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एक दंगे में मोदी बने दुश्मन तो 457 दंगे होने के बाद भी मुलायम सिंह मसीहा कैसे ..?

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Newbuzzindia: राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के चेयरमैन मौलाना आमिर रशादी मदनी ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों मुस्लिमों को सिर्फ अपना वोट बैंक समझते हैं।

आमिर रशादी ने कहा कि, गुजरात में एक दंगा कराने के बाद मोदी मुसलमानों के दुश्मन बन गए। जबकि मुलायम और उनके शाहबजादे (अखिलेश) के राज में 457 बड़े दंगे हुए फिर भी मुल्ला मुलायम मुस्लिमों के मसीहा बने हुए है।

उन्होंने राजनैतिक पार्टियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने सेकुलरिज्म और कम्युनलिज्म के नाम पर सिर्फ मुसलामानों को ठगा है। उन्होंने कहा कि कुछ दल बीजेपी के नाम का डर दिखाकर मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सालों से इन पार्टियों ने बीजेपी का डर दिखाकर मुस्लिमों को ठगने का काम किया है। रशादी ने आरोप लगाते हुए कहा कि वे मुसलमानों के सच्चे हमदर्द नहीं हैं। वे सिर्फ उनका इस्तेमाल अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने के लिए करते हैं।

रशादी ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा अब मुसलमान इनका वोट बैंक नहीं बनेगा। उन्होंने नारा देते हुए कहा कि, ‘अब मुसलमान नहीं रहेगा दरबार में, वह रहेगा अब सरकार में. उन्होंने कहा कि अब हिंदू-मुस्लिम एकता का नारा नहीं मुस्लिम-हिंदू एकता का नारा चलेगा।

रशादी ने कहा कि अगर मुसलमान, ब्राह्मण, भूमिहार और राजपूत एक हो जाए तो उसे कोई नहीं हरा सकता। यह ऐसा वोट बैंक होगा जो यादवों पर बहुत भारी पड़ेगा।

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मिशन उत्तरप्रदेश 2017 : अमित शाह ने बनाई रणनीति , मई आखरी से उत्तर प्रदेश में डालेंगे डेरा !

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Newbuzzindia: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह के लिए यह चुनाव बेहद अहम है। सूत्रों के मुताबिक, मिशन 2017 के लिए उन्‍होंने अभी से कमर कस ली है।

अगले महीने के अंत से वह लखनऊ में डेरा डाल लेंगे। उन्होंने करीबी नेताओं ने इसके संकेत दे दिए हैं। हाल ही में उन्होंने करीबी नेताओं से कहा कि वे मई से यूपी के सियासी मैदान में डट जाएं।

अमित शाह के रणनीतिकारों को इस बात का पूरा अहसास है कि यूपी बीजेपी के क्षेत्रीय क्षत्रपों को संभालना नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के बूते की बात नहीं है।

सूत्र बताते हैं कि असम चुनाव के दौरान प्रदेश के दौरे पर गए अमित शाह ने वहां के प्रभारी महेंद्र सिंह से भी चुनाव खत्म होने के बाद यूपी में मोर्चा संभालने को कहा है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि अमित शाह नए प्रदेश अध्‍यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को पार्टी नेताओं का समर्थन दिलाने के लिए भी जुटे हैं। वह अमित शाह की रणनीति का अहम हिस्‍सा हैं।

शायद यही कारण रहा कि उनकी नियुक्ति की भनक यूपी प्रभारी ओम माथुर तक को नहीं लगी। अब यह तो वक्‍त ही बताएगा कि तमाम वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर मौर्य पर खेला गया अमित शाह का दांव कितना सटीक बैठता है।

वैसे जिस प्रकार से बीएसपी सुप्रीमो ने नए प्रदेश अध्‍यक्ष मौर्य पर हमला बोला है, उसे देखकर पार्टी के रणनीतिकार खुश हैं।

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यूपी में फिर उठी प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार बनाने के मांग ।

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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर यूपी में होने वाली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कमान संभालेंगे. खबरों के अनुसार उन्होंने प्रियंका गांधी को यूपी के सीएम उम्मीदवार के रूप में पेश करने का सुझाव दिया था.

प्रशांत किशोर के सुझाव की खबर के बाद राज्य के कांग्रेसी नेता भी जोरशोर से इस मांग को उठाने लगे हैं. वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेता प्रियंका के आने से यूपी कांग्रेस की स्थिति में किसी बड़े परिवर्तन की संभावना से इनकार करते हैं.

हाल ही में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अपने लखनऊ दौरे में कहा था कि अगर प्रियंका गांधी सक्रिय राजनीति में आती हैं तो इससे पार्टी को बड़ा लाभ होगा.

दिग्विजय ने ये भी कहा कि कांग्रेस के हर ज़मीनी कार्यकर्ता की यही इच्छा है. यहां तक की यूपी कांग्रेस के नेता भी लगभग हाथ जोड़े इसकी मांग कर रहे हैं.

