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…तो मोदी, राहुल और बाबा रामदेव आएंगे इनके स्वयंवर में!!

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NewBuzzIndia:

देश बार में जहाँ  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर  देशभर में को योग दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया।  वहीं मुजफ्फरनगर में आज फिल्मी कलाकारों के साथ जनपदवासियों ने योगा दिवस मनाया। इस कार्यक्रम से पहले संजीव बालियान और राखी सांवत ने भजन कीर्तन के बाद आरती कर सूर्य नमस्कार कर दो घंटे योग किया। बाद में राखी सावंत ने प्रेसवार्ता में योग की अपील कार्टर हुए राखी ने बताया की उनकी खूबसूरती का राज़ योग ही है, साथ ही योग के लिए उन्होंने बाबा रामदेव और प्रधानमंत्री मोदी की जम के तारीफ़ की। यही नहीं राखी ने कहा कि अगर उन्हें फिर से स्वयंवर रचाने का मौका मिलेगा तो इस बार वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और बाबा रामदेव को भी जरूर बुलाएंगी। उन्होंने कहा कि एक मौका सभी को मिलना चाहिए।

अजय माकन ने कांग्रेस को किया शर्मसार, पार्टी के ही दलित कार्यकर्ता को दी अश्लील गाली, FIR हुयी दर्ज !

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#Newbuzzindia/नई दिल्ली | कांग्रेस में एक तो पहले से ही उथल पुथल मची हुयी है। इसके बाद भी कांग्रेसी नेता अपने रवैये में किसी तरह का बदलाव नही ला रहे है। कुछ न कुछ ऐसा कर देते है जिससे नेता के साथ साथ कांग्रेस पर भी ऊँगली उठने लगे।

ताज़ा मामला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन से जुड़ा है। अजय माकन की एक हरकत से वे विपक्ष के निशाने पर आ गए है और उन्होंने कांग्रेस को भी मुश्किल में डाल दिया है।

दरअसल कांग्रेस के दलित कार्यकर्ता धर्मपाल नटखट ने रविवार को राहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर उन्हें बधाई दी और ये शिकायत भी की कि उनके बेटे की मौत पर किसी कांग्रेसी नेता ने उनकी सुध नहीं ली। राहुल ने इसपर अजय माकन से धर्मपाल से बात करने को कहा।

धर्मपाल के मुताबिक, जब उनकी बात अजय माकन से हुयी तो माकन ने उन्हें गन्दी गन्दी अश्लील गालिया दी। धर्मपाल ने ये भी बताया कि उन्हें लगातार फोन आ रहे है और कहा जा रहा हैं कि अब यदि उन्होंने पार्टी कार्यालय में कदम भी रखा तो उन्हें जमुना नदी में फिकवा देंगे।

इसी मुद्दे पर धर्मपाल ने सवाल उठाते हुए माकन पर निशाना साधा और कहा कि माकन ने मुझे इसलिए गाली दी क्योंकि मैं दलित हूँ।

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जन्मदिन पर खास: आइए जाने राहुल गांधी के जीवन के कुछ अनजान हिस्सों को

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NewBuzzIndia:

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष और देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे राहुल गांधी दो महत्वपूर्ण कारणों से दुनिया भर में जाने जाते हैं। एक तो  गांधी परिवार के वंशज और दूसरे कांग्रेस के कद्दावर नेता।
19 जून 1970 को पैदा हुए राहुल गांधी लोगों के बीच अपनी राजनीति के लिए ही जाने जाते हैं।

आइए जाने राहुल गांधी के निजी जीवन के ऐसे पहलुओं के बारे में जिनसे आम लोग बी तक अछूते हैं।

1. परिवार:

गांधी परिवार के पांचवें पीढ़ी के तौर पर कांग्रेस की राजनीति को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी राहुल गांधी के कंधे पर आई। पिता राजीव गांधी के हत्या के बाद राजनीतिक ज़िम्मेदारी सोनिया गांधी पर आई। बहन प्रियंका गांधी पार्टी के किसी पद पर ना होते हुए भी हमेशा चुनाव प्रचार में राहुल के साथ दिखी।

