Home Tags Jammu and kashmir

Tag: jammu and kashmir

सेना के जवानों के साथ कश्मीर में हुए बेहद घटिया बर्ताव के वायरल वीडियो के पीछे का सच।

0

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में सेना के कुछ जवानों के साथ कश्मीर में बेहद बुरा बर्ताव हो रहा है लेकिन जवान धैर्य के साथ हर बदतमीजी को सहन करते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में भीड़ जवानों पर नफरत का गुबार निकाल रही है लेकिन हमारे शूरवीर पलट कर कुछ भी नहीं कर रहे हैं. वीडियो के जरिए दावा है कि देश के जवानों के साथ ये बर्ताव कश्मीर में हो रहा है।

इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए न्यूबज़्ज़ इंडिया ने इस वीडियो की पड़ताल की. पड़ताल में सामने आया कि ये वीडियो 9 अप्रैल का है. जो श्रीनगर के बाहरी हिस्से पुलवामा का हैं. 9 अप्रैल को कश्मीर में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स यानि सीआरपीएफ के जवान राज्य में हुए उपचुनाव में चुनाव सुरक्षा ड्यूटी करने के बाद अपने बैरक में लौट रहे थे. इसी दौरान कश्मीर के युवकों ने उनके साथ ये बर्ताव किया.

इस पूरे मामले पर कश्मीर वैली में सीआरपीएफ के पीआरओ ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि जवानों का संयम उनके शौर्य के बराबर है.
जवान देश की रक्षा के लिए हैं अपमान का घूंट पीने के लिए नहीं लेकिन कश्मीर जैसे संवेदनशील जगह पर शांति बनी रहे इसलिए हमारे देश के जवान अदम्य साहस के साथ अटूट धैर्य का परिचय देते हैं.

सीआरपीएफ मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इतनी भीड़ पर गोली नहीं चलायी जा सकती थी,चलती तो कुछ भी हो सकता था. भारत अपने सुरक्षाबलों को दुश्मन पर वार करना सिखाता है अपने लोगों पर नहीं. शायद स्थानीय लोगों के ये बात समझ में नहीं आती है.

 

‘मोदी के रहते भारत-पाक रिश्तों के सुधरने की कोई उम्मीद नहीं।’

0

NewBuzzIndia:  सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि मोदी जब तक भारत के वजीर-ए-आजम रहेंगे, तब तक भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधर नही सकते।

अजीज ने कहा कि पाकिस्तान की संसद ने सर्वसम्मति से भारत के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें कश्मीर में ‘बर्बरता’ की निंदा, सिंधु जल समझौते को रद्द करने की भारत की धमकी की निंदा और बलूचिस्तान में भारत के हस्तक्षेप भारत द्वारा नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन, भारत द्वारा कश्मीर को अभिन्न अंग मानने को नकारना जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अजीज ने आरोप लगाया कि कश्मीर हिंसा से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भारत ने उरी में खुद ही हमला कराया, लेकिन इससे कश्मीर में हुई बर्बरता को छिपाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भारत के आधिपत्यवादी रुख का पाकिस्तान विरोध करता रहा है और बराबरी के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की मांग करता रहा है। अजीज ने कहा कि पाकिस्तानी संसद के निंदा प्रस्ताव का मकसद दुनिया को यह बताना है कि पूरा पाकिस्तान भारतीय आक्रमण के खिलाफ एकजुट है।

भारत के केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा साल 2018 तक पाकिस्तान से लगी भारत की सीमा को पूरी तरह सील कर दिए जाने के एलान पर अजीज ने कहा कि अगर लोगों की आवाजाही व व्यापारिक संबंध बरकरार रहा, तो पाकिस्तान-भारत सीमा को सील कर देने में कोई बुराई नहीं है।

बड़ी खबर: नही माने आतंकी, बारामूला में सेना पर हुआ आत्मघाती हमला! 

0


Newbuzzindia: उरी अटैक का बदला भारत ने अभी कुछ दिन पहले ही लिया है और उम्मीद थी की अब कुछ दिन तक आतंकवादी बिल में छुप जाएंगे और किसी तरह की आतंक की घटना को अंजाम नही देंगे। पर हुआ इसके बिलकुल विपरीत।

पाकिस्तान की ओर से आतंकियों के द्वारा सेना के कैंप पर आत्मघाती हमला किया गया है। बताया जा रहा है कि यह हमला सेना के राष्ट्रीय राइफल कैंप पर किया गया है। इस हमले में दो जवान घायल हो गए है तो वहीँ एक जवान की हालत गंभीर बतायी जा रही है।

आतंकियों और सेना के बीच लगातार मुठभेड़ और गोलीबाजी जारी है। सूत्रों के मुताबिक सेना ने आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन छेड़ दिया है साथ ही इंडियन आर्मी की क्विक आपरेशन टीम ने भी अपनी जगह ले ली है।

उरी के बाद कश्मीर में जवानों पर एक और हमला, कब कार्यवाही करेंगे मोदी ?