पंजाब चुनाव में साथ लड़ेंगे “स्वराज अभियान” और “आम आदमी पार्टी” ? चुनाव पूर्व साथ आ सकते है पुराने दोस्त..

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Newbuzzindia : राजनीति में कोई भी दोस्ती या दुश्मनी स्थाई नही होती । यह कहावत फिरसे सच होती दिखाई दे रही है । पंजाब में विधान सभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे है राजनीति तेज होती जा रही है । इसी कड़ी में खबर आ रही है की योगेन्द्र यादव और प्रशांत यादव का “स्वराज अभियान” अरविन्द केजरीवाल की “आम आदमी पार्टी” के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते है ।

गौरतलब है की 2017 में पंजाब विधानसभा चुनाव होने है । एक अंग्रेजी वेबसाइट ने सूत्रों के हवाले से कहा है की दोनों “स्वराज अभियान” और आम आदमी पार्टी का मानना है की अलग-अलग चुनाव लड़ने से दोनों ही पार्टियों को नुक्सान झेलना पड़ सकता है । साथ ही दोनों पार्टियों द्वारा लड़ी जा रही भ्रष्टाचार विरोधी लड़ाई को भी धक्का लग सकता है ।

दोनों ही दलों का मानना है की बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन को भी इसका फ़ायदा मिल सकता है । हालांकि अभी तक इस बात की कोई औपचारिक पुष्टि नही की गई है लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर है की इस मुद्दे पर अरविन्द केजरीवाल और योगेन्द्र यादव के बीच बात हो चुकी है ।

दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल ने पहले भी कहा था की अगर प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव पुरानी बातो को भुलाकर साथ आते है तो उनका स्वागत किया जाएगा । केजरीवाल ने यहाँ तक कहा था की पार्टी द्वारा निलंबित 2 सांसदों को भी पार्टी में वापसी की जा सकती है ।

खबर है की अब केजरीवाल भी आम आदमी पार्टी के पुराने नेताओं से रोज रोज लड़कर परेशान हो चुके है । दूसरी ओर प्रशांत भूषण ने भी दोनों पार्टी के मिलाप पे शंका जताते हुए कहा है की इससे दोनों पार्टियों को फायदा ही होगा ।

देखना दिलचस्प होगा की 2017 में होने वाले चुनाव में कितने गठबंधन बनते है और कितने टूटते है ।

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दुनिया के 50 महान नेताओं की लिस्ट से मोदी हुए आउट । केजरीवाल ने मारी बाजी..

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हाल में ही ‘फॉर्च्यून’ पत्रिका ने दुनिया के 50 ‘ग्रेटेस्ट लीडर्स’ यानी महान नेताओं की लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्थान बनाया है।

केजरीवाल के महान नेताओं में 42वें स्थान पर जगह दी गई है। हालांकि इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी का नाम नहीं है। पिछले साल मोदी इस लिस्ट में पांचवें स्थान पर थे।

लिस्ट पर गौर करें तो पहले नंबर पर एमजॉन के कार्यकारी अध्यक्ष जेफ बेजोस हैं। जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल को इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर जगह दी गई है।

म्यांमार में सैन्य शासन खत्म करके 50 साल में पहली बार असैनिक राष्ट्रपति के चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाली आंग सान सू ची को तीसरा स्थान मिला है।

पीएम मोदी लिस्ट से हुए बाहर

दिल्ली में ऑड-ईवन स्कीम की सफलता के चलते महान नेताओं की लिस्ट में अरविंद केजरीवाल को जगह दी गई। फॉर्च्यून की वेबसाइट पर केजरीवाल की गले में मफलर लपेटे तस्वीर छापी गई है।

ये तस्वीर दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान की है। जब केजरीवाल अपना नामांकन दाखिल करने जा रहे थे। उस समय उन्होंने मफलर लपेट रखा था।

वेबसाइट पर केजरीवाल की तस्वीर के साथ लिखा है कि जब उन्होंने ऑड-ईवन का फॉर्मूला दिया था, तब कईयों को उनके इस योजना के कामयाब होने पर संदेह था।

हालांकि उन्होंने इस चुनौती न केवल कबूल किया बल्कि इसे कामयाबी से लागू किया। उनकी इस योजना के चलते दिल्ली में वायु प्रदूषण में 13 फीसदी की कमी आई थी।

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“जमीन घोटाले” पर अनार पटेल ने दी सफाई , कहा मेरा इन कंपनियों से कोई नाता नही । कोई भी करे जांच

