मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में दोबारा कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे समय में सरकार और शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता कोरोना संक्रमण रोकना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रभारी अधिकारी सक्रिय हो जाएँ और अपने-अपने जिलों की रोज मॉनिटरिंग करें। सभी जिले क्राइसिस मैनेजमेंट समूह की बैठक कर जिलों में कोरोना संक्रमण रोकने, व टेस्टिंग और उपचार की उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करें।
जनता को जागरूक करना होगा कि सभी मास्क लगाएँ तथा सोशल डिस्टेंसिंग रखें व सभी आवश्यक सावधानियाँ बरतें। इसके लिए जन-प्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि सभी का सक्रिय सहयोग लेना होगा। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यह आवश्यक है कि आगामी त्यौहार होली आदि घर पर ही मनाए जाएँ। इन त्यौहारों पर चल समारोह प्रतिबंधित रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी जिलों में मेले प्रतिबंधित रहेंगे। जिन जिलों में कोरोना के कम प्रकरण हैं, उन्हें छोड़कर शेष सभी में सामाजिक गतिविधियाँ भी प्रतिबंधित रहेंगी। सीमित संख्या के साथ आवश्यक सामाजिक गतिविधियाँ जिला प्रशासन की अनुमति से की जा सकेंगी।
23 मार्च को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सिंह चौहान की सरकार को एक साल पूरे होने जा रहे है। आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा (BJP State President VD Sharma) ने शिवराज सरकार के एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां बताई है।
कोरोना के बढ़ते हुए क्रम के दौरान बनी भाजपा सरकार ने चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए कार्य किया और कमलनाथ सरकार द्वारा बंद करवाई गई जनहितकारी योजनाओं को दुबारा शुरू कर गरीबों को उनका हक वापस दिया।
उन्होंने कहा कि, कमलनाथ सरकार ने आते ही वैचारिक आक्रमण शुरू कर दिए थे। वंदे मातरम् का गान बंद किया गया, मीसाबंदियों की सम्मान निधि / पेंशन बंद की, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय की सुरक्षा को हटा दिया गया था। कमलनाथ सरकार के पास जनहितकारी कार्यों के लिए पैसे नहीं थे लेकिन उसके बाद भी IIFA के लिए कोई कमी नहीं थी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के एक साल पूर्व होने पर पार्टी द्वारा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में 22 मार्च को भाजपा सेवा का संकल्प दिलाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा 23 मार्च को स्वीकृत हुए कामों पर विकास का नारियल फोड़ेंगे। हमारी पार्टी इस दौरान जनता के बीच उसके 12 महीने के कार्यकाल और कांग्रेस के 15 महीनों के कार्यकाल में हुए कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने इस दौरान संकेत देते हुए कहा कि निगम और मंडलों में जल्द नियुक्ति हो सकती है । संगठन ने इसके लिए सरकार के समक्ष बात रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री निगम मंडलों को लेकर गंभीर है और जल्द ही निगम मंडलों में नियुक्ति को लेकर फैसला हो सकता है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने आज संकेत दिए है कि 1 अप्रैल से स्कूल नहीं खुलेंगे । आज मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जैसे कोरोना के मामले सामने आ रहे है ऐसी परिस्थिति में स्कूल को खोला जाना सही नहीं है।
मध्यप्रदेश में फिर से कोरोना मामले में तेजी देखी गई है। जिसके बाद प्रदेश के तीन प्रमुख शहर भोपाल, इंदौर और जबलपुर में 31 मार्च तक स्कूल व कॉलेज ना खुलने का फैसला लिया गया था। वहीं इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्कूल खोलने को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा था कि यदि संक्रमण की रफ्तार यही रही तो स्कूल खोलने के निर्णय पर दुबारा विचार किया जाएगा।
23 मार्च से प्रदेश में कोरोना के लिए सायरन अभियान चलाया जाएगा
कोरोना के बढ़ते केस पर बयान देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 23 मार्च से प्रदेश में कोरोना के लिए अभियान चलाया जाएगा। जहां सभी शहरों में सायरन बजाया जाएगा। वही सुबह 11:00 बजे 2 मिनट के लिए जो जहां खड़ा है, वही रुकेगा और मास्क पहन कर संकल्प लेगा ।
