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अपनाये ये उपाय और दिन भर रहें ताजगी से भरपूर।
सुबह उठकर तरोताजा महसूस करने के लिए हल्का-फुल्का व्यायाम जरूर करना चाहिए, ताकि पूरे दिन शारीरिक, मानसिक रूप से ऊर्जावान बनी रह सकें। अकसर सुबह नींद खुलने पर आप थोड़ा सुस्त और आलस्य महसूस करते हैं, मन करता है कि बस थोड़ी देर और सो लें, कुछ देर यूं ही आंखें मूंदें पड़े रहें। तो श्वास संबंधी व्यायाम आपकी सुस्ती को दूर भगाने में मदद करता है।
दिल्ली की फिटनेस सलाहकार मिनी थापर सुस्ती दूर करने के लिए बताती हैं कि “फेफड़ों को पूरी तरह खोलने के लिए और भरपूर ऑक्सीजन ग्रहण करने के लिए कुछ देर गहरी सांसें लें। फर्श पर चटाई बिछाकर या तो बिलकुल सीधे खड़े हो जाएं या फिर पालथी मारकर बैठ जाएं। गहरी सांसें लें, ताकि आपके फेफड़ों में शुद्ध वायु प्रवेश कर सके। अपनी पसलियों को फैलाएं, सांस को भीतर फेफड़ों तक खींचें, थोड़ी देर ऐसे ही रहें। अब धीरे-धीरे अपनी नाक से सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया को रोज सुबह पांच-दस मिनट तक दोहराएं।”
संकल्प की ताकत
दिन की शुरुआत अगर सकारात्मक संकल्प से की जाएं तो यह आपको पूरे दिन रचनात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा। यदि आप कार्यस्थल और घर की तमाम समस्याओं को निपटाना चाहते हैं तो मन में कुछ संकल्प जरूर लें। लगातार मस्तिष्क में ये शब्द दोहराते समय इनमें छिपा संदेश आपके अवचेतन में जाकर समा जाता है और यह प्रत्यक्ष तौर पर फायदा पहुंचाता है।
सुबह कुछ देर किसी पार्क में जॉगिंग जरूर करें या तेज कदमों से चलें या फिर प्रकृति के बीच थोड़ी देर बैठें। दरअसल यही वह समय होता है जब आप अपने पूरे दिन के लिए ऊर्जा ग्रहण करते हैं। अब यदि आपने कोई संकल्प लिया है तो उस पर विचार करें। जैसे, ‘मैं जैसा हूं, उसी रूप में खुद से प्यार करता हूं’, ‘मैं ऑफिस में बॉस या सहकर्मियों के साथ बेहतर और खुशगवार संबंध रख सकता हूं’, ‘मैं दूध वाले या महरी से रोज की चिकचिक को आसानी से सुलझा सकता हूं’ या फिर ‘बच्चों की पढ़ाई-कैरियर को लेकर हमेशा बने रहने वाले तनाव को खत्म कर सकता हूं..।’
इन बातों को अवचेतन में दोहराते रहें, ठीक वैसे ही जैसे हम बच्चों से मुहावरे या कविता की पंक्तियां दोहराने को कहते हैं। जब भी कोई नकारात्मक विचार या सवाल जेहन में उठने को हो, अपने संकल्पों को दोहराएं।
दोपहर की थकान को बदलें चुस्ती में
