रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन स्पूतनिक ने गुरुवार को कहा कि स्पूतनिक V का लाइट वर्जन सिंगल डोज में ही कोरोना वायरस का काम तमाम कर देगा।
रूस के मुताबिक स्पूतनिक V का लाइट वर्जन सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन है जो कि 80 फीसदी तक प्रभावी है। जो कि दो डोज वाले टीकों की तुलना में अधिक है।
स्पूतनिक वी के सूत्रों के अनुसार वैक्सीन के लाइट वर्जन से टीकाकरण को गति मिलेगी जो महामारी को फैलने से रोकने में मदद करेगा।
स्पूतनिक ने कहा कि वैक्सीन के लाइट वर्जन ओवरआल 79.4 फीसदी रही है। 91.7 फीसदी लोगों में मात्र 28 दिन के भीतर वायरस से लड़ने की एंटीबॉडी बन गई। कंपनी ने कहा कि 100 फीसदी लोग जिनके शरीर में पहले से इम्यूनिटी थी उनको वैक्सीन लेने के बाद शरीर का एंटीबॉडी लेवल 10 दिन में 40 गुना बढ़ गया
आपको बता दें कि रूस की वैक्सीन स्पूतनिक V के इस्तेमाल को भारत सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। जिसके बाद उसकी पहली खेप भी भारत पहुंच गई है।
1.5 लाख डोज लेकर रूसी विमान शनिवार को करीब 4 बजे हैदराबाद में लैंड किया। इसके साथ ही देश को कोरोना के खिलाफ तीसरा हथियार मिल गया है। आज ही देश में टीकाकरण के पहले फेज की शुरुआत हुई है, जिसे स्पूतनिक वी के आने से तेजी मिलेगी।
पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने इतिहास की सबसे बुरी हार का सामना किया है यहां पर कांग्रेस को एक भी सीट पर सफलता हासिल नहीं हुई है। कई सीटर तो ऐसी है जहां पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने रैली की थी वहां पर कांग्रेस उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।
इस बार के पश्चिम बंगाल चुनाव में भले ही सीधी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच सिमट कर रह गई हो लेकिन तीसरे मोर्चे के तौर पर कांग्रेस और लेफ्ट ने गठबंधन जरूर किया लेकिन एक भी सीट पर सफलता हासिल नहीं कर पाए।
कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन के कई उम्मीदवारों का हाल तो इतना भी बुरा था कि जहां पर राहुल गांधी ने रैलियां की वहां पर उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए कांग्रेस लिफ्ट गठबंधन के 85% उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हुई है।
आजादी के बाद बंगाल में यह पहला मौका है जब बंगाल की सत्ता में लगभग 60 साल तक सत्तासीन रहे लेफ्ट और कांग्रेस पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली इस बार बंगाल में 292 सीटों पर चुनाव हुए थे 2 सीटों पर उम्मीदवारों की निधन के कारण चुनाव रद्द हो गए थे 292 सीटों में ममता बनर्जी की पार्टी को 213 सीटें तो भाजपा को 77 मिली हैं वही एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार को तो एक सीट राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी को मिली है।
आपको बता दें कि बंगाल की 292 सीटों पर हुए चुनाव में तीसरे मोर्चे यानी लेफ्ट और कांग्रेस के 49 उम्मीदवार ही अपनी जमानत बचा पाने में सफल हुए हैं बाकी 85% उम्मीदवार तो जमानत भी नहीं बचा पाए।
जहां राहुल ने की रैली वही जमानत जप्त
कांग्रेस वाले गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए राहुल गांधी ने मटियारा नक्सलवाड़ी और गोलपोखर में सभाएं की थी जहां उम्मीदवारों को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और दोनों उम्मीदवारों की जमानत जप्त हो गई। आपकी जानकारी के लिए बता दें मटियारा नक्सलवाड़ी एक दशक से कांग्रेस का गढ़ रहा है जहां पर मौजूदा विधायक शंकर मालाकार इस बार तीसरे नंबर पर आए हैं।
