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मध्यप्रदेश में नहीं रुक रहीं हैं रेमडेसिविर की कालाबाजारी

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सरकार की सख्ती के बाद भी मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर की कालाबाजारी के मामले थम नहीं रहे हैं। आज फिर भोपाल की गांधी नगर पुलिस ने दो रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

बता दे कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नाम गौरव लोधी और सर्जन सिंह है। जिसमें से एक आरोपी मेडिकल स्टोर का मालिक है वहीं दूसरा दवाईयों की सप्लाई करता है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी 27 हजार रुपये में बेचने की फिराक में थे। और फिर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये इंजेक्शन इंदौर के एक शख्स ने उन्हें बेची थी।

दरअसल रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर सरकार सख्त है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी कलेक्टरों को कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए है।

भोपाल में अब ये कर सकते हैं आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी

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भोपाल में आवश्यक सामग्रियों की सप्लाई घरों तक करने के लिए बिग बाजार, वी मार्ट रिटेल लिमिटेड, ऑनडोर और ऐमेज़ॉन टेलर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को प्रशासन ने कर्फ्यू पास जारी किए हैं। इनमें ऑनलाइन आर्डर करने पर शहर में कहीं पर भी होम डिलीवरी की जा सकेगी।

दरअसल बड़े स्तर पर खरीदारी के लिए शहर में अब तक बड़े स्टोर को पास जारी नहीं किए गए थे। त्योहार का समय और मांग को देखते हुए प्रशासन ने चार बड़े रिटेल स्टोर को ई-पास जारी कर दिए हैं।

बता दे कि पहले शहर के विभिन्न क्षेत्रों की 54 किराना दुकानों को खाद्य सामग्री की होम डिलीवरी करने की अनुमति दी थी। लेकिन यह दुकानदार सिर्फ अपने ही क्षेत्र में होम डिलीवरी कर सकते थे। अन्य क्षेत्र में इन्हें सप्लाई की अनुमति नहीं दी गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने इन 4 स्टोरों को पास जारी किए है। इससे अब कहीं भी ऑनलाइन आर्डर कर समान की डिलीवरी आपके घर तक हो सकेगी।

भोपाल के अस्पतालों से मिली शिकायत के बाद भोपाल कलेक्टर ने उठाया ये बड़ा कदम

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राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण का प्रकोप बरकरार है। किसी भी अस्पताल में इलाज मिलना बहुत मुश्किल हो जाता है। के अस्पताल तो अपने मनमाने दामों में इलाज कर रहे है। ऐसे में भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया के निर्देश पर एसडीएम कोलार ने 4 अस्पतालों पर कार्रवाई करते हुए सभी दस्तावेज जप्त कर दिए है। और 2 अस्पतालों में गड़बड़ी पाए जाने पर सीएमएचओ को अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कर्रवाई करने लिए आदेश दिया है।

दसअसल कलेक्टर को कुछ अस्पतालों से अधिक बिलिंग करने और इलाज में ज्यादा राशि वसूलने की शिकायतें मिल रही थी। इस पर उन्होंने सभी संबंधित एसडीएम को अस्पताल का औचक निरीक्षण करने और शिकायत के आधार पर बिल जांचने के निर्देश दिए थे।

कोलार एसडीएम क्षितिज शर्मा कोलार स्थित रुद्राक्ष मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीजों से अधिक राशि वसूल किए जाने की शिकायतें प्राप्त होने पर अस्पतालो की जांच की । उसमे बिलो की जांच के दौरान अस्पताल के द्वारा भर्ती मरीजों से शासन के द्वारा निर्धारित दर से 40 प्रतिशत से अधिक राशि लिया जाना पाया गया।

अधिक बिलिंग और शिकायत में सही पाए जाने पर रुद्राक्ष और उबंटू अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिए गए है।
कोलार स्थित अन्य अस्पताल भगवती गौतम एवं निर्माणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी शिकायतों की जांच किए जाने हेतु एसडीएम क्षितिज शर्मा के नेतृत्व में अस्पताल से दस्तावेज जब्त किए गए।

एसडीएम शर्मा ने कहा कि कई अस्पतालों की जांच में पाया गया है कि मरीज को विभिन्न प्रकार के टेस्ट कराए जाने एवं ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने के नाम पर अनाप-शनाप राशि वसूली जा रही थी। और इसके संबंध में मरीजों के परिजनों और अटेंडेंट को जानकारी भीं नही दी जा रही थी। इस संबंध में कोलार क्षेत्र के सभी अस्पतालों को भी निर्देश दिए गए है कि जो भी बिल का चार्ज किया गया है उसके संबंध में समस्त जानकारी दी जाए।

भोपाल में शुरू हुई आहार सेवा योजना

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भोपाल में कोरोना को चलते आज सरकार ने कोरोना मरीजो के लिए स्वस्थ आहार सेवा योजना शुरू की है। ये सुविधा सभी अस्पतालों के लिए है जहां कोरोना मरीजों के लिए खाने का इंतजाम नहीं है। बता दे भोपाल में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तब इसे बाकी सभी जिलों में लागू किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कोविड मरीजों को सरकार की तरफ से निशुल्क भोजन सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन अस्पतालों में मरीजों को भोजन नहीं दिया जाता उन सभी अस्पतालों में खाना पहुंचाया जाएगा।