दोपहर का समय वह होता है जब आपका ऊर्जा स्तर गिरने लगता है और खुद को दोबारा से ऊर्जावान बनाना जरूरी होता है। मिनी कहती हैं कि दोपहर के समय आप दस मिनट अपनी सभी अवांछित फाइल्स, कार्यक्रम, चिट्ठी-फोन और ईमेल निपटाने के बारे में सोचें। एक बार जरूरी कार्य निपट जाएं तो थोड़ा सुस्ता लें। कोई सुगंधित ऑयल लेकर माथे पर लगा लें, इससे आपको राहत महसूस होगी।
यूकेलिप्टस, लेमनग्रास या रोजमेरी के सुगंधित ऑयल की चार बूंद किसी छोटी सी बोतल में लें। इसमें आधा पानी भरकर आसपास इसका छिड़काव करें। घड़ी की दिशा के अनुसार अपने चारों ओर स्प्रे करें, कोने में, डेस्क या कंप्यूटर के आसपास भी स्प्रे कर सकते हैं।
काम के दबाव से बचने के लिए
मिनी थापर बताती हैं कि डेस्क या टेबिल पर कोहनी टिकाकर बैठें, हाथों को सीने के सामने से लाते हुए हथेलियों को गालों के ऊपर से लाते हुए अपनी आंखें बंद करें। यदि आप घर में हैं तो लेटकर भी यह प्रक्रिया दोहरा सकते हैं, लेकिन अपने घुटनों को मोड़ लें।
दोनों हथेलियों को तब तक साथ रगड़ें जब तक कि वे गर्म न हो जाएं और फिर उन्हें बंद आंखों के ऊपर रखें। गहरी सांसें भरें, इस तरह कि बंद आंखों के अंधेरे को महसूस कर सकें, थकी आंखों पर हथेलियों की गर्माहट का अनुभव करें। इसे महसूस करते हुए मस्तिष्क को खाली कर लें। गहरी सांसें लें, किसी भी समस्या और तनाव का अनुभव न होने पाए। पांच-दस मिनट तक ऐसा करें। शाम के समय भी कुछ ऐसा करें कि दिन भर की थकान मिट सके।
आसान क्रियाएं राहत पहुंचाएं
यदि आप दफ्तर से गर्दन और कंधे के दर्द के साथ लौटती हैं तो नियमित व्यायाम जरूरी है। ऐसा करने से मांसपेशियों के दर्द में चंद मिनटों में ही राहत मिल सकती है।
फर्श पर चटाई बिछाकर बैठें। गर्म तौलिए को गर्दन के चारों ओर लपेट लें। कुछ सेकंड तक ऐसे ही रहें। इस क्रिया को छह बार दोहराएं।
तौलिए के दोनों किनारों को खींचकर पकड़ें और अपने कंधे के चारों ओर लपेटें। उंगलियों का हलका सा दबाव पिछले कंधे पर बनाए रखें। हथेलियों को इधर-उधर घुमाती रहें ताकि कंधे पर दबाव बना रहे। थोड़ी देर ऐसा करने के बाद तौलिया हटा लें। इसे छह बार दोहराएं। व्यक्ति स्वाभाविक तौर पर सदा स्वस्थ नहीं रह सकता, इसलिए फिट बने रहने के लिए निरंतर प्रयास की जरूरत होती है।
अपनाएं इन बातों को भी
फिट रहने के लिए योग-ध्यान, सुबह की सैर के साथ जरूरी है कि जो भी खाएं, शरीर की जरूरतों के हिसाब से खाएं। फिटनेस सलाहकार मिनी कहती हैं कि पाचन क्रिया सुचारु होनी चाहिए। थकान या सुस्ती होने पर लेटकर या बैठकर पीठ संबंधी व्यायाम करने से फायदा होता है। हमारा तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) मस्तिष्क से संचालित होता है, छिटपुट व्यायाम करने से दिमाग सक्रिय व सकारात्मक ढंग से सोचने लगता है, जिसका फायदा शरीर को होता है। यदि आप दिन भर कुर्सी पर बैठे रहते हैं तो अनुलोम-विलोम लाभदायक होगा। सुबह सूर्योदय से पहले खाली पेट प्राणायाम करना भी अछा होता है। कपालभारती व वज्रासन भी ठीक होता है।
