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भाजपा मंडल अध्यक्ष का फूटा गुस्सा, शिवराज को कहा निकम्मा

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कोरोना महामारी से अपने करीबियों को खोने के बाद जबलपुर के भाजपा मंडल अध्यक्ष का गुस्सा फूटा है। और उसने अपने फेसबुक पेज पर प्रदेश के मुख्यमंत्री को निकम्मा कह दिया।

मंडल अध्यक्ष ने बताया कि उसने अपने लोगों को मरते हुए देखा है और इसके साथ ही उसने यह भी कहा कि शिवराज सिंह चौहान जी मैं आपकी ही पार्टी का मंडल अध्यक्ष हूं और मैं अपने परिवार के लिए यदि इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं कर पा रहा हूं तो मैं इसको अपनी नाकामी मानू या सरकार की।

ऐसे में निशाना साधते हुए कांग्रेस के नगर अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा भोपाल इंदौर और जबलपुर में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावक हो गई है और कही भी इंजेक्शन उपलब्ध नही है । साथ ही साथ ऑक्सीजन भी नही है। यही वजह है कि उनके ही पार्टी के सीनियर विधायक अजय विश्नोई ने सीएम से जबलपुर में इन तमाम व्यवस्थाओं को सुधारने सेना के हाथों में कमान देने की बात कही है।

कांग्रेस नगर अध्यक्ष दिनेश यादव

सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि आज आपके ही पार्टी के एक छोटे से पदाधिकारी ने जिन शब्दों का उपयोग आपके लिए किया है वह किसी राजनीतिक शब्दावली से निकला हुआ शब्द नहीं है। और कुछ ऐसे ही हालात प्रदेशभर की जनता के अंदर बने हुए है। उनकी भी पीड़ा इन्हीं शब्दों के साथ बाहर निकल रही है लेकिन शायद आप तक पहुंच नहीं पा रही है।

मध्यप्रदेश में फिर देखी गई लापरवाही,शहडोल जिले में ऑक्सीजन की कमी से हुई 12 मौतें

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मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के शहडोल(Shahdol) मेडिकल कॉलेज(Medical college) में ऑक्सीजन(oxygen) की सप्लाई कम होने से 12 मरीजों की मौत हो गई है । बताया जा रहा है कि घटना शनिवार(Saturday) की है। ऑक्सीजन की कमी वाले 12 मरीजों से पहले मेडिकल कॉलेज में ही कोरोना(corona) के 10 और मरीजों की मौत हो गई थी।

बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन की कमी के बाद कई मरीजों को ऑक्सीजन मास्क हाथ से दबाना पड़ा, मरीजों को लग रहा था कि शायद सही तरह से दबाने से ऑक्सीजन आ जाए। मामले में पहले मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने 6 मौतों की पुष्टि की। और इसके बाद ही अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने 12 मौतें होने की पुष्ठि कर दी।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मुद्दे पर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘अब शहडोल में ऑक्सीजन की कमी से मौतों की बेहद दुखद खबर? भोपाल , इंदौर , उज्जैन , सागर , जबलपुर , खंडवा , खरगोन में ऑक्सीजन की कमी से मौतें होने के बाद भी सरकार नहीं जागी? आखिर कब तक प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से यूं ही मौतें होती रहेगी?

उन्होंने यह भी कहा कि शिवराज जी आप कब तक ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर झूठे आंकड़े परोसकर, झूठ बोलते रहेंगे, जनता रूपी भगवान रोज दम तोड़ रही है? प्रदेश भर की यही स्थिति है, अधिकांश जगह ऑक्सीजन का भीषण संकट है?

रेमडेसिविर इंजेक्शन की भी यही स्थिति है। सिर्फ सरकार के बयानों और आंकड़ो में ही ऑक्सीजन और रेमउेसिविर उपलब्ध है, लेकिन यह अस्पतालों से गायब है? सरकार कागजी बैठकों से निकलकर मैदानी स्थिति सम्भाले, स्थिति बेहद विकट है।

मध्यप्रदेश में कोरोना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार को ठहराया दोषी

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मध्य प्रदेश(madhya pradesh) में कोरोना(corona) से हाहाकार मचा हुआ है। प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग इस महामारी के चपेट में आ रहे हैं। ऑक्सीजन(oxygen) की कमी और रेमडेसिविर इंजेक्शन(remdisivir injection) नहीं मिलने से मरने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। कोरोना की इस हालत को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ(kamalnath) ने ट्वीट(tweet) कर सूबे की शिवराज सरकार को आड़े हाथों लिया है और इन हालातों से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है।

कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा, “भोपाल , इंदौर , सागर , उज्जैन , खरगोन के बाद अब खंडवा व जबलपुर में ऑक्सिजन की कमी से मौतें होने की दुखद ख़बर सामने आयी है। प्रदेश भर में अस्पतालों के बाहर मरीज़ ख़ुद ऑक्सिजन की व्यवस्था कर, मुँह पर ऑक्सीजन लगाये अस्पतालों में बेड के लिये घंटो इंतज़ार कर रहे हैं, इलाज के अभाव में अपनी जान गँवा रहे है ,ऐसी तस्वीरें रोज़ सामने आ रही है।”

उन्होंने आगे कहा, ” रेमड़ेसिविर को लेकर अभी भी मरीज़ और उनके परिजन दर- दर भटक रहे हैं , शासन की सारी व्यवस्थाएँ फेल हो चुकी है ,अस्पतालों में ऑक्सिजन की कमी से मरीज़ों को भर्ती नहीं किया जा रहा है , मौतों का आँकड़ा दिन- प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है , मुक्तिधामो-कब्रस्तानो से भयावह तस्वीरें सामने आ रही है ? बड़े शहरों की यह स्थिति है तो छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों का तो भगवान ही मालिक है ?

उन्होंने यह भी ट्वीट किया कि  हमारे शिवराज जी रोज़ ऑक्सिजन की आपूर्ति , बेड की उपलब्धता , इंजेक्शन को लेकर जनता को झूठे आँकडे परोसकर झूठ बोल रहे है कि अस्पतालों में ऑक्सिजन की कोई कमी नहीं है , बेड की कमी नहीं है , इंजेक्शन की कमी नहीं है ? आख़िर कब शिवराज सरकार अपनी नाकामी और इस भयावह सच्चाई को स्वीकार करेगी और जनता की इन परेशानियो को दूर कर उन्हें राहत प्रदान करेगी ?”

मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री बीजेपी सरकार के खिलाफ कर रहे है आंदोलन

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मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू हो गया है। वहीं भोपाल में भी हालत गंभीर है। भोपाल में सोमवार को ऑक्सीजन की कमी से पांच कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी। लेकिन सरकार बार बार दावा कर रही है कि राज्य में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

ऐसे में मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आज मिंटो हॉल में गांधी जी की प्रतिमा के नीचे खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर अपना विरोध जता रहे है। विधायक पी सी शर्मा, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक कुणाल चौधरी तीनों ही सरकार के खिलाफ मोर्चा लेकर बैठे है।

पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीट किया कि , मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की डिमांड और सप्लाई में बड़ा अंतर है। भयावह स्थिति है। ऑक्सीजन की कमी से जानें जा रही है। .@narendramodi साँसों से आत्मनिर्भर करो मध्य प्रदेश को !

उन्होंने यह भी लिखा कि ,मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर आज भोपाल में मिंटो हॉल स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री @narendramodi जी से मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन भेजने का अनुरोध कर रहा हूं।

मध्य प्रदेश सरकार दावा कर रही है कि राज्य में ऑक्सीजन की मात्रा पर्याप्त है। लेकिन भोपाल के 20 से ज्यादा अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है।

मध्यप्रदेश में अब बीजेपी के मंत्री ही खोल रहें है सरकार की पोल

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मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर कम नही हो रहा है।प्रदेश में कही दावा की कमी है तो कही ऑक्सीजन की। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के एक मंत्री जी ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं चेक की और उन्होंने बताया कि सरकार इसमे फैल है।

प्रदेश के मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर ने अपनी ही सरकार की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। दरअसल देर रात ग्वालियर के माधव डिस्पेंसरी में मरीज बनकर मंत्री जी पहुंचे थे ।अस्पताल में डॉक्टर ओर जांच की व्यवस्था ना होने पर अपनी नाराजगी जाता रहे थे।उसी समय मौके से ही कलेक्टर को फोन कर उन्होंने अपनी नाराजगी जताई थी।

ऐसे में विपक्ष भी कई सवाल करने लगा है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल पूछते हुए ट्वीट किया कि प्रदेश के सागर , उज्जैन व खरगोन में ऑक्सिजन की कमी से मौत की खबरें बेहद झकझोर देने वाली व प्रदेश को शर्मशार करने वाली ?
उज्जैन में तो भाजपा के एक कार्यकर्ता ने रात में ही सोशल मीडिया पर ऑक्सिजन की कमी बता दी थी , फिर भी ज़िम्मेदार नहीं जागे ?

