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भाजपा से नाराज़ हुए सिंधिया , नहीं करेंगे दमोह में प्रचार

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मध्यप्रदेश भाजपा में एक बार फिर अनबन होने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर पार्टी हाईकमान से नाराज हो गए हैं। इस बात को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाए जा रहे हैं। दावा है कि सिंधिया के चुनाव प्रचार तक में आने पर रोक लगा दिया गया था, जिस वजह से खफा होकर उन्होंने अपने कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।

इस मामले पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलुजा ने ट्वीट किया कि, ‘चर्चा ज़ोरों पर है कि दमोह उपचुनाव में प्रचार के लिये नहीं बुलाने से नाराज व अपनी किरकिरी से बचने के लिये श्रीमंत ने अपना 4-5 अप्रैल का ग्वालियर क्षेत्र का दौरा ही निरस्त कर दिया है। वैसे भी उनके इस दौरे में दमोह प्रचार का कोई कार्यक्रम नहीं था,प्रदेश में चुनाव और महाराज महल में?’

सिंधिया के नाराज होने के पीछे दो वजहें हैं। एक तो स्टार प्रचारकों की सूची में उन्हें 10वें स्थान पर धकेल दिया गया और उसके बाद अब चुनाव प्रचार अभियान से भी दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा गद्दार और बिकाऊ करार दिए जाने के बाद सिंधिया की छवि को गलत मानते हुए भाजपा चाहती है कि उनके बिना ही चुनाव प्रचार किया जाए ताकि कांग्रेस को गद्दार और बिकाऊ वाले मुद्दे पर ज्यादा बोलने का मौका न मिल पाए।के

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कोरोना का हवाला देते हुए अपने दौरे रद्द कर दिए हैं। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रतलाम, निवाड़ी जैसे कई ऐसे मुख्य शहर है जहां कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई शहरों में लॉकडाउन के बावजूद सीएम शिवराज को अपने कार्यक्रमों को लेकर किरकिरी का सामना करना पड़ा रहा था। मामला तूल पकड़ते देख उन्होंने भी अपने दौरे को रद्द कर दिया है।

सिंधिया और शिवराज के दौरे रद्द होने को साझा फैसला के तौर पर दिखाया जाता है। इसके पीछे तर्क यह है कि सिंधिया का दौरा निजी था और सीएम शिवराज सार्वजनिक शिलान्यास कार्यक्रमों में शरीक होने वाले थे।

भोपाल में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने खेल खेल में कैबिनेट मंत्री का उड़ाया मज़ाक

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मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) में शिवराज सरकार(Shivraj Government) के एक साल पूरा होने पर जश्न में डूबी हुई है। पूरे राज्य में इस मौके पर समारोह आयोजित किए गए हैं। इसी बीच भाजपा के एक कार्यक्रम में शिवराज सरकार में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत(Govind Singh Rajput) को उड़ाए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। खेल-खेल में बीजेपी नेताओं ने सिंधिया के कट्टर समर्थक मंत्री गोविंद सिंह को ही उड़ा दिया।

बताया जा रहा है की शिवराज सरकार के एक साल पूरा होने के पूर्व संध्या पर भाजपा भोपाल के पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए कौआ उड़, तोता उड़, मैना उड़ खेल का आयोजन किया था। इस दौरान खेल-खेल में आलोक शर्मा भावुक होकर एक बड़ी चूक कर दिए और कार्यकर्ताओं के साथ ‘गोविंद सिंह राजपूत उड़’ कह उन्हें भी उड़ा दिया।

कमलनाथ सरकार और उनके कैबिनेट के मंत्रियों का इस कार्यक्रम में मजाक उड़ाया जा रहा था। खेल में चिड़ियां उड़ाने के बाद आलोक शर्मा कहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की अलीबाबा और चालीस चोरों वाली सरकार थी। इसके बाद एक-एक कर कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हैं और कार्यकर्ता उड़ बोलकर उन्हें उड़ाते हैं। इस दौरान आलोक शर्मा भूल गए कि कमलनाथ के कुछ मंत्री आज भाजपा सरकार में भी मंत्री हैं और गोविंद सिंह राजपूत उड़ भी बोला।

आज इस खेल के दूसरे दिन इस खेल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद मध्यप्रदेश में सियासी हलचल मच गई है। हालांकि, मामले पर अबतक गोविंद सिंह राजपूत या फिर आलोक शर्मा की ओर से कोई सफाई नहीं आई है।

ग्वालियर के महशूर जयविलास पैलेस में हुई चोरी

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मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के महल जयविलास पैलेस (Jayvilas Palace) में बदमाशों ने चोरी करने की कोशिश की है। चोरी की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस का डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी जयविलास पैलेस पहुँच गए।