देश में कोरोना का कहर बरकरार है। ऐसे में बीते दिनों 5 राज्यों में चुनाव हुए है । वहीं आज पश्चिम बंगाल, असम, केरल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे काफी हद तक साफ हो चुके है। बंगाल में ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करती दिख रही है। असम में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए वापसी कर रही है। केरल में भी सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की वापसी हो रही हैम वहीं तमिलनाडु में सत्ता पलट रही है और कांग्रेस-डीएमके गठबंधन बहुमत से सरकार बना रही है। पुद्दुचेरी में अभी तक के रुझानों के अनुसार एनडीए सरकार बना रही है।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी हैट्रिक बनाने की ओर अग्रसर है। रुझानों में टीएमसी 208 सीटों की बढ़त के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। नंदीग्राम की सीट भी ममता बचाती नजर आ रही है। वहीं बीजेपी डबल डिजिट से भी कम महज 81 सीटों पर सिमटती दिख रही है। बीजेपी के तमाम बड़े नेता भी अपनी सीट हार रहे है।
असम में बीजेपी अपना गढ़ बचाने में कामयाब होती दिख रही है। रुझानों में सत्तारूढ़ एनडीए को 78 सीटों पर बढ़त मिली है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व में बने महागठबंधन को 47 सीटों पर बढ़त हासिल हुई है। असम में सरकार बनाने के लिए 64 सीटों की जरूरत होती है।
तमिलनाडु में बीजेपी और एआईएडीएमके का गठबंधन है। यहां पिछले 10 सालों से एआईएडीएमके काबिज है। लेकिन इस बार यहां सत्ता पलट रही है। पूर्व मुख्यमंत्री रहे एम करुणानिधि की पार्टी डीएमके सत्ता पर काबिज होती दिख रही है।रुझानों में एआईएडीएमके गठबंधन महज 84 सीटों से आगे है जबकि डीएमके गठबंधन ने 149 सीटों पर बढ़त बना रखी है।
केरल में विधानसभा की 140 सीटें है। वर्तमान में यहां सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की सरकार है।और इस बार भी एलडीएफ दोबारा सत्ता में आ सकती है। रुझानों में एलडीएफ 98 और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) 41 सीटों से आगे है।वहीं तीसरे मोर्चे बीजेपी को एक ही सीट मिलती नजर आ रही है।
पुडुचेरी एक केंद्र शासित प्रदेश है। कुल 30 सीटों वाले पुडुचेरी में एनडीए की सरकार बन सकती है। 12 सीटों पर आए रुझानों के अनुसार, यहां एनडीए 8 सीटे और यूपीए को 3 सीटे मिल रही है। यहां बहुमत के लिए 16 सीटें चाहिए। चुनाव शुरू होने से कुछ महीने पहले यहां कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की सरकार गिर गई थी।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार तीसरी बार बनना लगभग तय हो गया है। रूझानों में ममता बनर्जी की पार्टी 202 सीटों पर आगे है।
ऐसे में कई बड़े नेताओं में ममता को बधाई दी है। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बधाई देते हुए ट्वीट किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की नफ़रत की राजनीति को हराने वाली जागरुक जनता, जुझारू नेता ममता बनर्जी व टीएमसी के समर्पित नेताओं व कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई।
उन्होंने आगे लिखा कि ये भाजपाइयों के एक महिला पर किए गए अपमानजनक कटाक्ष ‘दीदी ओ दीदी’ का जनता द्वारा दिया गया मुंहतोड़ जवाब है।
बता दे कि भाजपा ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव प्रचार किया था। वहीं देश के गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में 200 सीटें जीतने की घोषणा की थी पर भाजपा 100 सीटें भी नहीं हासिल कर सकी।
