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क्रॉस वोटिंग पड़ी महँगी, जब कांग्रेस ने 6 विधायकों को दिखाया पार्टी से बाहर का रास्ता

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#Newbuzzindia/लखनऊ | जहाँ एक तरफ कांग्रेस की छवि लगातार गिर रही है तो वहीँ कांग्रेसियों का कांग्रेस छोड़कर जाना भी जारी है। इसी बीच कांग्रेस ने एक बड़ा फैसला ले लिया जिसमे उसने अपने उत्तरप्रदेश के 6 विधायकों को पार्टी से बाहर करने का फैसला लिया है।

दरअसल, संजय जयसवाल, माधुरी वर्मा, विजय दुबे, मोहम्मद मुस्लिम, दिलनवाज खान, काजिम अली खान पर उत्तरप्रदेश में हुए राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगा था। इनमे से तीन पर समाजवादी पार्टी को वोट देने का आरोप था तो तीन पर भाजपा के पक्ष में वोटिंग करने का।

इन 6 विधायकों के निष्कासन को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमारे 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। मैंने सख्त कार्रवाई करने के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी जी को रिकमेंड किया है।

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जानिए प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में हुई 11 गड़बड़ियां जिनसे हर तरफ हुई उनकी किरकिरी

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NewBuzzIndia:

अमेरिका में जब प्रधानमंत्री भारत के गौरवशाली इतिहास और धरोहरों का ज़िक्र कर रहे थे तब उन्होंने कोणार्क के मंदिर का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि, ‘यह मंदिर 2000 साल पुराना है।’ जबकि इस मंदिर का निर्माण 700 वर्षों पहले हुआ था।

नरेंद्र मोदी अपने प्रभावशाली और धारदार भाषण के लिए जाने जाते हैं। लोकसभा चुनाव में वो लोगों के दिल पर छाए रहे, उसके लिए एक महत्वपूर्ण कारण उनके भाषण की शैली रही। पर इतने शानदार भाषण की शैली होने के बावजूद भी कई ऐसे क्षण आए जब इतिहास में अपने अल्पज्ञान के कारण वो विरोधियों के निशाने पर रहे।
आइए जाने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के दौरान की गई 11 गलतियों के बारे में

1. नवंबर 2003 में महात्मा गांधी के बारे में ज़िक्र करते हुए मोदी जी ने उन्हें मोहनलाल करमचंद गांधी कह दिया। जबकि महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। इस पर मोदी जी का काफी मजाक उड़ा।

2. लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार के दौरान 2013 में पटना की बहुचर्चित हूंकार रैली में बिहार का बखान करते हुए उन्होंने सम्राट अशोक, पाटलिपुत्र का ज़िक्र करते हुए  नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय का नाम लिया। इस पर विरोधियों ने मोदी के ज्ञान पर हमला करते हुए उनका खूब मज़ाक उड़ाया, क्योंकि तक्षशिला विश्वविद्यालय पाकिस्तान में है।

3. 2003 में अहमदाबाद में लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि, आज़ादी के समय एक डॉलर की कीमत एक रुपये की थी। जबकि विपक्ष पर तंज कसते कसते मोदी ये भूल गए थे कि उस वक़्त 30 सेंट बरावर एक रुपया हुआ करता था और एक रुपया एक पाउंड के बराबर था।

4. अहमदाबाद में अक्तूबर 2003 में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अहमदाबाद नगरपालिका में महिलाओं के आरक्षण का प्रस्ताव सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 1919 में रखा था। जबकि लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी ये भूल गए थे कि वल्लभ भाई पटेल ने ये प्रस्ताव 1926 में दिया था।

5. फरवरी 2014 में नरेंद्र मोदी ने मेरठ में कहा था कि कांग्रेस ने आज़ादी की पहली लड़ाई को कम कर के आँका था।
जबकि सच ये है की 1857 की क्रांति को देश की आज़ादी की पहली लड़ाई कहते हैं। कांग्रेस का अस्तित्व भी 1857 में नहीं था। भारतीय कांग्रेस की स्थापना भी 1885 में हुई थी।

