आपस में आदान-प्रदान किया जाता है, जो आपसी प्रेम-भाव को बढ़ाता है। पूजन करने के बाद महिलाएँ अपने सास-ससुर एवं बड़ों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लेती हैं।तब शंकरजी ने माता पार्वती को करवा चौथ का व्रत बतलाया। इस व्रत को करने से स्त्रियाँ अपने सुहाग की रक्षा हर आने वाले संकट से वैसे ही कर सकती हैं जैसे एक ब्राह्मण ने की थी। प्राचीनकाल में एक ब्राह्मण था। उसके चार लड़के एवं एक गुणवती लड़की थी।एक बार लड़की मायके में थी, तब करवा चौथ का व्रत पड़ा। उसने व्रत को विधिपूर्वक किया। पूरे दिन निर्जला रही। कुछ खाया-पीया नहीं, पर उसके चारों भाई परेशान थे कि बहन को प्यास लगी होगी, भूख लगी होगी, पर बहन चंद्रोदय के बाद ही जल ग्रहण करेगी।भाइयों से न रहा गया, उन्होंने शाम होते ही बहन को बनावटी चंद्रोदय दिखा दिया। एक भाई पीपल की पेड़ पर छलनी लेकर चढ़ गया और दीपक जलाकर छलनी से रोशनी उत्पन्न कर दी। तभी दूसरे भाई ने नीचे से बहन को आवाज दी- देखो बहन, चंद्रमा निकल आया है, पूजन कर भोजन ग्रहण करो। बहन ने भोजन ग्रहण किया।भोजन ग्रहण करते ही उसके पति की मृत्यु हो गई। अब वह दुःखी हो विलाप करने लगी, तभी वहाँ से रानी इंद्राणी निकल रही थीं। उनसे उसका दुःख न देखा गया। ब्राह्मण कन्या ने उनके पैर पकड़ लिए और अपने दुःख का कारण पूछा, तब इंद्राणी ने बताया- तूने बिना चंद्र दर्शन किए करवा चौथ का व्रत तोड़ दिया इसलिए यह कष्ट मिला।अब तू वर्ष भर की चौथ का व्रत नियमपूर्वक करना तो तेरा पति जीवित हो जाएगा। उसने इंद्राणी के कहे अनुसार चौथ व्रत किया तो पुनः सौभाग्यवती हो गई। इसलिए प्रत्येक स्त्री को अपने पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत करना चाहिए। द्रोपदी ने यह व्रत किया और अर्जुन सकुशल मनोवांछित फल प्राप्त कर वापस लौट आए। तभी से हिन्दू महिलाएँ अपने अखंड सुहाग के लिए करवा चौथ व्रत करती हैं।
☸ शुभ अंक………………….9🔯 शुभ रंग……………आसमानी

👁

🗨

 *राहुकाल :-*प्रात: 09.21 से 10.45 तक । 

🚦

 *दिशाशूल :-*पूर्वदिशा- यदि आवश्यक हो तो उड़द का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें। 

📜

 *चौघडिया :-*प्रात: 07.56 से 09.20 तक शुभदोप. 12.09 से 01.34 तक चंचलदोप. 01.34 से 02.58 तक लाभदोप. 02.58 से 04.23 तक अमृतसायं 05.47 से 07.23 तक लाभरात्रि 08.58 से 10.34 तक शुभ। 

📿

 *आज का मंत्र :-*|| ॐ आंजनेय नमः ||

🎙

 *संस्कृत सुभाषितानि :-*नासन्न सन्न सदसन्न महन्न चाणुन स्त्री पुमान्न च नपुंसकमेक बीजम् ।यैर्ब्रह्म तत्समनुपासितमेक चितैःधन्या विरेजुरितरे भवपाश बद्धाः॥६॥अर्थात :-जो न सत है , न असत और न सत और असत दोनों ही, न विशाल है और न सूक्ष्म, न स्त्री, न पुरुष और न नपुंसक ही, जो एक है और मूल कारण है, उस ब्रह्म की जो एकाग्र मन से उपासना करते हैं, वे धन्य हैं; दूसरे तो जन्म मृत्यु रूपी पाश में बंधे हैं ॥६॥  

🍃

 *आरोग्यं :-**वजन घटाने के लिए सुपरफूड -*
🥒 *5. लौकी -*वैसे लौकी को खाना बहुत लोग पसंद नहीं करते हैं, लेकिन फाइबर से भरपूर ये खाद्य पदार्थ वजन को कम करने में बहुत ही सहायता करता है। इसके अलावा, यह कैलोरी पर भी बहुत कम है। 100 ग्राम लौकी में लगभग 15 कैलोरी होती है, और केवल 1 ग्राम वसा होती है। इसमें संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है। 
⚜ *आज का राशिफल :-* 

🐏

 *राशि फलादेश मेष :-*भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। दूर के शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बढ़ेगी। जोखिम न लें। 

🐂

 *राशि फलादेश वृष :-*बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा। शत्रुओं का पराभव होगा, फिर भी सावधानी आवश्यक है। थकान महसूस होगी। सुख के साधनों पर व्यय अधिक होगा। 

👫

 *राशि फलादेश मिथुन :-*पुरानी व्याधि उठ सकती है। विवाद से क्लेश होगा। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। पारि‍वारिक समस्याएं बनी रहेंगी। मतभेद हो सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। 

🦀

 *राशि फलादेश कर्क :-*किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। व्यवसाय में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा काम करने का मन बन सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। थकान महसूस होगी। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। 

🦁

 *राशि फलादेश सिंह :-*चोट व रोग से बाधा संभव है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। समाज में मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। सुख के साधन प्राप्त होंगे। लभा के अवसर हाथ आएंगे। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। 

👱

🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या :-*तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। विरोध होगा। स्वास्थ्य पर खर्च हो सकता है। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। वस्तुएं संभालकर रखें। 
⚖ *राशि फलादेश तुला :-*यात्रा में सावधानी रखें। नेत्र पीड़ा हो सकती है। प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। जल्दबाजी से हानि संभव है। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। किसी अपने का व्यवहार हृदय को चोट पहुंचा सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦂

 *राशि फलादेश वृश्चिक :-*वाणी पर नियंत्रण रखें। राजभय रहेगा। जल्दबाजी से बचें। शारीरिक कष्ट संभव है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें। 

🏹

 *राशि फलादेश धनु :-*भय, पीड़ा व चिंता का माहौल बन सकता है। आंखों में पीड़ा हो सकती है। भूमि व भवन इत्यादि खरीदने की योजना बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। विवाद से बचें। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाग्य का साथ पूरा-पूरा रहेगा। 

🐊

 *राशि फलादेश मकर :-*विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। रोजगार में वृद्धि होगी। मित्र व संबंधियों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। विवाद न करें। 

🏺

 *राशि फलादेश कुंभ :-*दु:खद समाचार मिल सकता है। दौड़धूप अधिक होगी। धैर्य रखें। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। बनते कामों में अड़चन आएगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। बुद्धि से समस्याएं दूर होंगी। 

🐋

*राशि फलादेश मीन :-*प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। रोजगार में वृद्धि तथा प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। पुराने अटके कार्य पूर्ण होंगे। चोट व रोग से बचें। थकान रहेगी। जल्दबाजी न करें। 
☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो |*
।।

 *शुभम भवतु* 

🐚

 ।।
🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 

🚩

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

spot_img

ताजा समाचार

Related Articles