मेरी होली-मेरे घर का नारा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह खुद सोशल डिस्टेंसिंग के मार्क और गोले बनाने के लिए निकलेंगे। शाम 7:00 बजे शहरों में दोबारा सायरन बजेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि कल क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में होली को लेकर भी बैठक की जाएगी। जहां मेरी होली-मेरे घर का नारा दिया जा सकता है। बढ़ते संक्रमण में होली बाहर नहीं खेली जाएगी।
मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) के जल संसाधन विभाग(Water Resource Department) में सरकारी नौकरी(Government Job) लगवाने का झांसा देकर 50 से ज्यादा बेरोज़गार युवकों को ठगे जाने का मामला सामने आया है। यह बदमाश खुद को मंत्री तुलसीराम सिलावट(Tulsi Silawat) का प्रतिनिधि बताता था और उन्हीं के विभाग में नौकरी दिलवाने का झांसा देता था।
आरोपी ने इंदौर और उसके पास के बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया और उनसे रुपए भी वसूले। आरोपी ने किसी से एक लाख तो किसी से 50 हजार रुपए वसूले । लोगों ने सरकारी नौकरी के लालच में आकर उस बदमाश को पैसे दे दिए। बदमाश ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था। जब फरियादी युवक वह नियुक्ति पत्र लेकर विभाग में नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तब उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
विभाग में जाकर पता चला कि वह लेटर फर्जी है। उस बदमाश ने बेरोजगार युवक को जल संसाधन विभाग का फर्जी नियुक्ति के पत्र छाप कर दे दिया था। युवक ने इस मामले की शिकायत इंदौर के भवरकुआं थाने में दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने योजना बनाकर आऱोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। अन्य युवक से नौकरी लगवाने में मदद मांगने के लिए आरोपी को फोन लगवाया। जब आरोपी बेरोजगार युवक से मिलने आया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने शुक्रवार को शुरू हुई दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन शनिवार को सर्वसम्मति से संघ का नया सरकार्यवाह चुन लिया। प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले (Dattatreya Hosabale) को यह जिम्मेदारी सौंप दी। वह सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी (Suresh Bhaiyaji Joshi) का स्थान लेंगे। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सन 2009 से ही सह सरकार्यवाह की जिम्मेदारी निभा रहे थे। अब वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में नंबर दो की पोजीशन पर पहुंच गए हैं।
दत्तात्रेय होसबाले (Dattatreya Hosabale) न केवल 2024 के चुनावों तक इस पद पर रहेंगे बल्कि 2025 में संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में संघ का संगठनात्मक मार्गदर्शन करेंगे। वह कर्नाटक के शिमोगा से आते हैं। उनका नाम पहले से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह के लिए चल रहा था और उसके बाद अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के दूसरे दिन उनके नाम को सहमति दे दी गई है ।
अब तक सरकार्यवाह की जिम्मेदारी सभाल रहे सुरेश भैयाजी जोशी 2009 से ये जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने 2018 में पद छोड़ने की पेशकश की थी लेकिन कुछ कारण वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था। वैसे सरकार्यवाह का कार्यकाल तीन साल का होता है लेकिन सुरेश भैयाजी जोशी ने अपने चार वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है।
कांग्रेस(Congress) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष(Ex National President) राहुल गाँधी(Rahul Gandhi) ने उनकी दादी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री(Prime minister) इंदिरा गाँधी(Indira Gandhi) के इमरजेंसी(Emergency) लगाने के फैसले को एक भूल बताया है। राहुल गांधी ने कहा कि 1975 से 77 के बीच 21 महीने के आपातकाल के दौरान जो कुछ भी हुआ वो गलत था। वहीं राहुल के इस बयान के बाद बीजेपी को बड़ा मुद्दा मिल गया है। बीजेपी ने राहुल गांधी के इमरजेंसी वाले बयान पर अब उन्हें पूरी तरह से घेर लिया है।
मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री(Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) ने राहुल गांधी को ट्यूबलाइट बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल जी की दिक्कत यही है कि वह बहुत वर्षों बाद सोचते हैं। जब 1975 में इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई थी तब हम बच्चे थे लेकिन उसके साथ जेल भी गए थे। आज जब राहुल गांधी बोल रहे हैं तो हम 61 साल के हो गए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की सोच बहुत पीछे चलती है और उन्हें यह बात अब समझ में आ रही है। हालांकि देर आए दुरुस्त आए लेकिन उन्हें सोचना चाहिए कि वह जो आज कह रहे हैं उन्हें अब कई वर्षों बाद लगेगा कि वह गलती कर रहे थे। तब उन्हें फिर गलती की माफी मांगनी पड़ेगी। उनकी ट्यूबलाइट देर से जलती है।
शिवराज सिंह चौहान ने खंडवा सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि नंदू भैया के जाने से जो शून्य पैदा हुआ है वह मध्यप्रदेश के सार्वजनिक जीवन में तथा भाजपा के जीवन में तथा कार्यकर्ता के नाते मेरे भी निजी जीवन में वह शून्य कभी भरा नहीं जाएगा। नंदू भैया जैसा कोई नहीं वह सेवा की समर्पण की एक अलग शख्सियत थे।
मध्यप्रदेश में शराब के 41 समूहों को सरकार ने दो महीने का विकल्प चुनने का मौका दिया है। इन समूहों को 10 मार्च तक स्थिति साफ करनी होगी की अगर यह समूह दो माह का अतिरिक्त विकल्प नहीं चुनते हैं, तब आबकारी विभाग 31 मार्च के पहले छोटे-छोटे समूह में वर्ष 2019-20 के अनुसार छोटे-छोटे ग्रुप में ठेके कराएगा।
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश की समस्त मदिरा दुकानें 387 समूहों में दी गई है। कोरोना के कारण दो महीने का अतिरिक्त समय शराब समूहों को दिया गया था। जबकि प्रदेश के 387 समूहों में से 41 समूहों ने उक्त विकल्प का लाभ नहीं लिया था। ऐसे में 346 समूहों की ठेका अवधि 31 मई तक है, जबकि 41 समूहों की ठेका अवधि 31 मार्च को खत्म हो रही है।
सरकार ने इस विकल्प के रूप में शेष दुकानों को अवधि में दो महीने की वृद्धि का विकल्प फिर दिया गया है। ऐसे में अब इन समूहों जो यह विकल्प इस शर्त के साथ दिया जाएगा कि वर्ष 2019-20 की निविदा मूल्य राशि के ऊपर वित्तीय मूल्य राशि के ऊपर वित्तीय वर्ष 2020-21 में जो प्रतिशत वृद्धि दर इन समूहों द्वारा दी गई है।
प्रदेश के कटनी , मंडला, रतलाम, ग्वालियर, बुरहानपुर, बैतूल, सीहोर,सतना, छिंदवाड़ा , आगर-मालवा, देवास, भिंड, मंदसौर, हरदा, राजगढ ̧, रायसेन, गुना,टीकमगढ ̧, बालाघाट, जबलपुर और सीधी जिलों के ठेकेदारों ने सहमति दी थी। इसके अनुसार ऐसी दुकानों का ठेका 31 मई को खत्म होगा और कुछ का 31 मार्च को।
देश में आज कोरोना वैक्सिनेशन(Corona Vaccine) का दूसरा चरण(Second Phase) शुरू हो गया है। दूसरे चरण में 60 साल से अधिक उम्र और किसी भी बीमारी से ग्रस्त 45 साल से ज्यादा की उम्र वाले व्यक्ति को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही हैं।आज इसी चरण में देश के प्रधानमंत्री(Prime Minister) नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई है। l
प्रधानमंत्री मोदी ने Covaxin की पहली डोज़ लगवाई है। वैक्सीन की इस डोज के बाद वह 35 मिनट तक डॉक्टरों की निगरानी में रहे और उसके बाद वहां से अपने निवास के लिए रवाना हो गए। वैक्सीन लगवाने प्रधानमंत्री बिना किसी सुरक्षा के एम्स पहुंचे थे। उन्हें वैक्सीन का दूसरा डोज 28 दिन बाद लगाया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने उसके बाद कहा कि, जिस तेज़ी से हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए काम किया है वह उल्लेखनीय है। प्रधानमंत्री ने यह भी अपील की है कि योग्य व्यक्तियों से ही वैक्सीन लगवाएं। उन्होंने कहा कि हमे साथ मिल कर भारत को कोरोना से मुक्त बनाते है।
किसान परेड के दौरान 26 जनवरी को लाल किला और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हिंसा के दौरान किसानों के लापता होने का मामला पंजाब में सियासी तौर पर गरमाने लगा है। सूबे के किसान संगठनों और धार्मिक संगठनों ने 400 से अधिक किसानों व नौजवानों के लापता होने का आरोप लगाया है और इस संबंध में दिल्ली पुलिस पर उंगली उठाई जा रही है।
