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NCP अध्यक्ष पद छोड़ने का शरद पवार ने किया ऐलान

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महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने इस्तीफा देने का ऐलान किया।

दरअसल शरद पवार के बाद अब पार्टी का मुखिया कौन होगा फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को पवार का उत्तराधिकारी माना जाता है। फिलहाल एनसीपी के अध्यक्ष पद के लिए उनके भतीजे अजित पवार भी प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखे जाते हैं।

बता दें कि शरद पवार ने अध्यक्ष पद छोड़ने की वजह नहीं बताई। 4 दिन पहले गुरुवार को ही शरद पवार ने कहा था कि अब रोटी पलटने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि किसी ने मुझसे कहा कि रोटी सही समय पर पलटनी है। न पलटे तो कड़वी हो जाती है।

जानकारी के अनुसार शरद पवार ने सन 1999 में कांग्रेस से अलग होकर एनसीपी बनाई थी। जिसके बाद से ही वे पार्टी के अध्यक्ष हैं। पवार के इस ऐलान के बाद पार्टी कार्यकर्ता उनके समर्थन में नारे लगाने लगे और अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज से कमलनाथ ने मांगा जवाब ! कहा – अनर्गल बातें बोलना बन गई है इनकी आदत

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भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीच सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम शिवराज के कथित झूठ पर निशाना साधा है।

कमलनाथ ने ट्वीट के माध्यम से लिखा है कि शिवराज जी मैंने सुना है कि आजकल आप अपने मुखारविंद से हर रोज एक नया झूठ बोल रहे हैं कि कमलनाथ ने योजनाएं बंद कर दीं। मेरे बारे में रोज अनर्गल बोलना आपकी आदत बन गई है, उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन मध्यप्रदेश की जनता से झूठ और अन्याय मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा।

कमलनाथ ने आगे लिखा कि आप ईश्वर को और मध्यप्रदेश की जनता को साक्षी मानकर जीवन में एक बार सच बोलिए और बताइए के मध्यप्रदेश के करोड़ों किसानों का हित करने वाली किसान कर्ज माफी योजना को आपने क्यों बंद कर दिया और 38 लाख किसानों को क्यों डिफाल्टर बना दिया?

उन्होंने सीएम शिवराज पर सवाल खड़ा किया कि आप बताइए कि महंगाई की मार से जूझ रही मध्य प्रदेश की जनता को कांग्रेस सरकार ₹100 में 100 यूनिट बिजली दे रही थी, आपने जनता का भला करने वाली इस योजना को क्यों बंद कर दिया?

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के किसान और आम आदमी के हित में चलाई गई योजनाओं को आखिर आपने किस नीयत से बंद किया? जनता आपसे भाषण नहीं, जवाब और समाधान चाहती है।

मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की तारीख करीब आ रही है, वैसे ही राजनैतिक पार्टियों में तना-तनी शुरू हो गई है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम शिवराज पर निशाना साधा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दल यहां मुख्य माने जाते हैं।

इन बयानों को लेकर राजनीतिक पंडितों का मानना है कि ज़ुबानी बयानबाजियों की जगह दोनों ही दलों के मुखियाओं को ज़मीन पर जाकर हक़ीक़त देखनी चाहिए, क्योंकि जनता को इन सवालों से साधा नहीं जा सकता।

आरएसएस के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की बड़ी जीत, 29 में से 21 और 16 में से 9 पर जीत

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नागपुर में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली है। यहां जिला परिषद की 16 सीटों में से कांग्रेस को 9 सीटें, भाजपा को 3, एनसीपी को दो और अन्य को दो सीटें मिली हैं। पंचायत समिति की 31 सीटों में से 29 सीटों के चुनाव परिणाम आ गए हैं। इसमें कांग्रेस ने 21 सीटें, भाजपा ने पांच, एनसीपी ने दो और अन्य ने एक सीट जीती है।

पालघर में शिवसेना को बढ़त
पालघर में शिवसेना का जलवा देखने को मिला है। इस चुनाव में यहां भारतीय जनता पार्टी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठबंधन का ज्यादा असर नहीं दिखा है। यहां शिवसेना ने बाजी मारी है।

