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भोपाल में रेमडेसिवीर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की नियमित सप्लाई हुई शुरू

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जिला प्रशासन कोरोना से नागरिकों की जान बचाने के लिए आक्सीजन सहित आवश्यक दवाइयों और इंजेक्शन उपलब्धता के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया है कि शनिवार को भोपाल के कोविड अस्पतालों को रेमडेसिवीर की 1000 वॉइल्स उपलब्ध करवाई गई है।

इस बीच संयुक्त कलेक्टर राजेश गुप्ता ने बताया कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन वायल दवा डिस्ट्रीब्यूटर्स, स्टॉकिस्ट को प्राप्त हुई थी, जिसका वितरण फार्मा कंपनी द्वारा कोविड के इलाज कर रहे अस्पतालों को सीधे तौर पर किया गया है।

कलेक्टर अविनाश लवानिया के निर्देश पर जिले की अस्पतालों को ऑक्सीजन की सप्लाई जारी है। सभी अस्पतालों में मरीजों की आवश्यकता और मांग के अनुसार ऑक्सीजन प्रदान की जा रही है।

संयुक्त कलेक्टर राजेश गुप्ता ने बताया है कि शनिवार को भोपाल जिले के सभी कोविड अस्पतालों में मेडीकल ऑक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है । उद्योगों को ऑक्सीजन की सप्लाई प्रतिबंधित कर दी गई है। जिले में आने वाली सभी ऑक्सीजन केवल मेडिकल उपयोग के लिए ही दी जा रही हैं।

भोपाल में बढ़ते कोरोना संक्रमण ने तोड़ा भोपाल गैस कांड का रिकॉर्ड

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मध्य प्रदेश(madhya pradesh) में कोरोना(corona) की दूसरी लहर ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे है कि कोरोना से हुई मौतों की वजह से भोपाल(bhopal) के कब्रिस्तान और शमशान घाट में जगह कम पड़ रही है। भदभदा विश्राम घाट(bhadbada vishram ghat) पर पहली बार गुरुवार को 36 शव अंत्येष्टि के लिए लाए गए थे। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से 31 शव कोरोना मृतकों के थे। भदभदा विश्रामघाट के संचालक ने बताया कि भोपाल गैस कांड(bhopal gas tragedy) के दौरान भी एक दिन में 24 शवों ही आए थे लेकिन कोरोना ने उसका भी रिकॉर्ड तोड़ दिया।

भदभदा विश्राम घाट के अध्यक्ष अरुण चौधरी ने शवों के अंतिम संस्कार के लिए आरक्षित सभी जगह भर जाने के कारण विधुत शवदाह गृह के कैंपस को वैकल्पिक स्थान के रूप में चयन किया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जब कोरोना का कहर अपने चरम पर था तब भी कोरोना मृतकों के एक दिन में 10 से 12 शव ही आए थे।

गुरुवार को इतनी संख्या में शव आने की वजह से देर रात तक भदभदा में चिताएं जलती रही। इतना ही नहीं बल्कि शाम को 8-10 शव और आए थे, लेकिन उन्हें रात होने की वजह से मना कर दिया जिन्हें अब शुक्रवार यानी आज जलाया जाएगा।

अरुण चौधरी ने बताया कि शवाें के साथ आए परिजनों को भदभदा विश्राम घाट में मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान ना होना पड़े इसलिए अगले दो से तीन दिन में  भदभदा प्रबंधन 30 नए चिता स्थलों का निर्माण करेगा।

भोपाल के इन क्षेत्रों में रहेगा 9 दिन का लॉकडाउन

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बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए आज भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने आदेश देते हुए कहा है कि कोलार में 9 दिनों का लॉकडाउन रहेगा। कोलार के वार्ड 80, 81, 82, 83, 84, 51, 52, 53 को मिलाकर कंटेन्मेंट जोन बनाये गए है। इस कंटेनमेंट जोन में करीब 2 लाख की आबादी रहती है। इसी के साथ साथ भोपाल के समस्त कोचिंग संस्थान 15 दिनों तक बंद करने का निर्णय लिया गया है।

इन एरिया पर इस लॉकडाउन का असर :

आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजों को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाने के आदेश दिया है। प्रदेश के सभी जिलों में अब शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक लॉकडाउन लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसका निर्णय क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक के बाद लिय ।

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में यह लॉकडाउन लगाया जाएगा। इसी के साथ साथ मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब सभी सरकारी दफ्तरों में अगले तीन महीनों तक सप्ताह में केवल 5 दिन मतलब सोमवार से लेकर शुक्रवार तक ही काम किया जाएगा। दफ्तरों का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक ही रहेगा।

