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मध्यप्रदेश में पिछले 20 दिनों में कोरोना संक्रमण 5 गुना बढ़ा

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प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने में तमाम सरकारी प्रयास कमजोर साबित हो रहे हैं। बता दे पिछले 20 दिनों में प्रदेश में हर दिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सरकार ने संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए ने क्या कुछ नहीं किया, ज्यादा संक्रमण वाले शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनता कर्फ्यू लगाया, मास्क न पहनने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाई फिर भी संक्रमण कम नहीं हो रहा है।

दरअसल सरकार ने अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति बढ़ाई, निजी अस्पतालों से मुफ्त इलाज के लिए अनुबंध किया और मामूली लक्षण वाले मरीजों के लिए कोरोना केयर सेंटर शुरू किए गए हैं। उसके बाद भी देखा जा रहा है कि संक्रमण में रुकावट नहीं आ रही है।

बहराल लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण ने प्रदेश में हाहाकार मचा दिया है। हम यदि पिछले 20 दिन की बात करें, तो 1 अप्रैल को प्रदेश में संक्रमण के 2546 नए मामले आए थे। उस दिन प्रदेश में 18 हजार 57 संक्रमित लोग थे। यह आंकड़ा महज 20 दिन में 5 गुना बढ़ गया है।

बता दे कि बढ़ते संक्रमण और अस्पतालों में जगह कम पड़ने की स्थिति बनने पर सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों से अनुबंध किया, तो सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या भी बढ़ाई। 14 अप्रैल को 37 हजार बिस्तर थे, जो बढ़कर 40 हजार हो गए हैं। इसी के साथ साथ 50 जिलों में 109 कोविड केयर सेंटर खोले गए है।

मुख्यमंत्री शिवराज ने लगाया आरोप, कहा कुछ अधिकारियों ने रोके प्रदेश में आने वाले ऑक्सीजन टैंकर

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मध्य प्रदेश में चल रही ऑक्सीजन की कमी के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को आरोप लगाया कि कुछ राज्यों के अधिकारी उनके राज्यों से मध्य प्रदेश में आ रहे ऑक्सीजन के टैंकर रोक रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अनुचित है एवं अपराध भी है।

शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि , ‘‘कोविड-19 संक्रमण की विषम परिस्थितिया बनी हुई हैं, संकटकाल है। ऑक्सीजन संजीवनी है। ऐसे में कुछ राज्यों के अधिकारी ऑक्सीजन के टैंकर रोक रहे हैं, जो अनुचित है और अपराध भी है।’’

उन्होंने आगे लिखा, ‘‘कल (रविवार को) मध्यप्रदेश राज्य के ऑक्सीजन टैंकरों को अन्य राज्यों में कुछ अधिकारियों द्वारा रोका गया। इससे समय बर्बाद होता है और इस दौरान कुछ मरीजों की जान जाने का खतरा बना रहता है।’’

चौहान ने यह भी कहा, ‘‘मैं राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपील करता हूँ कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, जो संजीवनी ऑक्सीजन के टैंकरों को अकारण रोक रहे हैं।’

भोपाल के अस्पताल में फिर दिखी लापरवाही

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सोमवार(monday) को भोपाल(bhopal) के पीपुल्स हॉस्पिटल(people’s hospital) में ऑक्सीजन(oxygen) की कमी से करीब 12 से ज्यादा लोगों की मौत(death) होने की खबर सामने आई है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन(hospital officials) ने इस खबर से इनकार कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि सुबह ऑक्सीजन सप्लाई कुछ देर के लिए बाधित जरूर हुई थी लेकिन इसकी वजह से मौतें नहीं हुई हैं।

बता दे कि पिछले कुछ दिनों से पीपुल्स अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी और मरीजों की परेशानी सामने आ रही थी। मरीजों के परिजन शिकायत कर रहे थे कि प्रबंधन ऑक्सीजन की कमी बताते हुए मरीजों को भर्ती कर रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में आक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध ना होने से देर रात या सुबह ऑक्सीजन खत्म या कम हो जाती है। बताया जा रहा है कि पीपुल्स कोविड हॉस्पिटल सेंटर में सोमवार सुबह ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से 12 से 15 मरीज़ों क़ी मौत हो गई। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है, मौत होने की वजह बिगड़ी हुई तबियत है। ऑक्सीजन की सप्लाई कम या ज्यादा होती रहती है।

