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जब इंदिरा गांधी ने कहा- मुझे चिंता नहीं मैं रहूं या न रहूं, मेरे खून का एक-एक कतरा देश को मजबूत करेगा

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आज ही के दिन 31 अक्टूबर 1984 को आयरन लेडी कही जाने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उन्हीं के अंगरक्षकों द्वारा गोली मार ह्त्या कर दी गई थी. कहा जाता है कि इंदिरा गांधी को अपने मृत्यु का पूर्वाभास हो गया था. यही कारण था कि 30 अक्टूबर की रात इंदिरा गांधी ठीक से सो भी नहीं पाई थी.

30 अक्टूबर का वो भाषण

भुवनेश्वर के परेड ग्राउंड में 30 अक्टूबर को एक चुनावी सभा के दौरान इंदिरा गांधी ने अपने सूचना सलाहकार एच वाई शारदा प्रसाद का लिखा हुआ भाषण पढ़ते हुए बीच में छोड़कर दूसरी बातें बोलना शुरू कर दी थीं. उस भाषण में आयरन लेडी ने कहा, ‘मैं आज यहां हूं. कल शायद यहां न रहूं. मुझे चिंता नहीं मैं रहूं या न रहूं. देश की चिंता करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है. मेरा लंबा जीवन रहा है और मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपना पूरा जीवन अपने लोगों की सेवा में बिताया है. मैं अपनी आखिरी सांस तक ऐसा करती रहूंगी और जब मैं मरूंगी तो मेरे ख़ून का एक-एक क़तरा भारत को मजबूत करने में लगेगा.’

इंदिरा गांधी को आखिरी रात नींद नहीं आई

इंदिरा गांधी की बहू सोनिया गांधी के मुताबिक 30 अक्टूबर 1984 की रात इंदिरा जी को नींद नहीं आई थी. जब सोनिया गांधी अपने दमे की दवाई लेने के लिए रात को उठी तो इंदिरा गांधी जाग रही थीं. उन्होंने सोनिया की दवाई खोजने में सहायता भी की और कहा कि अगर रात में कोई दिक्कत हो तो आवाज देना.

राहुल, सोनिया और मनमोहन सिंह ने दी श्रद्धांजलि

इंदिरा गांधी के पुण्यतिथि पर राहुल गांधी,सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह समेत कई कोंग्रेसी नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.

भारत के पहले और विश्व के 138 वें अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा से इंदिरा गांधी की बातचीत

भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवालों से भागे संबित पात्रा

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के सिलसिले में राजधानी भोपाल पहुंचे बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने भोपाल स्थित नेशनल हेराल्ड की बिल्डिंग के सामने प्रेस कांफ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर जमकर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि, ‘हमारे पास गांधी परिवार की सच्चाई सामने लाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं. मध्यप्रदेश के लोगों को गांधी परिवार का असली चेहरा देखना चाहिए.’

राहुल गांधी और सोनिया गांधी जमानत पर हैं बाहर

कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने आगे कहा कि, ‘नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों ही 50,000 के मुचलके पर बाहर घूम रहें है. यह दोनों ही जेल से कुछ कदम दूर हैं.’ वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने जमकर हंगामा किया. उन्होंने बीजेपी पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सड़क किनारे निजी जमीन पर प्रेसवार्ता कर रही है.

पत्रकारों के सवालों से भागते दिखे पात्रा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सवाल-जवाब के लिए भी समय दिया गया था. लेकिन जब पत्रकारों ने सवाल पूछना शुरू किया तो पात्रा ने चुनिंदा सवालों का ही जवाब दिया. बाकी सवालों से भागते नजर आये. बता दें कि संबित पात्रा नेशनल हेराल्ड मामले पर भोपाल एम.पी नगर स्थित विशाल मेगा मार्ट के सामने ये प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे.