बता दें कि 294 में बहुमत के लिए 147 सीटें चाहिए जबकि टीएमसी इससे कहीं आगे 200 का आंकड़ा पार कर चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने देश के नाम संबोधन किया। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि कठिन से कठिन समय में भी हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम सही निर्णय ले और सही दिशा में प्रयास करे तभी हम विजय हासिल कर सकते है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, पैरा मेडिकल स्टाफ को धन्यवाद करता हूं। मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने अपने को खोया है, मैं उनके परिजनों को प्रति संवेदना जताता हूं। चुनौती बड़ी है लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प और हौसले के साथ इसको पार करना है।
राज्य सरकार को लॉकडाउन से बचने की करी अपील
उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया है लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में रखे। जनता से अपील करते हुए कहा कि दवाई के साथ साथ कड़ाई भी जरूरी है और इसे अपना मंत्र बना लेना चाहिए।
नहीं पढ़े लॉकडाउन की नौबत
मोदी ने कहा कि लॉकडाउन सबसे आखिरी विकल्प है। उन्होंने युवा साथियों से अनुरोध करते हुए कह कि वो अपने क्षेत्र में छोटी-छोटी कमेटिया बनाएं जिससे लोगों के बीच जागरूकता बढ़े।
सरकारी अस्पताल में फ्री मिलेगी वैक्सीन
बता दे कि पहले की तरह आगे भी सभी सरकारी अस्पताल में फ्री में वैक्सीन मिलती रहेगी। सभी इसका लाभ उठा सकेंगे। सभी का प्रयास जीवन बचाने के लिए है।
श्रमिकों का जीते भरोसा
मोदी ने कहा कि 18 वर्ष के उम्र के लोगों को तेजी से वैक्सीन उपलब्ध होगी।श्रमिकों को भी वैक्सीन तेजी से दिया जाएगा। राज्य सरकार श्रमिकों का भरोशा जताए रखे। और यह भी कहा कि वो जहा है वहीं रहे उन्हें वहां वैक्सीन भी मिलेगी और काम भी।
पश्चिम बंगाल में बढ़ते कोरोना संक्रमण से जनता की सुरक्षा के मद्देनजर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी सभी जनसभाएं रद्द कर दी हैं। पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में विधानसभा का चुनाव हो रहा है जिसमें अब अंतिम चरण के ही चुनाव बचे हैं।
राहुल ने अन्य दलों के नेताओं से भी अपील की है कि वह भी पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखकर जनसभाएं करना बंद कर दें जिससे भीड़ ना बढ़े और कोरोना संक्रमण को रोका जा सके।
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव चल रहे हैं विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस और वामदलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है प्रधानमंत्री गृहमंत्री लगातार पश्चिम बंगाल में सभाएं कर रहे हैं तो उधर ममता बनर्जी भी सत्ता वापसी का पूरा जोर लगा रही हैं।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और वाम दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं बीते दिनों कांग्रेस के 1 उम्मीदवार की कोरोनावायरस कारण मौत भी हो चुकी है यही कारण है कि राहुल गांधी ने अपनी आगामी सभी जनसभाएं कैंसिल कर दी हैं।
पश्चिम बंगाल में कोरोना तेजी से बढ़ रहा है लेकिन चुनावों की आड़ में नेता कोरोनावायरस की गाइडलाइन का पालन नहीं कर पा रहे हैं जिसके कारण लोग अधिक मात्रा में संक्रमित हो रहे हैं।
