भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को मद्देनजर रखते हुए भोपाल नगर निगम सीमा क्षेत्र और बैरसिया नगर पालिका क्षेत्र में 26 अप्रैल तक लगने वाले कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाते हुए 3 मई तक कर दिया है।

भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को मद्देनजर रखते हुए भोपाल नगर निगम सीमा क्षेत्र और बैरसिया नगर पालिका क्षेत्र में 26 अप्रैल तक लगने वाले कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाते हुए 3 मई तक कर दिया है।

मध्य प्रदेश में कोरोना के हालात देखते हुए भोपाल में कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया जा सकता है। इसका संकेत भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया के बयान से लगाया जा रहा है। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह से जिले में संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है । और ऐसे में हालात को देखते हुए फैसला लिया जाएगा।
बता दे कि भोपाल में 30 अप्रैल की सुबह तक कर्फ्यू लगाया गया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इसे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि कलेक्टर की तरफ से अभी इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि कर्फ्यू कितने दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा।
दरअसल राजधानी में शनिवार को 1776 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है जिसकी वजह से यहां पर संक्रमितों की संख्या बढ़कर 78,934 हो गई है। वही सरकारी रिकॉर्ड के हिसाब से जिले में शनिवार को 10 मरीजों की मौत भी हुई है। यहां अब तक कुल 707 मरीज कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गंवा चुके है।और 11267 कोरोना मरीज अब भी एक्टिव है।
भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा है कि जिले में 26 अप्रैल तक किसी भी प्रकार का सांस्कृतिक,धार्मिक,राजनीतिक या शादी समारोह किसी भी प्रकार के आयोजन नही किया जा सकता।
लवानिया ने कहा कि अगर कोई अयोजन करता हुआ मिलता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर के कहा कि भोपाल में धारा 144 लागू है ऐसे में लोगों के एक स्थान पर एकत्रित होने की मनाही हैं इसलिए कोई भी ऐसे आयोजन करने से बचे अगर ऐसा करता पाया गया तो 188 IPC की कार्यवाही की जाएगी।
आपको बता दें कि भोपाल कलेक्टर आज पुलिस कंट्रोल रूम पहुचे थे जहाँ पर उन्होंने मैदानी अमले और पुलिस को हो रही समस्याओं पर DIG शहर इरशाद बलि से चर्चा की और शख्त इन्तजामात करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश में कोरोना थमने का नाम ही नही ले रहा। इसी बीच में रेमडिसीवीर इंजेक्शन की काला बाज़ारी शुरू हो गई है। पहले इंदौर में लोग पकड़ाए थे और आज इंदौर के बाद भोपाल में नकली रेमेडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी की खबर सामने आई है।
बता दे कि पिपरिया से भोपाल इलाज कराने एक परिवार आया हुआ था जो इस नकली इंजेक्शन के ठगी का शिकार हुए है। कोरोना संक्रमित के परिजनों को एक युवक ने 47 हज़ार का नकली इंजेक्शन देकर लूट लिया। क्योंकि परिजन रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए दिनभर से सिर्फ परेशान हो रहे थे।
इस बीच हॉस्पिटल के बाहर देवदूत बनकर एक युवक ने उनके परिजनों को इंजेक्शन दिलाने का झांसा दिया और फिर उनसे 47 हज़ार रुपए ले लिए। जब परिजन इंजेक्शन लेकर हॉस्पिटल डॉक्टर के पास पहुंचे तब पता चला जो इंजेक्शन उन्हें मिला था वे नकली था। परिजनों ने बताया कि मंडीदीप स्थित इंडस टाउन में किसी मेडिकल से उस व्यक्ति ने उन्हें इंजेक्शन दिलाया था।
राजधानी भोपाल में नित बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण एक बार फिर जिला प्रशासन ने कोरोना कर्फ्यू(Lockdown) को बढ़ा दिया है।
आज गोविंदपुरा स्थिति स्मार्ट सिटी कार्यालय में हुई जिला क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कोरोना कर्फ्यू को 23 तक बढ़ाये जाने की घोषणा की। लेकिन कर्फ्यू 26 तक प्रभावी रहेगा इसका कारण 24 को शनिवार और 25 को रविवार होना क्योकि शनिवार और रविवार को तो भोपाल में लॉकडाउन रहता ही है।

आदेश के मुख्य बिंदु
1-:26 तारीख तक भोपाल में कोरोना कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है।
2-:किराना दुकान सब्जी के ठेले केवल सोमवार बुधवार शुक्रवार को घर पहुंच सेवा हेतु चालू रहेंगे.
3-:आदेश में दिए गए उल्लेखित विभागों को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे.
4:- दूध की दुकानें सुबह 6 से 9 तक रहेंगी चालू.

