NewBuzzIndia: उत्तर प्रदेश में 2017 में हीने वाले विधानसभा चुनाव को ले कर के हर दल ने अपनी कमर कस ली है। ज़बरदस्त प्रचार, भाषणों और योजनाओं के बूते पर सब चुनावी रण में उतर चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस की पैठ को प्रदेश में मज़बूत करने के लिए दिग्गज हर कदम उठाने को तैयार हैं पर लग रहा उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर को कांग्रेस भा नहीं रही।
लोगों के बीच अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करने के लिए पिछले दिनों जहां रथ यात्रा शुरू की गई तो राहुल गांधी की रैली हुई। लेकिन हालात उतने आसान नजर नहीं आ रहे। जब सोनिया गांधी ने बस यात्रा को रवाना किया तो कांग्रेस कार्यालय में केवल 400 लोग मौजूद थे। वहीं मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित दिल्ली की सीमा से बाहर निकलने से पहले ही अस्वस्थ हो गईं। इसके चलते तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया और दीक्षित को बस से उतारा गया। बस में सफर कर रहे कुछ अन्य नेताओं ने भी ट्रेवल सिकनेस की शिकायत की।
इस गड़बड़ी के लिए चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर दोष मढ़ा जा रहा है। यह महसूस किया जा रहा है कि यूपी में कांग्रेस को संगठित करने में किशोर का मन नहीं लग रहा। व्यंग कसते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि प्रशांत किशोर कांग्रेस का साथ छेाड़ना चाहते हैं।