दशहरे के बाद जारी होगी कांग्रेस की सूची

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तीन दिवसीय कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक दिल्ली में चल रही है। जिसमें मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 71 सीटों पर प्रत्योशियों के सिंगल नाम तय कर लिए गए हैं। जिनकी घोषणा कांग्रेस जल्द ही कर सकती है। दिल्ली स्थित सोनिया गांधी के निवास पर लगातार बैठकों का सिलसिला जारी है। जिसमें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष सिंधिया, प्रदेश प्रभारी दिपक बावरिया, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समेंत कई वरिष्ट नेता मौजूद थे।


बैठक के बाद लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल :-
चुनाव समिति की बैठक के बाद देर रात ही सोशल मीडिया पर 230 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम वाली एक लिस्ट तेजी से वायरल हो रही है। जिसमें कमलनाथ, अजय सिंह और दिग्विजय के करीबियों के नाम भी शामिल हैं। पर कांग्रेस की तरफ से इसे भाजपा की साजिश बताया जा रहा है। चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सिंधिया ने भी इस लिस्ट को गलत बताया है। साथ ही सिधिंया ने अगली बैठक के बाद प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करनी की बात कही है।


टिकट वितरण प्रक्रिया :-
टिकटों के लिए बहुत से प्रत्याशियों के नामों की सिफारिशें की गई थी, पर कांग्रेसी नेताओं ने बहुत माथापच्ची करने के बाद सबसे पहले पिछले चुनाव में कम अंतर से हारने वाले नेताओं को टिकट देने की रणनीति बनाई, साथ ही कांग्रेस के बड़े नामी नेताओं जो वर्तमान में विधायक हैं, उनके नामों पर मोहर लगा दिया गया है। बाकि की सीटों पर बाद में निर्णय लिया जाएगा।


बैठकों में दिग्विजय नहीं रहे मौजूद :-
मध्यप्रदेश के टिकट वितरण में सिंधिया और कमलनाथ आगे नजर आ रहे हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह टिकटों के वितरण प्रक्रिया से दूर नजर आ रहें हैं। हाल ही में सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में दिग्विजय कहते नजर आ रहें है कि, उनके भाषण देने से कांग्रेस के वोट कट जाते है, साथ ही बड़े पदाधिकारियों ने उन्हें जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ काम करने की जिम्मेदारी दी है।

कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन के लिए आज से CEC की बैठक, मौजूदा विधायकों पर लग सकती है मोहर

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विधानसभा चुनाव के लिए आज कांग्रेस में प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लग सकती है। दिल्ली में सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के इस बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम सुनिश्चित होने हैं। इस बैठक में सोनिया गांधी,राहुल गांधी के अलावा कमलनाथ, सिंधिया, अजय सिंह और दिग्विजय सिंह हिस्सा ले रहे हैं।

आज आ सकती है छत्तीसगढ़ चुनाव के पहले चरण की सूची

चुनाव आयोग ने छतीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी है। 23 अक्टूबर को नामंकन का आखिरी तारीख तय किया गया है। बता दें कि पहले चरण में बस्तर संभाग की 12 व राजनांदगांव जिले की सभी छह सीटों के लिए चुनाव होने हैं। जिसमें एक तरफ अजीत जोगी (जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़), बसपा और सीपीआई गठबंधन है तो दूसरी तरफ राजनांदगांव से खुद मुख्यमंत्री रमन सिंह चुनाव लड़ते आ रहे हैं। वहीं कांग्रेस को भी ऐसे बड़े चेहरे के रूप में प्रत्याशी का चुनाव करना होगा जो अजीत जोगी और रमन सिंह जैसे नेताओं को टक्कर दे सके। बैठक में मौजूदा सिंगल विधायकों पर भी मुहर लगने की सम्भावना ज्यादा है।

मध्यप्रदेश में सपा और गोंडवाना से समझौता की एक और कोशिश

वहीं गठबंधन करने से दुरी बना चुके समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अध्यक्ष हीरा सिंह से भी मुलाकात होने की सम्भावना है। कहा जा रहा है कि गठबंधन को लेकर एक और कोशिश की जा सकती है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जन्मदिन पर करते थे ईश्वर से प्रार्थना,चरखा चलाते थे और रहते थे मौन