QUICK BITES:
- दिन भर तरोताजा रहने के लिए रात को पर्याप्त नींद लें।
- हर रोज सुबह योग, व्यायाम या प्रणायाम की आदत डालें।
- खुश रहना सीखें इससे आप हमेशा तरोताजा रहेंगे।
- तनावमुक्ति के उपाय अपनाएं और खुश रहे
तनावमुक्ति के लिए कुछ अन्य क्रियाएं कर सकते हैं:
1. कुर्सी पर बिलकुल सीधी बैठें, आंखें बंद करें और भीतर से गहरी सांस लें।
2. धीरे-धीरे सांस लेते हुए महसूस करें कि तपती दुपहरी में आप मैदान में बैठे हैं। आसमान साफ नीला है, लेकिन बादल का एक घना टुकड़ा सूरज को ढांप रहा है। ठीक यही दृश्य अपने शरीर के आसपास भी स्थित करके सोचें कि वहां भी कोई बादल का टुकड़ा है, जो उस चुस्ती को कम कर रहा है।
3. देखें कि बादलों का वह घना टुकड़ा छोटा और छोटा होता जा रहा है, सूरज साफ चमकने लगा है, इसकी गर्माहट को तब तक महसूस करें जब तक कि सूरज बादल के आखिरी टुकड़े को नहीं मिटा डालता, जब तक कि शरीर में दर्द का-तनाव का-दबाव का थोड़ा सा भी अंश बचा रह जाता है। अब पूरे शरीर में सूरज की पीली ऊर्जा देने वाली रोशनी को महसूस करें।
4. जूते-मोजे उतार लें, हरी घास पर नंगे पैर टहलें। पृथ्वी की ऊर्जा महसूस करें, ताजा हवा भीतर खींचें। हरियाली को आंखें बंद कर कल्पना में महसूस करें।
5. पांच-दस मिनट तक घास पर टहलें, मिट्टी की सोंधी गंध को नथुनों से-फेफड़ों से खींचें।
देश में पहली बार जारी हुआ ‘नोटा का घोषणापत्र’, लोगों को जागरूक करना लक्ष्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण का मतदान कल होना है इस बीच सभी सियासी दलों ने अपना अपना घोषणापत्र भी जनता के बीच पहुंचा दिया है जनता हर बार की तरह इस बार भी इन घोषणपत्रों को एक नजर देख रही है और अलग रख दे रही है तो कुछ उत्सुक नव युवा इन घोषणापत्रों को पढ़ रहे हैं और अपने साथियों से चर्चा कर रहे हैं।
इसी बीच राजधानी में एक अनोखा घोषणापत्र जारी हुआ है यह अनोखा इसलिए है क्योंकि ये किसी राजनैतिक दल का नही बल्कि नोट का है वही नोट जिसकी घोषणा 2013 में हो चुकी है लेकिन आज तक वो अपने अंजाम तक नहीं पहुँच पाया।
इस घोषणापत्र का शीर्षक ‘नोटा का घोषणापत्र’ है और इसकी पहली लाइन में ही नोटा का इतिहास लिखा गया है इसको लिखा है देश के युवा पत्रकार अनुराग सिंह ने.
जानिए क्या है नोटा?
नोटा एक ऐसा विकल्प है जो आपको चुनाव में खड़े किसी भी प्रत्याशी को न चुनने का अवसर देता है.
यह विकल्प ईवीएम मशीन में सबसे आखिरी में होता है जिसमें NONE OF THE ABOVE लिखा होता है.
