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लालू के समर्थन में आए जेडीयू नेता, नीतीश और बीजेपी पर किया हमला ।

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महागठबंधन से अलग होने के बाद से ही जेडीयू में बगावत तेज होती जा रही है। शरद यादव और अली अनवर के बाद अब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने बगावती तेवर दिखाए है। लालू प्रसाद यादव के जेल जाने के बाद चौधरी ने नीतीश और मोदी सरकार पर सीधा हमला बोला है।

लालू प्रसाद यादव पर की जा रही है बदले की कार्यवाही: उदय नारायण चौधरी
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद पर बदले की कार्रवाई की जा रही है और इसमें केंद्र व नीतीश सरकार के लोग शामिल हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने शरद यादव के समर्थन में बयान दिया है. जदयू की गाइडलाइन से इतर जाकर उदय नाराण चौधरी के दिये गये इस बयान से जदयू में खलबली मच गयी है.

लालू को जितना परेशान किया जाएगा, वह उतना चमकेंगे: चौधरी
चौधरी ने आगे कहा कि लालू प्रसाद को जितना तंग किया जायेगा, वे उतना ही चमकेंगे. उन्होंने कहा कि सोना को जितना गलाया जाता है, वह उतना ही चमकता है. वहीं गेंद को जितना पटकिएगा, वह उतना ही ऊपर उछलता है. ऐसा ही कुछ लालू प्रसाद के साथ हो रहा है. उन्होंने कहा कि राजनीति में भेद होना चाहिए, मनभेद नहीं. लेकिन, यहां तो मनभेद के तहत कार्रवाई की जा रही है.

गुजरात में हारने के लिए नीतीश कुमार की जेडीयू लड़ेगी 50 सीटों पर चुनाव : तेजस्वी यादव

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नीतीश कुमार ने घोषणा की है की जेडीयू गुजरात विधानसभा चुनाव में 50 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही नीतीश कुमार ने कहा है कि गुजरात में भाजपा बड़ी जीत दर्ज करेगी। ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि एक तरफ जेडीयू गुजरात में 50 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है वहीं कह रही है कि भाजपा गुजरात में बड़ी जीत दर्ज करेगी। ऐसे में सवाल उठता है कि जेडीयू गुजरात में जीतने के लिए चुनाव लड़ेगी या फिर भाजपा को जिताने के लिए। या फिर जेडीयू गुजरात में हारने के लिए चुनाव लड़ रही है। 

गुजरात में हारने के लिए चुनाव लड़ेगी जेडीयू: तेजस्वी यादव
बिहार के पूर्व उपमुुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि

BJP गुजरात चुनाव जीतेगी :नीतीश जी
जदयू गुजरात में अकेले 50 सीटों पर चुनाव लड़ेगी : नीतीश

साहब अब आप ये बतायें, अगर BJP वहाँ जीत रही है तो आप वहाँ क्या हारने के लिए लड़ रहे है?अगर हार रही है तो क्या उन्हें जिताने के लिए लड़ रहे है? सब बेवक़ूफ़ है जी!


https://twitter.com/yadavtejashwi/status/933239545557958656



शरद यादव की जेडीयू गुजरात में करेगी कांग्रेस का समर्थन।
आप को बता दें कि गुजरात चुनाव में इस बार दो जेडीयू चुनाव लड़ेगी। एक असली और एक नकली। यह बताना बहुत मुश्किल है कि कौनसी जेडीयू असली है, शरद यादव की या नीतीश कुमार की। शरद यादव की जेडीयू कांग्रेस के साथ मिलकर गुजरात में चुनाव लड़ेगी और नीतीश कुमार की जेडीयू भाजपा को जिताने के लिए।

जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत पर तेजसवी ने सीएम नीतीश कुमार पर बोला जोरदार हमला, बोला की..

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बिहार विधानसभा में विरोधी दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने रोहतास जिले में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने सिर्फ कागजों पर शराबबंदी योजना को लागू किया था। ताकि वो उस वक्त पूरे देश में शराबबंदी को लेकर अहम संदेश देकर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बन जाएं।

 

उन्होंने एएनआई को दिए इंटरव्यू की एक क्लिपिंग ट्वीट करते हुए लिखा है, “प्रधानमंत्री बनने के लिए महागठबंधन के सहयोग से नीतीश जी ने की थी शराबबंदी ताकि वो इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर देशभर में घूम सकें। क्या उनमें हिम्मत है अब वो झारखंड और यूपी जाकर शराबबंदी के लिए सभा करें?”