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Ahmadabad: गुजरात में बीजेपी सरकार की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और उनकी बेटी अनार पटेल पर वैसे ही आरोप लग रहे हैं जैसा आरोप सोनिया गाँधी और उनके दामाद राबर्ट वाड्रा पर बीजेपी ने लगाए थे। राबर्ट वाड्रा पर आरोप थे कि उन्होंने किसानो से सस्ती जमीन खरीदकर उसे मंहगे दामों में बेचकर एक ही वर्ष के अरबों के मालिक बन गए जबकि अनार पटेल पर आरोप हैं कि उन्होंने सरकार से सस्ते दामों के जमीन लेकर उसे अपने बिजनेस पार्टनर को टूरिस्ट प्लेस (रिजॉर्ट) बनाने के लिए सस्ते दामों में दे दिया। जमीन देने के पांच साल भी यहाँ पर कोई रिजॉर्ट नहीं बनाया गया और सरकारी जमीन को दुरूपयोग किया गया।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इस मामले में गुजरात बीजेपी, मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के साथ साथ प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा है। जिस वक्त अनार पटेल को जमीन दी गयी थी उस वक्त मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे जबकि आनंदीबेन पटेल रेवेन्यू मंत्री थीं। जमीन देने का काम भी रेवेन्यू विभाग ने किया था। उस वक्त की रेवेन्यू मंत्री आनंदीबेन पटेल पर अपनी बेटी को फायदा पहुँचाने के आरोप लग रहे हैं। इससे गुजरात बीजेपी पर सवालिया निशान उठ रहे हैं।

आरोपों की पूरी खबर

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक, गुजरात में अमरेली जिले में आने वाले गिर सैंक्चुअरी (पशु विहार) के पास 400 एकड़ की जमीन पर एक कंपनी Wildwoods Resorts and Realities का कब्ज़ा है। इस कंपनी के प्रमोटर्स दक्षेस शाह और अमोल शिप्रल सेठ हैं। ये दोनों अनार की कंपनी ‘Anar Projects’ में बिजनेस पार्टनर हैं.
इस कंपनी की 250 एकड़ जमीन को वर्ष 2010-11 में सिर्फ 15 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर में खरीदा गया था.
उस वक्त मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, आनंदीबेन पटेल रेवेन्यू मंत्री थीं, जमीन अलाटमेंट का काम रेवेन्यू विभाग ने ही किया था.
आरोपों के मुताबिक कंपनी Wildwoods Resorts and Realities ने 172 एकड़ खेती वाली जमीन और खरीदी और इसका लैंड यूज बदलने के लिए सरकार से परमिशन भी ले लिया.
पांच साल बाद भी इस जमीन पर कोई रिजॉर्ट नहीं बना है.
अनार पटेल पर सिर्फ क्यूँ लग रहे आरोप

जानकारी के अनुसार Wildwoods Resorts and Realities के पार्टनर दक्षेस शाह अनार पटेल की कंपनी रेलीज फार्मा में भी 50 परसेंट के मालिक हैं। इसके अलावा ‘अनार प्रोजेक्ट्स’ में भी भी दोनों डायरेक्टर हैं।

कांग्रेस क्या लगा रही आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अनार पटेल के बिजनेस पार्टनर की कंपनी को सिर्फ डेढ़ करोड़ में जमीन दे दी गयी जबकि इस का मार्केट प्राइस 125 करोड़ है। इसके अलावा लैंड यूज भी बदला गया है और जिस काम के लिए जमीन ली गयी थी वह काम भी नहीं किया गया है।

अनार पटेल ने क्या दी सफाई

गुजरात बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी पर जमीन घोटाले के सनसनीखेज आरोप लगने से अनार पटेल को इस मामले में सफाई देनी पड़ी। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर कहा ‘मेरा Wildwoods Resorts and Realities, Anil Infraplus और Parshvatexchem कंपनियों से कोई रिश्ता नहीं है, मै ना तो इसकी शेयरधारक हूँ और ना ही डायरेक्टर। कोई भी इस बात की जांच कर सकता है।

उन्होंने कहा कि दक्षेश भाई मेरे बिजनेस पार्टनर हैं इसका यह मतलब नहीं है कि मै भी उनकी कंपनी की बिजनेस पार्टनर हूँ। वे अपने आप बिजनेसमैन बने हैं और पिछले 22 वर्षों से बिजनेस कर रहे हैं।

हमने अनार प्रोजेक्ट कंपनी को 7 साल पहले शुरू किया था और हमने कभी भी किसी सरकारी संस्था से कोई मदद नहीं ली। हमने हमेशा नियमों का पालन किया है। ऐसे आरोप लगाए जाने से मुझे दुःख हुआ है। मै किसी से फेवर लेने के बजाय खुद में विश्वास करती हूँ।

उन्होंने कहा कि ‘मैंने और मेरे पति ने 22 वर्षों तक समाज सेवा की है। मेरे पति ने साफ़ सफाई के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मैंने अपने परिवार की जरूरत पूरा करने के लिए एमबीए किया और बिजनेस करने लगी। आज मै बहुत दुखी हूँ।

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