इस घोषणापत्र को जारी करने वाले लोग खुद को ‘नोटा मित्र’ कहते हैं नोटा मित्र’ मंडली में राजधानी के रहने वाले टीचर, अधिवक्ता और पत्रकार तक जुड़े हुए हैं इस टीम ने पिछले साल लखनऊ में फैली मच्छर जनित बिमारी डेंगू के समय लोगों की मदद करने के साथ ही प्रशासन के खिलाफ भी मोर्चा खोला था।
मंडली के संयोजक के अरविंद शुक्ल हैं, जो पेशे से अंग्रेजी के अध्यापक हैं इन्होंने कुछ दिनों पहले हाईकोर्ट में नोटा के प्रचार-प्रसार को लेकर एक जनहित याचिका दायर की थी उन्होंने कहा कि ‘इस पर हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा था और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए नोटा का प्रचार करने का आदेश दिया था।
पिछले साल राजधानी के मड़ियांव क्षेत्र में डेंगू फैल गया था जिसके कारण काफी लोगों की मौत हो गई, और कई मरीज काफी दिनों तक अस्पतालों में भर्ती रहे इससे व्याथित अरविन्द ने ये अभियान शुरू किया था जिसका उद्देश्य ऐसे जनप्रतिनिधियों को हटाना है जो जनता के काम नही आते इसीलिए उन्होंने ये अभियान शुरू किया जिससे लोगों के बीच में जागरूकता फैले।
लोकतंत्र जीता, NDTV पर लगे एक दिन के बैन को सरकार ने हटाया
Newbuzzindia: एनडीटीवी इंडिया पर लगाया गया एक दिन का बैन हटा दिया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने यह खबर दी है। एनडीटीवी इंडिया को ठानकोट कवरेज के दौरान संवेदनशल जानकारी प्रसारित करने के लिए नौ नवंबर को ऑफ एयर रहने का आदेश दिया गया था। इस पर काफी विवाद हुआ था। पीटीआर्इ ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हिंदी चैनल एनडीटीवी इंडिया के खिलाफ जारी आदेश को रोक दिया है। वहीं एएनआई के अनुसार, हाल फिलहाल नौ नवंबर के ब्लैक आउट आदेश को होल्ड पर रखा गया है। मंत्रालय इस पर विचार कर रहा है। इससे पहले सोमवार को चैनल ने बैन के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
इससे पहले सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक एनडीटीवी इंडिया चैनल ने इस साल जनवरी में पठानकोट एयर बेस पर हुए आतंकी हमले की कवरेज में संवेदनशील जानकारी लीक की थी। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंच सकता था और आम लोगों और सुरक्षाकर्मियों की जान को खतरा पहुंच सकता था क्योंकि आतंकी भी लगातार टीवी चैनलों के संपर्क में थे। चैनल ने पठानकोट हमले के दौरान एयरबेस में रखे गोला-बारूद, एमआईजी फाइटर विमान, रॉकेट लॉन्चर, मोर्टार, हेलीकॉप्टर्स उनके फ्यूल टैंक के बारे में जानाकरी साझा की थी। ये सूचनाएं पाकर आतंकी या उनके आका हमारे सुरक्षा ठिकानों को और अधिक नुकसान पहुंचा सकते थे।
इस संबंध में चैनल को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अपने जबाव में चैनल ने इसे सब्जेक्टिव इन्टरप्रिटेशन कहा था। साथ ही कहा था कि ये जानकारी पब्लिक डोमेन में पहले से ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर उपलब्ध है। जिसके बाद सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय ने 9 नवंबर को चैनल के प्रसारण पर बैन लगाने का आदेश दिया। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने इस निर्णय की कड़ी आलोचना की है और इसे प्रेस की स्वतंत्रता का ‘‘प्रत्यक्ष उल्लंघन’’ करार दिया था। संपादकों के समूह ने मांग की कि इस आदेश को ‘‘तत्काल रद्द’’ किया जाए।