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 150वी जयंती है, जिसे जोरों-शोरों से देश मना रहा है। इस अवसर पर देश के हिस्सों में कार्यक्रम होंगे। भारतीय जनता पार्टी भी इस बार गांधी जयंती पर बड़ा आयोजन कर रही है। 15 दिन पहले शुरू किया गया BJP का ‘स्वच्छता ही सेवा’ कैंपेन आज खत्म होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी समेत कई अन्य बड़े नेताओं ने भी वहां पहुंच श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कार भी दिया जाएगा। जिसके बाद शाम को गांधी स्मृति पर प्रार्थना का आयोजन किया जाएगा। आपको बता दें कि महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में एक हिंदू-गुजराती मोध बनिया वैश्य परिवार में हुआ था। उनके माता पिता ने उनका नाम मोहनदास करमचंद गांधी रखा था। उनके जन्म के 5 साल बाद उनका परिवार पोरबंदर से राजकोट आ गया। जब गांधी 9 साल के हुए तब राजकोट में उन्हें उनके घर के नजदीकी स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा गया। जब वो 11 साल के हुए तब उन्होंने राजकोट के हाई स्कूल में जाना शुरू किया था।

जन्मदिवस पर ज्यादातर समय मौन रहते थे गाँधी जी

आज से 100 साल पहले, जब वर्ष 1918 में गांधीजी ने अपना जन्मदिन मनाने वालों से कहा था ‘मेरी मृत्यु के बाद मेरी कसौटी होगी कि मैं जन्मदिन मनाने लायक हूं कि नहीं’.” देशभर में फैलीं गांधीवादी संस्थाओं की मातृ संस्था, गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष, रामचंद्र राही ने कहा, “यह गंभीर दिन होता था, इस दिन वह ईश्वर से प्रार्थना करते थे, चरखा चलाते थे और ज्यादातर समय मौन रहते थे। किसी भी महत्वपूर्ण दिन को वह इसी तरह मनाते थे। लेकिन सरकार आज गांधी जयंती पर तरह-तरह के समारोह आयोजित कर रही है, चारों तरफ हंगामा है, पूरे सालभर कार्यक्रम चलने हैं।

इसपर राही ने कहा, ‘सरकार तो कोई भी आयोजन अपने मतलब से करती है। उसे गांधी के विचारों से कुछ लेना-देना नहीं है। सरकार अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए गांधी के नाम का इस्तेमाल करती है उन्होंने कहा, ‘अगर सरकार सचमुच गांधी का जन्मदिन मनाना चाहती है तो उसे गांधी के विचारों पर समाज को आगे ले जाने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन इसका लक्षण नहीं दिखता, वर्तमान सरकार गांधी को और गांधी के जन्मदिन को सफाई के साथ जोड़ती है।’

गांधी जयंती के उपलक्ष्य में सरकार की तरफ से स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस पर राही ने कहा, ‘अगर सफाई के बारे में सोचें तो पहला काम यह होना चाहिए कि देश में सफाई करने वालों को ऐसी सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए, जिससे उन्हें गटर में उतर कर सफाई न करनी पड़े। सफाईकर्मियों को मृत्यु के मुंह में धकेलना सरकार के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा, ‘सफाई महत्वपूर्ण काम है, लेकिन जबतक भारत में सफाईकर्मी एक खास समूह में रहेगा, उसके जीवन को कोई सुरक्षा नहीं मिल सकेगी। यह समाज के माथे पर कलंक है, यह कलंक नहीं मिटेगा, तो गांधी जयंती मनाने से कुछ नहीं होगा।

Live: बसपा सुप्रीमो मायावती की जेडीएस को सलाह, कांग्रेस के साथ मिलकर बनाए सरकार।

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bsp chief mayawati

Live Update: बीएसपी प्रमुख मायावती ने कर्नाटक में अपने गठबंधन सहयोगी जेडीएस के नेता एचडी देवगौड़ा से बात कर उन्हें सलाह दी है कि जेडीएस और कांग्रेस साथ मिलकर कर्नाटक में सरकार बनाएं