भोपाल में RSS ने शुरू किए 4 क्वारेन्टीन सेंटर

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मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने सेवा की कमान अपने हाथों में संभाल ली है। भोपाल में प्रतिदिन संक्रमित मरीजों का आंकड़ा जिस गति से बड़ा उसके कारण पूरे शहर के सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड का अभाव देखने को मिला इस बात की जानकारी जब संघ के स्वयंसेवकों को लगी तो उन्होंने तुरंत ही समाज के बीच में उतरकर सहयोग करने की योजना बनाई ।

भोपाल में चार जगह शुरू क्वारेन्टीन सेंटर

संघ के कार्यकर्ताओं ने भोपाल के गांधीनगर के सेवा भारती आश्रम , शिवाजी नगर के सरस्वती शिशु मंदिर सरस्वती शिशु मंदिर नारियल खेड़ा, सरस्वती शिशु मंदिर कोटरा को कवरेन्टीन सेंटर बनाया गया है। बता दे कि लगभग 70 लोगों को आश्रय देने की व्यवस्था की गई है । वहीं आवश्यकता पड़ने पर लगभग 200 लोगों के रुकने की व्यवस्था की जाएगी ।

संक्रमित मरीजों के परिजनों के रहने हेतु व्यवस्था

कार्यकर्ताओं ने बताया कि इन सेंटर में उन लोगों को रहने की व्यवस्था की गई है जिनके परिजन हाल ही में कोरोना से संक्रमित हुए है। वहीं इन सेंटर में रहने वाले लोगों को निशुल्क भोजन की व्यवस्था भी संघ के कार्यकर्ताओं के द्वारा की गई है।

25 कार्यकर्ता करेंगे सेंटर पर सेवा

जानकारी के मुताबिक इन चारों सेंटर पर संघ के 25 कार्यकर्ता लोगों की सेवा में 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। वही इस अवधि में यदि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित निकलता है तब उसे अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था और उसके इलाज की व्यवस्था भी संघ के कार्यकर्ताओं के द्वारा की जाएगी ।

इंदौर के एक परिवार ने 16 लाख चुकाए तब मिले शव

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मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) के इंदौर(indore) के पांच लोगों के परिवार में से तीन की कोरोना के चलते मौत हो गई। बाकी दो सदस्यों में से भी एक कोरोना संक्रमित(corona infection) है। इंदौर में पादरी परिवार ने रविवार को दस दिन से भी कम समय में तीसरे सदस्य का अंतिम संस्कार किया है। माता पिता, बेटा बहू और एक पोता समेत पांच सदस्य हुआ करते थे। परिवार के चार सदस्यों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है जिसमे से तीन की मौत हो चुकी है।

बताया जा रहा है कि 10 दिनों के भीतर परिवार के मुखिया 86 वर्षीय पादरी ए जे सैमुअल, 83 वर्षीय उनकी पत्नी कुंजम्मा सैमुअल और बेटा जॉनसन सैमुअल की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई है। जॉनसन की पत्नी शोबी जॉनसन आइसोलेटेड और उनका बेटा फिलोमन जॉनसन कोरोना संक्रमित है, जिसका इलाज अभी भी निजी अस्पताल में चल रहा है। 

बता दे कि मार्च के अंतिम सप्ताह में पादरी के बेटे जॉनसन सैमुअल का हल्का सा बुखार हो गया था, जिसे सामान्य सर्दी बुखार मानते हुए परिवार ने 61 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर जॉनसन सैमुअल को डॉक्टर से सामान्य दवा दिलवा दी। तबीयत में सुधार नहीं होने के बाद कोरोना जांच करवाई। 1 अप्रैल को जॉनसन की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

2 अप्रैल को जॉनसन को अस्पताल में भर्ती कराया। 3 अप्रैल को जॉनसन के पिता और 6 अप्रैल को मां को भर्ती कराया गया। तीनों के इलाज पर अच्छा खासा पैसा खर्च हुआ, लेकिन किसी को भी बचाया नहीं जा सका। शोबी 16 लाख से ज्यादा रुपये का अस्पताल का बिल चुकाकर भी अपनों को नहीं बचा पाई। अभी जॉनसन का बेटा संक्रमित है, जिसका इलाज चल रहा है और शोबी घर में आइसोलेट हैं। 