6. नवंबर 2003 में बंगलौर में नरेंद्र मोदी ने कहा था- 15 अगस्त का प्रधानमंत्री का भाषण लाल दरवाज़े से होता है। अब ये कोई बताने वाला तथ्य नहीं है कि प्रधानमंत्री लाल क़िले से भाषण देते हैं।

7. 2003 में मुंबई में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वर्ष 1960 से महाराष्ट्र में 26 मुख्यमंत्री हुए हैं। जबकि सच ये है कि 2003 तक सिर्फ़ 17 नेताओं ने 26 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

8. नरेंद्र मोदी ने एक बार कहा था कि जब हम गुप्त साम्राज्य की बात करते हैं कि हमें चंद्रगुप्त की राजनीति की याद आती है। दरअसल मोदी जिस चंद्रगुप्त की राजनीति का जिक्र कर रहे थे, वो मौर्य वंश के थे। गुप्त साम्राज्य में चंद्रगुप्त द्वितीय हुए।

9. दिसंबर 2013 में नरेंद्र मोदी ने जम्मू में एक रैली के दौरान कहा था कि मेजर सोमनाथ शर्मा को महावीर चक्र और ब्रिगेडियर रजिंदर सिंह को परमवीर चक्र मिला था। जबकि मेजर सोमनाथ शर्मा को परमवीर चक्र और रजिंदर सिंह को महावीर चक्र मिला था। इस उलटफेर में फंसे नरेंद्र मोदी।

10. नवंबर 2013 में खेड़ा में नरेंद्र मोदी श्यामजी कृष्ण वर्मा और श्यामा प्रसाद मुखर्जी में अंतर नहीं कर सके। मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को गुजरात का बेटा कह दिया और ये भी कह दिया कि उन्होंने लंदन में इंडिया हाउस का गठन किया था। और उनकी मौत 1930 में हो गई थी। दरअसल श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म कोलकाता में हुआ था। उनकी मौत 1953 में हुई थी। दरअसल मोदी श्यामी कृष्ण वर्मा की जगह श्यामा प्रसाद मुखर्जी बोल गए।

11. पटना में रैली के दौर बिहार के शौर्य का ज़िक्र करते हुए मोदी ने सिकंदर के बारे में कहा। उन्होंने कहा कि,‘ सिकंदर की सेना ने दुनिया जीत लिया था। पर जैसे ही वो बिहार आए उनका क्या हश्र हुआ ये दुनिया जानती है। अब कौन मोदी जी को ये बात बताये कि सिकंदर कभी गंगा को पार नहीं किया। जबकि पटना गंगा के किनारे बसा हुआ है।

“कांग्रेस सत्ता में आई तो एक महीने में ख़त्म होगा नशे का कारोबार” – राहुल गाँधी

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Newbuzzindia राहुल गांधी ने बढ़ते नशे के कारोबार और राज्य सरकार की अनदेखी पर  पंजाब सरकार को घेरा और खरी खरी सुनाई। राहुल गांधी, प्रदेश कांग्रेस की ओर से पंजाब की बिगड़ती कानून व्यवस्था और नशे की बढ़ती समस्या को लेकर जालंधर में आयोजित धरना प्रदर्शन में पहुचे थे। इसी दौरान राहुल गाँधी ने कहा कि, पंजाब को बचाने के लिए हम सबको मिल कर लड़ाई लड़नी होगी। बिना लडे़ अपराध और नशे से मुक्ति नहीं मिल सकेगी, क्योंकि अकाली नेताओं के संरक्षण में यहां यह सब हो रहा है।

 

राहुल गांधी ने आगे कहा की

राहुल ने कहा कि, पंजाब में नशे का कारोबार राज्य सरकार के संरक्षण में बढ़ा है। राहुल कहा कि अगर हमारी पार्टी सत्ता में आई तो एक महीने में नशे का कारोबार खत्म कर देगी।