कर्नाटक चुनाव: बहुतमत से पिछड़ी बीजेपी, कांग्रेस के साथ मिलकर जेडीएस बना सकती है सरकार।

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कर्नाटक चुनाव में अभी तक आए नतीजो के अनुसार किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुतमत नही मिल रहा है। ऐसे जेडीएस जिसे भी समर्थन देती है उस पार्टी की सरकार कर्नाटक में बनेगी। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी ने जेडीएस प्रमुख एच डी देवेगौड़ा से फोन पर बात की है और सिद्दारमैया की जगह किसी और को मुख्यमंत्री बनाने का आफर दिया है।

हिंदी न्यूज़ वेबसाइट FirstPost के अनुसार JDS ने कांग्रेस का ऑफर स्वीकार कर लिया है. दोनों पार्टियां अब राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा करने वाली हैं।

एग्जिट पोल के बाद देवगौड़ा ने बयान दिया था कि अगर कांग्रेस किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाती है तो वह कांग्रेस को समर्थन दे सकती है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद के लिए मलिकार्जुन खड़गे का नाम आगे किया होगा।

जरूर पढ़ें – जेडीएस के बयान के बाद कर्नाटक में बड़ी कांग्रेस की सरकार बनने की संभावनाएं

कांग्रेस ने जेडीएस को सरकार बनाने का ऑफर दिया

https://twitter.com/ANI/status/996320637332275200?s=19

5 Points: कांग्रेस की कमान संभालने के बाद राहुल गांधी और सोनिया गांधी का भाषण !

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राहुल गांधी ने आज 16 दिसंबर की सुबह पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौजूदगी में कांग्रेस की कमान अपने हाँथ में ली। कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालने के बाद राहुल गांधी के सामने कई चुनौतियां है और एक लंबी लड़ाई है। 
राहुल गांधी के सामने सभी बड़ी चुनौती है जनता के बीच एक बार फिर कांग्रेस के प्रति विश्वास पैदा करना, विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते जनता से जुड़े मोडडे उठाना, पूरे विपक्ष को एकजुट करना और सरकार के खिलाफ मजबूती से खड़े रहना। ऐसे में अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी का पहला भाषण काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।

राहुल के भाषण की प्रमुख 5 बातें –

  • देश में हिंसा का दौर लगातार जारी है, इससे देश की छवि खराब हो रही है..
  • एक बार आग लग जाती है तो उसे बुझाना बहुत मुश्किल होता है और यही हम भाजपा के लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं..
  • मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि हम हिंदुस्तान की सबसे पुरानी पार्टी को आने वाले समय में सबसे पुरानी युवा पार्टी बनाना चाहता हूं.. 
  • मैं कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को आश्वासन देना चाहता हूं कि आप सब मेरा परिवार हो..
  • बीजेपी के लोग हमें मिटाना चाहते है, लेकिन हम ऐसा नही सोचते, हम नफरत का मुकाबला नफरत से नही प्यार से करते है..

सोनिया गांधी के भाषण के 5 प्रमुख बातें-

  •  कांग्रेस अध्यक्ष निर्वाचित होने पर मैं राहुल को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और आशीर्वाद देती हूं..
  • एक नया दौर, एक नये नेतृत्व की उम्मीद, राहुल गांधी आपके सामने है..
  • 20 साल पहले जब में राष्ट्रीय अध्यक्ष बानी तो में भी थोड़ी नर्वस थी पर धीरे धीरे मैं इस परिवार का हिस्सा बन गई..
  • मुझे इस देश की संस्कृति और विरासत इंदिरा गांधी से मिली है..
  • कांग्रेस पार्टी के लाखों कार्यकर्तागण इस पूरी यात्रा में मेरे हमसफर रहे हैं मैंने आपसे जो सीखा उसकी कोई तुलना नहीं हो सकती..
  • हमने समाज के हर तबके का प्रतिनिधित्व और विकास किया, हमने ऐसे कानून बनाये जो जनता के अधिकारों पर आधारित थे..
  • राजनीति में आने पर राहुल ने ऐसे भयंकर व्यक्तिगत हमले का सामना किया जिसने उसे और निडर इंसान बनाया..
  • आज इस जिम्मेदारी को छोड़ते हुए आप सभी कांग्रेसजनों और देश के नागरिकों द्वारा दिये गये असीम प्यार और विश्वास के लिये तहेदिल से शुक्रिया अदा करती हूं..

