Newbuzzindia: यूपी विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस चमत्कार कर सकती है। चुनावों में बड़ा उलटफेर हो सकता है। अब तक की कांग्रेसी की चुनावी रणनीति तो यही इशारा कर रही है। पार्टी की रणनीति का नया खुलासा प्रियंका गांधी से जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश चुनाव की कमान प्रियंका गांधी के हाथों में होगी। पूरे चुनाव पर उनकी पैनी निगाह होगी। चुनावों के दौरान पल-पल की जानकारी रखी जाएगी।
कांग्रेस मुख्यालय में इसके लिए वार रूम बनाया गया है। वॉर रूम में आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों से जुड़े 20 विशेषज्ञों की टीम बैठाई गई है।
यूपी विधानसभा 2017 का चुनाव कांग्रेस के लिए खासा महत्वूपर्ण हो गया है। यह चुनाव कांग्रेस और उसके लिए वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों की दिशा तय करेगा। यही वजह है कि कांग्रेस यूपी के चुनावों में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। इसी को देखते हुए आज की रणनीति के चाणक्य कहे जा रहे प्रशांत किशोर को लाया गया है। लेकिन इस सबके बीच चौंकाने वाली बात यह है कि यूपी का चुनाव प्रियंका गांधी लीड करेंगी।
चुनावों की हर एक गतिविधि पर उनकी निगाह होगी। चुनावों से संबंधित हर काम को वह खुद देखेंगी। इतना ही नहीं काम की सच्चाई जानने के लिए उसकी क्रॉस चेकिंग भी करेंगी। चेकिंग के लिए आईटी की मदद ली जाएगी। जैसे बूथवार सूची तैयार करने या फिर पार्टी के लिए बनाए गए सदस्यों में कोई फर्जीवाड़ा तो नहीं है, इसकी जांच की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो इसके लिए प्रियंका गांधी ने खुद अपनी टीम तैयार की है। युवाओं की यह टीम मुख्यालय के वार रूम में बैठ रही है। टीम ने काम भी शुरू कर दिया है। जानकारों का कहना है कि दिन में एक बार प्रियंका गांधी खुद वार रूम में जाकर चल रहे काम का जायजा लेती हैं। अगले काम के बारे में जानकारी देती हैं। वार रूम में किसी दूसरे को जाने की इजाजत नहीं है।
यहां तक कि प्रशांत किशोर को भी इस टीम से मिलने की इजाजत नहीं है। टीम को भी यह खास निर्देश हैं कि वह पार्टी के किसी भी पदाधिकारी तो दूर, कार्यकर्ता तक से संपर्क नहीं रखेंगे। जिस दिन प्रियंका गांधी वार रूम में नहीं आती हैं उस दिन टीम के लीडरों से दिनभर की जानकारी ली जाती है।
प्रशांत किशोर की टीम पर भी है प्रियंका की नजर
सूत्रों की मानें तो प्रशांत किशोर की टीम पर भी प्रियंका गांधी की नजर है। टीम क्या काम कर रही है। क्या वाकई काम पार्टी के हित वाला हो रहा है। कहीं कुछ ऐसा गलत तो नहीं चल रहा जिससे पार्टी को चुनावों के दौरान नुकसान उठाना पड़े, इस सब की जानकारी लेने के लिए पीके की टीम पर प्रियंका गांधी की निगाह लगी हुई है।