तो न्यायप्रणाली को ही बंद करना चाहती है मोदी सरकार!! सुप्रीम कोर्ट ने लगाई जबर्दस्त फटकार
NewBuzzIndia: सुप्रीम कोर्ट ने कोलेजियम की सिफारिशों के बावजूद हाईकोर्टों में जजों की नियुक्ति नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए प्रधान न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालती कक्ष बंद हैं। क्या आप न्यायपालिका को बंद करना चाहते हैं ? आप पूरे संस्थान के काम को पूरी तरह ठप नहीं कर सकते। कोर्ट ने आगे नाराज़गी जताते हर सरकार से कहा कि आप पूरे संस्थान को काम करने से पूरी तरह से नहीं रोक सकते।
पीठ ने कहा कि ‘मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर’ को अंतिम रूप नहीं दिए जाने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया ‘ठप नहीं हो सकती’। कोर्ट ने जजों की नियुक्ति से जुड़ी फाइलों को आगे बढ़ाने की धीमी रफ्तार की आलोचना करते हुए चेताया कि वह तथ्यात्मक स्थिति पता करने के लिए पीएमओ और विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिवों को तलब कर सकती है। इस पीठ में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव भी शामिल थे। अदालत इस मामले में अब 11 नवंबर को आगे सुनवाई करेगी।
नहीं मिल रही Reliance Jio की सिम ?? यहाँ call करें और ले जाएं SIM
NewBuzzIndia: रिलायंस जियो ने अपने जबरदस्त ऑफर्स के वजह से सभी के दिलों दिमाग पर छाया हुआ है। अपने कॉलिंग, डेटा, रोमिंग और एसएमएस जैसी सुविधाएं देकर टेलिकॉम बाजार में हलचल मचा रखी है। 5 सितंबर से शुरू हुए रिलायंस के जियो वेल्कम ऑफर के तहत कोई भी 4जी स्मार्टफोन यूजर्स जियो सिम खरीद सकता है। ग्राहक को 31 दिसंबर तक अनलिमिटेड एचडी वॉयस और वीडियो कॉलिंग, अनलिमिटेड 4G डेटा, मैसेजिंग और जियो एप्स की फ्री सब्सक्रिप्शन दी जाएगी। ऐसे में सिम को खरीदने की होड़ सी मच गई है। लेकिन अभी भी कुछ लोग हैं जिन्हें नहीं पता सिम कैसे और कहां मिलेगी। उनके लिए हम बताना चाहते हैं कि आप एक फोन कॉल से सिम पा सकते हैं। इसके लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
– शुरुआत में रिलायंस जियो सिम सिर्फ रिलायंस डिजिटल के स्टोरों पर उपलब्ध थें। मगर अब जियो सिम कई आउटलेट्स तथा मोबाइल फोन की दुकानों पर भी उपलब्ध होंगे।
– संभव है कि आपके इलाके में भी किसी मोबाइल स्टोर पर सिम मिल जाए।
– ग्राहकों को स्टोर खोजने में परेशानी ना हो, इसके लिए जियो ने अपनी वेबसाइट पर एक सुविधा दी हुई है।
– इसके लिए कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट jio.com पर जाएं।
– होमपेज पर ही ऊपर की ओर एक ऑप्शन Find a store दिखेगा, इसपर क्लिक करें।
– अब यहां सर्च ऑप्शन में अपनी एरिया डाल नजदीकी स्टोर की डीटेल पा सकते हैं।
– यहां आपको नजदीकी स्टोर का नाम, एड्रेस और फोन नंबर भी मिलेगा। दिए गए नंबर पर कॉल कर जान लें कि आपके लिए जियो सिम उपलब्ध है या नहीं।
– यह तरीका ऐसे कई लोगों के लिए कारगर है जो अपने दोस्तों से यह पूछते रहते थे कि उन्हें जियो सिम कहां मिलेगा, अब खुद भी जानिए और दूसरों को भी बताइए।
तो इन handsets में support करेगा अब Reliance Jio का सिम, जाने क्या आपका फ़ोन भी है इस लिस्ट में ?