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और वर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी के भाषण से के बातें साफ हो जाती है जैसे-

  • कांग्रेस पार्टी के इतिहास में यह सबसे बड़े बदलाव की शुरुआत है..
  • राहुल गांधी बहुत जल्द के बड़े फैसले लेने वाले है..
  • राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी नफरत की राजनीति से दूर रहेगी..
  • राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में युवाओं को बेहतर मौका मिलेगा..
  • भाजपा से हटकर कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं को बराबर सम्मान मिलेगा..
  • बहुत जल्द राहुल गांधी अपनी नई टीम बनाएंगे जिसमे युवा और वरिष्ठ नेता दोनो शामिल रहेंगे..

प्रधानमंत्री मोदी गुजरात की जनता को भय के भंवर में फंसा कर रखना चाहते हैं : रविश कुमार

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क्या प्रधानमंत्री मोदी गिरिराज सिंह हो गए हैं
“पाकिस्तान के रिटायर्ड आर्मी जनरल अरशद रफ़ीक़ कहते हैं कि सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। पाकिस्तान का वरिष्ठ आर्मी अफसर गुजरात चुनावों में अपना दिमाग़ क्यों लगाएगा? पाकिस्तान का एक डेलिगेशन मणिशंकर अय्यर के घर मिला था, अगर दिन उन्होंने गुजरात के समाज का अपमान किया, गरीबों और मोदी का अपमान किया। क्या ये बातें चिंता पैदा नहीं करती हैं, सवाल खड़े नहीं करते हैं, कांग्रेस को जवाब देना चाहिए” 


अख़बारों में छपा है कि बनासकांठा में प्रधानमंत्री ने ऐसा कहा है। प्रधानमंत्री अब गुजरात के सामने अहमद पटेल का भूत खड़ा कर रहे हैं। गुजरात की जनता को भय के भंवर में फंसा कर रखना चाहते हैं ताकि वह बुनियादी सवालों को छोड़ अहमद पटेल के नाम पर डर जाए। क्यों डरना चाहिए अहमद पटेल से? क्या इसी इस्तमाल के लिए राज्यसभा में अहमद पटेल को जीतने दिया गया? अहमद पटेल बार बार कह चुके हैं कि वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं, कांग्रेस ने भी ऐसा नहीं कहा है। 
क्या प्रधानमंत्री गुजरात की जनता को मुसलमान के नाम पर डरा रहे हैं? यह प्रधानमंत्री की तरफ से खेला गया सांप्रदायिक कार्ड है।  काश उन्हें कोई बताए कि भारत की जनता ने उनका हर शौक पूरा किया है, अब उसे सांप्रदायिकता की आग में न धकेलें। काश कोई उन्हें याद दिलाए कि आपने ही 15 अगस्त को 2022 तक सांप्रदायिकता मिटाने का भाषण दिया है। कोई संकल्प वंकल्प किया है। 
भारत में एक ही मुस्लिम मुख्यमंत्री है, महबूबा मुफ़्ती, वह भी बीजेपी के समर्थन से हैं। । अब तो उनके भाई भी कैबिनेट में आ गए हैं। परिवारवाद? फिर बीजेपी और मोदी अहमद पटेल का भूत क्यों खड़ा कर रहे हैं? विस्तार से बताने की ज़रूरत नहीं है। 
प्रधानमंत्री जानते हैं कि शब्द ज़रूरी नहीं हैं, शब्दों को इस तरह सजाकर कहा जाए कि उनसे एक छवि बने। उन्होंने अपनी बात इस तरह से कही है कि सामान्य जनता के मन में यह छवि पैदा हो जाए कि गुजरात चुनावों में पाकिस्तान दखलंदाज़ी कर रहा है।
 

