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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हुई एफआईआर

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मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के खिलाफ भोपाल की क्राइम ब्रांच पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। क्राइम ब्रांच ने धारा 188 और डिजास्टर मैनेजमेंट की धारा 54 की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

बता दे कि बीजेपी ने क्राइम ब्रांच को कमलनाथ के खिलाफ अपराध दर्ज करने का ज्ञापन सौंपा था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि कमलनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस में कोरोना को इंडियन वैरिएंट कहकर देश की छवि को धूमिल करने का काम किया है।

दरअसल पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए कहा था। कमलनाथ ने सरकार पर कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा छिपाने का सरकार पर आरोप लगाया था।

भोपाल को बाटा जाएगा तीन ज़ोन में, और ऐसे खुलेगा बाजार

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भोपाल में कोरोना का कहर जारी है। आज क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक के बाद भोपाल कैसे खुलेगा उसका निर्णय लिया गया है। इसके लिए शहर को तीन जोन में बांटा जाएगा। सबसे गंभीर क्षेत्र को रेड जोन में उसके बाद ऑरेंज और ग्रीन कलर में रखा जाएगा। इसके अनुसार ही माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे।

मंत्री सारंग ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू कैसे खुलेगा, क्या रहेगी तैयारी, इसे लेकर बैठक में अधिकारियों से चर्चा की गई। जून में भोपाल को कोरोना कर्फ्यू मुक्त करना है। कोरोना केस को देखते हुए सबसे ज्यादा केस वाले इलाकों को रेड जोन में रखा जाएगा।

सारंग ने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कोरोना पीक पर था जब मध्यप्रदेश को जरूरत थी तब कमलनाथ कहां थे? उन्होंने सरकार पर आंकड़े छिपाने पर कहा कि सरकार सही आंकड़े ही लोगों के सामने रख रही है। आंकड़े शत-प्रतिशत सही बता रहे है।

मध्यप्रदेश को डब्ल्यूएचओ की तरफ से मिले 100 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर

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मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। डब्ल्यूएचओ ने प्रदेश को 100 ऑक्सीजिन कन्संट्रेटर दिए है। भोपाल पहुंचे कॉन्संट्रेटर्स को प्रदेश के अलग अलग अस्पतालों में भेजा जाएगा।

बता दे कि इस मौके पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सरकार कोविड को नियंत्रण करने की लगातार कोशिश कर रही है। यहां लगभग 600 ब्लैक फंगस के मामले सामने आए है। इसलिए ब्लैक फंगस के मरीजों को मुफ्त इलाज दिलाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि आज दिनभर मेडिकल कॉलेज के डीन्स और एक्सस्पर्ट से चर्चा होगी। कोरोना पॉजिटिव और पोस्ट कोविड मरीजों की निशुल्क नेजल एंडोस्कोपी होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साधा शिवराज पर निशाना, मुख्य आरोपी की फोटो शिवराज के साथ करी वायरल

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मध्य प्रदेश में रेमेडसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी मामले में सियासत गर्मा गई है। सीएम शिवराज सिंह के इसपर बयान दिया था कि कालाबाजारी के नर पिशाच को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ये भी कहा था को आरोपी कोई भी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बयान पर हमला करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शिवराज के साथ कालाबाजारी करने वाले आरोपी का फोटो ट्वीटर में पोस्ट कर सवाल उठाया है।

बता दे कि उन्होंने आकाश दुबे के साथ मुख्यमंत्री का फोटो ट्वीट किया है। ट्वीट कर सीएम शिवराज से पूछा है कि नरपिशाच आकाश दुबे को पहचानते हो न। ये वही आकाश दुबे है जो जेके अस्पताल इंजेक्शन कालाबाजारी में मुख्य आरोपी है। जानकरी मिली है कि अस्पताल के आईटी डिपार्टमेंट के मैनेजर पोस्ट पर आकाश दुबे काम करता है। देखते हैं आप इसके खिलाफ क्या कार्रवाई करते है।

दरअसल आरोपी आकाश दुबे फरार है। इस मामले में आकाश के 3 साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके है। गिरफ्तार 3 आरोपियों में से एक अंकित सलूजा है। इसकी फोटो चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के साथ वायरल हो रही है और इसे एमपी कांग्रेस ने इसे ट्वीट किया है। कांग्रेस ने सीएम और मंत्री के साथ फोटो पोस्ट कर इसे नकली इंजेक्शन का हाईप्रोफाइल कनेक्शन बताया है। कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा है कि गंदा है पर इनका धंधा है।

