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महाराष्ट्र में कांग्रेस के समर्थन के बाद महागठबंधन की सरकार बनना लगभग तय
महाराष्ट्र में पूरे दिन बातचीत, बैठक और विचार- विमर्श के दौर के बाद आखिरकार कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन का पत्र दे दिया है। समाचार चैनल एबीपी न्यूज़ के हवाले से यह खबर प्राप्त हुई है।
Breaking @ABPNews Cong sends letter of Support to @ShivSena @IamRajnishAhuja
— Ashish K Singh (ABP News) (@AshishSinghLIVE) November 11, 2019
बता दें कि आज शाम लगभग 5 बजे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से संपर्क करके सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा था। जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने महाराष्ट्र कांग्रेस के विधयकों से बातचीत की।
विधायकों से बातचीत करने के बाद कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन पत्र दे दिया है।
सूत्रों के हवाले से खबर, कांग्रेस ने सैद्धांतिक तौर पर शिवसेना को समर्थन दिया…
— Aadesh Rawal (@AadeshRawal) November 11, 2019
बता दें कि शिवसेना को आज शाम 7:30 बजे तक गवर्नर के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करना है। वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह समर्थन देने पर फैसला कांग्रेस प्रमुख से बात करने के बाद लेंगे।
ऐसे में कांग्रेस के समर्थन के बाद महाराष्ट्र में शिवसेना- एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है।
बड़ी खबर: सरकार बनाने उद्धव ठाकरे ने की सोनिया गांधी ने बातचीत
महाराष्ट्र में चल रही सियासी उथल-पथल के बीच अब शिवसेना प्रमुख ने कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से फ़ोन पर बातचीत की है। सूत्रों के मुताबिक दोनों ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर बातचीत की। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मिताबिक अभी से कुछ समय पहले ही दोनों नेताओं ने फ़ोन पर बातचीत की।
दता दें कि कुछ ही देर में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के गवर्नर से मुलाकात करने जाएंगे। उन्हें गवर्नर की तरफ से सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए 7:30 बजे तक का समय दिया गया है।
महाराष्ट्र में सरकार गठन से पहले अस्पताल में भर्ती संजय राउत
शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत की तबीयत आज अचानक खराब हो गई है। जिसके बाद उन्हे मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। तबियत खराब होने के कारण का अभी तक पता नही चल सका है लेकिन हिन्दी अखबार दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार संजय राउत के भाई ने एक मराठी चैनल से बात करते हुए कहा कि उनकी हालत स्थिर है और ज्यादा चिंता की बात नहीं है।
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही संजय राउत भाजपा पर काफी हमलावर है। वह शिवसेना के मुखपत्र सामना के कार्यकारी संपादक भी हैं।
शिवसेना के पास समय बेहद कम
शिवसेना सांसद संजय राउत की तबीयत ऐसे समय खराब हुई है जब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता दिया है। शिवसेना नेता शाम 6 बजे के बाद राज्यपाल से मिलने जाएंगे। वहीं सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए शिवसेना के पास शाम 7.30 बजे तक का वक्त है।
महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस ने उठाया यह बड़ा कदम
महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के साथ सरकार बनाने को लेकर चल रही असमंजस अब ख़त्म होने जा रही है. कांग्रेस वोर्किंग कमेटी और प्रदेश के बड़े नेताओं के बीच चली बैठक के दौर के बाद अब कांग्रेस फैसले के काफी करीब पहुँच गयी है. सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक शिवसेना और एनसीपी के साथ सरकार में शामिल होना चाहते है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस आलाकमान सरकार में शामिल होने के बजाय बहार से समर्थन देना चाहता है.