“द- मोह” में मुख्यमंत्री ने की अपील, वोट डालने के लिए निकले बाहर

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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को घरों में रहने की अपील करते हुए तो आपने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुना होगा। लेकिन दमोह पहुंचते ही उनके विचार कैसे बदल जाते हैं यह किसी ने सोचा नहीं होगा।

बीते दिनों कोरोना को लेकर चिंता जताने वाले शिवराज सिंह चौहान आज दमोह उपचुनाव में रंग बदलते नजर आए। हर बार उन्होंने मध्य प्रदेश की जनता से अपील की थी कि सभी घर पर रहे और सुरक्षित रहें लेकिन शुक्रवार को दमोह रैली में यह कहते हुए नजर आए कि ज्यादा से ज्यादा लोग बाहर निकलों और बीजेपी को जिताने में पूरी ताकत लगा दो।

पूरे प्रदेश की जनता के सामने सोशल डिस्टेंसिंग की दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उपचुनाव की रैली में जो बयानबाजी की वो बेहद हैरान कर देने वाली है। उनकी इस रैली में न तो सोशल डिस्टेंसिंग दिखी और न ही कोरोना का खौफ था। रैली के संबोधन के दौरान शिवराज को न तो मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी का ख्याल रहा और न ही अस्पतालों में बेड और दवाइंयों की समस्या का।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्यार से यदि मनाया जाए तो पत्थर भी पिघल जाता है। सभी कार्यकर्ता बाहर निकलें, अधिक से अधिक लोगों को भाजपा के जीतने के लाभ बताएं! उन्हें भाजपा को आशीर्वाद देने के लिए अनुरोध करें। इतना ही नहीं सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि चुनाव में अब केवल आठ दिन बचे हैं। भाजपा को जिताने में पूरी ताकत लगा दो। घरों से बाहर निकल जाओ, यह चुनाव आपको ही लड़ना है।

शिवराज ने अपने ट्वीट में लिखा कि बीजेपी जहाँ पर सबसे अधिक वोट से जीतेगी, वहां सबसे पहले मैं आऊंगा। हर कार्यकर्ता पार्टी के लिए लड़ता है और पार्टी देश के लिए लड़ती है। यह चुनाव पार्टी के मान-सम्मान की लड़ाई है। भाजपा कार्यकर्ताओं की मां है। हर कार्यकर्ता को अपनी मां के दूध की लाज रखना है।

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, कहा ध्यान सिर्फ अभियान चलाने पर है कोरोना पर नहीं

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मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में असफल रही है। प्रदेश में लगातार संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इससे मरीजों की ना सिर्फ मृत्यु हो रही है और उन्हें अस्पतालों में इलाज भी नहीं मिल रहा है। फीवर क्लिनिकों में जांच तक नहीं हो रही है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य आग्रह कार्यक्रम को जनता का ध्यान मोड़ने का अभियान करार दिया।

पत्रकारवार्ता में पटवारी ने कहा कि पिछले एक साल से सरकार को रोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर अभियान चला रही है लेकिन उसका असर कहीं नजर नहीं आ रहा है। इसके बावजूद सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। मंत्री बंगाल और दमोह विधानसभा के चुनाव में व्यस्त हैं।इसी के साथ साथ मुख्यमंत्री अभियान पर अभियान चलाए जा रहे हैं।

जिला आपदा प्रबंधन समूह में विपक्ष के विधायकों को नहीं रखा गया है और ना ही सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस समस्या से निपटने के लिए कोई पहल की गई । अवैध शराब को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि आए दिन अवैध और जहरीली शराब से लोगों की मृत्यु हो रही है। सरकार माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा तो करती है पर हकीकत कुछ और ही नजर आती है। 

दमोह के कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ भाजपा करेगी इलेक्शन कमीशन में शिकायत

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मध्यप्रदेश के दमोह विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का आचारसंहिता का उल्लंघन करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। अजय टंडन आज अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट खरीदते हुए नज़र आ रहे है। अपनी विधानसभा में खुले आम पैसे बाटते अपने लिए वोट मांग रहे है।

मध्यप्रदेश भाजपा ने अपने ट्विटर एकाउंट से ट्वीट करते हुए कहा है कि जब झूठे वादों पर बात नहीं चल पाती तो कांग्रेस अपने न्यूनतम स्तर पर उतर ही आती है। दमोह से कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन नोट के जरिये जनता को खरीदने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दमोह की जनता समझदार है। कमलनाथ जी जनता भगवान है, बिकाऊ नहीं।

मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी शर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले दिन से पता है कि वो चुनाव बुरी तरह से हार रही है। इसीलिए पैसों का लालच देकर वोट खरीदने की कोशिश जारी है, लेकिन जनता कांग्रेस का असली चेहरा देख चुकी है। वो कांग्रेस के झूठे वादों और प्रलोभन में नहीं आएगी। सरकार इलेक्शन कमीशन में भी शिकायत दर्ज करने जा रही है।