इंडियन एक्सप्रेस ने मणिशंकर अय्यर के घर हुई रात्रि भोज के बारे में विस्तार से छापा है। 6 दिसंबर को मणिशंकर अय्यर के घर पर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री कसूरी के लिए रात्रि भोज हुआ था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व सेनाध्यक्ष दीपक कपूर, पूर्व विदेश मंत्री के नटवर सिंह, पूर्व राजनयिक टीसीए राघवन, शरत सभरवाल, के शंकर बाजपेयी, सलमान हैदर शामिल हुए थे। कसूरी अनंत नाम के एक थिंकटैंक के बुलावे पर भारत आए थे। भारत पाक संबंधों पर बोलने के लिए।
बीबीसी हिन्दी पर इस भोज में शामिल होने वाले पत्रकार प्रेम शंकर झा ने लिखा है कि सबको पता था कि कई लोग मणिशंकर अय्यर के यहां मिल रहे हैं। भोज के दौरान गुजरात चुनावों की कोई चर्च नहीं हुई, न ही अहमद पटेल का ज़िक्र हुआ। तो फिर प्रधानमंत्री को कहां से ये जानकारी मिली है?
कसूरी को यहां आने का वीज़ा भारत सरकार ने दिया होगा। वीज़ा क्यों दिया? जब पता चला तो कसूरी को अरेस्ट क्यों नहीं किया? क्या मोदी राज में इतना आसान हो गया है कि सत्तर पार और मुश्किल से चल फिर सकने वाले चंद लोग दिल्ली में जमा होकर तख़्ता पलटने की योजना बना लेंगे और  सुब्रमण्यण स्वामी ट्वीट करेंगे कि तख़्ता पलट की योजना तो नहीं? और इस योजना में भारत के ही पूर्व सेनाध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री शामिल होंगे? क्या भारत पाकिस्तान बन गया है?

 

पाकिस्तान से इतनी ही नफ़रत है तो शपथ ग्रहण समारोह में नवाज़ शरीफ़ को कौन बुलाया था, कौन अचानक बिना किसी योजना के पाकिस्तान पहुंच गया था? जवाब आप जानते हैं। मनमोहन सिंह तो अपने दस साल के कार्यकाल में एक बार भी पाकिस्तान नहीं गए। 
क्या प्रधानमंत्री को भी चुनाव आयोग की क्षमता पर शक होने लगा है? क्या उन्हें भी अमरीकी चुनावों की तरह हैक कर लिए जाने का अंदेशा हो रहा है? क्या उन्हें भी अब ईवीएम पर भरोसा नहीं है? फिर तो चुनाव रद्द करने की मांग करनी चाहिए। 
प्रधानमंत्री के इस बयान ने गिरिराज सिंह को ख़ुश कर दिया होगा। गिरिराज सिंह भले ही तीन साल में प्रमोट न हो सकें हो मगर उनका पाकिस्तान वाला जुमला उनसे प्रमोट होकर अमित शाह तक पहुंचा और अब अमित शाह से प्रमोट होकर प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंच गया है। 
19-20 अप्रैल 2014, गूगल यही तारीख़ बता रहा है जब गिरिराज सिंह ने कहा था कि जो मोदी का विरोध करते हैं, पाकिस्तान चले जाएं। न्यू इंडिया में विरोधियों को पाकिस्तान से जोड़ने की शुरूआत गिरिराज सिंह ने ही की। 
उस वक्त देवघर के एस डी एम और रिटर्निंग अफसर जय ज्योति शर्मा ने गिरिराज सिंह के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराई थी। चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में। उसका क्या हुआ, कौन पूछे। चुनाव आयोग का हाल आप जानते हैं। चुनाव आयोग अब शेषण और के जे राव का आयोग नहीं रहा। 

 