बता दे कि शहर के 110 अस्पतालों में खाने की सुविधा नहीं है। विश्वास सारंग ने ये भी कहा मरीज के परिवार वाले जब अस्पताल में खाना देने जाते हैं तो उन्हें भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए ऐसे में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए यह योजना कारगर साबित होगी।

भोपाल AIIMS की एक बड़ी लापरवाही, मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर बिना ऑक्सीजन के लगा दिया

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भोपाल में AIIMS की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक मरीज और उसके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि उन्होंने मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर तो लगाया था लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन ही नहीं था। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

मध्य प्रदेश सरकार के हिसाब से भोपाल में संक्रमण का असर कम हुआ है। बीते 10 दिनों में भोपाल में कोरोना संक्रमण 12.75 फीसदी तक कम हो गया है। वहीं देश के जाने माने डॉक्टर और एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि अगर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया जाए तो 3 हफ्ते में पूरे देश में कोरोना संक्रमण कम हो जाएगा।

दरअसल भोपाल के अस्पतालों की हालात देखे तब स्थिति कुछ और ही है। हर जगह ऑक्सीजन की किल्लत दवाओं की किल्लत बेड और वेंटिलेटर की किल्लत है। बता दे कि सरकारी आंकड़े कुछ और ही कहते है।

शमशान घाट और कब्रिस्तान की तस्वीरें बयान कर रही है मौत की सच्चाई, सरकारी आंकड़ों से अलग है हकीकत

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भोपाल में कोरोना का कहर अब भी जारी है और इससे तमाम लोग दम तोड़ रहे है। भोपाल के 2 श्मशान घाट और एक कब्रिस्तान में अप्रैल में कुल 2,557 शवों को अंतिम संस्कार कोरोना के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया है। लेकिन भोपाल में सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में मात्र 104 लोगों की मौत बताई गई है।

बता दे कि भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन समिति के सचिव शर्मा ने कहा कि भदभदा विश्राम घाट में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक कुल 2,052 शवों का अंतिम संस्कार किया है। इनमें से 1,654 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया है। भदभदा विश्राम घाट प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिन्दुओं के बड़े श्मशान घाटों में से एक है।

इसके साथ शर्मा ने कहा कि भोपाल में भदभदा विश्राम घाट, सुभाष नगर विश्राम घाट एवं झदा कब्रिस्तान जहांगीराबाद में ही कोविड-19 के मरीजों का अंतिम संस्कार करने की अनुमति है।

वहीं सुभाष नगर विश्राम घाट के प्रबंधक शोभराज सुखवानी ने बताया कि उनके विश्राम घाट में अप्रैल में 1,386 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से 727 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया।

झदा कब्रिस्तान जहांगीराबाद के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रेहान गोल्डन ने कहा कि पिछले महीने हमारे कब्रिस्तान में कुल 373 शव दफनाये गये। इनमें से 176 को कोविड-19 के प्रोटोकोल के मुताबिक दफनाया गया। जबकि 42 शवों को कोरोना वायरस से हुई मौत के संदेह में दफनाया।

हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार की 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक की कोविड-19 बुलेटिनों के अनुसार अप्रैल 2021 में भोपाल में मात्र 104 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से हुई।

भोपाल के इस ऑटो वाले ने बचाई 10 लोगों की जान

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मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते हाहाकार मचा हुआ है। मरीज अस्पतालों में भटक रहे हैं।ऐसे में राजधानी भोपाल के एक ऑटो ड्राइवर अपने काम से दूसरों के लिए सेवा की मिसाल पेश कर रहा है। अपने ऑटो को चलते-फिरते एंबुलेंस में तब्दील कर जावेद खान नाम का शख्स अब तक 8-10 लोगों की जान बचा चुका है।

बता दे कि 18 साल से ऑटो चला रहे जावेद खान के पास ज्यादा संसाधन नहीं है। ऐसे में परिवार के लोगों ने उन्हें कहा कि अपने ऑटो को एंबुलेंस बना लें। तब उन्होंने कुछ दवाएं और सैनिटाइजर के साथ ऑक्सिजन का एक सिलिंडर साथ में रखा और लोगों का मदद करने के लिए बाहर निकल गए।

दरअसल जावेद ने कहा कि वे अपने पैसों से ऑक्सिजन का सिलिंडर भराते हैं। इसमें उन्हें 3-4 घंटों का समय लगता है और हर बार 600 रुपये खर्च होते है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर उधार लेकर ये काम करना पड़े तो भी कोई दुख नहीं होगा।