2. शिक्षा

राहुल गांधी की प्राम्भिक शिक्षा सेंट कोलम्बा, दिल्ली और दून स्कूल, देरादून से हुई। जिस तरह से इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या की गई, इसी लिए सुरक्षा कारणों के वजह से उनकी ज्यादातर पढ़ाई घर से ही हुई। अपनी आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने 1989 में दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेन कॉलेज में एडमिशन लिया और इतिहास से स्नातक किया। हॉवर्ड विश्वविद्यालय में उनकी आगे की पढ़ाई हुई।

3. खेल कूद में रुचि:

राहुल गांधी को घूमने-फिरने और खेलकूद का बचपन से ही शौक रहा है। उन्होंने तैराकी, साईलिंग और स्कूबा-डायविंग की और स्वैश खेला. उन्होंने बॉक्सिंग सीखी और पैराग्लाइडिंग का भी प्रशिक्षण लिया। उनके बहुत से शौक उनके पिता राजीव गांधी जैसे ही हैं। अपने पिता के तरह उन्होंने दिल्ली के नजदीक हरियाणा स्थित अरावली की पहाड़ियों पर एक शूटिंग रेंज में निशानेबाजी सीखी। उन्हें भी आसमान में उड़ना उतना ही पसंद है, जितना उनके पिता को पसंद था। उन्होंने भी हवाई जहाज उड़ाना सीखा। वे अपनी सेहत का भी काफी ख्याल रखते हैं और व्यस्त दिनचर्या में भी कसरत के लिए समय निकाल ही लेते हैं। साथ ही वे रोज दस किलोमीटर तक जॉगिंग करते हैं।

4. राजनीति से पहले का जीवन:

स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वे लंदन चले गए, जहां उन्होंने प्रबंधन गुरु माइकल पोर्टर की प्रबंधन परामर्श कंपनी मॉनीटर ग्रुप के साथ तीन साल तक काम किया। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर माइकल यूजीन पोर्टर को ब्रैंड स्ट्रैटजी का विद्वान माना जाता है। सुरक्षा कारणों की वजह से राहुल गांधी ने रॉल विंसी के नाम से काम किया। उनके सहयोगी नहीं जानते थे कि वे राजीव गांधी के बेटे और इंदिरा गांधी के पौत्र के साथ काम कर रहे हैं। राहुल गांधी हमेशा सुरक्षाकर्मियों से घिरे रहे हैं, इसलिए उन्हें आम इंसान की तरह जीने का मौका नहीं मिला। वे अपना जीवन जीना चाहते थे, राहुल गांधी ने एक बार कहा था, “अमेरिका में पढ़ाई के बाद मैंने जोखिम उठाया और अपने सुरक्षा गार्डो से निजात पा ली, ताकि इंग्लैंड में आम जिंदगी सकूं।”

5. राजनीति की शुरुआत

7  मार्च 2004 में लोकसभा चुनाव का ऐलान हुआ, तो राहुल गांधी ने सियासत में आने का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने पिता के पूर्व निर्वाचन क्षेत्र अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ा। इससे पहले उनके चाचा संजय गांधी ने भी इसी क्षेत्र का नेतृत्व किया था। उस समय उनकी मां सोनिया गांधी यहां से सांसद थीं। उन्होंने अपने नजदीकी प्रतिद्वंदी को एक लाख वोटों से हराकर शानदार जीत हासिल की। इस दौरान उन्होंने सरकार या पार्टी में कोई ओहदा नहीं लिया और अपना सारा ध्यान मुख्य निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दों और उत्तर प्रदेश की राजनीति पर केंद्रित किया।

जनवरी 2006 में आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में हुए कांग्रेस के एक सम्मेलन में पार्टी के हजारों सदस्यों ने राहुल गांधी से पार्टी में और महत्वपूर्ण नेतृत्व की भूमिका निभाने की गुजारिश की। राहुल गांधी को 24 सितंबर 2007 में पार्टी सचिवालय के एक फेरबदल में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का महासचिव नियुक्त किया गया। उन्हें युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ की जि‍म्मेदारी भी सौंपी गई। साल 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों में से 21 जीतीं। राहुल गांधी को 19  जनवरी 2013 में कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया। इससे पहले कांग्रेस में उपाध्यक्ष का पद नहीं होता था, लेकिन पार्टी में उनका महत्व बढ़ाने और उन्हें सोनिया गांधी का सबसे खास सहयोगी बनाने के लिए पार्टी ने उपाध्यक्ष के पद का सृजन किया।