भोपाल में कोरोना गाइडलाइन का पालन ना करने वाले दुकानदारों की दुकानें हुई सील

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अब कोरोना गाइडलाइन का पालन न करने वालों के खिलाफ अ सख्ती शुरू हो गई है। बुधवार रात जिले के अधिकारियों ने शहर में घूम-घूम कर हालात का जायजा लिया और मास्क और सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके साथ ही उन्होंने शहर की कुल 158 दुकानें सील कर दी ।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए रूप को देखते हुए लोगों को जागरूक करने और व्यवस्था के लिए अधिकारियों ने शहर में मार्च किया। उन्होंने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर आम लोगों को मास्क लगाने और कोरोना संक्रमण की रोकथाम में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

डीआईजी इरशाद वली, कलेक्टर अविनाश लवानिया ने एसडीएम, एएसपी व अन्य अधिकारियों के साथ बैरागढ़, लालघाटी, सेंट्रल चौराहा, रॉयल मार्केट, पीरगेट, किलोल पार्क पेट्रोल पंप, 10 नम्बर मार्केट आदि क्षेत्रों में भ्रमण किया। और इसी दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन न करने पर कुल 158 दुकानें सील कर दी गई। जिसमे कोलार में 13, हुजूर में 16, टीटी नगर में 20, एमपी नगर में 14, गोविंदपुरा में 44, शहर में 8, बैरागढ़ में 15 और बैरसिया में 28 दुकानों को सील कर दिया है।

पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने पुराने शहर के चौक बाजार, सर्राफा और पेट्रोल पंप पर पहुंची। वहां दुकानों पर लोग बिना मास्क के खरीदारी करते हुए नजर आए। दुकान मालिक भी बिना मास्क के थे। पेट्रोल पंप पर भी पेट्रोल देने वाले कर्मचारी बिना मास्क के दिखे। पेट्रोल भरवाने वाले गाड़ी चालकों ने भी मास्क नहीं लगाए थे। उसी समय जिला प्रशासन की टीम ने 35 दुकानदारों और किलोल पार्क पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ कार्रवाई की है। किलोल पार्क के पेट्रोल पंप समेत 35 दुकानों को सील कर दिया गया।

कोरोना से मृत्यु एक अभिशाप बन गया है

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सोमवार को भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर 14 मरीजों के शव अंतिम संस्कार के लिए आए। इनमें से 9 भोपाल के थे और 6 दूसरे जिलों के जो भोपाल में इलाज कराने आए थे। इनकी मौत अस्पतालों में कोरोना संक्रमण की वजह से हुई। एक एंबुलेंस में आठ से नौ शव भरे हुए थे। लोगों का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव होना इतना बड़ा अभिशाप हो गया कि इस तरह से मृत शरीर के साथ भी मानवीयता नहीं बरती जा रही है। 

हैरत तो तब हुई जब पीपीई किट पहने हुए कर्मचारी ने शव का अंतिम संस्कार करने के बाद पीपीई किट को कचरे के डिब्बे में डालने की जगह ऐसे ही फेंक दिया। इसके चलते पीपीई किट का ढेर श्मशान घाट में लगा हुआ था।

झदा कब्रस्तान के अध्यक्ष रेहान अहमद गोल्डन ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से कोरोना पॉजिटिव मरीजों की अस्पताल में मौत की संख्या में इजाफा हो गया है। यही कारण है कि हर दिन झदा कब्रस्तान में औसतन तीन पॉजिटिव के शव आते हैं। इस तरह एक सप्ताह में करीब 15 शव आ चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि 28 मार्च को चार, 29 मार्च को 2, 2 अप्रैल को 2, 3अप्रैल को 4, 4 अप्रैल को 5 और 5 अप्रैल को 3 पॉजिटिव मरीजों के शव आए हैं। इन शवों पर डालने के लिए मिट्टी कम पड़ गई है। जिला प्रशासन से मिट्टी की मांग की गई थी लेकिन प्रशासन ने मिट्टी भी नहीं भेजी। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के शव की संख्या बढ़ने के चलते अब आठ से 10 अतिरिक्त गड्ढे कर रखे जा रहे हैं।

भोपाल में होम आइसोलेशन की गाइडलाइन को लेकर सरकार ने किए नए संशोधन

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भोपाल (Bhopal) में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों के सामने आने के बाद अब पॉजिटिव मरीज जिनमें हल्के या बिल्कुल लक्षण नहीं है वह होम आइसोलेशन में रह सकेंगे। इसे लेकर शासन ने संशोधित गाइडलाइन जारी कर दी है।