NewBuzzIndia: रिलायंस जियो 4जी की लांचिंग ने देश भर के टेलीकम्यूनिकेशन कंपनियों की नींद उड़ा दी है। जबर्दस्त डाटा और कॉलिंग ऑफर के साथ आज जियो हर किसी के ज़ुबान पर छाया हुआ है। पर GSM उपभोक्ताओं के बीच लगातार कंफ्यूजन की स्थिति बनी हुई है की क्या रिलायंस जियो का सिम उनके फ़ोन में सपोर्ट करेगा या नहीं।
तो आइए हम आपके इस समस्या का समाधान करते है। हाल में जियो ने एक सूची जारी की है जिसमें उसने उन तमाम मोबाईल कंपनियों को दर्शाया है जिसमे जियो का GSM सिम सपोर्ट करेगा। इन हैंडसेट्स पर जियो ने 90 दिनों का प्रिव्यू ऑफर दे रखा है। इस ऑफर के तहत 90 दिन के लिए मुफ्त अनलिमिटेड 4जी इंटरनेट, अनलिमिटेड वॉयस और वीडियो कॉलिंग व एसएमएस दिए जाते हैं। शुरुआत में यह ऑफर सिर्फ रिलायंस के LYF सीरीज स्मार्टफोन के लिए था, फिर इसे सैमसंग और एलजी तक बढ़ाया गया और बाद में पैनासोनिक, माइक्रोमैक्स और YU तक पहुंचा दिया गया था।
Samsung: Grand Prime 4G, Galaxy J1, Galaxy J2, Galaxy J7, Galaxy J5, J5 (2016), J7 (2016), ON5 Pro, ON7 Pro, Galaxy S 5 Plus, Galaxy A5, Galaxy A7, Galaxy Core Prime 4G, Galaxy S6, Galaxy J3 (2016), ON7, Galaxy J2 Pro, Galaxy Note 7, Galaxy A8, Galaxy S6 Edge, ON5, Galaxy Note 5, Galaxy Note 4, Galaxy Alpha, Galaxy S6 Edge Plus, Galaxy Note 4 Edge, Galaxy Note 5 Duos, Galaxy S5 Neo, S7, Galaxy A5 (2016), Galaxy A7 (2016), S7 Edge, A8 VE, Galaxy J2 (2016), J Max, Galaxy A9, Galaxy A9 Pro, Galaxy C5, Galaxy C7
Micromax: Canvas Unite 4, Canvas Fire 6, Canvas Pulse 4G, Canvas Nitro 4G, Canvas Knight 2, Canvas 5, Canvas Evok, Canvas 6 Pro,Canvas 6, Canvas Blaze 4G, Unite 4 Pro, Canvas Play 4G, Canvas Amaze 4G, Unite 4 Plus, Canvas Fire 4G, Canvas Fire 4G plus, Canvas Xpress 4G, Canvas Blaze 4G Plus, Canvas Pace 4G, Canvas Mega 4G, Bolt Selfie, Canvas Mega 2, Canvas Sliver 5, Canvas Juice 4G, Canvas 5 Lite, Canvas 5 Lite Special Edition, Canvas Tab
LG: LGH630D (G4 Stylus 4G) & LGH 442 (LGC70 Spirit LTE), K332 (K7 LTE), K520DY (Stylus 2), K520DY, H860 (LG G5), K500I (X Screen), K535D (Stylus 2 Plus)
Yu Smartphone: Yu Yuphoria, Yureka Plus, YU Note, Yu Yureka, Yu Yutopia, Yunique, Yuphoria, Yureka S, Yunicorn
Asus: ZenFone Zoom (ZX551ML), ZenFone Go 5.0 LTE (T500), ZenFone 2 Laser (ZE550KL), ZenFone 2 (ZE551ML), ZenFone Max (ZC550KL), ZenFone 2 Laser 5.0 (ZE500KL), ZenFone 2 (ZE550ML), ZenFone Selfie (ZD551KL), ZenFone 2 Laser (ZE601KL), ZenFone 3 ZE552KL, ZenFone 3 Laser (ZC551KL), ZenFone 3 (ZE520KL), ZenFone 3 (ZS570KL), ZenFone 3 (ZU680KL)
Panasonic: Eluga Mark, Eluga Turbo, Eluga Arc, Eluga L, Eluga Switch, Eluga Icon, T45, Eluga I2 ( 1GB ), Eluga L2, Eluga I2 2GB, Eluga I2 3GB, Eluga I3, Eluga Icon 2, Eluga A2, Eluga Note, P55 Novo 4G, Eluga Arc 2, P77
Alkatel: POP3, POP Star, POP4, OneTouch X1, Pixi 4 -5
TCL: TCL 560, Pride T500L, FIT 5.5, TCL 562
हमारा दावा आप नहीं जानते होंगे एक आम आदमी से जुड़े ये कानूनी अधिकार, जाने अपनी ताक़त