0

NewBuzzIndia: उरी हमले के ज़ख्म अभी भरे नहीं, ना शहीदों के परिजनों के आंसू सूखे की फिर से सोमवार को कश्मीर के अनंतनाग जिले के वानपोह इलाके में सीआरपीएफ पर ग्रेनेड से हमला किया गया। हमले में पांच जवान घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल किसी के भी मारे जाने की खबर नहीं है। हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है।
ग्रेनेड हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और हमलावारों की तलाश में ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर के उरी स्थिति सेना मुख्यालय पर रविवार को आतंकी हमला हुआ था। हमले में सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे, जबकि सेना ने 4 आतंकियों को मौके पर मार गिराया था।

स्वामी का महबूबा मुफ्ती पर ज़बरदस्त हमला, कहा आतंकियों से हैं संबंध, भाजपा तोड़े गठबंधन

0

NewBuzzIndia: भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी के एक और विवादित बयान ने सबको चौका के रख दिया है। इस बार उनके निशाने पर है जम्मू कश्मीर की पीडीपी और सीएम महबूबा मुफ्ती। स्वामी ने कहा है कि पार्टी को कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन खत्म करना चाहिए। इस गठबंधन को स्वामी ने महज एक प्रयोग करार दिया।

एक टीवी प्रोग्राम में इंटरव्यू के दौरान सुब्रहण्यम स्वामी ने महबूबा मुफ्ती पर सीधे-सीधे आरोप लगाया कि राज्य की मुख्यमंत्री के आतंकी संगठनों से संबंध हैं जिसके कारण हालात सुधर नहीं रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को चाहिए कि वो जम्मू-कश्मीर सुरक्षा बलों के हवाले कर दे।
गौरतलब है कि आज  एक 30 सदस्यों की सर्वदलीय टीम गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में जम्मू कश्मीर गई है। शांति बहाली के प्रयासों के तहत ये टीम हालात का जायजा लेते हुए यहां के स्थानीय प्रतिनिधियों से बातचीत करेगी। ऐसे में स्वामी का बयान विपक्ष का सरकार पर हमले का एक और मौका दे सकती है।

मोदी सरकार की विफलता के कारण कश्मीर में हुआ खून खराबा : कांग्रेस

0

Newbuzzindia: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कश्मीर घाटी में हिंसा रोकने में जम्मू कश्मीर सरकार तथा केन्द्र दोनो विफल रहे जिसके कारण वहां इस साल देश के लोकतंत्र के इतिहास में सर्वाधिक खून खराबा हुआ है। कांग्रेस ने यह आरोप पार्टी के मुख पत्र ‘कांग्रेस संदेश’ के ताजा अंक के संपादकीय में लगाया गया है।

पार्टी ने कहा है कि घाटी में हिंसा के दौरान 65 लोगों की मौत हुई और चार हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके कारण 2016 का साल देश के लोकतंत्र के इतिहास में सर्वाधिक खून खराबा वाले वर्ष के रूप में दर्ज होगा।

पार्टी ने आतंकवादी की मौत के कारण वहां भड़की हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है लेकिन आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार तथा राज्य की भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार हिंसा को रोकने में असमर्थ रही है जिसके कारण हिंसा का दौर लम्बा चला और बड़ी संख्या में लोग मारे गए और घायल हुए हैं।

कश्मीर घाटी पहले से ही संकट के दौर से गुजर रही थी लेकिन हिंसा के दौरान संकटग्रस्त घाटी में अनवरत दमन की कार्रवाई ने स्थिति को और खराब किया।

मोदी सरकार का सख्त कदम : अलगाववादी नेताओं की सभी सरकारी सुविधाएं होंगी बंद..!

0

Newbuzzindia: जम्मू कश्मीर की आजादी के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देने वाले अलगाववादियों की सुविधाएं अब बंद हो जाएंगी।
 
अलगावादियों को अब हवाई टिकट, कश्मीर से बाहर जाने पर होटल और वाहन की सुविधाएं वापस लिया जाना तय हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाएं बंद करने का निर्णय ले लिया गया है जबकि रियासत सरकार से मिलने वाली सुविधाओं को बंद करने के लिए केंद्र ने सलाह दी है।

अलगाववादियों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को वापस लेने का फैसला रियासत सरकार को लेना है। वर्तमान में इन लोगों की सुरक्षा में 950 पुलिसकर्मी तैनात हैं।

महबूबा ने अलगाववादियों को लगाई फटकार, कहा- अलगाववादी नही चाहते कश्मीर का विकास !