भोपाल सहित एक दर्जन जिलों में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए शासन ने लक्षण सहित और मंद लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की सुविधा देने के निर्देश दिए हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रदेश में कोरोना के प्रकरणों की संख्या को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक है कि घर पर आइसोलेशन की समुचित व्यवस्था वाले अधिक से अधिक पात्र कोविड पॉजिटिव व्यक्तियों को होम आइसोलेशन में रखा जाए।

होम आइसोलेशन किट की व्यवस्था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले के कुल एक्टिव कोविड-19 केसों की संख्या के 40% के मान से तैयार की जाएगी। होम आइसोलेशन की अनुमति देते समय फीवर क्लीनिक के चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोविड पॉजिटिव व्यक्ति द्वारा स्वनिगरानी के लिए एक डिजिटल थर्मामीटर एवं एक पल्स ऑक्सीमीटर स्वयं क्रय करने का भी परामर्श दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश सरकार पर लग रहा है बड़ा आरोप, छुपा रही है कोरोना से हुई मौत के आंकड़े

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मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) में शिवराज सरकार(Shivraj Government) पर कोरोना(Corona) से मौत(Death) के आंकड़े छिपाने का बड़ा इल्ज़ाम लग रहा है। इस इल्ज़ाम की एक मिसाल खुद भोपाल में पिछले दिनों हुईं अंत्येष्टि से समझा जा सकता है। 6 दिनों में भोपाल के श्मशान और कब्रिस्तान में कुल 102 कोरोना के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन सरकारी रिकॉर्ड देखा जाए तो केवल 6 मारीजों की कोरोना के कारण हुई मौत दर्ज है।

ऐसा बताया जा रहा है कि 27 मार्च से 1 अप्रैल के बीच अकेले भदभदा विश्राम घाट में कोरोना के 84 शवों की अंत्येष्टि की गई है। लेकिन भोपाल के बाहरी शवों को हटाकर अकेले भदभदा में 41 ऐसे शवों का अंतिम संस्कार किया गया है जो कि भोपाल के ही थे। शहर के दूसरे विश्राम घाट सुभाष नगर विश्राम घाट में कोरोना के 9 शवों का अंतिम संस्कार किया गया।  

कुछ ऐसी ही स्थिति राजधानी के झदा कब्रिस्तान की भी है। झदा कब्रिस्तान में कोरोना के 9 शवों को दफनाया गया, इसमें 5 शव कोरोना के थे। ज़ाहिर है जब इन 6 दिनों के अंतराल में जब राजधानी में कोरोना से केवल 6 मौतें ही हुई, तब ऐसी स्थिति में 100 से भी अधिक कोरोना के शवों की अंत्येष्टि कैसे हो गई। 

कोरोना से मौत होने की संख्या इतनी ज़्यादा है कि एक ही एम्बुलेंस कोरोना के 5-6 शवों को लादकर लाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भदभदा विश्राम घाट में तो रोज़ाना 14-15 की संख्या में कोरोना के शवों को अंत्येष्टि के लिए लाया जा रहा है। 

भोपाल में दुकानदारों ने की पुलिसकर्मियों से मारपीट

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भोपाल में लॉकडाउन के दौरान दुकान बंद कराने गए पुलिसकर्मियों पर दुकानदारों ने हमला कर दिया था। जिससे तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। घटना हनुमानगंज थाना की बताई जा रही है। फिलहाल दुकानदार और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है।

भोपाल एएसपी रामस्नेही मिश्रा ने बताया कि शनिवार रात 11 बजे काजी कैंप में कुछ दुकानें खुली थी। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए जब पुलिस वहां पहुंची तब भी दुकानें खुलीं थी । इस दौरान पुलिस ने जब दुकानदारों से दुकान बंद करने को कहा तो एक दुकानदार पुलिस कर्मियों से लड़ने गया। इसी दौरान एक अन्य दुकानदार ने पुलिसकर्मियों के ऊपर गरम चाय फेंक दी। इसके बाद वहां मौजूद अन्य दुकानदार पुलिसकर्मियों पर पत्थर मारने लग गए जिसकी वजह से तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिसे देखते हुए राजधानी भोपाल सहित 13 जिलों में संडे लॉकडाउन लगाया गया है। वहीं, कोरोना संक्रमण रोकने के लिए भोपाल में 51 कंटेनमेंट जोन भी बनाए गए है।