2014 के एक साल बाद 2015 के चुनाव में बिहार में अमित शाह ने कहा था कि अगर मोदी हार गए तो पाकिस्तान में पटाखे छोड़े जाएंगे। मोदी हार भी गए मगर पाकिस्तान में पटाखे नहीं छोड़े गए।
गिरिराज सिंह और अमित शाह के बाद प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान और अहमद पटेल के सहारे मुसलमान का भूत खड़ा कर रहे हैं। गिरिराज सिंह को बधाई। वे इस मामले में दो ताक़तवर नेताओं से भी सीनियर हो गए हैं।  
दोस्तों, आप चाहें जितने तर्क ले आइये मगर शक के नाम पर चल रही यह मुस्लिम विरोधी राजनीति सबको खोखला कर देगी। मुसलमान का डर दिखा कर हिन्दू नौजवानों को बर्बाद किया जा रहा है। उनसे कहा जा रहा है कि रोज़गार मत पूछो, पढ़ाई मत पूछो, अस्पताल मत पूछो, बस देखो कोई मुसलमान मुख्यमंत्री न बन जाए।  
लगातार हिन्दू नौजवानों की समग्र भारतीयता के बोध के दो टुकड़े किए जा रहे हैं। आख़िर सांप्रदायिकता की राजनीति किसे बर्बाद कर रही है? किसी आसमान से नहीं, आपके ही घरों से निकाल कर इस राजनीति के लिए लोग लाए जाने वाले हैं। सांप्रदायिकता आपको मानव बम में बदल देगी। नौजवानों को रोज़गार देने से अच्छा है उन्हें मानव बम में बदल दो। यही राजनीति चल रही है। 
अख़बारों ने भी छाप दिया है कि प्रधानमंत्री का इशारा कि गुजरात चुनावों में पाकिस्तान का हाथ है। अरे भाई गुजरात भारत में हैं, बर्मा में नहीं हैं। धानमंत्री वाक़ई कुछ भी बोलने लगे हैं। उन्हें लगता है कि लोगों ने अच्छा वक्ता मान लिया है इसलिए वे कुछ भी बोल सकते हैं।  

 

आदरणी प्रधानमंत्री मोदी, आप यह क्या कर रहे हैं? क्या प्रधानमंत्री जी आप गुजरात चुनाव हार रहे हैं? क्या  आप  गिरिराज सिंह हो गए हैं?

गुजरात चुनाव पर आया बड़ा सर्वे, इतनी सीटों के साथ बड़ी जीत के ओर बड़ रही कांग्रेस !

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गुजरात में जैसे जैसे चुनाव की तारीखें पास आ रही है वैसे वैसे वार पलटवार का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। सभी पार्टियां चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने गुजरात में एक इंटरनल सर्वे कराया है। कांग्रेस पार्टी के इस इंटरनल सर्वे के अनुसार भाजपा के गढ़ गुजरात में कांग्रेस पार्टी बड़ी जीत दर्ज कर रही है।

सर्वे के अनुसार कांग्रेस को गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 120 पर जीत मिल रही है। कांग्रेस पार्टी द्वारा कराए गए इस सर्वे के नतीजों के बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नया जोश आ गया है।

सोनिया गांधी के आवास पर हुई हाई लेवल मीटिंग

पीएम मोदी को उनके गृह राज्य में घेरने के एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर बैठक की। इस हाई प्रोफाइल बैठक में कांग्रेस गुजरात में भाजपा के किले को ढहाने के लिए अपने उम्मीदवारों के चयन की शुरुआत की है। हालांकि इसका ऐलान 15 तारीख को होगा।

सूत्रों के अनुसार लगभग 45 मिनट चली चुनाव समिति की इस बैठक में लगभग 70 उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाई गई है।
15 नवंबर को होगी घोषणा: भारत सिंह सोलंकी

गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष भारत सिंह सोलंकी का कहना है कि कांग्रेस इस बार गुजरात चुनावों में बड़ी जीत दर्ज करेगी और बीजेपी के गढ़ पर कब्जा करेगी। उम्मीदवारों की घोषणा पर भारत सिंह सोलंकी ने कहा कि उम्मीदवारों की घोषणा 15 नवंबर को की जाएगी।