इंदौर से भोपाल आ रहीं Fabiflu रास्ते में हुई चोरी

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मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है। ऑक्सीजन ,दवाएं, और अस्पतालों की स्तिथि काफी खराब है। ऐसे में आज इंदौर से भोपाल के बीच चलते ट्रक से फेबीफ्लू टेबलेट का एक कार्टन चोरी हो गया है। पुलिस ने दवा कारोबारी से लिखित शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हनुमानगंज थाना पुलिस के मुताबिक नयन गुप्ता की घोड़ा नक्कास मेडिकेश फार्मा नाम से दुकान है।

उन्होंने बुधवार को लिखित शिकायत दर्ज करी है। 26 अप्रैल को इंदौर के एसबी वेयर हाउसिंग एंड लाजिस्टिक से फेबीफ्लू 400 एवं 800 एमजी दवाई के सात कार्टन बुक कराए थे। यह कार्टन मधुर कोरियर इंदौर से बुक किए गए थे, जो 27 अप्रैल को मधुर कोरियर भोपाल के कबाड़खाना स्थित कार्यालय से मिलने थे।

बता दे कि जब वह कार्टन लेने पहुंचे तो उन्हें छह कार्टन प्राप्त हुए। उन्होंने ये बताया गया कि एक कार्टन संभवत: डोडी घाटी पर किसी ने चोरी कर लिया है। चोरी गए कार्टन में फेबीफ्लू-800 एमजी की 60 से 70 स्ट्रीप थी जिनकी खरीद कीमत एक लाख से ज्यादा है। कोरोना संक्रमण के इस दौर में इस दवा की काफी जरूरत है। थाना प्रभारी महेंद्रसिंह ठाकुर के मुताबिक नयन गुप्ता की लिखित शिकायत दर्ज कर ली गई है।

भोपाल में कोरोना वार्ड में वीडियो कॉलिंग की सुविधा हुई शुरू , मरीज दिन में एक बार कर सकता है अपने परिजनों से बात

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भोपाल के हमीदिया अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने के बाद यहा के इलाज पर सवाल उठने लगे थे। मरीजों के स्वजन को इलाज से जुड़ी जानकारी नहीं मिलने के कारण कई बार विवाद और आरोप की स्थिति भी बन रही थी। इस समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने एक नया तरीका निकाला। बता दे कि भर्ती मरीज के इलाज और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी स्वजन को सीधे परिवार के सदस्य को उपलब्ध कराने के लिए दिन में एक बार उनके परिवार वालों से वीडियो कॉलिंग पर बातचीत कराई जा रही है।

दरअसल हमीदिया अस्पताल के कोविड वार्ड में मरीज अपना इलाज करा रहे हैं। कोविड वार्ड में परिवार के सदस्य आ नहीं सकते, इसलिए उनका पूरा परिवार उनकी चिंता में रहता है। परिवार के सदस्य खुद संक्रमित होने के खतरे के बीच भी दिनभर इसीलिए हमीदिया अस्पताल के परिसर में घूमते रहते थे कि किसी तरह एक बार उनसे बात हो जाए।

बता दे कि यह व्यवस्था कोरोना वालेंटियर बने कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। इस प्रयास से न सिर्फ परिवार के सदस्यों को राहत मिलती है बल्कि मरीजों को भी स्वस्थ होने में मदद मिलती है। वीडियो कॉल पर बात करवाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को टैबलेट्स उपलब्ध कराए गए है। हर स्वास्थ्य कर्मी को चार से पांच मरीजों की जिम्मेदारी दी गई है।

40 महिला आरिक्षित बेड के साथ शुरू हुआ भोपाल के 3 EME सेंटर में कोविड केयर सेंटर

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3 ईएमई सेंटर में कोविड केयर सेंटर शुरू हो गया है। 150 बेड वाले कोविड सेंटर में सभी सुविधाएं जुटाई गई है। डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर को कोरोना के बढ़ते मरीजों के हित तथा लोकहित में कोरोना मरीजों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने के उद्देश्य से स्टेशन कमांडर आशुतोष शुक्ल तथा सेना के कई जवानों ने मिलकर इसे महज 48 घंटे में तैयार किया है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आर्मी केम्प स्थित कोविड सेंटर का निरीक्षण किया। इस मौके पर कलेक्टर अविनाश लवानिया सहित सेना के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री सारंग ने बताया कि 150 बिस्तरों के इस कोविड केयर सेंटर में 40 बिस्तर महिलाओं के लिए रिजर्व किए गए है। बता दे कि जिस प्रकार से सेना ने इस देश में हर संकट में समाज के साथ खड़े हो कर देश की सेवा की है खासकर ऐसे संकट जिसमें समाज को बहुत जरूरत होती है ऐसे में उन्होंने सेना को बहुत धन्यवाद कहा है।

सारंग ने बताया कि हमने सेना को विश्वास दिलाया है कि उन्हें जिस भी तरह की आवश्यकता होगी वे सारी सुविधाएं उन्हें मुहैया करवाई जाएगी। सारंग ने बताया कि 3 EME सेंटर में शुरू हुए इस कोविड केयर सेंटर को बैरागढ़ के सिविल अस्पताल से लिंक किया जा रहा है। सिविल अस्पताल में जो भी को कोरोना के मरीज आएंगे उन्हें यहां पर शिफ्ट किया जाएगा।