इस बीच राहुल गाँधी ने राज्य सरकार पर तंज कस्ते हुए कहा कि, पंजाब में आप केवल एक व्यापार आसानी से कर सकते हैं और वह है नशे का कारोबार, क्योंकि सरकार में शामिल लोगों के संरक्षण में यह फूलफल रहा है। राहुल ने कहा, यहां की पुलिस लाचार है अक्षम नहीं। जो पुलिस आतंकवाद पर जीत हासिल कर सकती है वह नशे पर कार्रवाई क्यों नहीं कर सकती है।

 

Exclusive: आम आदमी अरविन्द केजरीवाल के 10 बड़े झूठ, जिन्हें जान कर आप रह जाएंगे हैरान !

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#NEWBUZZINDIA | दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के कर्ता-धर्ता श्री अरविन्द केजरीवाल जी राजनीति में आने से पहले ही अपनी एक पहचान बना चुके थे। कभी भ्रष्टाचार को लैकर तो कभी लोकपाल के लिए। इसके बाद राजनीति में भी अच्छी जगह बना ली ।इसी दौरान केजरीवाल ने अनेकों वादे भी किये, जो बाद में झूठे साबित हो गए।

कहा जाता है कि अरविन्द केजरीवाल का झूठ से नाता तो बहुत पुराना है, तो इन्ही झुठो में से ऐसे बड़े झूठ, जिनके दम पर अरविन्द केजरीवाल के पब्लिसिटी तो पायी ही साथ ही राजनीती में जगह भी बनाई-

1• अरविन्द केजरीवाल ने चुनाव से पहले कहा था कि वे कभी कांग्रेस-भाजपा का साथ देंगे और न ही लेंगे। पर पहले ही चुनाव में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

2• चुनाव से पहले अरविन्द केजरीवाल ने कहा था दिल्ली में उसकी सरकार बनते ही 15 दिनों के भीतर जनलोकपाल बिल पास कराया जायेगा , ऐसा कुछ भी नहीं किया गया | वो यह बोल कर पीछे हट गए की भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अंतर्गत वह दिल्ली विधान सभा में यह विधेयक पास नहीं कर पा रहे | सच्चाई तो यह है की यह दिशानिर्देश बहुत पहले दिया जा चूका था ; अतः अपने झूठे वादे करते समय केजरीवाल को इस निर्देश के बारे में भली भाँती ज्ञात था, फिर भी मात्र वोल लेने के चक्कर में सभी को झूठ बोला |

3• अरविन्द केजरीवाल ने मुस्लिमों को लिखे पत्र में कहा था कि इनकम टैक्स ऑफिसर है, पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया की वो ऐसे किसी पद पर कभी नहीं थे।

4• केजरीवाल ने कहा की वह भ्रष्ट और अपराधियों को टिकट कभी नहीं देंगे, लेकिन खुद केजरीवाल पर 9 अपराधिक मामले है। आम आदमी पार्टी ने कुल 44 ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया जिनके खिलाफ आपराधिक मामले थे।

5• दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल जी ने कहा था की वो और उनकी पार्टी के नेता सरकारी निवास नहीं लेगे। लेकिन दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने खुद से एक पत्र भेजा और 5 कमरों वाले दो बंगलो के आवंटन के लिए अनुरोध किया।

6• श्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा था कि उन्हें किसी भी तरह की वीआईपी सुरक्षा से परहेज है। पर अब आप देख सकते है, केजरीवाल ज़ेड सिक्यूरिटी लिए घूमते है।

7• केजरीवाल ने कहा था कि 2014 लोकसभा चुनाव में किसी भी विधायक को सांसद का टिकट नही मिलेगा और न ही कोई विधायक, सांसद बनेगा। पर इसके बाद भी आप देख सकते है कि केजरीवाल ने लोकसभा चुनाव लड़ा।

8• श्री केजरीवाल ने कहा था कि तीन महीनों में अंजलि दमानिया , भूषण, मंयक गांधी के भ्रष्टाचार की जांच करके रिपोर्ट दूंगा। पर अभी तक कुछ नहीं हुआ।