इस तरह से राहुल गांधी ने अपने जीवन के अनेकों पहुओं को जिया। अपने विरोधियों और विरोधों का मजबूती से सामना करते हुए कांग्रेस को लगातार बेहतर भविष्य की कोशिश में प्रयासरत हैं।

शिक्षा और देश दोनों में होगा भगवाकरण और संघवाद : भाजपा सांसद आर एस कठेरिया

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Newbuzzindia: मोदी सरकार में मंत्री आर एस कठेरिया ने भगवाकरण को लेकर विवादित बयान दिया है । कठेरिया ने कहा की भगवाकरण होगा फिर चाहे वो देश का हो या शिक्षा का हो । कठेरिया ने आगे कहा की देश के लिए जो भी भला है वो होगा फिर चाहे वो भगवाकरण हो या संघवाद हो ।

गौरतलब है की मोदी सरकार के आने के बाद से ही विरोधिओं ने शिक्षा में भगवाकरण के मुद्दे को उठाया है । हाल ही में नाथूराम गोडसे द्वारा गांधी जी की हत्या करने वाले वाक्ये को पाठ्यक्रम से हटाने पर मोदी सरकार विरोधिओं के निशाने पर आ गई थी । कुछ समय पहले ही देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की उपलब्धियों को भी पाठ्यक्रम से हटाया गया था ।

वीडियो देखने के लिए लिंक पे क्लिक करें..
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प्रधानमंत्री मोदी सब जानते है, उन्हें रघुराम राजन जैसे विशेषज्ञों की जरूरत नही : राहुल गांधी

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Newbuzzindia: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के दोबारा पद न संभालने के बयान के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर बीजेपी को घेर लिया गया है। रघुराम राजन ने आज कहा कि कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा वो एकेडमिक के क्षेत्र में वापस लौट जाएंगे।

रघुराम राजन के बयान के बाद विपक्षियों ने मोदी सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है । पहले तो पूर्व वित्तमंत्री पी चितंबरम ने मोदी सरकार पे हमला बोलते हुए कहा की – “काफी निराश और दुख की बात है कि रघुराम राजन ने अपने कार्यकाल के पूरा होने पर अपना पद छोड़ने की बात कही है। रघुराम राजन के इस निर्णय से मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ है। यह सरकार रघुराम राजन के योग्य ही नहीं थी”

इसके बाद अब राहुल गांधी ने भी मोदी सरकार के ऊपर हमला बोलते हुए कहा है की मोदी जी बहुत समझदार वह सब जानते हैै, उन्हें रघुराम राजन जैसे विशेषज्ञों की जरूरत नही है ।

राजन के बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने भी मोदी सरकार पे हमले तेज कर दिए है । आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्‍ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि रघुराम राजन के बाद आरबीआई का गवर्नर कौन होगा? साध्वी प्रज्ञा, योगी आदित्यनाथ, गिरिराज सिंह, संगीत सोम या फिर माल्या, ललित मोदी….

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71 भाजपाई सांसदों वाले उत्तरप्रदेश को साध्वी प्राची ने बताया IS (इस्लामिक स्टेट) !

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sadhvi prachi

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Newbuzzindia: उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव जैसे जैसे पास आ रहा है उत्तरप्रदेश का माहौल चुनावी रंग में रंगता जा रहा है । पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चालू हो गया है । ऐसे में भाजपा और बसपा की ओर से समाजवादी पार्टी पर एक के बाद एक हमले बोले जा रहे है ।

हाल ही में भाजपा नेता साध्वी प्राची ने समाजवादी पार्टी पे हमला बोलते हुए विवादित बयान दे दिया । साध्वी प्राची ने कहा की उत्तरप्रदेश को इस्लामिक स्टेट बनाने की साजिश की जा रही है । साध्वी ने कहा की इस सझिश में मुलायम सिंह और सत्ता से बाहर सोनिया गांधी भी शामिल है ।

