जी न्यूज़ के एंकर रोहित सरदाना आम तौर पर अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा के लिए जाने जाते है . रोहित सरदाना की पत्रकारिता में आम तौर पर राष्ट्रवाद प्रमुखता से दिखाई देता है . विरोधी उन्हें मोदी भक्त और बीजेपी समर्थक भी कहा करते है . रोहित सरदाना ने आज अपनी छवि से हटकर मंदसौर में हुई किसानों की मौत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हांथों लिया है . मंदसौर में किसानों की मौत और शिवराज के अनशन को लेकर रोहित सरदाना ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा है की –
पिछले डेढ़ दशक से मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने किसान आंदोलन और उससे भड़की आग को क़ाबू करने के लिए रखा अपना उपवास, डेढ़ दिन के भीतर ही तुड़वा लिया.
मंदसौर में किसान आंदोलन पे चली गोली और उसके दौरान/ बाद में बीजेपी सरकार की कारवाई से ऐसा लगा जैसे शिवराज सिंह चौहान डेढ़ दशक नहीं डेढ़ महीने पहले ही सीएम बने हों!
6 लोग मर गए लेकिन चौबीस घंटे तक सरकार कहती रही कि गोली पुलिस ने नहीं चलाई. जब ये तय हो गया कि गोली पुलिस ने ही चलाई तो कहा गया कि आंदोलन में असामाजिक तत्व घुस आए थे, कांग्रेस के विधायकों और नेताओं ने मामले को भड़काया था. लेकिन भड़काने वाले भी राहुल गांधी के साथ मोटर साइकल पे छुट्टे घूमते रहे किसी ने उनको पकड़ा नहीं. इतने से भी बात नहीं बनी तो कहा गया कि मरने वाले किसान ही नहीं थे. ठीक है किसान नहीं थे, फ़िदायीन दस्ते के सदस्य भी तो नहीं होंगे?
किसान आंदोलन से किसान का भला भले ना हुआ हो, मध्य प्रदेश में मरी पड़ी कांग्रेस को चुनाव के पहले नयी ज़िंदगी मिल गयी. पंद्रह साल की सरकार के बाद बीजेपी को बहाना मिल गया, चेहरा बदलने के लिए.