9• अरविन्द केजरीवाल के अनुसार वे मुख्यमंत्री से बढ़कर आम आदमी है, उनसे कोई भी मिल सकता है। पर आपको बता दे की इस आम आदमी से मिलने के लिए किसी आम आदमी को 10,000 रुपये खर्च करना पड़ता है।

10• श्री केजरीवाल ने कहा था कि, यदि अन्ना हजारे आम आदमी पार्टी से अलग हो जाते है तो वो खुद भी पार्टी से हट जायेगे। इसके बाद क्या हुआ आप जानते ही है।

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JNU विवाद: कन्हैया-केजरीवाल फंसे, CBI जाँच से खुलासा; नारेबाजी की वीडियो थे असली !

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#newbuzzindia/New Delhi | JNU विवाद एक ऐसा मुद्दा बन गया है जो रोज  नए मोड़ ले रहा है। अभी कुछ दिनों से यह मुद्दा थोडा शांत हुआ ही था कि फिर एक नया खुलासा हो गया है, जिससे JNU विवाद फिर से उभर कर सामने आया है।

CBI की जाँच में, देशविरोधी नारेबाजी करने वाली वीडियो असली पायी गयी और और CBI की ओर से कहा गया है कि इस वीडियो से किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नही की गयी है।

दरअसल, JNU विवाद के समय मुख्या रूप से 4 वीडियो सामने आये थे जिन्हें केजरीवाल सरकार ने जाँच के लिए हैदराबाद भेज था और वहां की रिपोर्ट के अनुसार दो वीडियो से छेड़छाड़ की गयी थी।

पर सीबीआई की नई रिपोर्ट से अब JNU मामले में खलबली मच गयी है। अब कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान की मुश्किलें बड़ सकती है। आपको बता दे कि उमर खालिद और अनिर्बान को पहले जेल हो चुकी थी, पर हैदराबाद रिपोर्ट के बाद इन्हें जमानत मिल गयी थी।

सीबीआई की जांच रिपोर्ट आने के बाद केजरीवाल सरकार पर भी सवाल खड़े किये जा रहे है, क्योकि इससे पूर्व केजरीवाल सरकार के द्वारा करायी गयी जाँच रिपोर्ट के आधार पर ही वीडियो को फर्जी घोषित किया गया था।

वहीँ आपको बता दे कि पुलिस ने भी वीडियो की जाँच करवाई थी जिसके लिए वीडियो को गांधीनगर भेज गया था, उसकी रिपोर्ट में भी सभी वीडियो को सही बताया गया था।

सीबीआई के इस खुलासे के बाद जहाँ कन्हैया, उमर खालिद और अनिर्बान की मुश्किलें बढ़ेगी वहीँ केजरीवाल की राजनैतिक छवि भी ख़राब होने के कयास लगाए जा रहे है।

BJP ने 2 साल में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी, कांग्रेस ने 60 साल में क्या किया ? – अमित शाह

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Newbuzzindia : भाजपा सरकार का 2 साल का कार्यकाल पूरा होने पर विपक्षियों के सारे सवालों का जवाब अमित शाह बड़ी जोर और तेज़ तर्रार अंदाज़ में दे रहे है। विरोधियों को जवाब देने के लिए शाह इस तरह पहली बार सामने आ रहे है, जिसमे विपक्षियों को धूल चटाने तक को उतारू दिख रहे है।

शाह, भाजपा के 2 साल के कार्यकाल में सभी उपलब्धियों को जनता को गिना रहे है, वे लगातार देश के एक छोर से दूसरे छोर तक भ्रमण कर रहे है।

ऐसे ही तेलंगाना में अमित शाह ने कांग्रेस को निशाना साधा और कहा कि, हमने 2 साल में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी हैं। वहीँ कांग्रेस से पूछा भी की कांग्रेस ने 60 साल में क्या किया ?