जयविलास पैलेस की सुरक्षा में आज कमी दिखाई दी है। घटना की जानकारी मिलते ही झांसीरोड थाना पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जयविलास पैलेस पहुँच गए थे। जयविलास पैलेस स्टाफ ने पुलिस को बताया कि रानीमहल के पास बने स्टोर में अज्ञात चोर ने घटना को अंजाम दिया है।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जाँच पड़ताल में जुट गए। सीएसपी रत्नेश सिंह तोमर ने बताया कि बीती दो रात के बीच में यह घटना हुई है। चोर छत के रास्ते अंदर घुसा थे। अभी यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या कुछ चोरी हुआ है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लेंगे नई कार्यकारिणी की बैठक

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मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में भाजपा (BJP) ने प्रदेश की कार्यकारिणी टीम का ऐलान कर दिया है। इसमें एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) का दबदबा देखने को मिला है। वहीँ सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के खेमे से सिर्फ एक को कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। आज मध्य प्रदेश में बीजेपी की नई प्रदेश पदाधिकारियों की बड़ी बैठक होने वाली है। भोपाल प्रदेश कार्यालय में होने वाली यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव नजदीक है। इस बैठक में इस मुद्दे पर विशेष चर्चा की जाएगी। जहां भाजपा के नई कार्यकारिणी के सदस्यों के बीच काम का बंटवारा किया जा सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की नई कार्यकारिणी के लिए मध्यप्रदेश में राम मंदिर के लिए धन संग्रह भी चर्चा का विषय रहेगा। हालांकि इससे पहले बैठक में कार्यकारिणी के नए सदस्य अपना पदभार ग्रहण करेंगे।

प्रदेश कार्यकारिणी में एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का दबदबा देखने को मिला है। इसी के साथ साथ मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को भी तवज्जो दी गई है। माना जा रहा है कि लगभग 8 ऐसे लोग भी है जो शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं।

उपचुनाव से पहले हो रही लचर्चा के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमें 35 सदस्य को शामिल किया गया। इसमे 12 उपाध्यक्ष और 12 सचिव शामिल है। वही कार्यकारिणी में शामिल बहुत सारे नए नाम भी हैं।

मध्यप्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान

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मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने प्रदेश वासियों को मकर सक्रांति पर बधाई देते हुए भारतीय जनता पार्टी की नई कार्यकारिणी को भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इस नई कार्यकारिणी से उन्हें बहुत अपेक्षाएं है और उन्हें जनता की सेवा करने के लिए निर्देश दिए है।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के 1070 मंडल हो चुके हैं, सिर्फ उनमें से 40 या 45 मंडल बचे हैं। सारे मंडलों के प्रशिक्षण वर्ग हो चुके हैं। कार्यसमितियां बनाई जा चुकी है। सारे मंडल के पदाधिकारी तथा सभी लोग मिलकर बूथ मजबूत करने का अभियान भारतीय जनता पार्टी पूरे मध्यप्रदेश में करेगी।

मुरैना की घटना पर बयान दिया

मुरैना की घटना हम सबके लिए दुख का विषय है लेकिन मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई की है। ऐसे माफियाओं के खिलाफ मुख्यमंत्री ने अभियान चलाया है। मध्य प्रदेश के अंदर ऐसे किसी भी काम को नहीं होने दिया जाएगा।

सिंधिया खेमे के नेताओं के लिए कहा

भारतीय जनता पार्टी में सभी लोग भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता है। समय के अनुरूप किस काम के लिए कौन सा कार्यकर्ता उपयोगी है इसका ध्यान रखा जाता है। सिंधिया जी भारतीय जनता पार्टी के अभिन्न अंग है उनके साथ आए मित्र भाजपा के वरिष्ठ लोग हैं।

कांग्रेस द्वारा राम मंदिर न्यास के आरोप पर कहा

राम मंदिर जन्मभूमि न्यास एक ऐसी व्यवस्था है जो सालों से चल रही है इसका काम कोई पार्टी नही बल्कि समाज कर रहा है। कांग्रेस की भावनाएं अगर जागृत हो गई है तो यह भी भगवान राम की कृपा है। क्योंकि पहले तो यह लोग कहते थे भगवान राम का अस्तित्व ही नहीं है, रामसेतु का अस्तित्व ही नहीं है। कपिल सिब्बल भगवान राम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में खड़े होते थे लेकिन संघ के प्रयासों से देश के अंदर देशभक्ति का जज्बा जागा है। राम मंदिर निर्माण का कार्य संपूर्ण भारत का एक-एक नागरिक कर रहा है कांग्रेस की भावनाएं भारत से नहीं कहीं और से जुड़ी है। वह सिर्फ एक परिवार से ही जुड़े रहते हैं। वह राम मंदिर निर्माण में भी राजनीति कर रहे हैं।