वाशिम जिले में भी कांग्रेस आगे

वाशिम जिले में 14 सीटों के लिए मतदान हुआ है। अब तक बीजेपी का खाता भी नहीं खुला है। कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं। एनसीपी को 1 मिली है। शिवसेना को 1 सीट मिली है।

हरियाणा में कांग्रेस की बड़ी जीत, बरोदा उपचुनाव में 12,300 वोटों से दर्ज की जीत

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हरियाणा के सोनीपत जिले की बरोदा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और पहलवान योगेश्वर दत्त को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस प्रत्याशी इंदुराज नरवाल ने योगेश्वर दत्त को चुनावी आखड़े में पटखनी दी है। इससे पहले 2019 विधानसभा चुनाव में भी योगेश्वर दत्त को हार का सामना करना पड़ा था। तब भी कांग्रेस प्रत्याशी श्रीकृष्ण हुड्डा ने योगेश्वर दत्त को पटखनी दी थी। 

  • आठवें राउंड के बाद कांग्रेस प्रत्याशी इंदुराज 5902 मतों से आगे।
  • नौवें राउंड में भी बनाई 8191 मतों की बढ़त।
  • 10वें राउंड में योगेश्वर दत्त कांग्रेस प्रत्याशी से 9237 मतों से पीछे।
  • 11वें राउंड में भी कांग्रेस प्रत्याशी ने बनाई 10305 मतों की बढ़।
  • 12वें राउंड में योगेश्वर दत्त 9458 मतों से पीछे।
  • 17वें राउंड के बाद कांग्रेस प्रत्याशी 8946 मतों से आगे।

बिहार विधानसभा चुनाव नतीजे लाइव: महागठबंधन और एनडीए में कड़ी टक्कर

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बिहार विधानसभा चुनाव में जारी वोटों की गिनती में लगातार रुझान बदल रहे हैं। 243 सीटों के प्राप्त रुझानों में बीजेपी 77 सीटों पर, आरजेडी 61 सीटों पर, जेडीयू 52 सीटों पर, कांग्रेस 22 सीटों पर, भाकपा-माले 13 सीटों पर, वीआईपी छह सीटों पर, एलजेपी 4 सीटों पर और माकपा तीन सीटों पर आगे चल रही हैं, वहीं भाकपा, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, बसपा एवं एआईएमआईएम एक-एक सीट पर तथा निर्दलीय चार सीटों पर आगे चल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस वक्त करीब 47 सीटों पर 100 वोटों से भी कम का अंतर चल रहा है।

एग्जिट पोल में महागठबंधन की जीत का अनुमान
बिहार विधानसभा चुनाव में अधिकांश एक्जिट पोल में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पांच दलों के महागठबंधन को जीत हासिल होने का पूर्वानुमान व्यक्त किये जाने के बीच मंगलवार को मतगणना होगी । राज्य में मतगणना 38 जिलों के 55 मतगणना केंद्रों पर होगी और इसके परिणाम नीतीश कुमार सरकार का भविष्य तय करेंगे । नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षो से बिहार के मुख्यमंत्री हैं।

महागठबंधन 103 सीटों पर और एनडीए 126 सीटों पर आगे

हरियाणा उपचुनाव: 10वे राउंड के बाद भी कांग्रेस ने बनाए रखी बड़त, योगेश्वर दत्त पीछे

हरियाणा उपचुनाव: 10वे राउंड के बाद भी कांग्रेस ने बनाए रखी बड़त, योगेश्वर दत्त पीछे

बिहार विधानसभा चुनाव: कल 8 बजे शुरू होगी मतगणना, 243 सीटों के आएंगे परिणाम

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बिहार विधानसभा चुनाव के कल मंगलवार 10 नवंबर को मतगणना होगी। इसी के साथ इस बात का पता चल जाएगा कि बिहार में महागठबंधन की सरकाकर होगी या एनडीए? मुख्यमंत्री तेजश्वी यक़दव बनेंगे या फिर नीतीश कुमार।