अमित शाह ने यह जवाब सोनिया गांधी के सवाल पर दिया था जिसमे उन्होंने कहा था कि, 2 साल में भाजपा ने कुछ नही किया।

उत्तरप्रदेश में कांग्रेस नही भाजपा होगी गुटबाजी की शिकार, अपनों से ही हारेगी भाजपा !

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Newbuzzindia: उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे है राजनैतिक माहौल गर्म होता जा रहा है । हो भी क्यों ना, उत्तरप्रदेश भारत की सबसे बड़ी विधानसभा जो है । भाजपा जहां एक ओर उत्तरप्रदेश में जीतकर राज्यसभा में अपने आप को मजबूत करना चाहती है तो वहीं दूसरी ओर अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस भी उत्तरप्रदेश में जीतकर अपनी खोई जमीन वापिस पाना चाहती है ।

उत्तरप्रदेश में कांग्रेस के लिए प्रशांत किशोर उम्मीद की किरण लेकर आए है । प्रशांत किशोर चाहते है की प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री पद की दावेदार बनाया जाए, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है । प्रशांत किशोर उत्तरप्रदेश में डेरा डाल चुके है और जिला स्तर के नेताओं के साथ बैठक भी कर रहे है ।

तो वहीं दूसरी ओर आम चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन करने वाली भाजपा को उत्तरप्रदेश के खासी उम्मीदें है । लेकिन अपनी एकजुटता के लिए जाती रही भाजपा इस बार गुटबाजी का शिकार हुई दिखाई देती है । जब से मुख्यमंत्री पद के दावेदार की दौड़ शुरू हुई है भाजपा के सभी दिग्गज नेता अपना पूरा दम लगा रहे है ।

भाजपा में जबसे मुख्यमंत्री पद की दावेदारी की चर्चा शुरू हुई है कई नाम सामने आ रहे है। जिसमे स्मृति ईरानी , योगी आदित्यनाथ , वरुण गांधी और राजनाथ सिंह प्रमुख है । भाजपा के लिए ये ये निर्णय लेना मुश्किल होता जा रहा है की किसे मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया जाए ।

वरुण गांधी और योगी आदित्यनाथ दोनों की ही आक्रामक हिंदूवादी नेता की छवि है तो किसी एक को चुनने पर दलित और मुस्लिम वोटों का धुर्वीकरण होना तय है । दोनों ही नेताओं के समर्थक अपने नेताओं के लिए जिस तरह अभियान चला रहे है उससे ये बात तो साफ़ है की जो भी मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनेगा बाकी नेताओं के वोट बैंक का धुर्वीकरण होना तय है ।

वहीं खबर तो ये भी आ रही है की मेनका गांधी और वरुण गांधी भी पार्टी में खुश नही है । कहा जा रहा है की मेनका गांधी और वरुण गांधी को पार्टी में
उचित पद और सम्मान नही मिल रहा है । मेनका गांधी और वरुण गांधी के कांग्रेस में शामिल होने की अफवाहें भी तेज होती जा रही है । अगर ऐसा होता है और वरुण गांधी मुख्यमंत्री पद के दावेदार बनते है तो भाजपा के लिए मुश्कित और बड़ सकती है ।

कुछ भी हो भाजपा के लिए मुख्यमंत्री पद का दावेदार चुनना किसी चुनौती से कम नही है । देखना दिलचस्प होगा की भाजपा किस तरह इस मुश्किल का सामना कर पाती है ।

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उत्तरप्रदेश में एक होगा गांधी परिवार, मेनका और वरुण दिलाएंगे कांग्रेस को जीत !