सज्जन वर्मा के बयान को लेकर कहा

यह अत्यंत दुर्भाग्यनाक है, कांग्रेस का यही चरित्र है। हमारे मुंह से भी ऐसे शब्द नहीं निकलना चाहिए। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने उन्हें नोटिस भी दिया है मैं उनके इस बयान की आलोचना करता हूं।

कैबिनेट विस्तार से पहले इमरती देवी और गिर्राज दंडोतिया का इस्तीफा मंजूर

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मध्य प्रदेश में उपचुनाव (MP By-election) के नतीजों के बाद आज कैबिनेट का विस्तार (cabinet expansion) किया गया है। कैबिनेट विस्तार से पहले पूर्व मंत्री और सिंधिया समर्थक इमरती देवी (imarti devi) और गिर्राज दंडोतिया (girraj dandotia) का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। इस मामले में राज्य सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है।

मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव हारने के बाद शिवराज सरकार में शामिल दो मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया था। हार के बावजूद दोनों मंत्री पद पर बने हुए थे। जहां कार्यकाल पूरा होने के बाद दोनों नेताओं ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है और उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है।

मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे 10 नवंबर को घोषित हुए थे। उस समय शिवराज सरकार के तीन मंत्री बुरी तरह से हार गए थे। इसमें कैबिनेट मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना के अलावा मंत्री इमरती देवी और गिर्राज दंडोतिया भी शामिल थे। उस समय कैबिनेट मंत्री ऐंदल सिंह कसाना ने अगले ही दिन मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उसे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा मंजूर भी कर लिया गया था लेकिन इमरती देवी और गिर्राज दंडोतिया ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था।

इमरती देवी का कहना था कि प्रदेश में उनकी सरकार है। इसलिए वह मंत्री बनी रह सकती हैं। गिर्राज दंडोतिया ने कहा था कि उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और वह मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रक्रियाधीन है। जहां कार्यकाल पूरा होने के बाद दोनों नेताओं ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है और उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है।

शिवराज कैबिनेट का विस्तार: सिंधिया समर्थकों के साथ यह भी लेंगे शपथ

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मध्यप्रदेश के राज्य सरकार के कैबिनेट का विस्तार तय हो गया है। शिवराज की टीम में दो मंत्री शामिल किए जाएंगे। रविवार 3 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे राजभवन में होगा शपथ सम्मारोह। मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना मंत्रालय से राजभवन भेजी गई है और इसकी पुष्टि राजभवन ने कर दी है।

कैबिनेट विस्तार में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के साथ मध्यप्रदेश के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक भी शपथ लेंगे। मंत्रियों और नए मुख्य न्यायाधीश को शपथ दिलाने के लिए रविवार सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भोपाल आएंगी।

उपचुनाव के परिणाम 10 नंवबर को आए थे। इसके बाद से शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की चार दौर की बैठकें हुई। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सुबह ही राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार की अनुमति मिली है। इसके बाद कार्यक्रम तय किया गया है।

तुलसी को जल संसाधन व गोविंद को परिवहन व राजस्व विभाग मिलेगा

मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि तुलसी सिलावट को जल संसाधन और गोविंद सिंह राजपूत को परिवहन व राजस्व विभाग मिलना लगभग तय है। शिवराज सरकार सत्ता में आने के बाद सिलावट और राजपूत को यही विभाग सौंपे गए थे। बीजेपी अब इन दोनों को अन्य विभाग देना चाहती थी, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व और सिंधिया के बीच हुई सहमति के बाद दाेनों को एक बार फिर उन्हीं विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

4 पद रह जाएंगे खाली

शिवराज कैबिनेट के 14 सदस्‍यों गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, डॉ. प्रभुराम चौधरी, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंषाना, हरदीप सिंह डंग, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडौतिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया ने चुनाव लड़ा था। इसमें से इमरती देवी, एदल सिंह कंषाना और गिर्राज दंडोतिया चुनाव हार गए थे। इसमें से 2 तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को छह माह का कार्यकाल पूरा होने पर चुनाव के दौरान ही मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब दोनों को फिर से कैबिनेट में लिया जा रहा है। इसके बाद भी 4 पद खाली रह जाएंगे। यानी आगे भी कैबिनेट विस्तार होगा।

कोरोना से प्रदेश में बिगड़ते हालातों की जिम्मेदारी लें भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया

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कोरोना के बढ़ते प्रकोप से पूरा प्रदेश परेशान है। प्रदेश के दो प्रमुख शहर इंदौर और भोपाल में हालात दिन-प्रतिदिन हालात बेकाबू होते जा रहे है। इसके लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनो रुप से भाजपा नेता ज्यातिरादित्य सिंधिया जिम्मेदार हैं। मध्यप्रदेश इस समय देश का एकलौता ऐसा राज्य है जहां न तो स्वास्थ मंत्री है और न ही मंत्रिमंडल का गठन हुआ है। जिसके कारण प्रदेश सरकार कोरोना को रोकने में पूरी तरह नाकामयाब हुई है।

जिम्मेदारी लें ज्यातिरादित्य सिंधिया ?