कोरोना की दूसरी लहर से इस समय पूरा भारत जूझ रहा है। वहीं संक्रमण के मामले में दिल्ली भी पीछे नहीं है। शनिवार को बीते 24 घंटे में कोरोना के 24,375 नए मामले सामने आए। एक दिन में सबसे ज्यादा संक्रमित मिलने का ये अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। बीते 24 घंटे में 167 लोगों ने कोरोना से जान भी गंवाई है। अब तक की मौत का का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसके बाद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति के बारे में पत्र लिखा है। उन्होंने कोविड संक्रमित रोगियों के लिए केंद्रीय सरकार के 10,000 बिस्तरों में से 7,000 बिस्तरों और ऑक्सीजन के लिए आरक्षण की अपील की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली में कोरोना की संक्रमण दर 24% से बढ़कर 30% हो गई। 100 से कम ICU बेड बचे हैं और ऑक्सीजन की कमी है। मैंने डॉ. हर्षवर्धन से कल और अमित शाह जी से आज सुबह बेड की कमी के बारे में बात की और उन्हें बताया कि हमें इसकी जरूरत है।
केजरीवाल ने आगे कहा कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली में लगभग 25,000 कोविड-19 मामले सामने आए। दिल्ली में 10,000 बेड हैं, जो कि सेंट्रल गवर्नमेंट के हैं। जिनमें से 1,800 बेड वर्तमान में कोविड मरीजों के लिए आरक्षित हैं। मैं अनुरोध करता हूं कि कोविड मामलों के मद्देनजर 10,000 बेड में से 7,000 कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि हम अगले 2-3 दिनों में यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 6,000 से अधिक हाई फ्लो ऑक्सीजन बेड लगाएंगे। राष्ट्रमंडल खेल गांव और कुछ स्कूलों को भी कोविड केंद्रों में बदल दिया जाएगा और राधा स्वामी सत्संग ब्यास में कोविड सुविधा फिर से शुरू की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट गुजरात मॉडल (Gujarat Model) की धज्जियाँ उन्ही के राज्य के आला अधिकारियों द्वारा उड़ाई जा रही हैं। मामला गुजरात मे कोरोना संक्रमण (Covid-19) से होने वाली मौतों से जुड़ा हुआ है।
देश के अन्य प्रदेशों की तरह गुजरात मे भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नही दे पा रही यही कारण है आये दिन संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस गुजरात मॉडल को पूरे देश मे लागू करने के दम पर 2014 के आम चुनावों में विजय पाई थी आज कोरोना संक्रमण ने उसकी परत दर परत खोलकर रख दी है। प्रदेश में कोरोना से लगातार मौतें हो रही हैं लेकिन शासन प्रशासन के अधिकारी ‘आपदा में अवसर’ तलाश रहे हैं।
गुजरात के वडोदरा स्थिति एक अस्पताल में पिछले नौ दिनों में 180 लोगों की मौत हुई हैं।सूरत,वडोदरा,अहमदाबाद और राजकोट के नगर निगमों द्वारा जारी किए गए बुलेटिन के आंकड़े देखें तो रोज महज 25 मौतों का दावा किया जा रहा है जबकि मृत्युदर का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
सूरत के एक श्मशान घाट में तो बुधवार की रात अति हो गई जब बढ़ती लाशों को कम करने के लिए अधिकारियों ने एक ही चिता पर पांच लाशें जलवा दी। इसके पीछे तर्क दिया गया चूंकि श्मशान घाट में लाशों की संख्या अधिक है इसलिए सामूहिक दाह करने में समय कम लगेगा और दाह संस्कार जल्दी हो जाएगा। यह हाल सिर्फ सूरत का नहीं है पूरे गुजरात के श्मशान घाटों का यही हाल है।
पूरे गुजरात मे कोई भी ऐसा श्मशान घाट नही है जो 24 घंटे न सुलगता हो इतने के बाद भी लाशों की कतारें कम नही हो रही। अधिकांश लाशें कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की आ रही है। लेकिन अधिकारी यहाँ भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दम्भ भरती सरकार की हां में हां मिलाते हुए चालबाजी करके सरकारी आंकड़ों में कम मौत दर्ज कर रहे हैं।
18 फ़ीट लम्बी और 8 फिट चौड़ी है सामूहिक चिता