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Newbuzzindia: अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस को उत्तरप्रदेश चुनाव में जीत की रौशनी नजर आ रही है । एक ओर जहां चुनाव प्रबंधक प्रशन किशोर कांग्रेस की जीत के लिए मेहनत कर रहे है । तो वहीं दूसरी ओर खबर आ रही है की गांधी परिवार का दूसरा हिस्सा मेनका गांधी और वरुण गांधी भी भाजपा को झटका देते हुए कांग्रेस के साथ आ सकते है । अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस के लिए उत्तरप्रदेश फ़तेह का रास्ता साफ़ हो जाएगा ।

गौरतलब है की पिछले कुछ समय से गांधी परिवार की दोनों बहुओं ( सोनिया और मेनका  ) की बीच एक बार फिर से पारिवारिक प्रेम पनप रहा है और दोनों आपसी शिकवे गिले भुलाकर पुनः एक होने को तैयार लग रहे है ।

देखा जाए तो पिछले कुछ समय से दोनों ही परिवार सार्वजानिक मंच से एक दुसरे की तारीफ करते नजर आ रहे है । जहां एक ओर मानक गांधी ने सोनिया की तारीफ की थी तो दूसरी ओर वरुण भी प्रियंका की तारीफ करते नजर आए थे ।

माना जा रहा है की बीजेपी में वरुण और मेनका को वो सम्मान और पद नहीं मिल पा रहा है  जिसकी उन्हें दरकार थी । मेनका गांधी अपने पुत्र वरुण गांधी को यूपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर देखना चाहती थी जो भाजपा में दिखाई नही दे रहा है । अगर दोनों परिवार एक होते है तो कांग्रेस की ओर से वरुण को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है और इससे कांग्रेस और वरुण दोनों को ही फायदा होना है ।

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बिहार: सरकार के आदेश पर मारे गए 250 नीलगाय, केंद्र के दो मंत्री आए आमने सामने

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NewBuzzIndia:

बिहार के मोकामा में हुए 250 से ज्यादा नीलगायों की हत्या ने एक अलग सियासी बवंडर उठा दिया है। केंद्र ने बिहार सरकार के आग्रह पर हैदराबाद से दो शार्प शूटरों को बिहार में भेजा है।

बिहार के मोकामा में करीब 250 नीलगायों की गोली मारकर हत्या के मामले में केंद्र के दो मंत्री आमने-सामने आ गए हैं। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने इसके लिए पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं जावड़ेकर का कहना है कि राज्यों के आग्रह के बाद ही जानवरों को मारने का आदेश दिया गया है।

मेनका गांधी ने तल्ख लहजे में कहा कि बिहार में पहली बार इतना बड़ा नरसंहार (नीलगायों का) हुआ है। यहां कोई इस काम के लिए तैयार नहीं हुआ तो बाहर से लोगों को बुलाया गया। इन्हें मारने की जरूरत क्यों है। जंगली जानवरों को मारना शर्म की बात है। इस घिनौने काम के लिए क्यों इजाजत दी गई है।

प्रकाश जावड़ेकर ने मेनका के बयान पर कहा, ‘किसने क्या कहा उस पर मैं प्रतिक्रया नहीं देता। जब किसानों को नुकसान होता है. ..बहुत तकलीफ होती है। अगर राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती है तो ही हम किसी विशेष कार्य के लिए साइंटिफिक मैनेजमेंट के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दी जाती है। ये केंद्र का कार्यक्रम नहीं है। यह पहले से बने कानून के हिसाब से हो रहा है।

मेनका ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय हर राज्य को लिख रहा है कि आप बताओ किसको मारना है। हम इजाजत दे देंगे। बंगाल में उन्होंने कह दिया कि हाथी को मारें। हिमाचल को कहा कि हाथी को मारें। गोवा में कह दिया कि मोर को। अब कोई जानवर नहीं छूटा। चांदपुर में इतना अनर्थ हो रहा है कि उन्होंने 53 जंगली सुअर मारे हैं। अभी और 50 की इजाजत दी है। इस घटना के लिए पर्यावरण मंत्रालय जिम्मेदार है।

पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राज्य सरकार प्रस्ताव देती है तो हम राज्य सरकार को मंजूरी देते हैं। ये केंद्र सरकार का नहीं राज्य सरकार का काम है। इसके लिए पहले से ही कानून बना हुआ है।