जहां ऑक्सीजन की कमी पूरे देश भर में है, वहीं ऑक्सीजन टैंकर की हो रही है पूजा

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मध्य प्रदेश में कोरोना से महामारी मची हुई है। ना ऑक्सीजन मिल रहा है और ना ही बेड। ऐसे में इंदौर में ऑक्सीजन टैंकर को पूजा के लिए रोकने पर विवाद हो गया है। दरअसल कोविड-19 के मरीजों के लिए गुजरात के जामनगर से ऑक्सीजन लेकर इंदौर पहुंचे टैंकर के सामने राज्य के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और अन्य भाजपा नेताओं द्वारा पूजा-पाठ करने पर विवाद खड़ा हो गया।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा कि जामनगर से ऑक्सीजन लेकर शनिवार रात इंदौर पहुंचे टैंकर को यहां चंदन नगर चौराहे पर लगभग एक घंटे तक रोका गया, ताकि सिलावट और अन्य भाजपा नेता पूजा-पाठ के बहाने मीडिया कवरेज की अपनी भूख मिटा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जब यह टैंकर चंदन नगर चौराहे से शहर के एक फिलिंग स्टेशन पहुंचा, तो भाजपा नेता वहां भी आ गए और उसके सामने पूजा-पाठ के बहाने अपनी तस्वीरें खिंचवाईं।

इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो आये है जिसमे जल संसाधन मंत्री सिलावट, भाजपा की शहर इकाई के अध्यक्ष गौरव रणदीवे और अन्य भाजपा नेता ऑक्सीजन टैंकर के सामने पूजा-पाठ के दौरान नारियल फोड़ते नजर आ रहे है। इस दौरान भाजपा नेता टैंकर के सामने खड़े होकर मीडिया के कैमरों के सामने पोज देते भी दिखाई दे रहे हैं।

मध्यप्रदेश के भिंड जिले में तोड़ा गया नियम, शादी में पहुचे 500 लोग

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मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण ने डर का माहौल बना दिया है। ऐसे बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच सरकार और प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश के भिंड जिले में प्रशासन ने एक शादी को रुकवा दिया और टेंट, डीजे और कैटरिंग का सामान जब्त कर दिया। 


दरअसल भिंड के कुरथरा गांव में शनिवार को आईटीबीपी के जवान बृजभान सिंह जाटव की बहन की शादी थी, इस शादी में 500 लोगों के इकट्ठा होने की खबर थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन रात दस बजे मौके पर पहुंच गए।

बताया जा रहा है कि बैंड वाले की दुकान को सील कर दिया गया है। वहीं आयोजनकर्ताओं के खिलाफ नियम तोड़ने का मामला दर्ज किया गया। आयोजकों पर धारा 144 तोड़ने और भीड़ इकट्ठा करने का आरोप है। पुलिस की कार्रवाई की सूचना मिलते ही दूल्हे पक्ष के लोगों ने बारात निकालने के कार्यक्रम को रोक दिया। 

जिलाधिकारी डॉ. सतीश कुमार के निर्देश मिलने पर एसडीएस उदय सिंह सिकरवार के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। बता दें कि भिंड में घर से शादी होने पर 50 लोग और गार्डन में शादी होने पर 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति है। 

क्यों कोरोना के लक्षण के बाद भी रिपोर्ट आती है नेगेटिव, जानिए कारण

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देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है। यह बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चों और युवाओं के लिए भी घातक साबित होते जा रही है। इसी के चलते दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में बेकाबू स्ट्रेन को देखते हुए लॉकडाउन लगा दिया गया है।

बता दे कि लोगों से लक्षण नजर आते ही जांच कराने की अपील कि है। लेकिन लक्षण दिखने के बाद भी कई लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। ऐसे समय मे जांच के दौरान कुछ बातों का घ्यान रखना जरूरी हो गया है।

कब कराना चाहिए टेस्ट

हेल्थ ऑथोरिटीज के अनुसार, कोरोना वायरस के कई सामान्य लक्षण है। जैसे बुखार, बदन दर्द, लॉस ऑफ स्मैल एंड टेस्ट, ठंड लगना, सांस में तकलीफ इत्यादि। इसके अलावा आंखों में लालपन, लूज मोशन और कानों से जुड़ी दिक्कतें भी सामने आ रही है। यह है इस नई लहर में कोरोना के लक्षण।