0

Newbuzzindia:   पीडीपी और बीजेपी के साथ सत्ता में भागीदार महबूबा मुफ़्ती ने अलगाववादियों को करारा जवाब दिया है, उन्होंने कहा क़ि कोई भी  अलगाववादी कश्मीर का विकास नही चाहते,अपने बच्चों को तो विलायत पढ़ाने भेज देते है कश्मीर के नोजवानों को अनपढ़ रखना चाहते हैं ताकि वे उनकी पत्थर सेना में भाग ले सके,राजनीति की दृष्टी से इसे कश्मीर के लिए महवपूर्ण माना जा रहा है |

अभी तक कश्मीर में ऐसा बयान पहली बार किसी मुख्यमंत्री को तरफ से आया है जिसने की अलगाववादियों पर करारा प्रहार किया है  , इससे हम अनुमान लगा सकते है कि कश्मीर में जो आतंकवाद को समर्थन करने वाले गुटों के होसले जरुर पस्त होंगे ,आखिर कश्मीर को भी अलगाववाद से अभी तक कुछ हासिल नही हुआ है और हिंसा ही बड़ी है इन नेताओ ने घाटी में मज़हब के नाम पर जितने दंगे करवाये जितना देश के प्रति भड़काया है,खुद सियासी रोटी सकते रहे और उसी आग से कश्मीर के युवाओं की ज़िन्दगी को राख में तब्दील किया है।.                                      (story by- Shubham Sahu)

अलगाववादियों के सुर में बोले सिंधिया, कहा- कश्मीर के लिए हो ‘जनमत संग्रह’ !

0

कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने एक गलत बयान के कारण विपक्ष के निशाने पर आ गए है। जिसके लिए उन्हें माफ़ी तक मांगनी पड़ी।

दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया संसद में अपना भाषण दे रहे थे। उसी दौरान उन्होंने एक गलत उर्दू के शब्द का उपयोग कर लिया जिससे उनकी बात का मतलब ही बदल गया। फिर कुछ समय बाद उन्हें एहसास हुआ की उन्होंने जिस शब्द का चयन किया है वह पूर्णतः गलत है।

सिंधिया ने अपने भाषण में कहा था की ‘आज कश्मीर की जरूरत है कि रायशुमारी होनी चाहिए। जो वहां जख्म लगे हैं, उन जख्मों को जंजीरों की कड़ाई से नहीं बल्कि इंसानियत से हमें भरना होगा। एक अमन चैन का वातावरण बनाना होगा, उनके द्वार हमें खोलने होंगे, तभी वह चमन हमारे देश में खिल पायेगा।’

सिंधिया ने उर्दू शब्द “रायशुमारी” का उपयोग किया था जिसका मतलब जनमत संग्रह होता है। ऐसे में उनके भाषण का अर्थ निकलता है की कश्मीर में जनमत संग्रह होना चाहिए। वहीँ आपको बता दे की कश्मीर में जमे जकड़े अलगाववादी संगठन भी कश्मीर में जनमत संग्रह कराने की मांग कर रहे है। ऐसी स्थिति में सिंधिया पर यह भी आरोप लग रहे थे की वे अलगाववादियों की तरह बोल रहे है अथवा उनका समर्थन कर रहे है।

पर आपको बता दे की सिंधिया को जैसे ही अपनी गलती का अहसास हुआ वैसे ही उन्होंने ट्वीट करके माफ़ी मांगी और कहा की “मेरी ग़लती, मुझे चर्चा के लिए उर्दू का गलत शब्द दिया गया और गलत समझा गया। मैंने कश्मीर में जनमत संग्रह की बात नहीं की। मेरा पूरा भाषण पढ़ें।”

सिंधिया ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पत्र लिख कर अपने बुधवार के भाषण से ‘रायशुमारी’ शब्द को हटा कर उसकी जगह ‘चर्चा’ लिखने का अनुरोध किया है। और स्पीकर ने इसे मान भी लिया।

सुषमा स्वराज का पाकिस्तान को करारा जवाब, कहा ‘क़यामत तक नहीं होगा पाक का कश्मीर, सपने देखना बंद करो।’

1

NewBuzzIndia: 

Sushma Swaraj, Foreign Minister of India (left) and Nawaz Sharif, Prime Minister of Pakistan (right)

कश्मीर के मुद्दे पर लगातार हो रही पाकिस्तान की बदज़ुबानी पर आख़िर भारत की तरफ से सख्त रवैया अपनाया गया। कश्मीर मुद्दे पर पाक प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के तरफ से आए बयान के प्रतिक्रिया में आज देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, ‘कश्मीर के बारे में पाकिस्तान चिंता करना बंद करे, कश्मीर भारत का अंग है। कश्मीर को पाकिस्तान का अंग बनाने का दिव्य सपना पाकिस्तान देखना बंद करे, पाकिस्तान का ये सपना क़यामत तक नहीं पूरा होगा।’ 



Also Read: कन्हैया कुमार को लताड़ने वाली जहान्वी ने कश्मीरी अलगाववादियों को दी चुनौती, कहा ’15 अगस्त को लाल चौक पर फहराउंगी तिरंगा, हिम्मत है तो रोक के दिखाओ।’





पिछले कई दिनों ने पाकिस्तान के तरफ से कश्मीर और आतंकी बुरहान के मुद्दे पर गैर ज़िम्मेदाराना बयानों से तंग आ कर आखिर भारत को भी सख्त होना पड़ा। पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि, ‘क्या पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम को नहीं मालूम नहीं है जिस बुरहान वानी की उन्होंने तारीफ की है उसे शहीद बताया है वो हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर था और उसके सिर पर दस लाख रुपए का ईनाम था। उन्होंने कहा कि कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने का जो दिवास्वप्न पाकिस्तान देख रहा है वो कयामत तक पूरा नहीं होगा।’