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भोपाल में ब्लैक फंगस के कारण 2 दिन में भर चुके है आधे से ज़्यादा बेड

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भोपाल में ब्लैक फंगस (Black fungus) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 70 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके है। पिछले 15 दिनों में तेजी से ब्लैक फंगस का संक्रमण फैला है। हमीदिया अस्पताल में इस बीमारी के इलाज के लिए बनाया गया वार्ड भी फुल होने के कगार पर आ चुका है। 2 दिन में आधे बेड फुल हो चुके है।

बता दे कि भोपाल में अलग-अलग अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 70 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। हमीदिया अस्पताल में लगभग 23 मरीज भर्ती है। कोविड वार्ड में भर्ती 8 मरीजों का ब्लैक फंगस और कोरोना दोनों का एक साथ इलाज हो रहा है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ब्लैक फंगल इंफेक्शन को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है। सरकार ने बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पहले फेज में गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में यूनिट शुरू की जा रही है।

वहीं ब्लैक फंगस इंफेक्शन से निपटने के लिए चार विंग काम कर रही है। जिसमे ईएनटी, नेत्र रोग विभाग, न्यूरोलॉजी और मेडिसन को मिलाकर एक  यूनिट बनायी गयी है।

भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर अब परिजनों के लिए रात में रुकने हेतु की जाएगी व्यवस्था

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कोरोना वायरस संक्रमण से अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने भदभदा विश्राम घाट पर आये लोगों के लिए रात में ठहरने, खाने-पीने एवं सोने का इंतजाम किया गया है, ताकि जरुरत होने पर वे इन सुविधाओं का लाभ ले सकें।

भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन समिति के सचिव मम्तेश शर्मा ने शनिवार केा बताया कि शहर के अस्पतालों में महामारी से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। इस कारण विश्राम घाट में शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए लंबी कतारें लग रही है। ऐसे में परिजनों को दाह-संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे में दूसरे जिलों से आए लोगों को अपने परिजन की अस्थियां ले जाने के लिए रात में भोपाल में रूकना पड़ रहा है लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण उन्हें भोजन और रहने की समस्या आ रही है।

शर्मा ने कहा कि लोगों की इन परेशानियों को देखते हुए स्थानीय लोगों की मदद से विश्राम घाट पर रहने और भोजन की व्यवस्था की गयी है। कोविड से मरने वालों के परिजनों का दाह संस्कार करने वाले लोग आवश्यकता अनुसार इन सुविधाओं का लाभ ले सकते है।

उन्होंने बताया कि विश्राम घाट में आजकल रोजाना करीब छह से सात लोग अपने परिजन की अस्थियां ले जाने के लिए रात को ठहरते हैं। उन्होंने बताया कि रात को रुकने वालों के लिए कुछ बिस्तरों का भी इंतजाम किया गया है।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार को विश्राम घाट में 60 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से 54 कोविड-19 से मरे थे, जिनमें 38 भोपाल जिले के थे, जबकि 16 अन्य जिलों के थे।

स्पूतनिक का लाइट वर्जन सिंगल डोज में ही कर देगा कोरोना का काम तमाम

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रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन स्पूतनिक ने गुरुवार को कहा कि स्पूतनिक V का लाइट वर्जन सिंगल डोज में ही कोरोना वायरस का काम तमाम कर देगा।

रूस के मुताबिक स्पूतनिक V का लाइट वर्जन सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन है जो कि 80 फीसदी तक प्रभावी है। जो कि दो डोज वाले टीकों की तुलना में अधिक है।

स्पूतनिक वी के सूत्रों के अनुसार वैक्सीन के लाइट वर्जन से टीकाकरण को गति मिलेगी जो महामारी को फैलने से रोकने में मदद करेगा।

स्पूतनिक ने कहा कि वैक्सीन के लाइट वर्जन ओवरआल 79.4 फीसदी रही है। 91.7 फीसदी लोगों में मात्र 28 दिन के भीतर वायरस से लड़ने की एंटीबॉडी बन गई। कंपनी ने कहा कि 100 फीसदी लोग जिनके शरीर में पहले से इम्यूनिटी थी उनको वैक्सीन लेने के बाद शरीर का एंटीबॉडी लेवल 10 दिन में 40 गुना बढ़ गया 