टेस्ट की कब ज़रूरत नहीं है

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति ने वैक्सीन के दोनों डोज लिए दो सप्ताह से ज्यादा वक्त हो चुका है और उनमें कोई लक्षण भी नहीं दिख रहा है, तो मरीज के कॉन्टैक्ट में आने के बाद उन्हें टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।

कौनसा टेस्ट ज्यादा कारगर है

बता दें कि RT-PCR एक लाभ दायक टेस्ट है, जबकि RAT ‘रैपिड एंटीजन टेस्ट’ कोविड-19 का तुरंत रिजल्ट देता है। RAT की पॉजिटिव रिपोर्ट कोविड-19 की पुष्टि करती है। लेकिन अगर RAT की रिपोर्ट नेगेटिव हो और फिर भी मरीज में लक्षण हैं, तो RT-PCR कराने की सलाह दी जाती है।

कोरोना हो तो क्या करना चाहिए

अगर आप कोरोना संक्रमित हो चुके है, तब होम क्वारनटीन या आइसोलेशन वॉर्ड में शिफ्ट हो जाएं। घर में बच्चों, बुजुर्गों या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति है, तब तुरंत उनसे दुरी बना कर उनको खुद के संपर्क में आने से बचाएं।

भोपाल के पुलिस मुख्यालय में फटा कोरोना का बम

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भोपाल में कोरोना बढ़ता जा रहा है और ऐसे में मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में कोरोना बम फूट गया है। इसके चलते मुख्यालय में तैनात कई वरिष्ठ अधिकारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

बता दें कि स्पेशल डीजी अन्वेष मंगलम कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। साथ ही प्रशासन शाखा के आईजी विवेक शर्मा, आईपीएस नवनीत भसीन, योजना एआईजी निश्छल झारिया, एसएएफ आईजी रश्मि अग्रवाल भी कोरोना संक्रमित पाई गई है।

भोपाल के एडीजी ए साईं मनोहर , ट्रैफिक एसपी संदीप दीक्षित भी कोरोना संक्रमित हो गए है। संक्रमण के चलते लोकायुक्त मुख्यालय को 19 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने की जनता से अपील, कहा 30 अप्रैल तक अनावश्यक रूप से बाहर ना निकले

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मध्य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री श‍िवराज स‍िंंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की चेन तोड़ना आवश्यक है। और इसलिए लोग 30 अप्रैल तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। वहीं शाम 7 बजे श‍िवराज प्रदेश की जनता को भी संबोधित करने वाले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना का संकट अत्यंत विकट है, यह एक युद्ध है जिसमें सबको अपने अपने मतभेद भुलाकर एकजुट होकर लड़ना पड़ेगा। सरकार अपने स्तर पर पूरे प्रयास कर रही है लेकिन जब तक समाज का पूरा सहयोग नहीं मिलेगा हम कोरोना को शीघ्र नियंत्रित नहीं कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी के थोड़े भी लक्षण दिखने पर तुंरत जांच करवायें तथा होम आइसोलेशन अथवा कोविड केयर सेंटर में रहकर अपना इलाज करवाए। यहां सरकार द्वारा दवाओं, डाक्टर की परामर्श आदि की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने जनता से अपील की कि आगामी 30 अप्रैल तक कोई भी अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकले। गांव, मोहल्लों, कॉलोनियों, बिल्डिंग्स आदि में लोग जनता कर्फ्यू लगाएं। इस दौरान आवश्यक वस्तुएं दो-चार व्यक्ति जाकर ले आएं।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि सभी के सहयोग से हम सभी इस जंग से जल्दी जीतेंगे। उन्होंने कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में सभी धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक तथा अन्य संगठनों एवं जनसामान्य से पूरा सहयोग करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 08 अप्रैल से अब तक सरकारी सप्लाई और निजी क्षेत्र की सप्लाई मिलाकर लगभग 01 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन आ चुके हैं। आज हैटरो कंपनी से 12 हजार इंजेक्शन की सरकारी सप्लाई प्राप्त हो रही है। मॉयलॉन कंपनी से 20 अप्रैल को 20 हजार इंजेक्शन प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि कोरोना वालेंटियर्स कोरोना के नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सेवा का इच्छुक कोई भी व्यक्ति 181 पर कॉल कर कोरोना वालेंटियर्स बन सकता है। प्रदेश में अभी तक 97 हजार 500 कोरोना वालेंटियर्स पंजीकृत हुए हैं।