दतिया: प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस द्वारा लगातार करवाई किया जा रहा है। इस बीच मध्यप्रदेश के दतिया जिले में पुलिस कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर अनोखे अंदाज में करवाई करने का वीडियो सामने आया है।
कथित तौर पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया गया है की पुलिस कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों को इक्कट्ठा कर रोड पर डांस करवाया।
आपको बता दे कि कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर रोजाना पुलिस द्वारा करवाई किया जाता है। मास्क ना पहने और बिना कारण बाहर घूमने पर पुलिस पकड़ती है तो चालान के साथ साथ उनको जेल भी भेजती है।
मध्य प्रदेश के शहडोल से दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। उसमे पुलिसकर्मी एक शख्स को लात-घूंसों से पीटता हुआ दिखाई दे रहा है। यहीं नहीं बल्कि पुलिसकर्मी गमछे से शख्स का गला दबाकर उसे घसीटने की कोशिश कर रहा है।
दरअसल, ये मामला शहडोल जिले के पपौंध थाना क्षेत्र का है। ये वीडियो 5 से 6 दिन पुराना बताया जा रहा है। इस वीडियो में पुलिसकर्मी किसी शख्स की पिटाई करता नजर आ रहा है।
जानकरी के अनुसार शख्स का नाम सत्येंद्र कुमार द्विवेदी है। इस घटना के बाद पुलिस की बर्बरता की शिकायत करने सतेंद्र कई एसपी कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से मदद का गुहार लगाने लगा। बता दे कि वे गेंहू और दवा लेने बाजार निकला था।
इसी दौरान एक हेड कांस्टेबल ने सत्येंद्र से लॉकडाउन के दौरान बाहर निकलने का कारण पूछते हमला बोल दिया। इस मामले में पुलिस का कहना है कि सत्येंद्र लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहा था। जिसके बाद सत्येंद्र के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की गई। बता दें कि सत्येंद्र के खिलाफ पहले से काफी मामले दर्ज है जिनमें से कई संगीन मामले भी हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में एक बार पुनः लॉकडाउन बढ़ाए जाने की घोषणा की है मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 15 मई तक पूर्ण लॉकडाउन (जनता कर्फ्यू) रहेगा लेकिन प्रदेश भर में वीकेंड लॉकडाउन लागू होने के कारण यह 17 मई सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम दिए अपने संबोधन में लॉकडाउन को अंतिम विकल्प बताया था और कहा था कि लॉक डाउन करना यानी कोरोना से लड़ाई में यह सरकार का अंतिम विकल्प है लेकिन यहां सवाल यह बनता है कि क्या सरकारों ने इस लड़ाई में अपनी हार स्वीकार कर ली है? या फिर सरकारों ने मान लिया है कि जनता को बचाने का एकमात्र तरीका लॉकडाउन ही है?
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने आज हुई बैठक में 15 मई तक लॉक डाउन बढ़ाए जाने की बात कही है इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित भी किया है कि लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करवाया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि 21 अप्रैल तक प्रदेश देश में संक्रमित राज्यों के मामले 7वें नंबर पर था। लेकिन आज जनता के सहयोग से 14वें नंबर पर आ गया हैं। पॉजिटिविटी रेट 25 प्रतिशत तक पहुंच गई थी अब 18 प्रतिशत के करीब आ गई है। रिकवरी दर भी 85.13 प्रतिशत हो गई है।
राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ रहे कोरोनावायरस के मरीजों और मौत के लगातार बढ़ रहे आंकड़ों से आजिज आकर जिला प्रशासन भोपाल ने जिले में पांचवीं बार लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया है।
भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया द्वारा जारी आदेश में इस बात की पुष्टि की गई है कि भोपाल में 10 मई तक लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है जो अभी 3 मई तक था।
आपको बता दें कि इस बार के लॉकडाउन में प्रशासन ज्यादा सख्त रहेगा बेवजह घूमने वालों और बहाने बनाकर किसी अन्य अन्य कामों के लिए जाने वालों पर प्रशासन कड़ाई से निगरानी रखेगा और ऐसे व्यक्ति को पाए जाने पर उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