आपको बता दें कि रूस की वैक्सीन स्पूतनिक V के इस्तेमाल को भारत सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। जिसके बाद उसकी पहली खेप भी भारत पहुंच गई है।

1.5 लाख डोज लेकर रूसी विमान शनिवार को करीब 4 बजे हैदराबाद में लैंड किया। इसके साथ ही देश को कोरोना के खिलाफ तीसरा हथियार मिल गया है। आज ही देश में टीकाकरण के पहले फेज की शुरुआत हुई है, जिसे स्पूतनिक वी के आने से तेजी मिलेगी।

भोपाल के अस्पतालों से मिली शिकायत के बाद भोपाल कलेक्टर ने उठाया ये बड़ा कदम

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राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण का प्रकोप बरकरार है। किसी भी अस्पताल में इलाज मिलना बहुत मुश्किल हो जाता है। के अस्पताल तो अपने मनमाने दामों में इलाज कर रहे है। ऐसे में भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया के निर्देश पर एसडीएम कोलार ने 4 अस्पतालों पर कार्रवाई करते हुए सभी दस्तावेज जप्त कर दिए है। और 2 अस्पतालों में गड़बड़ी पाए जाने पर सीएमएचओ को अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कर्रवाई करने लिए आदेश दिया है।

दसअसल कलेक्टर को कुछ अस्पतालों से अधिक बिलिंग करने और इलाज में ज्यादा राशि वसूलने की शिकायतें मिल रही थी। इस पर उन्होंने सभी संबंधित एसडीएम को अस्पताल का औचक निरीक्षण करने और शिकायत के आधार पर बिल जांचने के निर्देश दिए थे।

कोलार एसडीएम क्षितिज शर्मा कोलार स्थित रुद्राक्ष मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीजों से अधिक राशि वसूल किए जाने की शिकायतें प्राप्त होने पर अस्पतालो की जांच की । उसमे बिलो की जांच के दौरान अस्पताल के द्वारा भर्ती मरीजों से शासन के द्वारा निर्धारित दर से 40 प्रतिशत से अधिक राशि लिया जाना पाया गया।

अधिक बिलिंग और शिकायत में सही पाए जाने पर रुद्राक्ष और उबंटू अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिए गए है।
कोलार स्थित अन्य अस्पताल भगवती गौतम एवं निर्माणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी शिकायतों की जांच किए जाने हेतु एसडीएम क्षितिज शर्मा के नेतृत्व में अस्पताल से दस्तावेज जब्त किए गए।

एसडीएम शर्मा ने कहा कि कई अस्पतालों की जांच में पाया गया है कि मरीज को विभिन्न प्रकार के टेस्ट कराए जाने एवं ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने के नाम पर अनाप-शनाप राशि वसूली जा रही थी। और इसके संबंध में मरीजों के परिजनों और अटेंडेंट को जानकारी भीं नही दी जा रही थी। इस संबंध में कोलार क्षेत्र के सभी अस्पतालों को भी निर्देश दिए गए है कि जो भी बिल का चार्ज किया गया है उसके संबंध में समस्त जानकारी दी जाए।

बीजेपी सांसद का बेतुका बयान, पत्रकार फैलाते हैं कोरोना

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आज पूरा देश प्रेस स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आज प्रदेश के सभी अधिमान पत्रकारों को फ्रंट लाइन वारियर भी घोषित कर दिया है। ऐसे में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी का एक वीडियों वायरल हो रहा है। दरअसल इस वीडियों में शंकर लालवानी कुछ मीडियाकर्मियों को कहते नजर आ रहे है कि कोरोना को मीडियाकर्मी ही फैला रहे हैं।

दरअसल सांसद संकर लालवानी हमेशा विवादित बयान को लेकर चर्चाओं में रहे है। इससे पहले भी सिंधीयो के लिए अलग प्रांत की मांग कर रहे थे जिसके बाद राष्ट्रीय नेताओ की डांट का सामना करना पड़ गया था।

