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रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर बीजेपी ने किया पलटवार, कहा कांग्रेस के नेता है शामिल और आरोप हमपर लगाती है

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मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह द्वारा सीएम शिवराज के साथ इंजेक्शन कालाबाजारी के आरोपी का फोटो ट्विटर में पोस्ट करने के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा कालाबाजारी और नकली रेमडेसिविर के मामले मे कांग्रेस के नेता शामिल है और आरोप हमपर लगा रहे है।

बता दे कि बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार लगातार ऐसे लोगों पर रासुका की कार्रवाई कर ही रही है। उन्होंने ये भी कहा कि किसका फोटो किसके साथ है ये सवाल नहीं लेकिन ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो रही है या नहीं वो बड़ा सवाल है।

वहीं इस मामले को लेकर चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग भी मैदान में आ गए है। उन्होंने दिग्विजय के ट्वीट पर कहा कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हमारी सरकार ने की है अब कोई किसी के साथ फोटो खिंचवा लें लेकिन अपराध करेगा तो कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल प्रबंधन ने सबूत मिटाने के लिए ले ली 5 मरीजो की जान

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सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा के मामले में एक महिला ने गम्भीर आरोप लगाते हुए एसपी ऑफिस में शिकायत की है। आरोप है कि पुलिस रेड से पहले सिटी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती 5 मरीज जिन्हें रेमडेसिविर लगे थे उनकी हत्या कर दी गई ताकि वे पुलिस के सामने बयान न दे सकें।महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति का इलाज सिटी हॉस्पिटल में चल रहा था। उसके पति को भी नकली रेमडीसीवीर इंजेक्शन लगाए गए जिससे उसकी मौत हो गई। और उस दिन पुलिस के आने की कुछ घंटे पहले ही आईसीयू में भर्ती कम से कम पांच मरीजों की अचानक एक साथ बेहद संदिग्ध तरीके से मौत हो गई थी।

पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति का इलाज सिटी हॉस्पिटल में चल रहा था। उसके पति को भी नकली रेमडीसीवीर इंजेक्शन लगाए गए जिससे उसकी मौत हो गई। और उस दिन पुलिस के आने की कुछ घंटे पहले ही आईसीयू में भर्ती कम से कम पांच मरीजों की अचानक एक साथ बेहद संदिग्ध तरीके से मौत हो गई थी।

पीड़ित महिला ने जानकरी देते हुए कहा कि उसके पति को 1 मई को कोरोना के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था और 7 मई तक उसकी वीडियो काल के माध्यम से लगातार बात हो रही थी। फिर 9 मई को अस्पताल प्रबंधन ने बताया उसके पति की मौत हो गई है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं दी बल्कि इलाज के नाम पर साढे तीन लाख रुपए भी ले लिए।

दरअसल पीड़ित महिला ने सरबजीत सिंह मोखा के खिलाफ हत्या के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मामले को देख रहे एडिशनल एसपी रोहित काशवानी ने पीड़ित महिला को उचित जांच का आश्वासन दिया है।

मध्यप्रदेश में असली रेमडेसिविर इंजेक्शन से हो रहीं है मरीजो की मृत्यु : मंत्री उषा ठाकुर

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मध्य प्रदेश की कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर ने इस दफा एक बड़ा बयान दे दिया है। और रेमडेसिविर इंजेक्शन पर ही उन्होंने सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि नकली रेमडेसिविर लगने के बाद भी लोगों की जान बच रही है। ये सोचने वाली बात है कि कहीं असली रेमडेसिविर इंजेक्शन की डोज देने के कारण मौत हो रही है।

उन्होंने कहा कि कई बार हाईडोज बहुत ज्यादा तकलीफ दे रहा है। मैंने खुद कई ऐसी मृत्यु देखी है जो मुझे भी लगता है कि इंजेक्शन के हाईडोज की वजह से हुई है। उदाहरण देते हुए कहा कि किसान संघ का नेता मोहन पांडेय उसे 6 रेमडेसिविर लगे, टोसी लगे लेकिन उसे बचा नहीं पाए।

उन्होंने आगे कहा कि रेमडेसिविर और टोसी संजीवनी बूटी नहीं है और न ही प्रमाणिक इलाज। कोई भी इसके पीछे ना पड़ें। ये डॉक्टर तय करेगा कि इंजेक्शन देना है या नहीं।

वहीं मंत्री ने यज्ञ की आहुति देने वाले बयान पर टिकी रही और कहा कि तथ्यों के आधार पर मैं प्रमाण दे सकती हूं कि वैदिक पद्धति कितनी कारगर है। स्वस्थ्य रहने के लिए वैदिक जीवन पद्धति को अपनाना ज़रूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ये माना है कि भारतीय वैदिक जीवन पद्धति को अपनाना ज़रूरी है।

