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मध्यप्रदेश को मिली नई सौगात,भोपाल-इंदौर मेट्रो ट्रेन को मोदी कैबिनेट ने किया मंजूर

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विधानसभा चुनाव का ऐलान होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई भारत सरकार की मंत्री परिषद की बैठक में भोपाल-इंदौर मेट्रो ट्रेन को मंजूरी दे दी गई। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है।

सीएम शिवराज सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अपने प्रखर नेतृत्व व अनुकरणीय कार्यों द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विश्व में भारतवर्ष का मान बढ़ाया है। मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि कैबिनेट ने भोपाल में मेट्रो को मंजूरी दे दी है। यह 27.87 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें केंद्र और राज्य की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी। इस प्रॉजेक्ट पर 6,941.40 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा और 4 सालों में पूरा होगा।

इससे पहले मोदी सरकार ने नई समग्र मेट्रो नीति को मंजूरी दे दी थी और इसी के साथ मध्यप्रदेश में इंदौर और भोपाल मेट्रो के लिए रास्ता साफ हो गया था। नई नीति जारी होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया था कि नई नीति में राज्यों को ज्यादा अधिकार देने के साथ निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है। वहीं नीति में मौजूदा आठ फीसदी ‘फाइनेंशियल इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न” के बजाय 14 फीसदी का पैमाना तय किया है।

शर्मनाक: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूल की छत पर तिरंगे की जगह लगा भाजपा का झंडा ।

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सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता अब राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना भी भूल चुके हैं। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखमे बाद आपको भाजपा के तथाकथित राष्ट्रवाद की सच्चाई समझ आ जाएगी।

देशभर में विपक्ष को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा की पोल खोल रही यह तस्वीर है नरसिंहपुर के सरकारी विद्यालय की। जहां तिरंगे की जगह विद्यालय की छत पर भाजपा का झंडा लगा दिया गया।

किसान व स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वैंकैया द्वारा डिज़ाइन किया गया तिरंगा देश की आजादी का प्रतीक है। इसमें शामिल केसरिया, सफेद और हरे रंग का अपना महत्व है। केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है।सफ़ेद रंग सच्चाई, शांति और पवित्रता का प्रतीक है। वहीं हरा रंग सन्पन्नता का प्रतीक है।

ऐसे में देश की आजादी का प्रतीक तिरंगे की जगह विद्यालय में पार्टी का झंडा फहराकर भाजपा छात्रों का क्या पाठ पढ़ाना चाहती है ? क्या मोदी जी के New India और मामा शिवराज के नया एमपी में तिरंगे का स्थान भाजपा का झंडा ले लेगा ?

शिवराज सरकार की इस हरकत के बाद विपक्ष ने भी भाजपा पर हमला बोलना शुरू कर दिया है।

दिग्विजय के गढ़ में भाजपा की करारी हार, कांग्रेस ने लहराया परचम !

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दिग्विजय के गढ़ में भाजपा की करारी हार

मध्यप्रदेश में दिग्विजय के गृह क्षेत्र राघौगढ़ में नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस बड़ी जीत की तरफ बढ़ रही है. अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की आरती महेंद्र शर्मा ने निर्णायक बढ़त बना ली है. वार्डों में पार्षद प्रत्याशी के चुनाव में भी अधिकांश जगहों पर कांग्रेस के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं.

  • दिग्विजय के गढ़ में नहीं चला शिवराज का जादू
  • भाजपा सांसद प्रतिनिधि गोपाल पटवा चुनाव हारे
  • 3 वोट से हारे भाजपा के गोपाल पटवा
  • कांग्रेस के महेंद्र गौरव राजपूत ने हराया चुनाव
  • पूर्व में नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके हैं गोपाल

राघौगढ़ के चुनाव में स्थानीय विधायक और दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी. वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. शिवराज के रोड शो के बाद हुए बवाल की वजह से कर्फ्यू लगाने की नौबत आ गई थी. ऐसे में सभी की निगाहें इस चुनाव पर टिकी हुई थी.

अगले पेज पर देखें जीते हुए उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट

मध्यप्रदेश नगर पालिका चुनाव नतीजे: राजगढ़


  • वार्ड क्र 1 – कांग्रेस के चंद्रशेखर बुनकर जीते
  • वार्ड क्र 3 – भाजपा के दिलावर खान जीते
  • वार्ड क्र 4 – कांग्रेस के महेंद्र सिंह गौरव राजपूत जीते
  • वार्ड क्र 5 – कांग्रेस के राधेकिशन कश्यप जीते
  • वार्ड क्र 12 – कांग्रेस गुड्डीबाई मीना जीत
  • वार्ड क्र 18 – कांग्रेस गायत्री ओझा जीत
  • वार्ड क्र 19 – कांग्रेस अनीता नामदेव जीत
  • वार्ड क्र 20 – कांग्रेस गीता राजपूत जीत
  • वार्ड क्र 21 -कांग्रेस अमर सिंह लोधा जीत

विरोध से बौखला गए है शिवराज, विरोधी आवाजों को दबाने की हर मुमकिन कोशिश है जारी !