बता दे कि ये वीडियो सामने आने के मीडियाकर्मियों से भी माफी की मांग की जा रही है। वहीं पूर्व सांसद अरुण यादव ने भी ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री शिवराज ने पत्रकारों को फ्रंट लाइन कोरोना वारियर माना है और सांसद कह रहे है कि मीडिया कर्मी कोरोना फैला रहे है। जबकि वे सेवा भाव से काम में जूटे हुए है।

कोरोना काल मे पूरी से उनका मैनेजमेंट फैल रहा है। और उसका गुस्सा अब वे मीडिया पर निकाल रहे है। हालांकि मीडियाकर्मियों की मांग है कि वे सार्वजनिक तौर से सभी से माफी मांगे वरना फील्ड के साथी पूरी तरह से सांसद का विरोद करेंगे।

शमशान घाट और कब्रिस्तान की तस्वीरें बयान कर रही है मौत की सच्चाई, सरकारी आंकड़ों से अलग है हकीकत

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भोपाल में कोरोना का कहर अब भी जारी है और इससे तमाम लोग दम तोड़ रहे है। भोपाल के 2 श्मशान घाट और एक कब्रिस्तान में अप्रैल में कुल 2,557 शवों को अंतिम संस्कार कोरोना के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया है। लेकिन भोपाल में सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में मात्र 104 लोगों की मौत बताई गई है।

बता दे कि भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन समिति के सचिव शर्मा ने कहा कि भदभदा विश्राम घाट में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक कुल 2,052 शवों का अंतिम संस्कार किया है। इनमें से 1,654 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया है। भदभदा विश्राम घाट प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिन्दुओं के बड़े श्मशान घाटों में से एक है।

इसके साथ शर्मा ने कहा कि भोपाल में भदभदा विश्राम घाट, सुभाष नगर विश्राम घाट एवं झदा कब्रिस्तान जहांगीराबाद में ही कोविड-19 के मरीजों का अंतिम संस्कार करने की अनुमति है।

वहीं सुभाष नगर विश्राम घाट के प्रबंधक शोभराज सुखवानी ने बताया कि उनके विश्राम घाट में अप्रैल में 1,386 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें से 727 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 के प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया।

झदा कब्रिस्तान जहांगीराबाद के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रेहान गोल्डन ने कहा कि पिछले महीने हमारे कब्रिस्तान में कुल 373 शव दफनाये गये। इनमें से 176 को कोविड-19 के प्रोटोकोल के मुताबिक दफनाया गया। जबकि 42 शवों को कोरोना वायरस से हुई मौत के संदेह में दफनाया।

हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार की 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक की कोविड-19 बुलेटिनों के अनुसार अप्रैल 2021 में भोपाल में मात्र 104 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से हुई।

भोपाल के इस ऑटो वाले ने बचाई 10 लोगों की जान

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मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते हाहाकार मचा हुआ है। मरीज अस्पतालों में भटक रहे हैं।ऐसे में राजधानी भोपाल के एक ऑटो ड्राइवर अपने काम से दूसरों के लिए सेवा की मिसाल पेश कर रहा है। अपने ऑटो को चलते-फिरते एंबुलेंस में तब्दील कर जावेद खान नाम का शख्स अब तक 8-10 लोगों की जान बचा चुका है।

बता दे कि 18 साल से ऑटो चला रहे जावेद खान के पास ज्यादा संसाधन नहीं है। ऐसे में परिवार के लोगों ने उन्हें कहा कि अपने ऑटो को एंबुलेंस बना लें। तब उन्होंने कुछ दवाएं और सैनिटाइजर के साथ ऑक्सिजन का एक सिलिंडर साथ में रखा और लोगों का मदद करने के लिए बाहर निकल गए।

दरअसल जावेद ने कहा कि वे अपने पैसों से ऑक्सिजन का सिलिंडर भराते हैं। इसमें उन्हें 3-4 घंटों का समय लगता है और हर बार 600 रुपये खर्च होते है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर उधार लेकर ये काम करना पड़े तो भी कोई दुख नहीं होगा।