विधायकों और नेतृत्व के बीच चल रहे गतिरोध के बीच एक नया रास्ता सामने आया है. जिसके मुताबिक, कांग्रेस महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार को बाहर से समर्थन दे सकती है। हालांकि, पार्टी सरकार में भले ही शामिल न हो, पर वह अपने लिए स्पीकर का पद मांग सकती है। वहीं, दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कहना है कि वह शिवसेना को समर्थन देने का फैसला कांग्रेस के रुख को देखकर तय करेगी।
सोनिया गाँधी के साथ बैठक में नही हो पाया फैसला
बता दें कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर होने वाली पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति की अहम बैठक में शिवसेना को समर्थन देने को लेकर कोई फैसला नहीं पाया। बैठक के बारे में जानकारी देते हुए मल्लिकार्जुल खड़गे ने कहा कि महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई और अब महाराष्ट्र के नेताओं के साथ चर्चा करके अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शाम को 4 बजे महाराष्ट्र के बड़े नेताओं के साथ फिर बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। माना जा रहा है कि 4 बजे की बैठक में पार्टी शिवसेना को बाहर से समर्थन देने और अन्य बातों पर ही चर्चा करेगी। NCP भी कांग्रेस के फैसले के बाद अपना रुख साफ कर देगी।
शिवसेना के साथ सरकार बनाने के पक्ष में चव्हाण
इससे पहले कांग्रेस ने रविवार को कहा था कि वह राज्य में राष्ट्रपति शासन नहीं चाहती है। बीजेपी के राज्य में सरकार बनाने से इनकार के बाद कांग्रेस ने यह प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि पार्टी के नव-निर्वाचित विधायक राज्य में राजनीतिक रूख को लेकर आला-कमान से सलाह लेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम जयपुर में हैं। हम मुद्दे पर यहां चर्चा करेंगे और भविष्य के राजनीतिक रूख पर सलाह लेंगे। पार्टी राज्य में राष्ट्रपति शासन नहीं चाहती है।’ चव्हाण ने कहा कि वह महाराष्ट्र में सरकार बनाने के पक्ष में हैं। आपको बता दें कि राज्यपाल ने सरकार बनाने का दावा करने के लिए शिवसेना को आज शाम 7:30 तक का वक्त दिया है।
राष्ट्रपति शासन की ओर महाराष्ट्र, शिवसेना का भाजपा पर हमला
महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर शुरु हुआ टकराव खत्म होने का नाम नही ले रहा। शिवसेना जहां मुख्यमंत्री पद को लेकर अड़ी हुई है तो भाजपा ने भी साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा। इसी बीच चर्चा तेज हो गई है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की तैयारी चल रही है।
राष्ट्रपति शासन की संभावनाओं को देखते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा तो यह प्रदेश की जनता का अपमान होगा। इससे पहने भा राउत ने कहा था कि राष्ट्रपति शासन क्या भाजपा के जेब में है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा-शिवसेना में टकरार
महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच पेंच फसता जा रहा है। शिवसेना जहां नतीजों के बाद से ही 50-50 के फॉर्मुले पर अड़ी हुई है तो वहीं भाजपा इस मांग को मानने से इंकार कर रही है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शिवसेना की मांग पर मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया था तब शिवसेना से ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा नहीं किया गया था और अगले पांच साल तक मैं ही मुख्यमंत्री रहुंगा।
महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं और राज्य की अगली सरकार में सत्ता में भागीदारी को लेकर दोनों के बीच तकरार चल रही है।
बता दें कि पिछले सप्ताह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा को उनके, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 50:50 के फार्मूले पर बनी सहमति की याद दिलाई थी।
फडणवीस ने अपने आधिकारिक आवास ‘‘वर्षा’’ में संवाददाताओं से कहा ‘‘लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया था तब शिवसेना से ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा नहीं किया गया था।’’
राम मंदिर को लेकर शिवसेना का पीएम मोदी पर तीखा हमला, बोले- अभी नही तो कब बनेगा राम मंदिर
राम मंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए शिवसेना ने गुरुवार को कहा कि उसे इस बात पर ताज्जुब है कि अगर भाजपा के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राम मंदिर का निर्माण नहीं होगा तो फिर कब होगा। शिवसेना ने कहा कि अगर राम मंदिर का निर्माण 2019 चुनावों से पहले नहीं हुआ तो यह देश के लोगों को धोखा देने जैसा होगा जिसके लिए भाजपा और संघ को उनसे माफी मांगनी होगी।
केन्द्र की मोदी सरकार और महाराष्ट्र की राज्य सरकार में भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 1 जनवरी को दिए इंटरव्यू में राम मंदिर पर पीएम मोदी के बयान को लेकर उनपर हमला बोला है। दरअसल इंटरव्यू में मोदी ने कहा था कि मंदिर निर्माण पर सरकार कोई भी कदम न्यायिक प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही उठाएगी। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में शिवसेना ने कहा, वह (मोदी) राम के नाम पर सत्ता में आए थे हालांकि उनके मुताबिक भगवान राम कानून से बड़े नहीं हैं। अब सवाल यह है कि अगर बहुमत वाली सरकार में मंदिर का निर्माण नहीं होगा तो कब बनेगा।’’
संपादकीय में शिवसेना ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की भव्य प्रतिमा बनाई है लेकिन राम मंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सरदार’ वाला साहस नहीं दिखा पाए। संपादकीय में आगे कहा कि राम मंदिर के लिए आंदोलन 1991-92 में शुरू हुआ था और सैकड़ों ‘कारसेवकों’ ने अपनी जान गंवाई थी। इसमें पूछा गया, किसने यह नरसंहार किया और क्यों? एक ओर सैकड़ो हिंदू कारसेवक मारे गए साथ ही मुंबई बम धमाकों में दोनों पक्ष ( हिंदू एवं मुस्लिम समुदाय) के सैकड़ों लोग मारे गए। अगर फैसला उच्चतम न्यायालय को ही करना था तो यह नरसंहार एवं खूनखराबा क्यों?’’
उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने आगे पूछा कि क्या भाजपा एवं आरएसएस इन हत्याओं एवं खूनखराबे की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है। संपादकीय में कहा गया, सिखों के नरसंहार (1984 के सिख विरोधी दंगों के बाद) के लिए जिस तरह से कांग्रेस को माफी मांगनी पड़ी उसी प्रकार हमें भी उन लोगों की भावनाओं को समझना होगा जो हिंदुओ के नरसंहार के लिए (भाजपा से) माफी की मांग करते हैं।’’
मध्यप्रदेश में शिवसेना सभी 230 विधानसभा सीटों पर लड़ेगी चुनाव,प्रत्याशियों की पहली सूची जारी
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार कई राजनीतिक पार्टियां अपना भाग्य आजमाने मैदान में उतर रही हैं। प्रदेश में पहली बार शिवसेना सभी 230 विधानसभा सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने जा रही है। शिवसेना ने विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों की प्रथम सूची घोषित कर दी है। इस सूची में 21 प्रत्याशियों के नाम हैं।

शिव सेना के प्रदेश प्रमुख ठाड़ेश्वर महावर और प्रदेश संगठक गुलाब चंद दुबे ने इन नामों की घोषणा की है। प्रत्याशियों की अगली सूची 25 अक्टूबर के बाद आएगी। वहीं शिवसेना प्रमुख उध्दव ठाकरे भी जल्द भोपाल आएंगे।

शिवसेना ने भाजपा से तोड़ा गठबंधन, 2019 में भाजपा के खिलाफ लड़ेगी चुनाव।
भाजपा की सबसे पुरानी सहियोगी शिवसेना ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए एनडीए गठबंधन से अपने आपको अलग कर लिया है। एनडीए से अलग होंते ही शिवसेना ने ऐलान किया कि वह 2019 का लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। मंगलवार को हुई एक अहम बैठक में शिवसेना ने यह फैसला लिया।
शिवसेना का कहना है कि भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद उसे हमेशा समझौता ही करना पड़ा है। भाजपा हमेशा उसे नीचा दिखाने का कोई मौका नही छोड़ती। शिवसेना अब अपने आत्मसम्मान और गरिमा के साथ चलना चाहती है। पार्टी अपने आत्मसम्मान से कोई समझौता नही करेगी।
छाती किती इंचाची हे महत्वाचं नाही, त्यामध्ये किती शौर्य हे अधिक महत्वाचं Uddhav Thackeray #ShivSena
— ShivSena – शिवसेना (@ShivSena) January 23, 2018
गठबंधन से अलग होने के बाद शिवसेना ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री मोदी की 56 इंच की छाती पर तंज कसा । शिवसेना ने। ट्विटर पर लिखा कि ” यह। महत्वपूर्ण नही कि छाती कितने इंच की है, महत्वपूर्ण यह है कि आपमे बहादुरी कितनी है।

यह कोई पहली बार नही है जब शिवसेना ने भाजपा पर हमला बोला हो। इससे पहले भी शिवसेनाके मुद्दों पर मोदी सरकार पर हमलावर रही है।
मोदी लहर ख़त्म, राहुल गांधी देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार : शिवसेना
गुजरात चुनाव की तिथियों के ऐलान के ठीक बाद शिवसेना सांसद संजय राउत और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेवा के अध्यक्ष राज ठाकरे दोनों ने ही बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राज ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी दल मजबूत बनेंगे और संजय राउत ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी लहर अब खत्म हो चुकी है और राहुल में नेतृत्व की क्षमता है। संजय राउत ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता किसाी को भी पप्पू बना सकते हैं।
ठाकरे ने कहा, मैं मानता हूं कि विपक्ष थोड़ा कमजोर हुआ है लेकिन गुजरात चुनाव के बाद यह मजबूत होगा। विपक्ष में बदलाव दिखाई देगा। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, मुझे हैरानी हो रही है कि प्रधानमंत्री समेत इतने मंत्री केवल एक राज्य में इतनी रैलियां क्यों कर रहे हैं? भले ही यह प्रधानमंत्री का गृह राज्य है, लेकिन यह अच्छा नहीं लगता कि देश का प्रमुख एक राज्य के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी के बाद और नोट छपवाए और बीजेपी को इससे फायदा हुआ।
शिवसेना के संजय राउत ने भी कहा है कि देश में मोदी लहर खत्म हो चुकी है और गुजरात में बीजेपी को कड़ी टक्कर मिल सकती है। संजय राउत ने राहुल गांधी का समर्थन भी किया और कहा, ‘मोदी लहर फीकी पड़ चुकी है और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी देश का नेतृत्व करने में सक्षम है।’ राऊत ने कहा कि जीएसटी के खिलाफ गुजरात के लोगों में रोष इस बात का संकेत है कि बीजेपी को चुनाव में एक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति जनता है। मतदाता किसी को भी ‘पप्पू’ बना सकते हैं।
ठाकरे ने कहा कि 2019 चुनाव से पहले बीजेपी सरकार दाऊद को भारत ला सकती है। इसके बाद दावा किया जाएगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों से दाऊद को लाया जा सका। ठाकरे ने बताया कि दरअसल दाऊद खुद चाहता है कि वह भारत आ जाए। वह बहुत बीमार है और आखिरी पल भारत में गुजारना चाहता है। ठाकरे ने दावा किया कि इसके सहारे बीजेपी 2019 का चुनाव जीतना चाहती है। अगर किसी वजह से दाऊद को नहीं ला पाए तो उनकी कोशिश कोई दंगा या करगिल जैसे युद्ध का सहारा लेते हुए जीत हासिल करने होगी।





