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डिलीवरी के दौरान बच्चे की मौत से हुआ बड़ा खुलासा,राजगढ़ में चल रहा था फर्जी ट्रामा सेंटर

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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में जिला मुख्यालय पर सीएचएल एमडी के नाम से फर्जी नर्सिंग होम संचालित हो रहा था। लगभग साल भर से संचालित इस अस्पताल में अप्रशिक्षित अनपढ़ चिकित्सक और अप्रशिक्षित नर्सिंग स्टॉप होने के साथ ही अपंजीकृत भी था लेकिन जिले के अधिकारियों को इसकी भनक भी नही लगी।

बताया जा रहा है कि गुरुवार को डिलीवरी के दौरान एक बच्चे की मौत होने से हंगामा हो गया । हंगामे के बाद एसडीएम पल्लवी वैद्य ने जांच की तो वहां मौजूद तीन अन्य पीड़ितों ने भी अपने बच्चों की मौत के आरोप लगाए । जांच के बाद एसडीएम ने अस्पताल के मामले में पंचनामा बनाकर सील करते हुए खुलासे किए जो चोंकाने वाले हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाए है कि प्रसूति महिलाओं के जननांगों में खोपरे का तेल लगाकर नवजात बच्चों को खींचा गया जिससे बच्चों की मौत हुई है।

दरअसल एसडीएम की पड़ताल में सामने आया है कि इस अस्पताल में एक भी प्रशिक्षित चिकित्सक या नर्सिंग स्टाफ नही निकला। एसडीएम ने बताया कि मौके पर मौजूद सभी नर्सिंग स्टाफ दसवीं फेल है। वहीं अस्पताल में रजिस्टर भी मेंटेन नही किया जा रहा था।

एसडीएम पल्लवी वैद्य ने मौके पर जांच कर भारी अनियमितता पाए जाने पर अस्पताल सील कर दिया है । लेकिन मौके पर मौजूद नागरिकों ने लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल संचालक एवं यहां के पूरे स्टाफ पर रासुका लगाने की मांग की है। घटना के दौरान आक्रोशित नागरिकों ने जमकर नारेबाजी भी की।

शिकायत के बाद जांच में अप्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ पाए जाने एवं अन्य बड़ी गड़बड़ियों के सामने आने पर अस्पताल सील कर दिया गया है। आगे जांच में जो भी सामने आएगा उस आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल डीआईजी हुए सख्त, समझाइश देते हुए कहा तुम्हारी घटिया हरकतों से बड़े बुज़ुर्ग मर गए शर्म आना चाहिए

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भोपाल की सड़कों पर डीआईजी का सख्त अंदाज देखने को मिला। उन्होंने लोगों को पहले भी समझाइश दी थी लेकिन जब लोग नहीं माने तब दोबारा सड़कों पर उतरकर अनाउंसमेंट करते हुए डीआईजी इरशाद वली ने स्थानीय लोगों को जमकर लताड़ लगाई।

बता दे कि इरशाद वली काजीकेम्प की सड़कों पर अपने महकमे के साथ उतर गए। इरशाद वली गलियों में अनाउंसमेंट करते हुए निकले। उन्होंने किसी पर कार्रवाई नहीं की लेकिन उनको सख्त भाषा में समझा दिया। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि इसके बावजूद भी लोग नहीं मानते तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया।

दरअसल उन्होंने संकरी गलियों से गुजरते हुए अनाउंसमेंट करते हुए कहा कि “तुम्हारी घटिया हरकतों से बड़े बुज़ुर्ग मर गए है। शर्म आना चाहिए। शर्म हया सब बेच खाई है। बार बार समझा रहा हूं। तुम्हारी हरकतों से घर वाले, बड़े बुज़ुर्ग मरेंगे। बेवकूफों पर कुछ असर नहीं होता है।

काजी कैंप पर कुछ दिनों पहले पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने कई दुकानों को सील करने का काम किया था। यहां की तमाम गलियों को सील कर दिया गया था। बैरिकेड लगाकर चेकिंग व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। कई लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किए गए थे। इसके बावजूद यहां के लोग कोरोना कर्फ़्यू के नियम को लगातार तोड़ रहे हैं। यही कारण रहा कि अब खुद डीआईजी इरशाद वली ने इस इलाके की कमान संभाली और लोगों को अब अपने ही अंदाज में समझाएं दे रहे हैं।

भिंड में बारातियों की हुई अनोखी आवभगत, कोरोना गाइडलाइंस उल्लंघन करने पर कराई गई मेंढ़क कूद

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मध्य प्रदेश के भिंड में एक शादी समारोह के दौरान बारातियों की अद्भुत आवभगत हुई है।यहां बारातियों से फ्रॉग जंप यानी मेंढक कूद कराया गया। यह इसलिए कराया गया क्योंकि उन्होंने कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया था।