साल 1984 में दमोह सीट कांग्रेस विधायक चंद्र नारायण टंडन के निधन के बाद रिक्त हो गया था। कांग्रेस ने उनके भतीजे अनिल टंडन को मैदान में उतारा था जो भाजपा उम्मीदवार जयंत मलैया से हार गए थे। मलैया की जीत ने उनके सियासी करियर को 2018 तक मजबूत बनाए रखा, तब तक वह भाजपा सरकार में मंत्री बने रहे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दमोह उपचुनाव लोधी या मलैया के करियर को पुनर्जीवित करेगा, या किसी नए नेता को उभारेगा।

मध्यप्रदेश के दमोह के कांग्रेस प्रत्याशी का नोट बाटते हुए वीडियो हुआ वायरल

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मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) के दमोह(Damoh) विधानसभा(Vidhansabha) सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का आचारसंहिता का उल्लंघन करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। अजय टंडन(Ajay Tandon) आज अपने विधानसभा क्षेत्र में वोट खरीदते हुए नज़र आ रहे है। अपनी विधानसभा में खुले आम पैसे बाटते अपने लिए वोट मांग रहे है।

दमोह के कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान नोट बांटने की घटना को भारतीय जनता पार्टी ने गंभीरता से लिया है । भाजपा के नेता इसकी शिकायत करने चुनाव आयोग जाएंगे। मध्यप्रदेश के भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पराशर ने कहा है कि जहा एक तरफ जहां कांग्रेस यह नारा देती है कि हम बिकाऊ नही टिकाऊ सरकार बनाने की कोशिश में है वही एक तरफ कांग्रेस का प्रत्याशी खुद तो बिका हुआ है उसके साथ ही अपनी जनता को भी खरीदने की कोशिश में जुटा हुआ है।

गौरतलब है कि कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन इसके पहले भी 2 बार अपनी किस्मत आजमा चुके हैं लेकिन दोनों ही बार उन्हें भाजपा के दिग्गज नेता जयंत मलैया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। टंडन मौजूदा भाजपा प्रत्याशी राहुल लोधी के चुनाव में प्रबंधक की भूमिका में भी काम कर चुके हैं यही कारण है इसबार का उपचुनाव रोचक हो गया है।

साल 1984 में दमोह सीट कांग्रेस विधायक चंद्र नारायण टंडन के निधन के बाद रिक्त हो गया था। कांग्रेस ने उनके भतीजे अनिल टंडन को मैदान में उतारा था जो भाजपा उम्मीदवार जयंत मलैया से हार गए थे। मलैया की जीत ने उनके सियासी करियर को 2018 तक मजबूत बनाए रखा, तब तक वह भाजपा सरकार में मंत्री बने रहे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दमोह उपचुनाव लोधी या मलैया के करियर को पुनर्जीवित करेगा, या किसी नए नेता को उभारेगा।

भोपाल में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने खेल खेल में कैबिनेट मंत्री का उड़ाया मज़ाक

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मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) में शिवराज सरकार(Shivraj Government) के एक साल पूरा होने पर जश्न में डूबी हुई है। पूरे राज्य में इस मौके पर समारोह आयोजित किए गए हैं। इसी बीच भाजपा के एक कार्यक्रम में शिवराज सरकार में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत(Govind Singh Rajput) को उड़ाए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। खेल-खेल में बीजेपी नेताओं ने सिंधिया के कट्टर समर्थक मंत्री गोविंद सिंह को ही उड़ा दिया।

बताया जा रहा है की शिवराज सरकार के एक साल पूरा होने के पूर्व संध्या पर भाजपा भोपाल के पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए कौआ उड़, तोता उड़, मैना उड़ खेल का आयोजन किया था। इस दौरान खेल-खेल में आलोक शर्मा भावुक होकर एक बड़ी चूक कर दिए और कार्यकर्ताओं के साथ ‘गोविंद सिंह राजपूत उड़’ कह उन्हें भी उड़ा दिया।

कमलनाथ सरकार और उनके कैबिनेट के मंत्रियों का इस कार्यक्रम में मजाक उड़ाया जा रहा था। खेल में चिड़ियां उड़ाने के बाद आलोक शर्मा कहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की अलीबाबा और चालीस चोरों वाली सरकार थी। इसके बाद एक-एक कर कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हैं और कार्यकर्ता उड़ बोलकर उन्हें उड़ाते हैं। इस दौरान आलोक शर्मा भूल गए कि कमलनाथ के कुछ मंत्री आज भाजपा सरकार में भी मंत्री हैं और गोविंद सिंह राजपूत उड़ भी बोला।

आज इस खेल के दूसरे दिन इस खेल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद मध्यप्रदेश में सियासी हलचल मच गई है। हालांकि, मामले पर अबतक गोविंद सिंह राजपूत या फिर आलोक शर्मा की ओर से कोई सफाई नहीं आई है।