राजधानी में कोरोना के 24 घंटों के दोरान 1681 नए मामले सामने आए। इसके बाद शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 65222 हो गई है। शहर में अब तक कोरोना के 670 संक्रमित अपनी जान गवा चुके हैं। इनमें से 56497 लोग अब तक स्वस्थ हो चुके हैं। शहर में अब भी 8055 एक्टिव केसेज हैं।
भोपाल(bhopal) में कोरोना(corona) की बढ़ती रफ्तार के साथ शहर में मृत्यु का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में भदभदा विश्राम घाट(bhadbada vishram ghat) समिति(trust) ने अंतिम संस्कार(funeral) के लिए दाम तय कर दिए है। क्योंकि हर दिन कोरोना संक्रमित मरीज और सामान्य मरीजों की देह यहां आती है।
अब विश्राम घाट समिति ने निर्णय लिया है कि अब कोरोना मृतकों की देह के अंतिम संस्कार के लिए 3500 रुपये शुल्क लेंगे। वहीं सामान्य मृतक देह के अंतिम संस्कार का गोकाष्ठ शुल्क 3100 रुपये निर्धारित किया गया है।
भदभदा विश्राम घाट समिति के अध्यक्ष अरुण चौधरी ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन को लकड़ी की व्यवस्था करने में काफी संघर्ष करना पड रहा है। और इसीलिए विद्युत शवदाह गृह में दाह संस्कार का शुल्क 1700 रुपये और लकड़ी की कीमत 1000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है।
मम्तेश शर्मा ने यह भी कहा कि भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन आम जनता के सहयोग के लिए तत्पर है। लोगों की सुविधा के लिए विश्राम घाट में जगह-जगह इस निर्धारित शुल्क के पोस्टर-बैनर लगवा दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) में रेमडेसिविर इंजेक्शन(remdisivir injection) के बारे में सरकार(government) ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है । प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इसके आवंटन के अधिकार दिए गए है। जानकारी के मुताबिक रेड क्रॉस(red cross) में प्रति इंजेक्शन 1568 रुपए की राशि जमा होकर ये इंजेक्शन निजी अस्पतालों(hospitals) को भी दिए जा सकेंगे।

मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच इंदौर से हेलीकॉप्टर द्वारा भोपाल के लिए 2016 रेमडेसिविर इंजेक्शन भेजे गए हैं जो भोपाल में जरूरतमंदों को जिला प्रशासन के द्वारा प्रदान किए जाएंगे।
महामारी की दूसरी लहर में कोरोनोवायरस के मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर राज्य सरकार अपने स्वास्थ्य ढांचे को बढ़ाने और ठीक करने की कोशिश कर रही है। इस बीच बुधवार को, मध्यप्रदेश ने कोरोवायरस के 9,720 नए मामले दर्ज किए, जो एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है, जिससे संक्रमण संख्या बढ़कर 3,63,352 हो गई।
भोपाल में कोरोना के आकड़ो में कोई रोक नही लग रही है। ऐसे में ही आज भोपाल में कोरोना कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया है। कुछ दिन पहले ही जिला प्रशासन ने कोलार और शाहपुरा में 19 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाया है। लेकिन इसके बाद भी सोमवार सुबह शहर के अन्य स्थानों के लिए लॉकडाउन खुलते ही कोलार क्षेत्र में लोग घरों से बाहर निकल पड़े और सड़क पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
ऐसे में कोलार से सरकारी कर्मचारियों व अफसरों के वाहन जाम में फंसकर रह गए। इधर, मौके पर तैनात पुलिस के जवानों ने आला अधिकारियों से बात करने के बाद नाकेबंदी हटाकर दोनों तरफ के वाहनों को निकलवाया और बाद में दोबारा से नाकेबंदी कर दी।
दरअसल सोमवार को सुबह बाकी हिस्सों से लॉकडाउन हटा तब कोलार के भी लोग अपने वाहनों से सड़क पर आ गए। बताया गया है कि इसमे अधिकांश सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मचारी और अन्य लोग भी थे जिन्हें अपने काम के सिलसिले में शहर के दूसरे हिस्सों में पहुंचना था।
सुबह 10 बजे के बाद ऐसे लोगों के वाहनों के कारण कोलार के मुख्य मार्ग पर सर्वधर्म पुलिया से लेकर बीमा कुंज तक दो किमी का लंबा जाम लग गया था। दोनों तरफ के रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी। पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद इस जाम को खुलवाया।
मौके पर तैनात कोलार पुलिस के जवानों ने जिनके पास पहचान पत्र थे, उनको जाने दिया। बाकी को वापस भेज दिया गया। इस दौरान कुछ वाहन चालक पुलिस से बहस करते भी नजर आए।