रोहतास में हुई मौतों के मामले में आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने पर तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसा करके अपनी कथित विफलताओं को नहीं छिपा सकते हैं। बता दें कि रोहतास जिले के कछवा थाना अंतर्गत दनवार गांव में शुक्रवार की देर रात जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई थी और जबकि एक अन्य व्यक्ति ने बाद में दम तोड़ दिया। अभी एक और शख्स की हालत गंभीर बनी हुई है। इस मामले में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

 

तेजस्वी ने पटना में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि नीतीश जी अपनी कथित विफलताओं का ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ते हैं। उन्होंने बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब उपलब्ध होने का आरोप लगाते हुए कहा कि फर्क सिर्फ इतना है कि अब शराब महँगी दरों पर उपलब्ध है। तेजस्वी ने कहा, ‘‘नीतीश जी पुलिसकर्मियों को निलंबित करके आप अपनी कथित नाकामयाबियों को नहीं छुपा सकते है।’’ उन्होंने नीतीश पर प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा के तहत बिहार में शराबबंदी लागू करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि वह इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर देशभर में घूम सकें।

 

तेजस्वी ने दूसरे ट्वीट में यह भी आरोप लगाया है कि राज्यभर में पुलिसकर्मी शराब के अवैध कारोबार में लिप्त हैं। इसमें उनके बड़े आकाओं की भी संलिप्तता है। उन्होंने गृह विभाग के मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री को इस हत्या का बराबर दोषी करार दिया है।

 

https://twitter.com/yadavtejashwi/status/924137877813968897

सकते में भाजपा, इस बड़े घोटाले में आया मोदी की चचेरी बहन का नाम ।

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बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर सृजन घोटाले में शामिल होने के आरोप अब और भी गंभीर होते जा रहे है . जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सृजन घोटाले  के कर्ता-धर्ता अधिकारियों और राजनेताओं की दयादृष्टी पाने के लिए उन्हें बड़े-बड़े उपहार देते थे, जिनका भुगतान सीधे तौर पर सृजन खाते से ही किया गया।

सुशील कुमार मोदी की बहन पर भी है आरोप

खबरों के मुताबिक़ सुशील कुमार पर करोड़ों रुपये का भुगतान सृजन के खाते से लेने के आरोप लगे हैं। इन रुपयों को निकालने में सुशील कुमार मोदी की बहन रेखा मोदी की पूरी भागीदारी सामने आई है। सृजन अधिकारियों द्वारा दिए जाने वाले उपहारों में अधिकांश हीरे की ज्वेलरी होती थीं। इन ज्वेलरी की खरीद के लिए सृजन के खाते से रेखा मोदी को भुगतान होता था, फिर रेखा मोदी उन्हें अपनी कंपनी के जरिए या नकद हीरे व्यापारी को देती थीं।
पटना के जालान जेम्स के मालिक रवि जालान ने कबूल किया है कि रेखा मोदी ने उन्हें हीरों की खरीद के बदले कई बार भुगतान किया है।
फिलहाल रेखा मोदी पटना से फरार हैं। उनके घर पर कोई यह बताने में सक्षम नहीं है कि वो कहां हैं। रेखा मोदी और सृजन की सचिव मनोरमा देवी के बीच रिश्ते काफी मधुर थे। यह बात भी सबको पता है मगर उनके रिश्ते सुशील मोदी से अच्छे नहीं हैं।

घोटाले में है और भी कई भाजपा नेताओं के नाम

बता दें कि इस घोटाले में अब तक केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, भाजपा के पूर्व सांसद शाहनवाज हुसैन, झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दूबे, भाजपा से निलंबित किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष विपिन शर्मा के नाम आ चुके हैं।

