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मध्यप्रदेश में बढ़ी कोरोना मरीजों की संख्या, ज्योतिरादित्य सिंधिया का बेटा भी कोरोना पॉजिटिव

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देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में भी कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। कोरोना के दर्जनोभर मरीज हर दिन सामने आ रहे हैं। ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महा आर्यमन सिंधिया भी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं।

बताया जा रहा है महा आर्यमन को जय विलास पैलेस में ही आइसोलेट किया गया है और डॉक्टरों की टीम निगरानी करने में जुटी हुई है। महा आर्यमन सिंधिया के संपर्क में जो भी आया है उनको भी कोरोना टेस्ट के लिए कहा गया है। वहीं महा आर्यमन सिंधिया के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित पूरे परिवार का भी कोरोना टेस्ट किया जाएगा।

बता दें महा आर्यमन सिंधिया पिछले एक सप्ताह से खांसी, गले में खराश के साथ-साथ बुखार से पीड़ित थे। उसके बाद उन्होंने ग्वालियर आकर कोरोना की जांच कराई जिसमें वे पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद उन्हें सिंधिया के महल जय विलास पैलेस में ही आइसोलेट किया गया है।

महा आर्यमन सिंधिया के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनके सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं क्योंकि अभी हाल में ही उनके चंबल अंचल में कार्यक्रम थे और इन्हें लेकर ही वह ग्वालियर आए हुए थे लेकिन कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।

मप्र में हुआ कोरोना विस्फोट

  • बीते 24 घंटे में मिले 52 नए केस
  • एक्टिव केस का आंकड़ा हुआ 226
  • राजधानी भोपाल में रिपोर्ट हुए 16 नए केस
  • 94 हुई एक्टिव केसों की संख्या
  • इंदौर में 10, ग्वालियर में 7, राजगढ़ में 5, जबलपुर में 4 नए केस हुए रिपोर्ट
  • संक्रमण दर हुई5.7%

मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में नहीं हो रहा है वैक्सीनशन, ये है कारण

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 18 और उसके ऊपर वालों के लिए टीकाकरण शुरू हुए 15 दिन से अधिक समय बीत जाने पर भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कोविड टीका नहीं लग रहा है। इसकी वजह वैक्सीनेश की जटिल प्रक्रिया बताई जा रही है।

दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में स्लाॅट बुकिंग की जटिल प्रक्रिया लोगों के टीकाकरण कराने में बाधा बन रही है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 18 वर्ष से अधिक उम्र से अधिक लोगों को वैक्सीन नहीं लगाई जा सकी है।  ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग है जिनके पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट है। वे ही लोग टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे है।

बता दें कि शुरवात में शहरी क्षेत्रों में भी वैक्सीन के प्रति लोगों का कम रुझान दिखाई दिया था। लेकिन बाद में लोगों ने टीका लगवाना शुरू कर दिया था। हालांकि अब ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण को लेकर जागरूकता नहीं दिखाई दे रही है। कई केंद्र तो ऐसे है जहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह से शाम तक बैठी रहती है, लेकिन टीका लगवाने कोई नही आता।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने किया बड़ा एलान, ब्लैक फंगस का इलाज होगा नि:शुल्क

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मध्य प्रदेश में जैसे जैसे पॉजिटिविटी रेट काबू में आ रही है वैसे ही ब्लैक फंगस का कहर बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार अब तक प्रदेश में 600 से अधिक ब्लैक फंगस के मरीज आ चुके है। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्लैक फंगस के इलाज हेतु बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ब्लैक फंगस के निःशुल्क इलाज की बात भी कही है।

बता दे कि मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस के रूप में एक नई चुनौती हमारे सामने आई है। उन्होंने कहा कि अब से प्रदेश में ब्लैक फंगस के इलाज की भी हम नि:शुल्क व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि नेज़ल एंडोस्कोपी के माध्यम से ब्लैक फंगस का बहुत आसानी से पता लगाया जा सकता है। प्रारंभिक स्तर पर इसकी जांच और इलाज से रोकथाम की जा सकती है।