दरअसल बुधवार को यहां कोरोना कर्फ्यू के बीच आदिम कल्याण विभाग के होस्टल में एक शादी हो रही थी। बताया जा रहा है कि शादी के लिए करीब 500 लोगों को न्योता दिया गया था। इस बात की जानकारी किसी ने पुलिस को दे दी। जानकारी मिलने के बाद प्रशासन वहां पहुंची तो दंग रह गई।

मौके पर 300 के करीब लोग मौजूद थे और दूल्हे का फलदान चल रहा था। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर लोगों ने मास्क तक नहीं पहन रखे थे। पुलिस के आते ही वहां भगदड़ मच गई और लोग भागने लगे। हालांकि पुलिस ने घेराबंदी कर कई लोगों को पकड़ लिया।

इसके बाद पुलिस ने बारातियों को फ्रॉग जंप यानी मेंढक कूद करने की सजा दी। इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस सड़कों पर लोगों से मेंढक कूद करवा रही है। साथ ही सही से नहीं कूदने वाले के ऊपर लाठियां भी चलाई जा रही है।

कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर पुलिस ने करवाया डांस

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दतिया: प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस द्वारा लगातार करवाई किया जा रहा है। इस बीच मध्यप्रदेश के दतिया जिले में पुलिस कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर अनोखे अंदाज में करवाई करने का वीडियो सामने आया है।

कथित तौर पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया गया है की पुलिस कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों को इक्कट्ठा कर रोड पर डांस करवाया।

आपको बता दे कि कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर रोजाना पुलिस द्वारा करवाई किया जाता है। मास्क ना पहने और बिना कारण बाहर घूमने पर पुलिस पकड़ती है तो चालान के साथ साथ उनको जेल भी भेजती है।

सागर में पुलिसकर्मियों ने एक माँ को उसकी बेटी के सामने पीटा, वीडियो हुआ वायरल

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मध्य प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमे पुलिसकर्मियों द्वारा एक महिला को उसकी बेटी के सामने सड़क पर गिराकर पीटा जा रहा है।दरअसल ये घटना सागर जिले की है। बताया जा रहा है कि महिल अपनी बेटी के साथ घर के जरूरी सामान खरीदने बाजार गई थी और मास्क लगाना भूल गई।

बता दे कि पुलिस ने पहले महिला को सरल भाषा में समझाने की कोशिश की। लेकिन कुछ ही देर में मौके पर मौजूद एक जवान ने उसे पीटना शुरू कर दिया।महिला को बालों से पकड़कर सड़क पर खींच ले गया। वीडियो में जो पुलिसकर्मी महिला से सड़क पर मास्क न पहनने को लेकर मारपीट कर रही है स्वयं उसके चेहरे पर मास्क नहीं दिख रहा है।

दरअसल वीडियो में दिख रहा है कि पुलिसकर्मी किस बेहरहमी से महिला को पीट रहे है। इस दौरान महिला मदद के लिए चीखने चिल्लाने लगती है। वो बुरी तरह से रो रोकर मदद की गुहार लगा रही थी जिसके बाद राहगीर भी पुलिस को मारपीट न करने को कहते है। लेकिन इसका उन पर कोई असर नहीं होता। बेटी जब मां को बचाने के लिए आगे आती है तब पुलिसकर्मी उसके साथ भी मारपीट और धकामुकी करने लगते हैं।

मध्यप्रदेश को ब्लैक फंगस के इलाज हेतु जल्द मिलेंगे एन्टी फंगल इंजेक्शन

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मध्य प्रदेश में कोरोना के साथ अब ब्लैक फंगस बीमारी ने भी लोगो को परेशान करना शुरू कर दिया है। प्रदेश में बीमार हुए लोगो की संख्या बढ़ने के साथ ही उसकी दवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के लिए 24000 ब्लैक फंगस से निपटने के लिए एम्फोटेरिसिन -बी इंजेक्शन मंगाए है।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने शनिवार को एम्फोटेरिसिन -बी इंजेक्शन के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की थी। इस दौरान प्रदेश को केंद्र सरकार ने समय पर 24000 इंजेक्शन भेजने का आश्वासन दिया है।

दरअसल ब्लैक फंगस का इलाज करने के लिए एंटीफंगल इंजेशन दिए जाते है। ऐसा ही एक इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन बी है जो ब्लैक फंगस के मरीजों को दिया जाता है।

वहीं मुख्यमंत्री ने सनफार्मा के प्रमुख दिलीप सांघवी से भी फोन पर चर्चा कर ब्लैक फंगस के उपचार हेतु एंटीफंगल इंजेक्शन की आपूर्ति के संबंध में बात की है। जानकरी के अनुसार सन फार्मा प्रदेश को 2000 इंजेक्शन शीघ्र उपलब्ध कराएगी।

मध्यप्रदेश में अब ये अस्पताल नहीं कर सकेंगे कोविड मरीजो का इलाज

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मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले 6 निजी अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अब ये अस्पताल कोविड मरीजों का इलाज नहीं कर पाएंगे। बताया जा रहा है कि सरकार के आदेश के बाद भी आयुष्मान योजना के तहत कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज नहीं कर रहे थे।