भोपाल में ब्लैक फंगस के कारण 2 दिन में भर चुके है आधे से ज़्यादा बेड

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भोपाल में ब्लैक फंगस (Black fungus) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 70 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके है। पिछले 15 दिनों में तेजी से ब्लैक फंगस का संक्रमण फैला है। हमीदिया अस्पताल में इस बीमारी के इलाज के लिए बनाया गया वार्ड भी फुल होने के कगार पर आ चुका है। 2 दिन में आधे बेड फुल हो चुके है।

बता दे कि भोपाल में अलग-अलग अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 70 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। हमीदिया अस्पताल में लगभग 23 मरीज भर्ती है। कोविड वार्ड में भर्ती 8 मरीजों का ब्लैक फंगस और कोरोना दोनों का एक साथ इलाज हो रहा है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ब्लैक फंगल इंफेक्शन को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है। सरकार ने बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पहले फेज में गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में यूनिट शुरू की जा रही है।

वहीं ब्लैक फंगस इंफेक्शन से निपटने के लिए चार विंग काम कर रही है। जिसमे ईएनटी, नेत्र रोग विभाग, न्यूरोलॉजी और मेडिसन को मिलाकर एक  यूनिट बनायी गयी है।

भोपाल के सरकारी अस्तपाल में हुआ बड़ा हादसा,6वी मंजिल से कूदा मरीज

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भोपाल के हमीदिया अस्पताल की 6वीं मंजिल से एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति ने छलांग लगा दी है ।बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से बीमार था।

दरअसल हमीदिया अस्पताल के डी ब्लाक की 6वीं मंजिल से एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति ने शाम साढ़े पांच बजे छलांग लगा दी है। मृतक का नाम रईस खान बताया जा रहा है। इस घटना की सूचना के बाद पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया था। और अस्पताल प्रबंधन भी मरीज से संबंधित जानकारी जुटाने में लगा है।

बात दे कि इससे पहले 4 मई को भोपाल के चिरायु अस्पताल की 5वीं मंजिल से एक कोविड संक्रमित व्यक्ति ने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। अचानक वे अस्पताल की 5वीं मंजिल पर पहुंच गया और छलांग लगा दी थी । जमीन पर गिरने के बाद उन्हें गंभीर चोट आई थी ।

मध्यप्रदेश कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों और नवजातों को बचाने के लिए कितना है तैयार

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मध्य प्रदेश में तीसरी लहर की तैयारी की रूपरेखा बनाते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 13 शासकीय मेडिकल कॉलेज और उनके कोविड अस्पतालों के चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ मंथन किया।

जानकरों की माने तो कोरोना की तीसरी लहर में नवजात शिशुओं एवं बच्चो के संक्रमित होने की संभावना को देखते हुये प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 360 बिस्तर के बच्चों के ICU की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 50 ICU की भी व्यवस्था की जा रही है।

मंत्री सारंग ने कहा कि कोरोना संक्रमण में नवजात शिशु एवं बच्चों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयां, इंजेक्शन, कंज्यूमेंबल्स आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं ।

बता दे कि 13 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 1000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर स्थापित किए जाएंगे। और 1000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में से 15% को बैकअप रखते हुए 850 ऑक्सीजन बेड को सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई से पृथक करते हुए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के माध्यम से संचालित किया जाएगा ।

दरअसल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को संचालित करने हेतु अस्पताल में बिजली के विद्युत भार का आकलन, इलेक्ट्रिक सेफ्टी एवं ऑडिट, प्रत्येक बेड पर पवार प्लग कनेक्शन आदि की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने हेतु सभी डीन को निर्देश दिए गए ।

मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल, सरकार को ठहराया है दोषी

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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। जूडा एसोसिएशन ने मानदेय बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुवात कर ली है। इतना ही नहीं जूनियर डॉक्टर्स ने 6 मई गुरुवार से इमरजेंसी सेवाएं और 7 मई से कोरोना से जुड़ी सेवाएं बंद करने की भी चेतावनी दी है।

दरअसल जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार पर वादा पूरा न करने का आरोप लगाया है। जूडा का आरोप है कि 12 अप्रैल को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग द्वारा मांगे पूरी करने का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित कर दिया था लेकिन इस बात को 3 हफ्ते बीत चुके है और अबतक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है सिर्फ आश्वाशन पर बात चल रही है।

