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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ली बैठक, आगामी चुनाव से पहले BJP के मंत्री और कार्यकर्ताओं को साधने की कवायद

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ग्वालियर। मध्यप्रदेश में होने वाले 2023 के विधानसभा चुनाव में अब काफी कम वक्त बचा है। ऐसे में मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पूर्व बीजेपी कार्यकर्ता और अपने साथ कांग्रेस से बीजेपी में आए कार्यकर्ताओं के बीच सामंजस्य बनाने में लगे हुए हैं। इसी के चलते ग्वालियर के एक होटल में सिंधिया ने भाजपा के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की। इस बैठक में सिंधिया ने भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों को लेकर प्लान समझाया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया का पूरा ध्यान सिर्फ ग्वालियर चंबल अंचल पर है। इसके साथ ही वे ग्वालियर जिले की छह विधानसभा सीटों को लेकर पूरी तैयारी में जुटे हैं और कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को किस तरह हराया जाए, इस पर ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले बीजेपी के मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के साथ सिंधिया ने सीधे तौर पर बातचीत की। सिंधिया के मुताबिक उनके और कार्यकर्ताओं के बीच चुनाव को लेकर आगे के प्लान पर चर्चा हुई है, ताकि सरकार की योजनाओं को लेकर जनता को बताया जा सके। इससे जनता चुनाव से पहले भाजपा की योजनाओं और उनके लाभों के बारे में जान सके।

बैठक में ज्योतिरादित्य ने ग्वालियर और ग्रामीण के सभी 30 मंडल के अध्यक्षों को बुलाया था। साथ ही बैठक में दोनों जिलाध्यक्ष के साथ मंत्री प्रघुम्न सिंह तोमर, कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त मुन्नालाल गोयल मौजूद रहे। बैठक को हालांकि पार्टी के लोग परिचय बैठक बता रहे हैं, लेकिन मंडल अध्यक्षों और संजोयकों की मानें तो आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर किस तरह से बीजेपी को ग्राउंड जीरो पर कैसे तालमेल बिठाकर काम करना है, उस पर बातचीत की गई।

खबर तो ये भी है कि उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों और पुराने बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच अंदरूनी तौर पर रस्साकसी चल रही है। विधानसभा चुनाव में ये रस्साकसी पार्टी को नुकसान न पहुंचाए इसलिए सिंधिया ने बीजेपी के मंडल अध्यक्षों के साथ ये बैठक की है, ताकि चुनाव से पहले सभी मसले हल कर लिए जाएं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह को कहा देश विरोधी, ट्वीट लिखकर कही ये बात…

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भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Union Minister Jyotiraditya Scindia) ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) पर हमला बोला है। दिग्विजय सिंह के उज्जैन में दिए बयान पर पलटवार करते हुए सिंधिया ने कहा है, “हे प्रभु महाकाल, कृपया दिग्विजय सिंह जी जैसे देश-विरोधी और मध्य प्रदेश के बंटाधार, भारत में पैदा ना हों।”

आगामी चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने कमर कस ली है। दिग्गज नेता हर जिले में जाकर मंडल वार्ड स्तर के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। इसी सिलसिले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह गुरुवार देर रात उज्जैन पहुंचे। शुक्रवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

पत्रकारों ने जब दिग्विजय सिंह से पूछा कि, यदि इस बार भी कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कोई नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह बीजेपी में शामिल हो जाएगा तो कांग्रेस क्या करेगी? इसका जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि, हे महाकाल, कांग्रेस में कोई दूसरा ज्योतिरादित्य सिंधिया पैदा ना हो।

उन्होंने ये भी कहा कि जब कमलनाथ सरकार को गिराया गया उस समय राजा महाराजा बीजेपी के हाथों बिक गए। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर पलटवार करते हुए अब सिंधिया ने भी हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर दिग्विजय पर निशाना साधा है।

मध्यप्रदेश में बढ़ी कोरोना मरीजों की संख्या, ज्योतिरादित्य सिंधिया का बेटा भी कोरोना पॉजिटिव

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देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में भी कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। कोरोना के दर्जनोभर मरीज हर दिन सामने आ रहे हैं। ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महा आर्यमन सिंधिया भी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं।

बताया जा रहा है महा आर्यमन को जय विलास पैलेस में ही आइसोलेट किया गया है और डॉक्टरों की टीम निगरानी करने में जुटी हुई है। महा आर्यमन सिंधिया के संपर्क में जो भी आया है उनको भी कोरोना टेस्ट के लिए कहा गया है। वहीं महा आर्यमन सिंधिया के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित पूरे परिवार का भी कोरोना टेस्ट किया जाएगा।