लॉकडाउन के दौरान उन्हीं व्यक्तियों को बाहर निकलने की अनुमति होगी जिन्हें जिला प्रशासन या राज्य सरकार द्वारा सक्षम पास उपलब्ध करवाए गए हैं।
बढ़ते कोरोना संक्रमण(Corona Infection) की चैन को तोड़ने के लिए लगाए गए लॉकडाउन(कोरोना कर्फ्यू) को 7 मई तक बढ़ा दिया गया है। राज्य में चौथी बार कर्फ्यू बढ़ाया गया है।
राज्य सरकार के फैसले के बाद अब कई जिलों के कलेक्टरों ने भी अपने जिलों में कर्फ्यू बढ़ाने के संशोधित आदेश जारी करना शुरू कर दिए हैं।
प्रदेश के झाबुआ,मंडला,अलीराजपुर,बालाघाट में पहले से ही 7 मई तक लॉकडाउन के आदेश जारी कर दिए गए हैं। भोपाल में 3 मई तक और इंदौर में 30 अप्रैल तक के आदेश अभी जारी हैं जिन्हें बढ़ाकर 7 मई तक किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि अब बड़े जिलों के अलावा छोटे जिलों में भी संक्रमण की दर लगातार बढ़ रही है इसलिए ऐसे जिलों में जहां पर संक्रमित मरीजों की संख्या ज्यादा बढ़ रही है वहां पर 7 मई तक लॉक डाउन कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि प्रदेश के 34 से ज्यादा जिलों में पहले से ही 3 मई तक का लॉक डाउन(कोरोना कर्फ्यू) लागू करने के आदेश जारी है अब उसे बढ़ाकर 7 मई तक किया जाएगा।
भारत मे जिस स्पीड से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है उसका असर सभी प्रदेशों में पड़ रहा है हालात यह है कि अब देश मे प्रतिदिन 3 लाख से ज्यादा केसेस सामने आ रहे हैं।
मध्यप्रदेश में भी कोरोना बेकाबू हो चला है। प्रदेश के सभी महानगरों की स्थिति गंभीर है हालात यह हैं कि अब तो छोटे और मझौले जिलों के अस्पतालों में भी मरीज भरने की जगह नही है इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने समूचे प्रदेश में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन( जनता कर्फ्यू) लगा दिया था अब उसी को आगे बढ़ाने के संकेत सरकार की तरफ से मिल रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो प्रदेश के सभी महानगरों भोपाल,इंदौर,जबलपुर और ग्वालियर के अलावा महाराष्ट्र बॉर्डर से जुड़े उन जिलों में जहाँ लॉकडाउन (Lockdown) के बाद भी ज्यादा केस आ रहे हैं वहाँ सरकार लॉकडाउन को आगे बढ़ा सकती है। इसके अलावा सरकार उत्तरप्रदेश से सटे कई जिलों में भी कुछ पाबंदी करने के मूड में है।
लॉकडाउन के बावजूद कोरोना संक्रमण लगातार बेकाबू हो रहा है। ऐसे में प्रदेश के ज्यादा प्रभावित जिलों में लॉकडाउन की को और आगे बढ़ाया जा सकता है। महाराष्ट्र बॉर्डर से सटे बैतूल में तो लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया है।
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में कोरोना संक्रमण ने तबाही मचा रखी है दोनों जिलों में हालत बहुत गंभीर है बात अगर भोपाल की करें तो यहा पर रोज 1800 से ज्यादा पॉजिटिव केस आ रहे हैं कल भोपाल में 155 मौतें भी हुई थी।
इसी प्रकार प्रदेश के अन्य जिलों उज्जैन,छिंदवाड़ा,देवास में भी हालत बद से बदतर हैं यही कारण है कि सरकार ने जिला प्रशासन की अनुशंसा पर कई जिलों में पूर्णतः लॉकडाउन तो कई जिलों में शादी,राजनीतिक आयोजन,सामाजिक आयोजनों को आगामी आदेश तक रद्द करने के आदेश जारी कर दिए हैं। तो कई जिलों में सख्ती भी बढ़ा दी गयी है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण से पूरे देश में कोहराम मचा हुआ है। लॉकडाउन की आंशका के बीच देश मजदूर अपने गृह जिलों को वापस जाने लगे है। इसी जल्दबाजी से मजदूर हादसों का भी शिकार हो गए है। मंगलवार सुबह दिल्ली से मध्य प्रदेश के छतरपुर आ रही मजदूरों से भरी एक बस पलट गई। इस हादसे में 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा होते ही मजदूर अपने घरों को वापस लौटन लगे थे। इस बस में छतरपुर के ऐसे बहुत से मजदूर थे जो कुछ महीने से दिल्ली में मजदूरी कर रहे थे। लगभग 100 मजदूर अपने परिवार के साथ रात 2 बजे बस से छतरपुर के लिए निकले थे। वहीं कुछ लोग तो बस की छत पर बैठे हुए थे। जब हादसा हुआ तब बस की छत पर बैठे कई मजदूर नीचे गिर गए और मौत की चपेट में आ गए।