इंदौर की बैठक में मुख्यमंत्री ने गरीबों को नि:शुल्क राशन और अन्य योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित करने की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पॉजिटिविटी दर 6.39% रह गई है। हालांकि यह माना जाता है कि 5% से कम संक्रमण है, तो संक्रमण काबू में है। हमें 6.39% की संक्रमण दर को धीरे-धीरे 0% की ओर ले जाना है।

मध्यप्रदेश को चरण बद्ध तरीके से खोला जाएगा : गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा

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भोपाल: प्रदेश में कोरोना महामारी को लेकर अब अच्छी खबर आ रही है। मरीजों के पाजिटिविटी दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और साथ ही रिकवरी रेट में इजाफा भी हो रहा है। गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोरोना में एमपी लगातार सुधार की ओर चल रहा है। सीएम शिवराज के आइडिया को पीएम मोदी ने भी सराहा है। इस मॉडल को देश मे लागू करने की बात हो रही है। इतना ही नही साउथ मे भी मॉडल को लागू किया जा सकता है।

प्रदेश में लगे कोरोना कर्फ्यू पर बात करते हुए गृहमंत्री ने बोला कि कोरोना कर्फ्यू बहुत जल्द चरण बद्ध तरीके से खोला जाएगा। आगे उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए बोले कि कमलनाथ को सिर्फ कमियां ही ढूढना है, कल भी बडी संख्या मे युवा नही आए और वैक्सीन खराब हुई है।

गृहमंत्री ने कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए तुलसी सिलावट पर लगे आरोप पर सफाई देते हुए बोले कि तुलसी सिलावट का ड्रायवर नही है वो एजेंसी का है, दूसरी बात तुलसी सिलावट को लेकर कांग्रेस के घाव अभी तक नही भरे हैं,कांग्रेस डर्टी पॉलिटिक्स खेलती है।

जब नरोत्तम मिश्रा से हालही में घटित उमंग सिघार मामला पर बात की गई तो उन्होंने बोला कि इस बारे में उनसे ज्यादा कांग्रेस बता सकती है। गृह विभाग के संपर्क में कांग्रेस के नेता हैं।

डीएपी खाद सब्सिडी मामला पर मिश्रा ने कहा कि डीएपी खाद में दी गई सब्सिडी का मामला अभिनंदनीय है। कांग्रेस सिर्फ कहती रही है और केन्द्र की मोदी सरकार ने किसानों को दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि 14,775 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार खाद सब्सिडी दे रही है।

भोपाल के चिरायु अस्पताल के डॉक्टर ने कहा सरकार का आदेश हम नहीं मानेंगे

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राजधानी भोपाल के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल का अमानवीय चेहरा सामने आया है। चिरायु अस्पताल प्रबंधन के एक डॉक्टर ने मरीज के परिजन को साफ़ शब्दों में बोलता नज़र आ रहा है यहाँ नहीं चलेगा सरकार का कोई आदेश। डॉक्टर की यह करतूत सीएम और सरकार के आदेश की धज्जियाँ उड़ाते हुए कैमरे में कैद किया गया है।

डॉक्टर ने मरीज के परिजन को धमकाते हुए लहजे में बोलता नज़र आ रहा है कि बनाओ विडियो मैं देता हूँ जवाब। इतना ही नही, विडियो के बाद परिजन को गार्ड से धक्का देकर बाहर निकालने के आदेश भी दे रहा है।

इस संदर्भ में जब डॉक्टर गोयनका से बात की गई तो उनके मुताबिक़ आयुष्मान कार्ड एप्लिकेबल नही हैं। वहां पर आयुष्मान कार्ड के आधार पर इलाज नही किया जाएगा।