बता दें महा आर्यमन सिंधिया पिछले एक सप्ताह से खांसी, गले में खराश के साथ-साथ बुखार से पीड़ित थे। उसके बाद उन्होंने ग्वालियर आकर कोरोना की जांच कराई जिसमें वे पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद उन्हें सिंधिया के महल जय विलास पैलेस में ही आइसोलेट किया गया है।

महा आर्यमन सिंधिया के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनके सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं क्योंकि अभी हाल में ही उनके चंबल अंचल में कार्यक्रम थे और इन्हें लेकर ही वह ग्वालियर आए हुए थे लेकिन कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।

मप्र में हुआ कोरोना विस्फोट

  • बीते 24 घंटे में मिले 52 नए केस
  • एक्टिव केस का आंकड़ा हुआ 226
  • राजधानी भोपाल में रिपोर्ट हुए 16 नए केस
  • 94 हुई एक्टिव केसों की संख्या
  • इंदौर में 10, ग्वालियर में 7, राजगढ़ में 5, जबलपुर में 4 नए केस हुए रिपोर्ट
  • संक्रमण दर हुई5.7%

सिंधिया की सुरक्षा में गंभीर चूक, अबकी उन्हें छोड़ किसी और के साथ भाग गई पुलिस टीम

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कांग्रेस सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री रह चुके भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की सुरक्षा में फिर चूक हुई है। अबकी बार यह किसी के विरोध से नहीं बल्कि पुलिस की लापरवाही के कारण हुआ है।

मामला यह है कि सिंधिया अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किये जा रहे वैक्सीनेशन महाअभियान की शुरुआत करने दिल्ली से सड़क मार्ग से ग्वालियर आ रहे थे।

जिस रास्ते से उन्हें आना था वहाँ की पुलिस की इसको सूचना दी चुकी थी। लेकिन जैसे ही सिंधिया का काफिला मुरैना पहुँचा तो सिंधिया की गाड़ी जैसी एक और गाड़ी काफिले में शामिल हो गयी और पुलिसकर्मी गफलत में उसे फॉलो करने में लग गए। और सिंधिया की गाड़ी को छोड़ दिये।

तब तक सिंधिया का काफिला 7 किलोमीटर दूर बिना सुरक्षा के ग्वालियर स्थित IIITM पहुँच चुका था इसी बीच पुलिसकर्मियों को अपनी गलती का अहसास हुआ।

इसी बीच थाने के सामने से जब सिंधिया की असली गाड़ी IIITM के पास से निकली तो वहाँ खड़े TI हजीरा आलोक परिहार ने आनन फानन में पायलटिंग वाहन और थाने के दल बल को बुलाया और उन्हें जय विलास पैलेस छोड़ आये।

इस बीच ग्वालियर एसपी अमित सांघी ने सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर पांच पुलिसकर्मी और मुरैना एसपी ललित कुमार ने नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है इन पुलिसकर्मियों में 5 उप निरीक्षक रैंक के अधिकारी भी हैं जिनकी ड्यूटी समन्वय बनाने के लिए लगाई गई थी जिसमे ये सब नाकाम साबित हुए।

आपको बता दें कि बीते दिनों जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर दौरे पर आए थे तब भी सुरक्षा में गंभीर चूक का मामला सामने आया था। उन्हें गोला के मंदिर के पास भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन(NSUI) के कार्यकर्ताओं ने रोककर बेशर्म के फूल और धिक्कार पत्र दिया था जिसके बाद पूरे प्रदेश में बवाल मचा और कई पदाधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

बुधवार को भोपाल आएंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, कई अहम मुद्दों पर कर सकते हैं बैठक

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मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में मची राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद और दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को भोपाल आएंगे इस दौरान वह कई अहम मुद्दों पर प्रदेश सरकार,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।

सिंधिया का यह दौरा इसलिए भी अहम हो जाता है कि इस समय प्रदेश भाजपा में सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है बीते दिनों ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से मुलाकात की थी जिसके कई सियासी मायने निकाले गए थे।

कल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भी अपने धुर विरोधी माने जाने वाले नए मंत्री नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की थी इस मुलाकात के भी कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं क्योंकि शर्मा और मिश्रा को एक दूसरे का प्रतिद्वंदी माना जाता रहा है लेकिन कल हुई 1 घंटे की मुलाकात के बाद समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं।

राजनीतिक पंडितों की मानें तो प्रदेश भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है निगम मंडलों की नियुक्तियों में भी फेंच फंसा हुआ है यही कारण है कि अब भाजपा संगठन इसे अपने स्तर पर निपटाने के लिए जुटी हुई है, कई लोग तो यह भी बताते हैं कि भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह से खफा हैं और सब अपनी-अपनी गोटियां फिट करने में लगे हुए हैं।