सीधी बस हादसे की तरह इस बार भी ओवरलोडिंग के कारण ही इतना बड़ा बस हादसा हुआ। सूत्रों की माने तो 52 सीटर बस में 100 से ज्यादा यात्री सवार थे। बस वाले ने इन मजदूरों से दोगुना किराया लिया था।
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए 19 अप्रैल से 3 मई तक के लिए लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। सरकार ने इस लॉकडाउन को ‘जन अनुशासन पखवाड़ा’ नाम दिया है।
चालू रहेगी जरूरी सेवाए
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अत्यावश्यक चीजों में आने वाली चीजों को हमेशा की तरह छूट मिलेगी।
इस कारण करना पड़ा 14 दिन बन्द
राजस्थान में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है सरकार के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। सरकार चाहती है कि संक्रमण की इस चैन को लॉकडाउन के माध्यम से तोड़ दिया जाए जिससे स्थिति अभी जहाँ है वही खत्म हो जाये।
19 अप्रैल से 03 मई तक लॉकडाउन लगाने का उद्देश्य सिर्फ लोगों की सुरक्षा करना है। इस दौरान, जरूरी सेवाओं को छोड़ सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। बाजार, मॉल, सिनेमाघर और रेस्तरां बंद रहेंगे।होम डिलीवरी के लिए छूट रहेगी। मजदूरों का पलायन रोकने में लिए कंस्ट्रक्शन वर्क जारी रहेगा। इंडस्ट्रीज को भी लाकडाउन से छूट दी गई है।
आपको बता दें कि रविवार शाम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों ने राजस्थान में लॉकडाउन लगाने का सुझाव दिया था। जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर राज्य में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। आज से लेकर सोमवार तक राज्य में कर्फ्यू लगाया गया है।
कोरोना महामारी के चलते अत्यंत खराब हालत के मद्देनज़र दिल्ली में आज रात से अगले सोमवार तक कर्फ़्यू
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) April 19, 2021
सभी मॉल, जिम, स्पा, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल, एंटरनेटमेंट पार्क बंद रहेंगे.
दिल्ली में रेस्तरां में जाकर खाने पर पाबंदी होगी. होम डिलिवरी या टेक अवे की इजाजत रहेगी.
अस्पताल, सरकारी कर्मचारी, पुलिस, जिलाधिकारी, बिजली, पानी, सफाई से जुड़े लोगों को कर्फ्यू में छूट मिलेगी.
मध्य प्रदेश में तेजी से कोरोना के मरीज सामने आ रहे है । प्रदेश में बढ़ते संक्रमण को लेकर राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि, कोरोना तेजी से फैल रहा है और मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में कोरोना से भयावह स्थिति है। उन्होंने कहा कि इसका उपाय यही है कि हम सब कोरोना की आचार संहिता का पालन करते हुए मास्क का उपयोग करें, बिना किसी वजह के भीड़ इकट्ठा ना करें।
कोरोना एक बड़ा संकट है जिस तरह से संक्रमण बढ़ रहा है वह चिंताजनक है। इसीलिए प्रदेश के कुछ शहरों में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना की इस चेन को हमें तोडना है, क्योंकि संक्रमण जब तक रुकेगा नहीं तब तक यह समस्या हल नहीं होगी।
विश्वास कैलाश सारंग
इन दिनों कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन को लेकर फेक न्यूज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल की जा रही है। इसको लेकर मंत्री सारंग ने कहा कि, कुछ लोग केवल अपनी नफरत को प्रदर्शित करते हुए झूठी खबर सोशल मीडिया पर डाल देते हैं। सोशल मीडिया हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक ताकतवर हथियार जरूर है, परंतु समाज के प्रति हमारा भी कहीं ना कहीं अधिकार और कर्तव्य है। इस कर्तव्य का पालन करते हुए हमें इस महामारी के समय संयम और अनुशासन का ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैं देखता हूं कुछ लोग बिना तथ्यों के कोरोना महामारी से संबंधित जानकारी वायरल कर देते है, जिससे समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। मैं निवेदन करना चाहता हूं कि हम स्वयं का अनुशासन बनाते हुए जब तक किसी भी खबर की पुष्टि ना हो उसको सोशल मीडिया पर ना डालें। उन्होंने यह भी कहा कि, कानून में जो भी नियम है उसके तहत यदि कोई भ्रामक खबर सेंसेशन बनाने के लिए सोशल मीडिया पर डालता है तब आईटी एक्ट के तहत उस पर कार्रवाई की जाएगी।