साध्वी प्राची ने कहा कि बागपत, कैराना, देवबंद, सम्भल, रामपुर आगरा के हिन्दू पलायन कर रहे हैं। उन्होने कहा कि हम इस्लामिक स्टेट बनाने के उनके मकसद को पूरा नहीं होने देंगे।

गौरतलब है की उत्तरप्रदेश में भाजपा के सबसे ज्यादा 71 संसद है । भाजपा ने बिहार चुनाव के वक्त भी बिहार में जंगलराज का मुद्दा उठाया था । जिसके बाद भाजपा को बिहार में हार का सामना करना पड़ा था । ऐसे में देखना होगा साध्वी प्राची द्वारा 71 भाजपाई सांसदों वाले उत्तरप्रदेश को इस्लामिक स्टेट बताना भाजपा के लिए फायदे का सौदा साबित होता है या नुक्सान झुलना पड़ता है ।

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वीर सावरकर को गद्दार बोलकर बुरे फंसे सोनिया-राहुल गांधी । मांगनी पड़ सकती है माफ़ी..

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Newbuzzindia: सावरकर को ‘गद्दार’ कहना कांग्रेस को महंगा पड़ सकता है। वीर सावरकर के नाम से प्रख्यात विनायक दामोदर सावरकर पर बीते दिनों कांग्रेस ने उन्हें ‘गद्दार’ कहकर ट्वीट किए थे। उन ट्वीट्स का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को सावरकर के नाती रंजीत सावकर ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को मानहानि का नोटिस भेजा है।

Times of India की खबर के मुताबिक नोटिस में कहा गया है कि बीते 5, और 22 और 23 मार्च को कांग्रेस की तरफ से सावकर का मजाक उड़ाया गया, उन्हें ‘गद्दार’ कहा गया। सावरकर के खिलाफ ये सब कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर पेज से हुआ।

कांग्रेस द्वारा की गई इन बातों से सावकर का परिवार बहुत आहत है।

दादर में रहने वाले रंजीत सावरकर ने कहा कि उनके दादा एक राष्ट्रवादी और देशभक्त नेता थे। कांग्रेस ने उनका अपमान किया है। जिसके लिए उसे माफी मांगनी होगी।

नोटिस में कहा गया है कि सोनिया और राहुल को नोटिस मिलने के बाद 48 घंटों के भीतर ट्विटर पर उनके आधिकारिक पेज पर ही सार्वजनिक तौर पर वीर सावरकर और उनके परिवार से माफी मांगनी होगी।

सोनिया-राहुल को भेजे गए नोटिस पर कांग्रेस ने खुलकर जवाब नहीं दिया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने इतना जरूर कहा है कि उनकी लीगल टीम इस नोटिस से निपटेगी।

ऐसा पहली दफा हुआ है जब किसी राजनीतिक दल को ट्विटर के जरिए मानहानि का नोटिस भेजा गया हो।

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भारत माता बनी व्यक्ति के शिक्षित और अशिक्षित होने का मापदंड

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NewBuzzIndia:

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Smriti Zubin Irani, HRD Minister of India and BJP leader.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां शुक्रवार को कहा कि कि भारत को मां मानने वाला ही शिक्षित कहा जाएगा। टुकड़े करने की बात करने वाला कतई नहीं। भारतीय शिक्षा पद्धति मनुष्य का निर्माण करती है और ऐसा नागरिक तैयार करती है, जिसमें राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव होता है। स्मृति ने ये बातें लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक संगोष्ठी में कही।

उन्होंने कहा, “कुछ अंग्रेजी पढ़े बुद्धिजीवी भारतीय शिक्षा पद्धति को संस्कृत का गुणगान कहते हैं तो कुछ पत्रकार इसे भगवाकरण, पर इससे शिक्षा में संस्कार भरने के लिए उठे कदम रुकने वाले नहीं हैं।” स्मृति ने यूथ इन एक्शन द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में राष्ट्रीय और भारतीय शिक्षा पद्धति पर व्याख्यान दिया। संगोष्ठी के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा कि केंद्र की योजनाएं यूपी में जमीन पर नहीं उतर रहीं। साथ ही उन्होंने यूपी में महिला सुरक्षा पर भी चिंता जताई।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को ईरानी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रकरण की ओर इशारा करते हुए लोगों से पूछा, “आप ही बताइए, भारत के टुकड़े करने वाला शिक्षित है या जननी जन्मभूमिश्च की अवधारणा मानने वाला। क्या ऐसा करने वाले भारतीय शिक्षा पद्धति से परिचित होंगे या जो भारत को माता के रूप में पूजते हैं।” स्मृति ने भारतीय शिक्षा पद्धति को समाज को एकजुट करने वाला बताते हुए कहा, “ऐसे उद्देश्य को लेकर दी जाने वाली शिक्षा ही समाज को एकसूत्र में बांधती है। देश को विकास पथ पर अग्रसर करती है।”