बता दे कि जूनियर डॉक्टर्स ने चेतावनी दी है कि इस बार अगर उनकी मांगों पर आदेश जारी नहीं हुए तब फिर 6 मई से वो इमरजेंसी सेवाएं रोक देंगे और 7 मई से कोरोना से जुड़ी सेवाएं बंद कर देंगे।

जूनियर डॉक्टर्स की ये है प्रमुख मांगे

  • मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में कोरोना के सिर्फ गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जाए। जिससे चिकित्सा छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
  • जूनियर डाक्टरों के एक ऐसा प्रशस्ति पत्र दिया जाए भविष्य में जब भी वह किसी विभाग में सेवा के लिए आवेदन करें तो उन्हें 10 नंबर अतिरिक्त मिले।
  • जूनियर डाक्टरों ने पिछले 1 साल में अपनी सारी परेशानी भूल कर मरीजों की सेवा की है। लिहाजा उनकी एक साल की शिक्षण शुल्क माफ की जाए।
  • जूनियर डाक्टरों का मानदेय पिछले 3 साल से नहीं बढ़ा है, जबकि मुख्यमंत्री ने हर साल 6 परसेंट बढ़ाने की बात कही थी। 3 साल के मिलाकर 18 फीसद मानदेय बढ़ाया जाए।
  • कोरोना के इलाज में लगे डाक्टरों को सरकार ने 10 हजार रुपए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की बात कही थी। एक साल बाद भी यह राशि नहीं मिली है।

भोपाल में शुरू हुई आहार सेवा योजना

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भोपाल में कोरोना को चलते आज सरकार ने कोरोना मरीजो के लिए स्वस्थ आहार सेवा योजना शुरू की है। ये सुविधा सभी अस्पतालों के लिए है जहां कोरोना मरीजों के लिए खाने का इंतजाम नहीं है। बता दे भोपाल में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तब इसे बाकी सभी जिलों में लागू किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कोविड मरीजों को सरकार की तरफ से निशुल्क भोजन सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन अस्पतालों में मरीजों को भोजन नहीं दिया जाता उन सभी अस्पतालों में खाना पहुंचाया जाएगा।

बता दे कि शहर के 110 अस्पतालों में खाने की सुविधा नहीं है। विश्वास सारंग ने ये भी कहा मरीज के परिवार वाले जब अस्पताल में खाना देने जाते हैं तो उन्हें भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए ऐसे में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए यह योजना कारगर साबित होगी।

40 महिला आरिक्षित बेड के साथ शुरू हुआ भोपाल के 3 EME सेंटर में कोविड केयर सेंटर

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3 ईएमई सेंटर में कोविड केयर सेंटर शुरू हो गया है। 150 बेड वाले कोविड सेंटर में सभी सुविधाएं जुटाई गई है। डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर को कोरोना के बढ़ते मरीजों के हित तथा लोकहित में कोरोना मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से स्टेशन कमांडर आशुतोष शुक्ल तथा सेना के कई जवानों ने मिलकर इसे महज 48 घंटे में तैयार किया है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आर्मी केम्प स्थित कोविड सेंटर का निरीक्षण किया। इस मौके पर कलेक्टर अविनाश लवानिया सहित सेना के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री सारंग ने बताया कि 150 बिस्तरों के इस कोविड केयर सेंटर में 40 बिस्तर महिलाओं के लिए रिजर्व किए गए है। बता दे कि जिस प्रकार से सेना ने इस देश में हर संकट में समाज के साथ खड़े हो कर देश की सेवा की है खासकर ऐसे संकट जिसमें समाज को बहुत जरूरत होती है ऐसे में उन्होंने सेना को बहुत धन्यवाद कहा है।

सारंग ने बताया कि हमने सेना को विश्वास दिलाया है कि उन्हें जिस भी तरह की आवश्यकता होगी वे सारी सुविधाएं उन्हें मुहैया करवाई जाएगी। सारंग ने बताया कि 3 EME सेंटर में शुरू हुए इस कोविड केयर सेंटर को बैरागढ़ के सिविल अस्पताल से लिंक किया जा रहा है। सिविल अस्पताल में जो भी को कोरोना के मरीज आएंगे उन्हें यहां पर शिफ्ट किया जाएगा।