भोपाल में शुरू हुआ किल कोरोना अभियान

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कोरोना संक्रमण चारों तरफ तेजी से फैल रहा है।इसकी चेन तोड़ने के लिए बुधवार से किल कोरोना अभियान की शुरूआत हो गई है। इसके लिए घर-घर जाकर बुखार के लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। और जरूरत लगने पर सैंपल भी लिए जाएंगे। यह अभियान 9 मई तक चलाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला भोपाल ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, एमपीडब्ल्यू द्वारा घर-घर जाकर बुखार के लक्षण वाले कोरोना के संभावित मरीजों की पड़ताल करेगी। बुखार के साथ अन्य लक्षणों जैसे विगत 10 दिवसों के भीतर सर्दी, खांसी, इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस, पॉजिटिव व्यक्ति से संपर्क, गले में खराश, सांस लेने में कठिनाई, बदन दर्द, सिर दर्द के लक्षण दिखने पर रोगी की जानकारी सार्थक एप में दर्ज की जाएगी।

उन्होंने कहा कि लक्षणों में वृद्धि होने पर कोविड केयर सेंटर में भर्ती व्यक्तियों का सैंपल लेकर आवश्यकतानुसार डीसीएचसी में रेफर किया जाएगा। फीवर स्क्रीनिंग के लिए सर्वे दल को पल्स ऑक्सीमीटर, नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर, मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर, पैरासिटामोल उपलब्ध कराया गया है।

मध्यप्रदेश को मिली राहत, रिकवरी रेट में आया सुधार

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मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर एक अच्छी खबर है। दरअसल लगातार रिकवरी रेट में सुधार आने से मध्य प्रदेश देश में 7 वें से 11 वें नंबर पर आ गया है। मध्‍य प्रदेश में हर रोज 12 हजार के आसपास संक्रमित मरीज मिल रहे है, जिससे शिवराज सरकार की टेंशन लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन रिकवरी रेट में सुधार से राहत मिली है।

बता दें कि मध्‍य प्रदेश में सोमवार को 11612 मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौटे है। इस हिसाब से रिकवरी रेट 80.92 फीसदी रहा है। वहीं, अब तक 4,14,325 मरीज स्वस्थ हो चुके है। इसके अलावा 21 अप्रैल को एक्टिव केस की संख्या के हिसाब से मध्य प्रदेश देश में सातवें नंबर पर था। अब 11 वें स्थान पर आया। संक्रमण दर भी बीते 3 दिन से 23 से 24 फीसदी के बीच बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि कल रात बोकारो से ऑक्सीजन एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गई है। यह आज रात तक प्रदेश पहुचेंगी। भोपाल के साथ जबलपुर ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहुचेंगी। ऑक्सीजन के छह टैंकर भोपाल और जबलपुर आएंगे।

कोरोना ने एक हफ्ते में खत्म किया पूरा परिवार

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कोरोना का आतंक पूरे विश्व में मचा हुआ है। ऐसे में उज्जैन शहर में कोरोना से एक हफ्ते में पूरा परिवार खत्म हो गया। बता दे पहले दादा, फिर मां, फिर पिता और फिर परिवार में आखिरी बची बेटी की भी मौत हो गई।

कोरोना ने ऐसा कोहराम आदर्श विक्रमनगर में रहने वाले जैन परिवार में मचा है। घर के बड़े सदस्य संतोष कुमार जैन, उनकी पत्नी मंजुला और उनकी 26 साल की बेटी आयुषी कोरोना की वजह से एक हफ्ते में दुनिया छोड़ गए। बताया जा रहा है कि अब घर की देखरेख तक करने वाला कोई नहीं बचा। रिश्तेदारों ने नीदरलैंड में रह रही उनकी बेटी को सूचना दे दी है और घर के बाहर गार्ड तैनात कर दिया है।

संतोष कुमार जैन बिजली कंपनी से कुछ समय पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। जबकि उनकी पत्नी मंजुला हरिफाटक क्षेत्र में स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षिका थी। परिचितों ने बताया कि जैन दंपती की दो बेटियां है। एक शादी के बाद नीदरलैंड में रहती है।