आपको बता दें कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बने सवा साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन कुछेक नियुक्तियों को छोड़कर अभी भी निगम मंडलों की नियुक्तियां नहीं हुई है जिसके कारण सिंधिया समर्थक वह विधायक जो चुनाव हार गए थे उनमें भी रोष है इसके अलावा वह समर्थक भी परेशान हैं जो सिंधिया के कहने पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में सम्मिलित हो गए थे लेकिन आज तक अपना वह स्थान नहीं बना पाए जो कांग्रेस में हुआ करता था।

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने का पोस्टर हुआ वायरल

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मध्य प्रदेश में कोरोना और ब्लैक फंगस के कहर के बीच बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के विदेश जाने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सिंधिया चार दिन ही पहले प्राइवेट जेट से दुबई के लिए रवाना हो गए है। जिसके बाद ग्वालियर में एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें जगजीत सिंह द्वारा गाई मशहूर गजल “चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वह कौन सा देश, जहां तुम चले गए” लिखा हुआ है।

बता दे कि इस पोस्टर को ग्वालियर से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने भी साझा किया है। पाठक ने शायराना अंदाज में तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘मत ढूंढो इन्हें संकट के समय मध्य प्रदेश में, सिंधिया जी अपने निजी कार्यों से हैं विदेश में। अपने शहर में जब सब कुछ सामान्य हो जाएगा, इनका कारवाँ तभी यहाँ आएगा। आप तो बैठिए दुबई, जनता है भरोसे राम के, अभी चुनाव थोड़ी है अभी आम लोग आपके क्या काम के।’

प्रदेश की समस्त जनता को निवेदक बताने वाले इस पोस्टर में लिखा गया है कि, ‘महाराज कहां हो आप? भारतीय जनता पार्टी की सरकार मौत के आंकड़ें छिपा रही है। आपके उसूलों पर आंच कब आएगी, आप सड़क पर कब उतरेंगे?’ इसी के साथ 80 के दशक का मशहूर गजब चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश जहां तुम चले गए लिखा हुआ है।

वहीं कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘जनता चौखट से बाहर निकले तो डंडा, —और ये महाराज बहादुर दुबई की सैर पर..? शिवराज जी, आपके नेताओं को जनता से कोई सरोकार क्यों नहीं बचा..?भारत में उतरने को सड़कें थीं कम, इसलिये दुबई में जनसेवा करेंगे हम।’

दरअसल सिंधिया के विदेश जाने की बात सामने आने के बाद लोगों के मन में एक यह सवाल भी है कि जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगे हुए हैं तो सिंधिया दुबई कैसे गए? दरअसल, एयर बबल के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चल रही हैं। इस व्यवस्था के तहत चयनित देशों के बीच द्विपक्षीय विमानों का संचालन हो रहा है।

नेताओं की फटकार के बाद चिरायु अस्पताल आया बैकफुट पर, आयुष्मान योजना के तहत होगा इलाज

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चिरायु अस्पताल प्रबंधन दुबारा फटकार लगने के बाद बैकफुट पर आया और मरीज से लिए गए 2 लाख रूपय को लौटा दिया। जानकारी है कि अब मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड से ही होगा।

बता दे कि आयुष्मान योजना के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्ड धारी कोरोना मरीजों का निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज का आदेश दिया था। और चिरायु अस्पताल भी रजिस्टर्ड अस्पतालों की सूची में शामिल है। 

योगेन्द्र रघुवंशी ने कहा कि उन्होंने चिरायु अस्पताल में आयुष्मान कार्ड देकर उन्हें आयुष्मान योजना के तहत उनकी दादी को भर्ती करने का आग्रह किया था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इंकार कर दिया था। उन्हें कहा कि चिरायु अस्पताल में आयुष्मान कार्ड नहीं चलता। जिसके बाद योगेन्द्र ने पैसों का इंतजाम कर 2 लाख रुपये अस्पताल में जमा करवाएं।

योगेंद्र ने बताया कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ प्रभुराम चौधरी ने चिरायु अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई। फटकार के बाद प्रबंधन ने सरजू बाई रघुवंशी के 2 लाख रुपय लौटा दिये। बता दे कि उनका इलाज अब आयुष्मान योजना के तहत किया जाएगा।

कोरोना संक्रमित मरीजों की मदद के लिए 10 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन का सहयोग करेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया

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देश में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है हर व्यक्ति अपने स्तर से लोगों की, और समाज की मदद करने में जुटा हुआ है इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कोरोना संक्रमित मरीजों की मदद करने की ठानी है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में लगने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति करवाने का फैसला किया है सिंधिया अपने संपर्कों के माध्यम से प्रदेश में 10,000 रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति करवाएंगे जिसका भुगतान मध्य प्रदेश सरकार करेगी।