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12 साल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के बाद शिवराज सिंह चौहान बौखला गए है। पिछले 1 साल में शिवराज सिंह चौहान का जितना विरोध हुआ है उतना कभी नही हुआ। सोमवार को बिजली और पानी की समस्या को लेकर धरने पर बैठे जीतू पटवारी को शिवराज सरकार ने गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया और मंगलवार को अपने ही रोड शो में मुख्यमंत्री ने सबके सामने एक व्यक्ति को थप्पड़ जड़ दिया।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान को 12 साल से ज्यादा हो चुके है। इस बीच मुख्यमंत्री ने कई बार विरोध का सामना भी किया लेकिन अपने भाषण और बड़े बड़े वादों के दम पर शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में भाजपा को दो विधानसभा चुनाव में जीत दिलाई। एक दशक से ज्यादा मुख्यमंत्री रहने के बाद शिवराज सिंह चौहान को आगे का रास्ता आसान नही दिख रहा है। साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने है और विरोधी आवाजों ने मुख्यमंत्री की नींद उड़ा रखी है।

2. विरोध कर रहे किसानों को मिली गोलियां

बात जून 2017 की है जब पूरे मध्यप्रदेश में किसान अपने हक़ को लेकर आंदोलन कर रहे थे। मांग थी कि किसानों का कर्जा माफ किया जाए और फसलों का उचित समर्थन मूल्य दिया जाए। महीनों तक चले इस आंदोलन पर जब सरकार ने ध्यान नही दिया तो किसान उग्र हो गए। जिसके बाद मंदसौर में हजारों की संख्या में किसान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित हुए। आंदोलन पर काबू करने के लिए प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनाद किया और बल प्रयोग किया गया । आंदोलनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और फायरिंग भी की। पुलिस द्वारा की गई इस फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गयी।

 

शिवराज सरकार को उखाड़ फेंकने तक नही पहनूंगा फूलों की माला: ज्योतिरादित्य सिंधिया

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कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को संकल्प लिया कि जब तक वह शवराज सरकार को मध्यप्रदेश के सत्ता से उखाड़ फेंकने में सफल नही हो जाते , तब तक वह फूलों की माला नही पहनेंगे।

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के मुंगवाली में विधानसभा उपचुनाव होने है। जिसकी तैयारियों के सिलसिले में सिंधिया तीन दिन के दौरे पर निकले हुए है। इस दौरान सिंधिया ने मुंगवाली में कई जनसभाएं संबोधित की और कई कार्यकर्ताओं से मिले।

शिवराज सरकार पर किया हमला
इस दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि इस समय मध्यप्रदेश में ऐसी सरकार है जिसने किसानों को हक़ मांगने पर गोली मारी। सिंधिया ने आगे कहा कि शवराज सरकार किसान, गरीब मजदूर और नौजवानों पर जुल्म कर रही है।
हम गांधी के सिद्धांतों से नाता रखते है: सिंधिया
सिंधिया ने कहा की वह महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलने वाली कॉग्रेस पार्टी से नाता रखते है। सिंधिया ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को सबक सिखाएगी। इसके साथ ही सिंधिया ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भी मोदी सरकार पर हमला बोला।

भगवान राम ने छल, कपट और झूठ वाली भाजपा को नकार दिया है: कांग्रेस

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चित्रकूट चुनाव में मिली जोरदार जीत के बाद कांग्रेस पार्टी में उत्साह है। इसी उत्साह के साथ कांग्रेस पार्टी भाजपा के ऊपर और हमलावर हो गयी है। इसी बीच कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कांग्रेस की जीत के बाद भाजपा पे हमला बोला है। जीतू पटवारी ने ट्वीट करके कहा कि –

भगवान राम की नगरी चित्रकूट में भाजपा की पराजय देश के लिये बडा संकेत और निर्देश है…भगवान राम ने छल, कपट और झूठ वाली भाजपा को नकार दिया है..।
#राम_की_नगरी_में_कांग्रेस

जीतू पटवारी ने इसके बाद भी और कई ट्वीट किए और भाजपा पर हमला बोला। देखें जीतू पटवारी के अन्य ट्वीट

भाजपा को भगवान राम की नगरी के मतदाताओं ने क्यों नकार दिया..? भाजपा को आत्ममंथन की ज़रूरत है..? भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वालों को भगवान राम ने ही जवाब दे दिया है..? #राम_की_नगरी_में_कांग्रेस

शिवराज सिंह चौहान पर किया हमला।
इसके बाद जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोलते हुए कहा कि शिवराज ने चित्रकूट में कई दिन प्रचार में देकर 64 सभाएं और कई रोड शो किए, सरकार के 12 मंत्री और संगठन के नेताओं ने डेरा डाला…शासन-प्रशासन का जमकर दुरूपयोग भी किया, फिर भी हार गये..? भाजपा हार गई, जनता जीत गई..।

मंदसौर में किसानों की मौत पर जी न्यूज़ के एंकर रोहित सरदाना ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिया आड़े हाँथ !