सूरत नगर निगम के गुरुवार को जारी आंकड़े में 25 मौतें दिखाई गईं हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि ‘यह सच है कि सरकारी आंकड़ों में कोरोना की मौतें कम दिखाई जा रही हैं।’ सूरत में, एक बार में पांच शवों को जलाने के लिए 18 फीट लम्बी और आठ फीट चौड़ी चिता बनाई गई है। इसमें एक साथ शवों को कुछ-कुछ दूरी पर रखकर जलाया जा रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह(digvijay singh) ने प्रधानमंत्री(prime minister) नरेंद्र मोदी(narendra modi) को देशभर में हो रहे जानलेवा कोरोना वायरस संक्रमण के बीच ऑक्सीजन(oxygen), रेमडेसिविर इंजेक्शन (remdisivir injection) और कोरोना वैक्सीन(corona Vaccine) की कमी के बाद अब जांच की किट की शॉर्टेज पर पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि किस तरह सैंपल लेने के लिए किटों की कमी के कारण ईयरबड्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने पीएम को 6 अहम बिंदुओ पर कार्य करने का सुझाव भी दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित पत्र में दिग्विजय सिंह ने लिखा कि , ‘पिछले कुछ महीनों में अप्रत्याशित रूप से कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई है। पिछले साल फरवरी में ही राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को सुनामी जैसी स्थिति के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी थी। हालांकि दुर्भाग्य है कि सरकार कोरोना के गंभीर खतरों को तब समझ नहीं पाई और आज अस्पतालों में बेड्स, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन और यहां तक कि फैबिफ्लू 800 एमजी टैबलेट्स की भी कमी है।’
दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनकी R T- P C R टेस्ट ईयरबड्स से लिया गया है। यह एक चिंता का विषय है कि पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके व वर्तमान में राज्य सभा सांसद की पद पर बैठे व्यक्ति को RT-PCR जांच के लिए जूझना पड़ रहा हो और जांच के लिए लैब से ईयरबड्स भेजे जा रहे हों।
दिग्विजय सिंह ने नरेंद्र मोदी को दिए 6 अहम सुझाव
1. केंद्र सरकार को गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए राज्यों को फंड जारी करना चाहिए।
2. दैनिक आधार पर अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई को मॉनिटर किया जाना चाहिए।
3. रेमडिसिवर इंजेक्शन जिसे एक्सपोर्ट के लिए रखा गया था उसे तुरंत ट्रांसपोर्ट कर कमी वाले राज्यो, शहरों में भेजा जाना चाहिए। मुझे जानकारी मिली है कि इसके लिए DGCI की मंजूरी चाहिए, जो तत्काल देना चाहिए।
4. प्रत्येक पीएचसी और सिविल डिस्पेंसरी में कोरोना वैक्सीन उपलब्ध करवाया जाना चाहिए और फिलहाल कोई निर्यात नहीं किया जाना चाहिए।
5. 24 घंटे ऑक्सीजन सप्लाई और जरूरी दवाओं जैसे रेमेडेसिविर और फैबिफ्लू 800 एमजी टैबलेट्स की आपूर्ति को मॉनिटर करने के लिए कंट्रोल रूम बनाए जाने चाहिए।
6. प्रत्येक पीएचसी और सिविल डिस्पेंसरी में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट्स की उपलब्धता सुनिशचित किया जाना चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने यह भी लिखा है की इस आपात स्थिति में हम सबको इस बात का एहसास होना चाहिए कि हम किन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को उन्होंने गैरजरूरी बताया है और कहा कि केंद्र को लॉकडाउन का फैसला राज्यों पर छोड़ देना चाहिए।
इस आपात स्थिति से निपटने के किए उन्होंने प्रधानमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी अपील की है। कांग्रेस नेता ने चिट्ठी के साथ ही एक नोट भी भेजा है जिसमें रेमडेसिविर इंजेक्शन की शॉर्टेज को खत्म करने के किए जरूरी उपायों पर कदम उठाने की बात की गई है।