सीबीआई कर रही है जांच

गौरतलब है कि सृजन घोटाले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है और इस सिलसिले में दर्ज एफआईआर और दूसरे जरूरी कागजातों का बारीकी से अध्ययन कर रही है। सीबीआई घोटाले से जुड़े सरकारी व बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों, सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के पदधारकों और फायदा लेने वाले लोगों की सूची बनाकर इनकी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा जुटाने में लगी है।
मामले की जांच एएसपी सुरेंद्र मल्लिक की अगुआई में 15 सदस्यीय सीबीआई टीम कर रही है। पहले इस मामले की जांच बिहार एसआईटी और आर्थिक अपराध की ईकाई कर रही थी।
अब देखना दिलचस्प होगा की सीबीआई को 2014 के पहले सरकार की कठपुतली बताने वाली भाजपा के राज में यह जांच किस अंजाम पर पहुँचती है .

नीतीश से ‘नाराज’ शरद यादव ने मोदी सरकार पर किया हमला, बोले- कालाधन लाने में नाकाम रही मोदी सरकार !

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sharad yadav
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महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने से नीतीश कुमार से नाराज शरद यादव बिहार के मुख्यमंत्री पर तो चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन इस बीच वह मोदी सरकार पर हमलावर हैं। पूर्व एनडीए संयोजक ने कालेधन को लेकर बीजेपी को निशाने पर लिया। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे 70 वर्षीय नेता ने ट्वीट कर कहा, ‘विदेशों से कालाधन वापस नहीं आया, जोकि सत्ताधारी पार्टी का एक मुख्य नारा था और ना ही पनामा पेपर्स में नामित लोगों में से किसी को पकड़ा गया।’

राज्यसभा सांसद ने शनिवार को अन्य ट्वीट में कहा था, ‘सरकार कई सेवाओं के नाम पर जनता से काफी सेस अर्जित करती है, लेकिन फिर भी देश में किसी भी क्षेत्र में सुधार नहीं दिख रहा है।’ इससे पहले उन्होंने केंद्र की महत्वाकांक्षी फसल बीमा योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा था, ‘दूसरी योजनाओं की तरह फसल बीमा योजना भी सरकार की असफलता है, जिसके द्वारा केवल प्राइवेट बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया।’

 

गौरतलब है कि इस मसले पर लालू प्रसाद यादव ने कहा था शरद यादव ने उनसे फोन पर बात की थी. राजद अध्यक्ष ने कहा, शरद यादव ने मुझे फोन किया था. वह हमारे संपर्क में हैं और उन्‍होंने कहा है कि वह हमारे साथ हैं. शुक्रवार को नीतीश कुमार के विश्‍वास मत हासिल करने के बाद लालू यादव ने यह बात NDTV को दिए एक इंटरव्‍यू में कही.

नोटबंदी करने से नही लगेगी कालेधन पर लगाम : नितीश कुमार 

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Newbuzzindia : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एचटी लीडरशिप समिट में महागठबंधन और नोटबंदी पर खुलकर बात की. गठबंधन के अलावा केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले पर भी उन्होंने अपना रुख साफ किया. उन्होंने शराबबंदी को पूरे देश में लागू करने की भी बात कही. 

बिहार में सरकार चलाने को लेकर उनके और लालू के बीच मतभेद पर बिहार के सीएम नीतीश ने कहा राजनैतिक परिस्थियों की वजह से महागठबंधन बनाया. दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा. राजद और जेडीयू दोनों पार्टियों ने त्याग किया. इसको लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला. सरकार बनी है और एक साल भी हो चुका है. काम भी अच्छा हो रहा है. लेकिन कुछ लोगों को ये गठबंधन अच्छा नहीं लगा.

हमने चुनाव के पहले जो कॉमन प्रोग्राम की घोषणा की थी जिसमें 7 निश्चिय अडाप्ट किए थे. सरकार बनने के बाद इन पर इंप्लिमेंटेशन शुरु हुआ. युवाओं के लिए कई कार्यक्रम शुरु किए गए. महिलाओं को नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया. हर घर नल का जल योजना (पाइप वॉटर सप्लाई) पर काम शुरु हुआ. सभी योजनाए बन गई. सब पर काम शुरु हो गया. चुनाव के समय जो बोला वो किया. हमने 7 निश्चिय की बात कही उसको लागू किया.

