बेटी पढ़ाओ- बेटी बचाओ का नारा देने वाली वाली भाजपा खुद ही महिलाओं के सम्मान के साथ खेल रही है। हिंदी अखबार जनसत्ता की खबर के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली के दौरान महिलाओं और युवतियों को भारी बदसलूकी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि कार्यक्रम में शामिल होने आए युवती और महिलाओं को अंदर जाने से पहले बुरी तरह तलाशी देनी पड़ी।
रैली में काले झंडे न पहुंच सकें इसके लिए पुलिस ने वहां आई महिलाओं के न सिर्फ कुर्ते- पजामे, काली साड़ी, चुनरी और दुपट्टा तक उतरवा बल्कि उनके अंडरगारमेंट तक कि तलाशी ली गयी।
अमित शाह की मौजूदगी में हुई बदसलूकी
दरअसल बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपने एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान चरौदा में आयोजित महिला महा सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम में महिलाओं को पुलिस की बदसलूकी का सामना करना पड़ा।
दरअसल एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद के रास्ते पलटने के बाद बीजेपी को सवर्णों के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कई सवर्ण संगठन भाजपा नेताओं को काले- झंडे दिखा चुके है। जिससे कारण भाजपा नेता अब भारी सुरक्षा के बीच कार्यक्रम कर रहे है।
महिलाओं और बेटियों के लिए बड़ी- बड़ी बातें करने वाली मोदी सरकार क्या इसी सम्मान की बात कर रही थी ?