मध्यप्रदेश की जबलपुर पुलिस ने किया सरबजीत सिंह मोखा को गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश के जबलपुर में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में पुलिस ने सिटी अस्पताल संचालक एवं मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह के साथ पुलिस एनएसए (NSA) के तहत कार्रवाई करेगी।

दरअसल पुलिस की दी गई जानकारी के हिसाब से सरबजीत सिंह मोखा की गिरफ्तार के बाद कई आरोपी इस मामले में सामने आ सकते है। वहीं पुलिस अब मुख्य आरोपी को जांच के लिए कई ठिकानों पर ले जाएगी। साथ ही कोर्ट में भी पुलिस आरोपी के रिमांड करने की बात कर रही है।

बता दे कि नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद विश्व हिंदू परिषद(VHP) ने सरबजीत सिंह मोखा को जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। इसका निर्णय विहिप की उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया है।

मध्यप्रदेश में नहीं रुक रहीं हैं रेमडेसिविर की कालाबाजारी

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सरकार की सख्ती के बाद भी मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर की कालाबाजारी के मामले थम नहीं रहे हैं। आज फिर भोपाल की गांधी नगर पुलिस ने दो रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बता दे कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नाम गौरव लोधी और सर्जन सिंह है। जिसमें से एक आरोपी मेडिकल स्टोर का मालिक है वहीं दूसरा दवाईयों की सप्लाई करता है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी 27 हजार रुपये में बेचने की फिराक में थे। और फिर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये इंजेक्शन इंदौर के एक शख्स ने उन्हें बेची थी।

दरअसल रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर सरकार सख्त है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी कलेक्टरों को कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन से भरा विमान ग्वालियर में हुआ दुर्घटनाग्रस्त

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रेमडेसिविर इंजेक्शन ला रहा मध्य प्रदेश सरकार का एक विमान ग्वालियर एयरपोर्ट पर गुरुवार रात तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस विमान के पायलट और सह-पायलट को हादसे में मामूली चोटें आई है। बता दे कि वे दोनों सुरक्षित है और इंजेक्शन भी सुरक्षित है।

दरअसल ग्वालियर जिले के पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने कहा कि हादसा ग्वालियर के महाराजपुर एयरपोर्ट पर गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ था। उन्होंने ये भी कहा कि ये विमान उतरते वक्त रनवे से थोड़ा सा फिसल गया।

मध्य प्रदेश सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की प्रदेश में चल रही कमी के चलते जल्द से जल्द कोविड-19 के मरीजों को इंजेक्शन मुहैया कराने के लिए इस विमान को सेवा में लगाया था।

मध्यप्रदेश में लगातार हो रही है दवाइयों की कालाबाजारी

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मध्य प्रदेश में कालाबाजारी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। ऐसे में इंदौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी सामने आई है। इंदौर की विजयनगर पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से 5 रेमेडीसिविर इंजेक्शन के साथ ही 4 एंटीबायोटिक इंजेक्शन व अन्य दवाइयां पुलिस ने बरामद किया है।

बता दे कि सभी आरोपी मेडिकल स्टोर में काम करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने कहा कि वे 25 से 35 हजार में इंजेक्शन बेचते थे और अब तक 100 से ज्यादा इंजेक्शन बेच चुके हैं। मामले में पुलिस आरोपियों के बाकी साथियों की तलाश में जुटी है।

इंदौर में पिछले 24 घंटे में 10475 सैंपल की जांच की गई, जिसमें 1832 मरीज सामने आए। यह लगातार 7वां दिन है, जब यहां नए केस 1800 के पार आए हैं। हालांकि संक्रमण दर अन्य तीनों बड़े शहरों से काफी नीचे 18% है। यहां लगातार दूसरे दिन भी 2000 से ज़्यादा मरीज स्वस्थ हुए। एक्टिव केस भी घटकर 11 हजार 992 हो गए है।

अजब प्रेम की गजब कहानी,’आपदा को अवसर’ बनाने वाली नर्स निकली जान की सौदागर

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आपने ‘आपदा को अवसर’ में बदलने वाले कई लोगों के किस्से सुनें होंगे लेकिन क्या आपने कोई ऐसा घटनाक्रम सुना है जब कोई किसी की जान से ही खिलवाड़ कर जाए? लेकिन ऐसा ही मामला भोपाल में सामने आया है जहां पर एक नर्स ने अपने पेशे से अन्याय किया है।

दरअसल, भोपाल के जे के अस्पताल की नर्स कोरोना मरीजों को नॉर्मल इंजेक्शन लगाकर रेमडेसिविर चुरा लेती थी और अपने प्रेमी के जरिए उसे ब्लैक में बिकवाती थी।