बता दें कि शहर का मेडिसिटी अस्पताल, शिवसागर अस्पताल, आकंक्षा अस्पताल, ट्रू केयर अस्पताल, नर्मदा अस्पताल एवं शुभम अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान योजना के तहत कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने से मना कर दिया था।

जिसके बाद इन अस्पतालों पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को नोटिस थमाने हुए अस्पताल का कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने की अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने सबूत मिटाने के लिए ले ली 5 मरीजो की जान

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सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा के मामले में एक महिला ने गम्भीर आरोप लगाते हुए एसपी ऑफिस में शिकायत की है। आरोप है कि पुलिस रेड से पहले सिटी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती 5 मरीज जिन्हें रेमडेसिविर लगे थे उनकी हत्या कर दी गई ताकि वे पुलिस के सामने बयान न दे सकें।महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति का इलाज सिटी हॉस्पिटल में चल रहा था। उसके पति को भी नकली रेमडीसीवीर इंजेक्शन लगाए गए जिससे उसकी मौत हो गई। और उस दिन पुलिस के आने की कुछ घंटे पहले ही आईसीयू में भर्ती कम से कम पांच मरीजों की अचानक एक साथ बेहद संदिग्ध तरीके से मौत हो गई थी।

पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति का इलाज सिटी हॉस्पिटल में चल रहा था। उसके पति को भी नकली रेमडीसीवीर इंजेक्शन लगाए गए जिससे उसकी मौत हो गई। और उस दिन पुलिस के आने की कुछ घंटे पहले ही आईसीयू में भर्ती कम से कम पांच मरीजों की अचानक एक साथ बेहद संदिग्ध तरीके से मौत हो गई थी।

पीड़ित महिला ने जानकरी देते हुए कहा कि उसके पति को 1 मई को कोरोना के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था और 7 मई तक उसकी वीडियो काल के माध्यम से लगातार बात हो रही थी। फिर 9 मई को अस्पताल प्रबंधन ने बताया उसके पति की मौत हो गई है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं दी बल्कि इलाज के नाम पर साढे तीन लाख रुपए भी ले लिए।

दरअसल पीड़ित महिला ने सरबजीत सिंह मोखा के खिलाफ हत्या के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मामले को देख रहे एडिशनल एसपी रोहित काशवानी ने पीड़ित महिला को उचित जांच का आश्वासन दिया है।

भोपाल के सरकारी अस्पताल में वार्ड बॉय ने किया महिला मरीज के साथ रेप, अगले दिन हो गई मरीज की मौत

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राजधानी के भोपाल मेमोरियल अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज के साथ वार्ड बॉय ने रेप की घटना को अंजाम दिया है। जानकारी मिली है कि अगले दिन उस महिला मरीज की मौत हो गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन पीड़िता के परिवार को रेप की जानकारी नहीं दी है।

दरअसल पुलिस ने इस मामले में रेप का मामला दर्ज किया है। वहीं रेप की घटना के बारे में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस ने परिवार को अब तक जानकारी नहीं दी है। साथ ही परिवार के लोगों से रेप की बात छिपाते हुए पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। ये भी बताया जा रहा है कि आरोपी वार्ड बॉय पर एक नर्सिंग के छात्रा ने भी रेप का आरोप लगाया था।

बता दे कि आरोपी ने चेक करने के बहाने के महिला के साथ जबरदस्ती की थी। वहीं अब सवाल उठ रहे है कि पुलिस और अस्पताल के लोगों ने इस घटना की जानकारी उसके परिवार के लोगों को क्यों नहीं दी।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के कई शहरों में वार्ड बॉय की करतूतों से शर्मसार होना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले ग्वालियर में भी वॉर्ड बॉय ने रेप की कोशिश की थी। और इंदौर में भी एक वॉर्ड बॉय पर छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ है।

भोपाल के वैक्सीनशन सेंटर पर हो रहा है नियमों का उल्लंघन, तोड़ी जा रही है कोरोना की गाइडलाइन

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मध्य प्रदेश में कोरोना टीकाकरण के इंतजाम को लेकर सरकार गलत साबित हो रही है। देखा जा रहा है कि वैक्सीन के लिए लोग लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे है। ऐसा ही मंजर भोपाल के एक वैक्सीनेशन सेंटर पर देखने को मिला जहां लोगों की भारी भीड़ देखी गई।

दरअसलभोपाल के 2 स्टॉप स्तिथ नवीन स्कूल वैक्सीनेशन सेंटर है। वहां लोगों की भीड़ दखने को मिली है। ऐसे में प्रशासन की लापरवाही और अव्यवस्थाओं का अंदाजा लगा सकते है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइडलाइन का भी उल्लंघन होता दिखाई दिया है।

बता दे कि राज्य सरकार ये चाहती है कि अधिक से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन हो सके। जिससे लोग संक्रमण के खतरे से बच सके। लेकिन शासन और प्रशासन की इस लापरवाही से जनता को संक्रमण का मुख्य खतरा बन जाता है।