मध्यप्रदेश में अगर नहीं पहना मास्क तो होगी सज़ा, डाला जाऐगा ओपन जेल में

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मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) से स्थिति खराब बिगड़ती जा रही है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री(Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) ने अधिकारियों के साथ कोरोना के रोकथाम और उसकी व्यवस्था की समीक्षा ली। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा, कि जो लोग मास्क नहीं लगा रहें है उन पर जुर्माना लगाया जाए साथ ही ऐसे लोगों को कुछ समय के लिए ओपन जेल में रखा जाए।

प्रदेश में सभी वर्गों के सहयोग के साधन जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। सभी प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाए। ऐसा माहौल बने जिससे हर व्यक्ति मास्क लगाने के लिए खुद को जागृत रखे। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि इंदौर के लिए 10,000 बेड की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी जिलों में बेड की उपलब्धता के साथ प्रतिदिन इसकी जानकारी मीडिया, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से जनता को दी जाए।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश भी दिए

  1. लॉकडाउन के दौरान रविवार को भी वैक्सीनेशन जारी रहेगा।
  2. कोरोना मरीजों को होम आइसोलेशन की गाइडलाइन जारी करें।
  3. इंदौर में 10,000 बिस्तर सुनिश्चित करें, ताकि परेशानी ना हो।
  4. निजी अस्पताल कोरोना उपचार के लिए शासन द्वारा निर्धारित फीस ही लें, उस पर नजर रखें।
  5. छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में कोरोना के उपचार की श्रेष्ठ व्यवस्था हो।
  6. महाराष्ट्र बॉर्डर सील किया जाए, तथा गुड्स के वाहन, आवश्यक सेवाओं के वाहन, आपातकालीन आवागमन छोड़कर आवाजाही ना हो।
  7. वैक्सीनेशन की गति बढ़ाएं।
  8. गणगौर त्योहार घर में ही मनाएं।
  9. होम आइसोलेशन की सख्त मॉनिटरिंग हो।
  10. जिन जिलों में अधिक संक्रमण है वहां माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं।
  11. कोरोना वायरस की रिपोर्ट समय पर आ जाए।
  12. जिन जिलों में आवश्यकता है वहां कोविड केयर सेंटर बनाए जाएं।
  13. जो जिले संडे लॉक डाउन की अनुमति चाहते हैं उन्हें अनुमति दी जाए।
  14. ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण न फैले इस पर विशेष ध्यान दें।
  15. गरीबों का निशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाए, उन्होंने आयुष्मान कार्ड के आधार पर निशुल्क चिकित्सा दें।

2013 से मकान के लिए भटक रहे अभिमन्यु सिंह को भोपाल कलेक्टर ने वापस दिलाए 30 लाख 70 हजार रूपए

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भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने त्वरित कार्यवाही कर आकृति बिल्डर्स से मकान नहीं मिल पाने के कारण भटक रहे अभिमन्यु सिंह को 30 लाख 70 हजार रूपए की राशि वापस दिलवाई है। सन 2013 से भटक रहे अभिमन्यु सिंह ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, रेरा और जिला प्रशासन को पत्र लिख कर धन्यवाद ज्ञापित किया है।

यह उल्लेखनीय है कि अभिमन्यु सिंह ने 2012 – 13 में भोपाल के आकृति एजी 8 वेंचर बिल्डर से होशंगाबाद रोड छान गांव में मकान लेने के लिए 25 लाख रुपए जमा कराए थे। 2013 से अभिमन्यु को ना तो मकान का पजेशन मिल पाया और ना ही उनके द्वारा जमा राशि मिल पा रही थी। अभिमन्यु ने रेरा में बिल्डर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

रेरा ने कलेक्टर भोपाल अविनाश लवानिया को आदेशित किया था कि संबंधित हितग्राही को ब्याज सहित राशि बिल्डर की संपत्ति कुर्क करके दिलाई जाए। उक्त मामलें पर संज्ञान लेते हुए भोपाल कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम एवं तहसीलदार को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए। प्रकरण में त्वरित कार्यवाही कर हितग्राही को 90 प्रतिशत राशि 30 लाख 70 हजार दिलवाए गए।

माफिया मुक्त अभियान के तहत की गई इस कार्यवाही से अभिमन्यु सिंह ने राहत की सांस ली है। हितग्राही ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में उपस्थित होकर कलेक्टर भोपाल को धन्यवाद पत्र सौंपा और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया जिससे उन्हें अपनी मेहनत की कमाई वापिस मिल पायी।