आपको बता दें कि आपदा में अवसर तलाशने वाला चिरायु अस्पताल को जब सरकार से एडवांस में हो रही थी फ़ंडिंग तब चिरायु अस्पताल कोविड के ज़्यादा से ज़्यादा मरीज़ों को इलाज देकर ठीक होने का दावा करता था। आज यही अस्पताल आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी बेटे को मां का शव पैसे लेने के बाद दी।

गौरतलब है कि सरकार ने आदेश जारी किया की आयुष्मान कार्ड है तो नही देना होगा मरीजों को पैसा लेकिन चिरायु अस्पताल के मालिक गोयनका ने आयुष्मान कार्ड से इलाज करने के लिए मना किया है।

मध्यप्रदेश के इस अस्पताल में फिर एक मरीज ने की आत्महत्या करने की कोशिश

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मध्य प्रदेश के अस्पतालों में आत्महत्या का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। ऐसी एक घटना अब इंदौर से आई है। बताया जा रहा है कि यहां शनिवार को एक कोरोना संक्रमित मरीज ने अस्पताल की तीसरी मंजिस छलांग लगा कर आत्महत्या करने की कोशिश की है।

बता दे कि ये घटना इंदौर के अरविंदो अस्पताल की है। यहां दो दिन पहले 33 वर्षीय अभिषेक शर्मा इलाज के लिए भर्ती हुआ था। वहीं शनिवार को अचानक मरीज ने अस्पताल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। जानकारी मिली है कि वे अभी गंभीर हालात में है और उसका इलाज किया जा रहा है।

इस घटना की सूचना अरविंदो अस्पताल प्रबंधक पुलिस को दे दी गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है। जहां रोज कोई न कोई अस्पताल से कोरोना संक्रमित मरीज आत्महत्या करने की कोशिश कर रहे है।

जहां वैक्सीन की कमी पूरे देश मे हो रही है वहीं बीजेपी सांसद अपने घर बुलवाकर करवा रहें है वैक्सीनशन

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मध्य प्रदेश के उज्जैन में कोरोना संक्रमण के मामले हर दिन बढ़ते जा रहे है। पूरे देश में लोग वैक्सीन लगाने के लिए अपना समय स्लॉट बुक करवाने में लगे है। वहीं सांसद अनिल फिरोजिया अपने घर पर बने कार्यालय पर ही समर्थकों के साथ टीका लगवा रहे हैं। सांसद के इस रवैये पर विपक्ष हमलावर हो गया ।  

बता दे कि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर अपना मोर्चा खोल दिया है। उज्जैन के कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में जो वैक्सीनेशन सेंटर चल रहे है उसे सांसद आवास में खोल देना चाहिए। विधायक का आरोप है कि लोग वैक्सीन लगवाने के लिए इधर से उधर भटक रहे है और सांसद अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रहे है।

वहीं जवाब देते हुए सांसद फिरोजिया ने कहा कि जिन लोगों को टीका लगाया गया है वह सभी समाजसेवी है और ये लोग लगातार लंगर चलाकर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहे है। सांसद ने आगे कहा कि यहां पर वैक्सीन लगवाने वाले सभी लोगों ने अपना रिजस्ट्रेशन पहले ही करा लिया था। इस पर हंगामा खड़ा करने की जरूरत क्या है। 

मध्यप्रदेश से अब इन राज्यों के लिए परिवहन सेवा स्थगित

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मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार ने चार राज्यों के बीच स्थगित की गई परिवहन सेवा की अवधि को एक बार फिर बढ़ा दिया है।

बता दे कि परिवहन विभाग ने आदेश जारी कर मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के बीच स्थगित की गई बस परिवहन सेवा की तारीख को आगे बढ़ाते हुए 23 मई कर दिया है।

प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। पिछले 24 घंटे में 7,571 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। पॉजिटिविटी रेट 10 दिन में 18% से घटकर 11% पर आ गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 5 जिले दतिया, भिंड, मुरैना, अशोकनगर और गुना में 50-50 से भी कम केस दर्ज किए गए।