पंजाब से जुड़े कई किसान संगठनों और धार्मिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली हिंसा के दौरान 400 से ज्यादा युवा और बुजुर्ग किसान लापता हैं। अमृतसर के खालड़ा मिशन ने आरोप लगाया है कि गायब हुए सभी लोग दिल्ली पुलिस की अवैध हिरासत में हैं।
पंजाब के मानवाधिकार संगठन के जांच अधिकारी सरबजीत सिंह वेरका ने दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना किसी केस के ज्यादा समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता है, इसलिए पकड़े गए लोगों के बारे में पुलिस जानकारी दे।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के वकील हाकम सिंह का कहना है कि पंजाब के 80-90 नौजवान 26 जनवरी को सिंघु और टिकरी बॉर्डर गए थे। हिंसा की घटना के बाद वे सभी नौजवान किसान अब तक अपने शिविरों में नहीं लौटे हैं। वकीलों का एक ग्रुप उन्हें ढूंढने की कोशिश में जुटा है और इसके लिए हम पुलिस, किसान संगठनों और अस्पतालों के संपर्क में हैं।
भोपाल का प्यारे मिया यौन शोषण केस ने पिछले साल उत्तर प्रदेश में हुए हाथरस दुष्कर्म की तरह मोड़ ले लिया है। जिस प्रकार से हाथरस में पीड़ित बच्ची और परिजनों के साथ पुलिस और प्रशासन ने बेरहमी की थी, उसी तरह भोपल में भी प्यारे मियां यौन शोषण केस मामले में पीड़ित बच्ची और उसके परिजनों के साथ बेरहमी हुई है।
नींद की गोली खाने से पीड़ित बच्ची की बुधवार को मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद गुरुवार को दिन में 2:15 बजे भोपाल पुलिस की निगरानी में बच्ची के शव को घर भेजने की जगह सीधे भदभदा विश्राम घाट लेजाया गया और बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
प्यारे मियां द्वारा प्रताड़ित की गई पांच नाबालिग बच्चियां बाल संप्रेषण गृह में सुरक्षा के लिहाज से अक्टूबर 2020 से रखी गई थी। उन्हीं मे से एक नाबालिग बालिका को नींद की गोली खाने या खिलाए जाने से मौत हो गई। गुरुवार को मृतका का पोस्टमार्टम होना था, और उसी कारण सुबह 9:00 बजे से ही भारी संख्या में हमीदिया अस्पताल में पुलिस बल तैनात रहा।
बच्ची की माँ और परिजन घर पर अपनी बेटी के शव आने का इंतज़ार कर रहे थे। मर्चुरी में पीड़िता के चाचा और पिता ने शव घर ले जाने की जिद की। लेकिन पुलिस परिजनों को बच्ची का शव सौंपना ही नहीं चाहती थी और फिर प्रशासन ने बच्ची का शव सीधे भदभदा विश्राम घाट ले जाने के निर्देश दिए। जिसके बाद नाबालिग का शव भदभदा विश्राम घाट ले जाया गया और उसका अंतिम संस्कार किया गया।
विश्राम घाट पर पुलिस ने खुद से ही अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी कर रखी थी। रिश्तेदार लगातार पुलिस से गुहार लगाते रहे कि इतनी जल्दबाजी न करे लेकिन पुलिस ने किसी की एक नही सुनी। महिला रिश्तेदारों ने दो बार अर्थी नहीं तैयार करने दी, लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम ने इसे फिर से तैयार करी।
पीड़िता की मां ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। मां का आरोप है कि महिला थाना प्रभारी अजिता नायर, बाल कल्याण समिति के कृपा शंकर चौबे और बालिका गृह की अधीक्षिका अंतोनिया ने उनकी बेटी को जबरदस्ती नींद की गोली खिलाई है।
मां ने आरोप लगाए है कि उनकी बेटी अस्पताल में तड़पती रही लेकिन उन्हें उनकी बेटी से मिलने नहीं दिया गया। हम अपनी बेटी की शादी के सपने देख रहे थे और हमारे सपने ही उजड़ गए। मां ने कहा बेटी को रीति-रिवाज के साथ विदा नहीं कर पाए।
पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने घटना की निंदा करते हुए शर्मनाक बताया है। कमल नाथ ने ट्वीट कर लिखा है, ‘बेहद निंदनीय, बेहद शर्मनाक है। शिवराज सरकार में भांजियाँ कही भी सुरक्षित नहीं? प्रदेश की राजधानी में यौन शोषण की शिकार मासूम बच्चियाँ बालिका गृह में भी सुरक्षित नहीं ? कितनी अमानवीयता, मृत पीडिता को उसके घर तक नहीं जाने दिया, उससे अपराधियों जैसा व्यवहार?
कमल नाथ ने आगे लिखा कि, ‘उसके परिवार को अंतिम रीति- रिवाजों से भी वंचित किया गया, यह कैसी निष्ठुर व्यवस्था ? कहाँ है ज़िम्मेदार ? प्रदेश को कितना शर्मशार करेंगे ? मामला बेहद गंभीर, मामले की सीबीआई जाँच हो, बाक़ी बालिकाओं को भी पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। उनके इलाज की भी समुचित व्यवस्था हो। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।