मंगलवार को बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होगी। परिणामों का रुझान सुबह नौ बजे से आने की संभावना है जबकि वास्तविक परिणाम 2-3 बजे से सामने आने लगेंगे। चुनाव आयोग द्वारा राज्य के सभी 38 जिलों में 55 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।
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चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहले बैलेट पेपर से डाले गए मतपत्रों की गणना होगी। सुबह 8:15 बजे ईवीएम से गणना की शुरुआत हो पाएगी। अधिकारियों का कहना है कि ईवीएम से एक राउंड की गणना करने में 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। इसलिए पहला रुझान सुबह 8:30 बजे तक आने की संभावना है। मतगणना में लगभग 600 कर्मचारी लगाए गए हैं। कोविड-19 को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। मतगणना में शामिल कर्मचारियों को कहा गया है कि 10 नवंबर की सुबह छह बजे तक मतगणना स्थल पर पहुंच जाएं ताकि समय से ईवीएम और मतपत्रों की गणना हो सके।

कर्णाटक: कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायकों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

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कर्नाटक के बागी विधायकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर द्वारा विधायकों की अयोग्यता के फैसले को सही ठहराया लेकिन कांग्रेस और जेडीएस के 17 अयोग्य विधायकों को राहत देते हुए उन्हें उपचुनाव लड़ने की अनुमति दे दी है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य विधायकों की याचिका पर 25 अक्टूबर को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन विधायकों को विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने अयोग्य घोषित कर दिया था। न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की तीन सदस्यीय पीठ ने इन विधायकों की याचिकाओं पर 25 अक्टूबर को सुनवाई पूरी की थी।

5 दिसंबर को होगे उपचुनाव

इन विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की वजह से 17 में से 15 सीटों के लिए पांच दिसंबर को उपचुनाव हो रहे हैं। अयोग्य विधायकों ने अपनी याचिका में 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनाव पर रोक लगाने की मांग भी की थी। विधायकों का कहना था कि उपचुनाव तब तक नहीं होने चाहिए जब तक कि उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला न आ जाए।

उपचुनाव न कराने के लिए दायर की थी याचिका

उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 नवंबर है। इन विधायकों ने शीर्ष अदालत में एक आवेदन दायर कर 15 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव की तारीख स्थगित करने का निर्वाचन आयोग को निर्देश देने का अनुरोध किया था। इन विधायकों का कहना था कि उनकी याचिकाओं पर कोर्ट का निर्णय आने तक निर्वाचन आयोग को इन सीटों पर चुनाव नहीं कराने चाहिए। अयोग्य घोषित विधायकों की दलील थी कि सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना उनका अधिकार है। अध्यक्ष का निर्णय दुर्भावनापूर्ण है और इससे प्रतिशोध झलकता है। इन विधायकों में से अनेक ने सदन की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अध्यक्ष को पत्र लिखे थे।

तत्कालीन स्पीकर रमेश कुमार ने ठहराया था अयोग्य

बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने विधान सभा में एचडी कुमारस्वामी सरकार के विश्वास प्रस्ताव से पहले ही 17 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। वहीं विधानसभा में विश्वास मत्र प्राप्त करने मे विफल रहने पर कुमारस्वामी की सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद, बीजेपी के बी एस येदियुरप्पा के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार का गठन हुआ।

कर्नाटक विधानसभा का गणित

कर्नाटक विधानसभा में इस समय बीजेपी के पास 105 विधायक हैं जबकि एक निर्दलीय विधायक ने समर्थन दिया है। वहीं विपक्ष (कांग्रेस+जेडीएस+बीएसपी) के पास कुल 101 सीटें हैं। इसमें कांग्रेस के पास 66, जेडीएस के पास 34 और बीएसपी के पास 1 सीट है। इन 17 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव से पहले पाला बदलते हुए इस्तीफा दे दिया था जिसकी वजह से तत्कालीन स्पीकर आर रमेश कुमार ने इन्हें अयोग्य ठहरा दिया था। इस वजह से सदन में सदस्यों की संख्या घटकर 211 रह गई थी और मैजिक नंबर 106 हो गया था। इस आधार पर बीजेपी कर्नाटक में सरकार बनाने में सफल रही थी। कर्नाटक की फिलहाल जो 17 सीटें खाली हैं उनसे 15 सीटों पर 5 दिसंबर को उपचुनाव होने हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने जारी की 19 प्रत्याशियों की नई लिस्ट

