मोदी सरकार की नोटेबंदी के बाद से अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है । इस 82 लोगों में गरीब किसान , मजदूर और मध्यमवर्गीय लोग शामिल है । कालेधन के खिलाफ इस लड़ाई में एक भी भ्रष्टाचारी की मौत नही हुई है । मौत तो दूर की बात है । नोटेबंदी के बाद एक भी अमीर और भ्रष्टाचारी इंसान लाइन में लगकर नोट बदलवाते हुए नही देखा गया ।
विपक्ष पहले नोटेबंदी के फैसले पर सरकार के साथ खड़ा था । लगभग 1 महीने बाद इसका जानलेवा असर देखने बाद अब इसका विरोध कर रहा है । विपक्ष के अनुसार मोदी सरकार की नोटेबंदी पूरी तरह फ्लॉप रही है ।
लोकतंत्र के मंदिर से भाग क्यों रहे है प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि नोटेबंदी जैसे गंभीर मुद्दे से प्रधानमंत्री मोदी भाग नही सकते । प्रधानमंत्री मोदी को संसद में आना चाहिए और चर्चा करनी चाहिए ।
Why is PM Modi running away from the temple of Democracy – the Parliament? He should show courage & listen to the concerns of people. pic.twitter.com/OxGCa6BE7a
— Congress (@INCIndia) December 7, 2016
विपक्ष के हमले बाद सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है । देखना दिलचस्प होगा की प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मांगे गए 50 दिनों बाद क्या होता है ।