इस इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर जब कोलार पुलिस ने एक युवक को दबोचा, तब इस कहानी का सच सामने आया। पुलिस ने कहा कि गिरधर कॉम्प्लेक्स, दानिशकुंज निवासी झलकन सिंह की प्रेमिका शालिनी जे के अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ है। बता दे कि आरोपी नर्स अभी फरार है।

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसकी प्रेमिका इंजेक्शन रेमडेसिविर की बजाय दूसरा नॉर्मल इंजेक्शन मरीज को लगा देती थी। उसके बाद ये इंजेक्शन 20 से 30 हजार रुपए में बेचता था। आरोपी ने ये भी बताया कि उसने जे के अस्पताल के ही डॉक्टर शुभम पटेरिया को भी 13 हजार रुपए में इंजेक्शन बेचा है। इसका पैमेंट उसको ऑनलाइन किया गया था।

बताया जा रहा है कि जे के अस्पताल में एडमिट एक मरीज के परिजन से झलकन ने इंजेक्शन का सौदा किया था। कीमत को लेकर खींचतान होती रही और इसी बीच उसके मरीज की मौत हो गई। इस बात से नाराज होकर उसने सूचना गोपनीय तरीके से पुलिस अफसरों तक पहुंचाई। इसके बाद झलकन पर निगरानी रखी जा रही थी। उसके जेब में इंजेक्शन होने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद तत्काल घेराबंदी हुई और पुलिस ने उसको धर दबोचा।


पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 389, 269, 270 और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शालिनी वर्मा की तलाश की जा रही है। इस मामले में डीआईजी इरशाद वली ने कहा कि जीवन रक्षक इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे सभी आरोपियों पर रासुका लगाई जाएगी।

मध्यप्रदेश में नहीं रुक रही रेमडिसीवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी

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मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर के कालाबाजारी का फिर एक मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बलने कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए कारगर रेमडिसीवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में निजी अस्पताल के दो चिकित्सकों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया।

एसटीएफ (जबलपुर) के पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी ने बताया कि इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए दो चिकित्सकों और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किये गये आरोपियों में डॉ. जीतेन्द्र सिंह ठाकुर , डॉ. नीरज साहू , सुधीर सोनी , राहुल विश्वकर्मा और राकेश मालवीय शामिल हैं।

नीरज सोनी ने कहा कि डॉ. जीतेन्द्र ‘लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल’ में है जबकि डॉ. नीरज आशीष अस्पताल में काम करते है। बाकी तीनों शंकरधानी अस्पताल में काम करते है। उन्होंने ये भी कहा कि आरोपियों के पास से चार रेमडिसीवीर इंजेक्शन, छह मोबाइल फोन, एक चार पहिया वाहन एवं 10,400 रूपये नगद बरामद किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इस समय को कहा ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ , केंद्र सरकार से मांगा है जवाब

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कोरोना संकट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, देश में इमरजेंसी जैसे हालात

देश में फैले कोरोना संक्रमण(Corona) पर सुप्रीम कोर्ट(Supreem Court) ने सख्त टिप्पणी की है SC ने कहा कि देश मे इमरजेंसी जैसे हालात हो गए हैं।

देश के बिगड़ते हालात पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्व संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया है। कोर्ट ने मोदी सरकार से पूछा है कि ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर केंद्र के पास क्या प्लान है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को ऐसे समय में नोटिस जारी किया है जब दिल्ली हाईकोर्ट,मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बेड़ों की कमी,ऑक्सीजन की कमी को लेकर राज्य और केंद्र सरकारों को बुरी तरह लताड़ लगा चुके हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश(CJI) एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायधीशों की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को कोविड-19 पर राष्ट्रीय स्तर की योजना बनाकर पेश करने के लिए कहा है।

कोर्ट ने केंद्र के वकील को दिए दिशानिर्देशों में कहा है कि आप केंद्र की तरफ से ऑक्सीजन की आपूर्ति, आवश्यक दवाओं की आपूर्ति, वैक्सीनशन का तरीका और राज्यों में लॉकडाउन के फैसले पर अपना जवाब पेश करे। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को करेगी।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से मचे हाहाकार पर ऐसे समय टिप्पणी की है जब कल ही दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर केंद्र सरकार को बुरी तरह लताड़ा था। कल देर शाम एक याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि केंद्र चाहे भीख मांगे, उधार ले या चोरी करे, बस ऑक्सीजन लाकर दे। न्यायालय ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि हम ऑक्सिजन की कमी से इस तरह लोगों को मरता नहीं देख सकते।