NewBuzzIndia:
हमारे देश में कानूनन कुछ ऐसी हकीक़तें है, जिसकी जानकारी हमारे पास नहीं होने के कारण हम अपने अधिकार से महरूम रह जाते है।
हम आपके लिए लाए हैं कानून की कुछ ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां, जो कभी ना कभी आपके लिए कारगर साबित होंगे।
1. शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकती
कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर चाहे गुनाह कितना भी संगीन क्यों ना हो। अगर पुलिस ऐसा करते हुए पाई जाती है तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत (मामला) दर्ज की जा सकती है। इससे उस पुलिस अधिकारी की नौकरी खतरे में आ सकती है।
2. सिलेंडर फटने से जान-माल के नुकसान पर 40 लाख रूपये तक का बीमा कवर क्लेम कर सकते हैं
पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत अगर किसी कारण आपके घर में सिलेंडर फट जाता है और आपको जान-माल का नुकसान झेलना पड़ता है तो आप तुरंत गैस कंपनी से बीमा कवर क्लेम कर सकते है. आपको बता दे कि गैस कंपनी से 40 लाख रूपये तक का बीमा क्लेम कराया जा सकता है। अगर कंपनी आपका क्लेम देने से मना करती है या टालती है तो इसकी शिकायत की जा सकती है। दोषी पाये जाने पर गैस कंपनी का लायसेंस रद्द हो सकता है।
3. कोई भी हॉटेल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों ना हो… आप फ्री में पानी पी सकते है और वाशरूम इस्तमाल कर सकते हैं
इंडियन सीरीज एक्ट, 1887 के अनुसार आप देश के किसी भी हॉटेल में जाकर पानी मांगकर पी सकते है और उस हॉटल का वाश रूम भी इस्तमाल कर सकते है। हॉटेल छोटा हो या 5 स्टार, वो आपको रोक नही सकते. अगर हॉटेल का मालिक या कोई कर्मचारी आपको पानी पिलाने से या वाश रूम इस्तमाल करने से रोकता है तो आप उन पर कारवाई कर सकते है। आपकी शिकायत से उस हॉटेल का लायसेंस रद्द हो सकता है।
4. गर्भवती महिलाओं को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता
मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 के मुताबिक़ गर्भवती महिलाओं को अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। मालिक को पहले तीन महीने की नोटिस देनी होगी और प्रेगनेंसी के दौरान लगने वाले खर्चे का कुछ हिस्सा देना होगा। अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सरकारी रोज़गार संघटना में शिकायत कराई जा सकती है। इस शिकायत से कंपनी बंद हो सकती है या कंपनी को जुर्माना भरना पड़ सकता है।
5. पुलिस अफसर आपकी शिकायत लिखने से मना नहीं कर सकता
आईपीसी के सेक्शन 166ए के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी कोई भी शिकायत दर्ज करने से इंकार नही कर सकता। अगर वो ऐसा करता है तो उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अगर वो पुलिस अफसर दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम 6 महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है या फिर उसे अपनी नौकरी गवानी पड़ सकती है।
ये वो महत्वपूर्ण जानकारियां हैं, जो हमारे देश के कानून के अंतर्गत आती तो हैं पर हम इनसे अंजान हैं। इन जानकारियों को आप तक पंहुचा कर लोगों के अंदर जागरूकता फैलाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।