मध्यप्रदेश के श्मशान घाटों पर लग रहा है अस्थियों का अंबार

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मध्य प्रदेश में कोरोना से हुई मृत्यु के आंकड़ों पर काफी सवाल उठाए जा रहे है। सरकारी आंकड़ा कुछ और बयान करता है वहीं श्मशान की तस्वीरें कुछ और। ऐसे में इंदौर में कोरोना से हुई मौतें भले ही प्रशासन के आंकड़ों से मेल नहीं खा रहा है। दरअसल मुक्तिधाम पर मृतकों की पड़ी अस्थियां कुछ और ही बता रही है। यहां दाह संस्कार के बाद कई मृतकों के परिजन शव जलाने के वाद अस्थियां ले जाना ही भूल गए जिसका आंकड़ा सैकड़ों में पहुंच रहा है।

बता दे कि इंदौर के पंचकुइया मुक्तिधाम में इन दिनों अस्थियों का अंबार लगा हुआ है। कहीं मृतकों के परिजनों को बीमारी का डर है तो वहीं परिवारिक विवाद के चलते अस्थियां नहीं ले जा रहे है। इसके चलते मुक्तिधाम में बने अस्ति संख्या ग्राम में सैकड़ों की संख्या में अस्थियों के फूल टांगे हुए है।

शिवनारायण भावसार ने कहा कि कई लोग अस्थियां ले जाना भूल जाते है वहीं कई परिवारिक विवाद के चलते वह सालों बाद आते है। दरअसल बीमारी के डर से भी कई लोग अस्थियां लेने नहीं आ रहे है। उनका मानना है कि बीमारी के खत्म होने के बाद ही इन अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अस्थि सभागृह में लगभग 500 से 800 मृतकों की अस्थियां रखी हुई है। उसके साथ ही वहां मौजूद अन्य लोगों का यह कहना था कि कोरोना और लॉकडाउन के बाद पूरी विधि-विधान से अस्थि विसर्जन किया जाएगा इसी कारण से यहां अस्थियां वहीं रखी हुई है।

भोपाल के निजी अस्पताल में कोरोना हवन

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भोपाल में कोरोना का कहर बरकरार है। ऐसे में ब्लैक फंगस ने भी तबाही मचा रखी है। बताया जा रहा है कि भोपाल में इसके चलते आधे से ज्यादा बिस्तर भर चुके है। कई अस्पतालों के कोविड वार्ड में कोरोना के साथ साथ ब्लैक फंगस का भी इलाज चल रहा है। ऐसे में भोपाल के एक निजी अस्पताल से एक फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। वे फोटो कोविड इमरजेंसी वार्ड की है जहां आज होम हवन किया गया था।

दरअसल वो फोटो ISBT स्तिथ पालीवाल अस्पताल की है। जहां आज इमरजेंसी वार्ड में हवन किया गया था। सूत्रों के अनुसार हवन जल्दी कोरोना को हराने के लिए आयोजित करवाया गया था। जानकरी मिली है कि अस्पताल प्रबंधन कोरोना के साथ साथ उन आत्माओ को भी शांति दिलाना चाहता है जिन्होंने अपने प्राण कोरोना के चलते दिए है।

सूत्रों से ये भी पता चला कि जब इस घटना को लेकर मरीजो के परिजनों से इस पूजा और हवन को लेकर सवाल किए तब डॉ पालीवाल ने जवाब देते हुए ये कहा कि ये हवन आप लोगों के भले के लिए ही करवाया जा रहा है। इस हवन की ताकत से जल्द से जल्द मरीज कोरोना से ठीक होने लगेंगे। इसके साथ साथ जिन लोगों की मृत्यु कोरोना से हुई है उनकी आत्मा को शांति मिले उसके लिए भी ये हवन करवाया गया है।