“द- मोह” में मुख्यमंत्री ने की अपील, वोट डालने के लिए निकले बाहर

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को घरों में रहने की अपील करते हुए तो आपने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुना होगा। लेकिन दमोह पहुंचते ही उनके विचार कैसे बदल जाते हैं यह किसी ने सोचा नहीं होगा।

बीते दिनों कोरोना को लेकर चिंता जताने वाले शिवराज सिंह चौहान आज दमोह उपचुनाव में रंग बदलते नजर आए। हर बार उन्होंने मध्य प्रदेश की जनता से अपील की थी कि सभी घर पर रहे और सुरक्षित रहें लेकिन शुक्रवार को दमोह रैली में यह कहते हुए नजर आए कि ज्यादा से ज्यादा लोग बाहर निकलों और बीजेपी को जिताने में पूरी ताकत लगा दो।

पूरे प्रदेश की जनता के सामने सोशल डिस्टेंसिंग की दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उपचुनाव की रैली में जो बयानबाजी की वो बेहद हैरान कर देने वाली है। उनकी इस रैली में न तो सोशल डिस्टेंसिंग दिखी और न ही कोरोना का खौफ था। रैली के संबोधन के दौरान शिवराज को न तो मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी का ख्याल रहा और न ही अस्पतालों में बेड और दवाइंयों की समस्या का।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्यार से यदि मनाया जाए तो पत्थर भी पिघल जाता है। सभी कार्यकर्ता बाहर निकलें, अधिक से अधिक लोगों को भाजपा के जीतने के लाभ बताएं! उन्हें भाजपा को आशीर्वाद देने के लिए अनुरोध करें। इतना ही नहीं सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि चुनाव में अब केवल आठ दिन बचे हैं। भाजपा को जिताने में पूरी ताकत लगा दो। घरों से बाहर निकल जाओ, यह चुनाव आपको ही लड़ना है।

शिवराज ने अपने ट्वीट में लिखा कि बीजेपी जहाँ पर सबसे अधिक वोट से जीतेगी, वहां सबसे पहले मैं आऊंगा। हर कार्यकर्ता पार्टी के लिए लड़ता है और पार्टी देश के लिए लड़ती है। यह चुनाव पार्टी के मान-सम्मान की लड़ाई है। भाजपा कार्यकर्ताओं की मां है। हर कार्यकर्ता को अपनी मां के दूध की लाज रखना है।

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