जानिए प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के महत्वपूर्ण 36 बिंदुओं को, जिनके बाद तालियों से गूँज उठा अमेरिकी कांग्रेस

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NewBuzzIndia: NewBuzz Exclusive

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमरीकी कांग्रेस को संबोधित कर रहे थे तब दुनिया भर की नज़रे उन पर टिकी थी साथ ही साथ इस दौरे से देश के लोगों की उम्मीदें भी लगी हुई थीं।

आइए जाने की प्रधानमंत्री के भाषण के 36 महत्वपूर्ण बिंदु क्या रहे।

1. दोनों देशों के रिश्ते की नई धुन है ये ।

2. लंबे और अच्छे भविष्य के लिए हमें जुड़ना होगा।

3. आतंकवाद का कोई धर्म नहीं, इसे धर्म से अलग करना होगा।

4. हम बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे हैं।

5. सोलर ऊर्जा के लिए अमेरिका की मदद ज़रूरी।

7. UN शांति मोर्चे में भारत का अहम् योगदान।

8. बिना नाम लिए पाकिस्तान पर साधा निशाना, कहा ‘ भारत के पड़ोस में पनप रहा ऐ आतंकवाद।’

9. आतंकवाद का ख़ात्मा हर हाल में ज़रूरी।

10. सभी को एक साथ मिल कर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की ज़रूरत है।

11. आतंकवाद पर भाषण देने वालों को कड़ा संदेश मिलना चाहिए।

12. भारत के पश्चिमी सिमा से अफ्रीका तक आतंकवाद के कई नाम।

13. आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा है।

14. अफगानिस्तान में अमेरिका का रोले काबिल-ए-तारीफ़।

15. एशिया से अफ्रीका तक शांति चाहता है भारत।

16. हिन्द महासागर में भारत अपना रोले निभाने को तैयार।

17. दोनों देशों का जुड़ना ज़रूरी, अलग होने से बात नहीं बनेगी।

18. साईबर आतंकवाद बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है।

19. अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत पसंदीदा जगह।

20. भारत का 7.6% विकास दर दुनिया भर के लिए अवसर।

21. अमेरिका की सामरिक रणनीति के लिए भारत अहम् है।

22. 2022 तक भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

23. एक अरब लोगों को मिलेगी ब्रॉडबैंड की सुविधा।

24. अमेरिका के विकास में भारतीयों का बहुत बड़ा योगदान है।

25. भारत में सामाजिक- आर्थिक बदलाव का दौर।

26. अमेरिका की ताक़त हमारे लिए गर्व की बात है।

27. हर क्षेत्र के भारतीय अमरीका में मौज़ूद हैं।

28. योग दोनों देशों को जोड़ता है।

29. भारत का सबसे ज्यादा कारोबार अमरीका के साथ।

30. साझा कारोबार से दोनों देशों का फायदा हुआ।

31. नॉर्मन बोरलैंग् की हरित क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

32. हमारे रिश्तें इतिहास के हिचकिचाहट से ऊपर उठ गए हैं।

33. हमारा इतिहास अलग, हमारी मान्यताएँ एक जैसी।

34. अमेरिकी संविधान का असर बाबा साहेब अंबेडकर में दिखा।

35. अमेरिका बुरे वक़्त में भारत के साथ रहा।

36. गांधी जी की अहिंसा ने मार्टिन लूथर किंग को प्रेरणा दी।

प्रधानमंत्री के शानदार उद्बोधन के बाद अमरीकी कांग्रेस में तालियों की गड़गड़ाहट थमने का नाम नहीं ले रही थी। यह उत्साह मात्र औपचारिकता भर के लिए नहीं था बल्कि प्रधानमंत्री के शब्द दर शब्द पर अमरीकी नेताओं की सहमति को भी दर्शा रहा था।

अब देखने वाली बात यह होगी की आने वाले समय में भारत अमेरिका से उन मुद्दों पर कैसे फायदा उठा सकता है जिन पर आज दोनों की सहमति बनी है।