आपको बता दें वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र में मंत्री रह चुके हैं उनके कई उद्योगपतियों से पुराने और घनिष्ट संबंध है कई उद्योगपतियों से उनके पारिवारिक संबंध है इस कारण भी सिंधिया प्रदेश के लोगों के लिए 10,000 रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध करवा पा रहे हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश में 82 हजार से ज्यादा कोरोनावायरस मामले आ चुके हैं आए दिन प्रदेश में ऑक्सीजन बेड और रेमडेसिविर इंजेक्शन की मारामारी देखने को मिलती है। इंजेक्शन की कमी से निजात दिलाने के लिए सिंधिया ने रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलवाने का फैसला लिया है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिला बड़ा झटका ,दमोह उपचुनाव में प्रचार करेंगे भाजपा सांसद केपी यादव

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मध्यप्रदेश में होने वाले दमोह उपचुनाव के लिए बीजेपी से गुना सांसद केपी यादव चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बीजेपी द्वारा केपी यादव को प्रचार में बुलाए जाने को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।पिछले लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर सांसद बने केपी यादव को ऐसे समय में प्रचार के लिए बुलाया गया है जब खबरें आ रही है कि पार्टी ने सिंधिया को चुनाव से दूर रहने का निर्देश दिया है।

चुनाव प्रचार में आने पर रोक लगाने की वजह से सिंधिया इतने खफा हो गए कि उन्होंने अपने अन्य कार्यक्रमों तक को रद्द कर दिए है। बीजेपी द्वारा केपी यादव को प्रचार में उतारने के बाद कांग्रेस को सिंधिया को घेरने का बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। 

कांग्रेस ने इस मामले पर तंज कसते हुए कहा है कि शिवराज के चूल्हे में नई राख दिख रही है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट किया, ‘सिंधिया को हराने वाले गुना सांसद केपी यादव दमोह में प्रचार कर रहे हैं, और सिंधिया के दमोह प्रवेश पर प्रतिबंध है। “शिवराज के चूल्हे में नई राख दिख रही है”

माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा गद्दार और बिकाऊ करार दिए जाने के बाद सिंधिया की छवि को नकारात्मक मानते हुए बीजेपी चाहती है कि उनके बिना ही चुनाव प्रचार किया जाए। ताकि कांग्रेस को गद्दार और बिकाऊ वाले मुद्दे पर ज्यादा बोलने का मौका न मिल पाए।

मध्यप्रदेश में सिंधिया समर्थक मंत्रियों की अनुमति के बिना ही उनके विभागों के फैसलों पर हो रहा है अमल

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मध्यप्रदेश में सूखे राशन के होम डिलीवरी में बड़े स्तर पर अनिमितता की खबर है। सिंधिया के साथ भाजपा में आए मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया की सहमति के बगैर पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्रालय के फ़ाइल आगे बढ़ गए। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने 285 करोड़ का काम अलॉट करने के पहले सिसोदिया का मंजूरी लेना भी जरूरी नहीं समझा। 

लॉकडाउन के बाद स्कूल बंद होने की स्थिति में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार मिड-डे-मील की जगह सूखे राशन की होम डिलीवरी की जा रही है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्रालय के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने इससे संबंधित करीब 285 करोड़ का काम केंद्रीय भंडार को अलॉट किया है। लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह है कि करोडों का काम देने से पहले विभाग के मंत्री तक से भ सहमति भी नहीं ली गई और फ़ाइल को आगे बढ़ा दिया गया।

मंत्री सिसोदिया को बाद में जब इस बात का पता चला तो उन्होंने नोट शीट जारी कर चीफ सेक्रेटरी से जवाब तलब किया है। सिसोदिया यह जानना चाहते हैं कि किस नियम के आधार पर केंद्रीय भंडार को यह कार्य सौंपा गया। सिसोदिया ने भी इस बात की पुष्टि भी की है कि उनकी सहमति के बिना फ़ाइल को आगे बढ़ाया गया है।

यह स्थिति सिर्फ ग्रामीण विकास मंत्रालय की नहीं है। सिंधिया समर्थक सभी मंत्रियों के विभाग में लगभग यही कहानी है। विभाग के अधिकारी ही मंत्रियों के बात नहीं सुनते। बिना सहमति के फाइलों को बढ़ा दिया जाता है। हालांकि, उन्होंने इस बात के बारे में कुछ नहीं कहा कि किसके इशारों पर ये अधिकारी काम कर रहे हैं।

बहरहाल, इस मामले के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में इस बात की चर्चाएं तेज हैं कि भाजपा में सिर्फ सिंधिया ही उपेक्षा के शिकार नहीं हो रहे हैं बल्कि पूरी सिंधिया समर्थकों को इससे गुजरना पड़ रहा है।