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जी न्यूज़ के एंकर रोहित  सरदाना आम तौर पर अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा के लिए जाने जाते है . रोहित सरदाना की पत्रकारिता में आम तौर पर राष्ट्रवाद प्रमुखता से दिखाई देता है . विरोधी उन्हें मोदी भक्त और बीजेपी समर्थक भी कहा करते है . रोहित सरदाना ने आज अपनी छवि से हटकर मंदसौर  में हुई किसानों की मौत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हांथों लिया है . मंदसौर में किसानों की मौत और शिवराज के अनशन को लेकर रोहित सरदाना ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा है की –

 

पिछले डेढ़ दशक से मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने किसान आंदोलन और उससे भड़की आग को क़ाबू करने के लिए रखा अपना उपवास, डेढ़ दिन के भीतर ही तुड़वा लिया.

मंदसौर में किसान आंदोलन पे चली गोली और उसके दौरान/ बाद में बीजेपी सरकार की कारवाई से ऐसा लगा जैसे शिवराज सिंह चौहान डेढ़ दशक नहीं डेढ़ महीने पहले ही सीएम बने हों!

6 लोग मर गए लेकिन चौबीस घंटे तक सरकार कहती रही कि गोली पुलिस ने नहीं चलाई. जब ये तय हो गया कि गोली पुलिस ने ही चलाई तो कहा गया कि आंदोलन में असामाजिक तत्व घुस आए थे, कांग्रेस के विधायकों और नेताओं ने मामले को भड़काया था. लेकिन भड़काने वाले भी राहुल गांधी के साथ मोटर साइकल पे छुट्टे घूमते रहे किसी ने उनको पकड़ा नहीं. इतने से भी बात नहीं बनी तो कहा गया कि मरने वाले किसान ही नहीं थे. ठीक है किसान नहीं थे, फ़िदायीन दस्ते के सदस्य भी तो नहीं होंगे?

किसान आंदोलन से किसान का भला भले ना हुआ हो, मध्य प्रदेश में मरी पड़ी कांग्रेस को चुनाव के पहले नयी ज़िंदगी मिल गयी. पंद्रह साल की सरकार के बाद बीजेपी को बहाना मिल गया, चेहरा बदलने के लिए.

कर्ज में डूबी मध्यप्रदेश सरकार ने बाबा रामदेव को दी 40 एकड़ जमीन और टैक्स में 500 करोड़ की छूट..!

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Newbuzzindia: बाबा रामदेव पर  मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महेरबानी जारी है । मध्यप्रदेश सरकार अब बाबा रामदेव के पंतंजली उत्पाद बेचने की तैयारी में है । सरकार अब सहकारी संस्थाओं द्वारा पतंजलि के उत्पाद बेचेगी । सीएम शिवराज ने प्रस्ताव बनाने और बाबा रामदेव से चर्चा करने के लिए कहा है ।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रामदेव पर ये पहली महेरबानी नही है । इसके पहले भी मध्यप्रदेश सरकार ने बाबा रामदेव को जमीन देने के लिए नीति में बदलाव किया था ।

बाबा रामदेव ने मांगी छूट तो नियमों का दायरा बढ़ाकर बाबा रामदेव को फायदा पहुँचाया गया

कितना हुआ बाबा रामदेव को फायदा

अगर हिसाब लगाया जाए तो बाबा रामदेव को मुख्यरूप से दो फायदे दिए गए है ।

40 अकड़ जमीन : मध्यप्रदेश सरकार ने बाबा रामदेव की कंपनी को आयुर्वेद प्रोडक्ट के लिए पीथमपुर में 40 अकड़ जमीन दी है । इसके लिए शिवराज ने नीति में बदलाव कर दिया था । यह जमीन बाबा रामदेव को 25 लाख रुपये अकड़ से दी गयी थी । जबकि इसकी वास्तविक मूल्य कई गुना ज्यादा है ।

500 करोड़ की छूट : जमीन के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने बाबा रामदेव को फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए सीएसटी और वैट में राहत का रास्ता निकाला है । कुछ ही दिनों के अंदर बाबा रामदेव को करीब 500 करोड़ की छूट मिल गयी ।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार पहले से ही कर्ज में डूबी हुई है ऐसे में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को दी गयी इतनी बड़ी छूट से सरकारी खजाने को नुक्सान होना लाज़मीय है ।