अपने विरोधियों व पत्रकारों पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा, “समाज के कुछ बौद्धिक लोग मुझे संस्कृत का गुणगान करने वाला कहते हैं। इसमें पत्रकारों का एक गुट शिक्षा के भगवाकरण करने का आरोप लगाता है। शायद इन्हें भारतीय शिक्षा पद्धति का ज्ञान ही नहीं है। अब आप ही बताइए, शिक्षित कौन? डिग्रीधारी, भौतिक जीवन जीने वाला या फिर समाज की एकता के लिए मानवीय रूप अख्तियार करने वाला।”

उत्तरप्रदेश में प्रियंका गांधी को मिली चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी !

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Newbuzzindia: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की बिसात बिछना शुरू हो गई है। कांग्रेस ने भी लगभग उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए अपने ब्राह्मण चेहरे का चुनाव कर लिया है। कांग्रेस के अधिकारिक सूत्रों के मुता‌बिक आज दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगी। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए शीला दीक्षित कांग्रेस की तरफ उम्मीदवार हो सकती हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि 78 वर्षीय शीला दीक्षित उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा हो सकती है।

कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश चुनावों की रणनीति तैयार करने वाले प्रशांत किशोर ने पार्टी को सलाह दी थी कि उत्तर प्रदेश में पार्टी का मुख्यमंत्री पद के लिए एक ब्राह्मण चेहरा उतारना चा‌हिए।

यूपी चुनाव में प्रियंका गांधी की क्या होगी भूमिका

सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि, प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी का जनाधार, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से बहुत पीछे है। प्रियंका गांधी ने खुद को अभी तक अमेठी और रायबरेली तक ही ‌सीमित रखा और यहीं पर चुनाव प्रचार किया है। यह दोनों संसदीय क्षेत्र कांग्रेस के खाते में आते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पार्टी की मांग है और समय आ गया है कि प्रियंका गांधी पार्टी का प्रचार अन्य राज्यों में भी करें। उत्तर प्रदेश विधानसभा की 404 सीटों में से कांग्रेस के खाते में मात्र 30 सीट ही हैं।

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तो ये होंगी उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस का चेहरा, प्रियंका गांधी पर है महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी

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NewBuzzIndia:

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की बिसात बिछना शुरू हो गई है। कांग्रेस ने भी लगभग उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए अपने ब्राह्मण चेहरे का चुनाव कर लिया है। कांग्रेस के अधिकारिक सूत्रों के मुता‌बिक आज दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगी। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए शीला दीक्षित कांग्रेस की तरफ उम्मीदवार हो सकती हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि 78 वर्षीय शीला दीक्षित उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा हो सकती है।

कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश चुनावों की रणनीति तैयार करने वाले प्रशांत किशोर ने पार्टी को सलाह दी थी कि उत्तर प्रदेश में पार्टी का मुख्यमंत्री पद के लिए एक ब्राह्मण चेहरा उतारना चा‌हिए।

यूपी चुनाव में प्रियंका गांधी की क्या होगी भूमिका

सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि, प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी का जनाधार, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से बहुत पीछे है। प्रियंका गांधी ने खुद को अभी तक अमेठी और रायबरेली तक ही ‌सीमित रखा और यहीं पर चुनाव प्रचार किया है। यह दोनों संसदीय क्षेत्र कांग्रेस के खाते में आते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पार्टी की मांग है और समय आ गया है कि प्रियंका गांधी पार्टी का प्रचार अन्य राज्यों में भी करें। उत्तर प्रदेश विधानसभा की 404 सीटों में से कांग्रेस के खाते में मात्र 30 सीट ही हैं।