शहाबुद्दीन के परिस्थितयों के मुख्यमंत्री वाले बयान पर नीतीश ने कहा सरकार की तरफ से वही किया गया जो करना चाहिए था. सबकी बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता है. जिसकी कोई भूमिका गठबंधन बनाने में नहीं है. उस पर ध्यान देने की कोई आवश्यकता नहीं है. रुल ऑफ लॉ के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

गवर्नेंस के सवाल पर नीतीश ने कहा कि काम कम करो, प्रचार खूब करो, क्या इसी को कहते हैं गवर्नेंस. गठबंधन के बीच में टूटने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि ये गठबंधन 5 साल तक चलेगा. अगले चुनाव में जनता तय करेगी की ये गठबंधन जीतने लायक है या नहीं.

नोटबंदी के फैसले स्वागत करते हुए बिहार के सीएम ने कहा कि काम तो अच्छा हुआ है लेकिन इससे पहले तैयारी करना जरुरी था. अकेले नोट बंद कर देने से काले धन पर लगाम नहीं लगेगी. इसके साथ-साथ बेनामी संपत्ति पर भी चोट करनी पड़ेगी.

शराबबंदी पर बोलते हुए नीतीश ने कहा कि शराब का जो धंधा है उसमें सबसे ज्यादा दो नंबर का पैसा लगा है. शराबबंदी से कालाधन सिमटा है. सभी घरो में खुशी का माहौल है. दो नंबर का काम बंद हो तो कालाधन सिमटेगा, अकेले नोटबंदी से नहीं. 

नीतीश ने आगे कहा कि नोटबंदी के फैसले की तरह अभी बेनामी संपत्ति पर हिट करना चाहिए और शराबबंदी को देश भर में लागू किया जाना चाहिए. 

भाजपा की उम्मीदों को नितीश कुमार का झटका , दिया बड़ा बयान

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Newbuzzindia : नितीश कुमार द्वारा नोटबंदी का समर्थन करने के बाद से ही भाजपा  नितीश कुमार के घरवापसी की उम्मीद लगा बैठी थी । भाजपा द्वारा ऐसे कयास लगाए जा रहे थे की नितीश कुमार घर वापसी करते हुए भाजपा की nda में शामिल हो जाएंगे ।

ऐसे में नीतीश कुमार के एक बयान ने भाजपा की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है । नितीश कुमार ने कहा है कि ” भारतीय जनता पार्टी उनका पोलिटिकल मर्डर करना चाहती है ” ।

गौरतलब है कि कल सीएम नीतिश कुमार ने विधानमंडल दल के बैठक के दौरान अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा था कि बीजेपी उनका पोलिटिकल मर्डर करना चाहती है इस बयां को लेकर बीजेपी और जदयू में बयानबाजी का दौर तेजी से बढ़ गया है । जदयू के महासचिव श्याम रजक ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं कह रहे है कि बीजेपी सीएम का चरित्र हनन करने की कोशिश कर रही है ।

इस बीच इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता नंदकिशोर प्रसाद यादव ने कहा कि नीतिश कुमार ने नोटबंदी के मुद्दे पर पर पीएम मोदी को खुद से समर्थन किया है इसके लिए किसी ने उनपर दबाब नहीं डाला है । अगर वो बीजेपी पर राजनीतक हत्या का आरोप लगा रहे हैं तो वो गलत बात कह रहे हैं यह काम तो राजद, कांग्रेस, लालू यादव और सोनिया गांधी के तरफ से हो रहा है यह आरोप सरासर गलत है ।

उन्होंने नोटबंदी पर समर्थन किया तो हमने आभार व्यक्त किया था. हमारे रास्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने खुले मंच से नीतिश कुमार को शुक्रिया अदा किये हैं. इस बीच राजद के नेताओं ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है की हमारे रहते उनकी राजनितिक हत्या की हर कोशिश नाकाम कर दी जाएगी.

दिल्ली में मोदी सरकार के आपातकाल के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष !

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Newbuzzindia : दिल्ली में चल रहे मोदी सरकार के अघोषित आपातकाल के खिलाफ पूरा विपक्ष एक जुट नजर आ रहा है । मुद्दा भी गंभीर है । orop के मुद्दे पर एक पूर्व सैनिक आत्महत्या करता है । उसके बेटे और परिवार की पिटाई पुलिस करती है । फिर उसके परिवार को पुलिस हिरासत में लेती है ।

इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री को परिजन से मिलने से रोका जाता है । राहुल गांधी को मिलने से रोका जाता है । यहाँ तक ही बात नही रुकी । राहुल गांधी , मुख्यमंत्री केजरीवाल , उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जैसे कई नेताओं को हिरासत में ले लिया जाता है ।

मोदी सरकार के इस अघोषित आपातकाल के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है । देखिये किस नेता ने क्या कुछ कहा ।

राहुल गांधी
https://twitter.com/OfficeOfRG/status/793781981649580032/video/1

अरविन्द केजरीवाल

सीताराम येचुरी

शरद यादव

ज्योतिरादित्य सिंधिया


https://twitter.com/JM_Scindia/status/793835379686113281?p=v

Exclusive: फिर साथ-साथ होंगे नितीश-मोदी, गठबंधन की तलाश में जुटे नितीश कुमार !

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नितीश-मोदी

Newbuzzindia: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पुराने दिनों को याद कर रहे है, और फिर से पुराने दिनों की तलाश में जुट गए है। जी हां, हम बात कर रहे है नितीश कुमार के जदयू और भाजपा के गठबंधन की। ये गठबंधन कुछ साल पहले ही टुटा है, जिसकी कमी नितीश कुमार को महसूस होने लगी है।

इंग्लिश न्यूज़पेपर संडे गार्जियन के अनुसार  नीतिश कुमार फिर से भाजपा का दामन थामने के चक्कर में है और BJP से गठबंधन करने का मन बना रहे है। नितीश कुमार ये काम अपने एक नेता, जो की डॉक्टर भी है, से करवा रहे है। यह नेता दिल्ली में भाजपा के बड़े नेता से बैठक करके गठबंधन के रास्तों की खोज कर रहा है।

बताया जा रहा है लालू प्रसाद के साथ गठबंधन से नितीश कुमार अपनी छवि को ख़राब सा महसूस कर रहे है इसलिए वो अपनी छवि को फिर से चमकाने के लिए भाजपा से हाथ मिलाने के रास्ते खोज रहे है।

जब ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ सही तो ‘संघ मुक्त भारत’ से परेशानी क्यों ??

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NewBuzzIndia:

अलीगढ़ में आरएसएस के खिलाफ लगे होर्डिंग पर बवाल मचा हुआ है। दरअसल बुधवार को शहर के मुख्य चौराहे पर और बड़े आबादी वाले इलाकों में ‘आरएसएस मुक्त भारत’ लिखे हुए होर्डिंग ने एक नया विवाद पैदा कर दिया है। इस पोस्टर में शराब मुक्त भारत व भ्रष्टाचार मुक्त भारत के साथ आरएसएस मुक्त भारत की बात कही गई है। इस होर्डिंग को जनता दल युनाईटेड के महानगर अध्यक्ष ने लगवाई, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दर्शाया गया है और जनता दल युनाइटेड से जुड़ने की अपील की गई है। इस पोस्टर पर आरएसएस के पदाधिकारियों ने ऐतराज जताते हुए सिटी एडीएम अवधेश तिवारी से शिकायत की है।

इस मामले की गंभीरता समझते हुए सिटी एडीएम ने होर्डिंग हटवाने का निर्देश दिया पर ईद के कारण इन होर्डिंगों को हटाया नहीं गया, जिसके कारण हिंदू संगठनों के बीच काफी रोष है।

अब इन तमाम खबरों के बीच हमारा सवाल है कि जब बीजेपी ‘कांग्रेस मुक्त’ भारत के मुद्दे को भुना कर लोकसभा में कांग्रेस पर निशाना साधा था तब बीजेपी के विरोध में ना तो लोगों ने रोष दिखाया ना ही किसी तरह का विवाद पैदा किया। ऐसे में देश के एक और संगठन का नाम अपने राजनीतिक फायदे के लिए जब जदयू करने लगी तो ऐसा रोष और विरोध क्यों ?? जब कांग्रेस मुक्त भारत सर्वमान्य है, तो आरएसएस मुक्त भारत से इतनी दिक्कत क्यों है ??