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 9 मार्च का अपना इस्तीफा 10 मार्च को ट्विटर के माध्यम से सार्वजनिक किया। इसके पहले ही सिंधिया खेमे के 22 विधायक मध्यप्रदेश से निकालकर कर्नाटक पहुंच गए थे जिसमें 6 मंत्री भी शामिल थे। स्वास्थ मंत्री तुलसीराम सिलावट भी इसी दल में मौजूद थे। उस समय तक देश में कोरोना के 39 मरीज सामने आ चुके थे और दुनिया भर में 1 लाख से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ चुके थे। ऐसे में 20 मार्च तक चले इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गवर्नर के समक्ष अपना इस्तीफा दे दिया।

इस्तीफे के अगले ही दिन प्रधानमंत्री मोदी ने ‘जनता कर्फ्यू’ का ऐलान कर दिया लेकिन तब तक मामले 250 पर पहुंच गए थे। वहीं जनता कर्फ्यू के तुरंत बाद सरकार ने 21 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया।

ऐसे में इस मारामारी से लड़ने के लिए प्रदेश के पास न तो मजबूत सरकार है और न ही मंत्रिमंडल। ऐसी परिस्तिथियों में स्वास्थ मंत्री का किरदार बहुत अहम होता है।

प्रदेश में बेकाबू होता कोरोना

प्रदेश में कोरोना के मामलों की बात करें तो स्वास्थ्य संचालनालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 10/04/2020 को जारी आंकड़ों के हिसाब से अब तक 451 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें से 33 लोगों की मौत हाे चुकी हैं। जिसमे 2 वरिष्ठ डॉक्टर भी शामिल हैं।

प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रुप में शिवराज सिंह चौहान ने चुपके चुपके राजभवन जाकर शपथ तो ले ली लेकिन इससे पहले कि वे अपने मंत्रिमंडल का गठन करते केंद्र सरकार ने देशभर में लॉकडाउन कर दिया जिसके कारण मंत्रिमंडल गठन की तैयारी धरी की धरी रह गई और अब जब प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और ऐसे वक्त में लॉकडाउन बढ़ाना ही एकमात्र उपाय है तो फिर उन तैयारियों पर ग्रहण लग सकता है।

(लेख में व्यक्त किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार है)

कांग्रेस की वर्तमान स्तथि और राहुल गांधी के इस्तीफे पर महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा बयान।

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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से बात करते हुए सलमान खुर्शीद के बयान का जवाब दिया और पार्टी की वर्तमान स्थिति को लेकर कहा है कि कांग्रेस को आत्म अवलोकन की जरूरत है और पार्टी की आज जो स्थिति है, उसका जायजा लेकर सुधार करना समय की मांग है।

महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस को महाराष्ट्र में सफलता मिलेगी और हमारी पार्टी वहां पर सत्ता में आएगी। मेरा काम वहां स्क्रीनिंग कमेटी तक सीमित था। वहां पर वरिष्ठ नेता मल्लिकानुर्जन खड़गे के साथ प्रदेश अध्यक्ष और कई वरिष्ठ नेता हैं। सभी नेता मिलकर काम कर रहे हैं और कांग्रेस को वहां सफलता मिलेगी।

इस समय सिंधिया ग्वालियर-चंबल संभाग के दौरे पर हैं और कई सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे है। वह गुरुवार से भिंड, मुरैना, श्योपुर और शिवपुरी जिले के दौरे पर रहेंगे और इस दौरान वे पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं से रूबरू होंगे.

मिर्ज़ापुर के पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल सपा छोड़ कांग्रेस में हुए शामिल

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और मिर्ज़ापुर लोकसभा से संसद रहे बाल कुमार पटेल ने आज समाजवादी पार्टी छोड़ कांग्रेस का हाँथ थाम लिया। पटेल को कांग्रेस की सदस्यता दिलवाते समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद थे।

कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पटेल का पार्टी में स्वागत करते हुए ट्विटर पर लिखा “मिर्जापुर से सपा सांसद रहे बाल कुमार पटेल जी आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी महासचिव प्रियंका गांधी जी व यूपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर जी के समक्ष कांग्रेस परिवार में सम्मलित हुए-यूपी में आपके साथ से कांग्रेस के हाथ को और अधिक मज़बूती मिलेगी।”

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस बाल कुमार पटेल अब कांग्रेस की टिकट पर मिर्ज़ापुर से अपना दल की अनुप्रिया पटेल के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।