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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए 19 प्रत्याशियों की अपनी नई लिस्ट जारी कर दी है। जिसमें कांग्रेस ने पाकुर विधानसभा से आलमगिर आलम को टिकट दिया वहीं जामतारा से इरफान अंसारी को विधानसभा टिकट दिया गया है।

बता दें कि 81 सदस्य वाली झारखंड विधानसभा के लिए 30 नवंबर को मतदान शुरू होंगे। मतदान कुल 5 दौर में होने है और पांचवे दौर का मतदान 20 दिसंबर को होना है। वहीं 23 दिसंबर को नतीजे आने वाले है।

झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की नई लिस्ट

कांग्रेस के बागी विधायकों की सदस्यता रद्द, 15 सीटों के लिए 5 दिसंबर को होगी वोटिंग

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कर्नाटक विधानसभा की 15 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान आज हो गया है। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने चुनाव की तारीखओं का एलान करते हुए कहा कि 5 दिसंबर को मतदान और 9 दिसंबर को मतों की गिनती होगी। इसके साथ ही आज 11 नवंबर से प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।

रद्द हो गई थी बागी विधायकों की सदस्यता

बता दें कि कर्नाटका में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद कुमारस्वामी की सरकार अल्पमत में आ गई थी और उन्हें अपने सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कुमारास्वामी के इस्तीफे के बाद बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने प्रदेश में अपनी सरकार बनाई थी। तब बीजेपी पर यह इल्जाम लगा था कि इन बागी विधायकों से पैसे के दम पर इस्तीफा दिलाया गया है। बाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई और फैसले के बाद बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किए गया था। इन्ही बागी विधायकों की सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई सीटों पर उपचुनाव होने है।

कर्नाटका में उपचुनाव के प्रचार की रणनीति बनाने के लिए बेंगलुरु में कांग्रेस नेताओं ने आज कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में एक बैठक की। बैठक में पार्टी नेता सिद्धारमैया, बीके हरिप्रसाद, डीके शिवकुमार और दिनेश गुंडू राव मौजूद थे।

मध्यप्रदेश की झाबुआ सीट पर कांग्रेस की जीत लगभग तय, कांतिलाल भूरिया 17 हजार वोटों से आगे

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झाबुआ विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया

महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के साथ माध्यप्रदेश की झाबुआ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस की जीत लगभग लय हो गई है। कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया इस समय भाजपा के भानू भूरिया से लगभग 17 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं। विधानसभा के लिए मतगणना पॉलिटेक्निक कॉलेज में सुबह 8 बजे से शुरू हो गई थी।

बता दें कि विधायक गुमान डामोर के इस्तीफे के बाद 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के साथ ही झाबुआ में भी उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। जहां 62.01 प्रतिशत मतदान हुआ।

झाबुआ विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में 5 प्रत्याशी उतरे। कांग्रेस से कांतिलाल भूरिया, भाजपा से भानु भूरिया के अलावा तीन निर्दलीय भाजपा के बागी कल्याणसिंह डामोर, नीलेश डामोर और रामेश्वर सिंगाड़ मैदान में उतरे।

Result of Jhabua legislative assembly in Madhya pradesh
दोपहर 2:30 बजे तक झाबुआ विधान सभा के नतीजे . सोर्स : इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया

लोकसभा चुनाव में कांतिलाल भूरिया को मिली थी हार

साल 2018 विधानसभा चुनाव में झाबुआ सीट पर कांतिलाल भूरिया के बेटे डॉ. विक्रांत भूरिया कांग्रेस से और गुमानसिंह डामोर भाजपा से चुनावी मौदान में उतरे थे। उस समय डामोर चुनाव जीत गए थे। मई 2019 के चुनाव में भाजपा ने डामोर को रतलाम सीट से लोकसभा प्रत्याशी बना दिया। उन्होंने कांतिलाल भूरिया को हराया। जिसके बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था।