अब ओपन बुक प्रणाली से होंगे फाइनल ईयर के भी पेपर,NSUI ने जताई खुशी

मध्यप्रदेश में कोरोना के लगातार बढ़ते हुए मामलों के बाद अब यूनिवर्सिटी और कॉलेज के फाइनल ईयर के स्टूडेंट की इस साल भी फाइनल ईयर के एग्जाम ओपन बुक प्रणाली से देंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि इस साल की यूजी और पीजी की जो परीक्षाएं क्लास में बैठकर होने वाली थी,उसको अब बदल दिया गया। नए फैसले के मुताबिक स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं की परीक्षा ओपन बुक प्रणाली से कराने का फैसला विभाग ने किया है।

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव के मुताबिक अब छात्र-छात्राओं को उनके लॉगिन आईडी तथा निर्धारित वेबसाइट पर प्रश्नपत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसका उत्तर परीक्षार्थी अपने घर में बैठकर लिख सकेंगे। स्टूडेंट अपने-अपने यूनिवर्सिटी के निर्धारित कार्यक्रम के जरिए परीक्षा देने के बाद उत्तर पुस्तिका संग्रहण केन्द्र में जमा करना होगी। इसके लिये संग्रहण केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में इस साल ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुशन में 19 लाख स्टूडेंट शामिल होंगे।

इससे पहले पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ग्रेजुशन में फर्स्ट ईयर एवं सेकंड ईयर और स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुशन) के द्वितीय सेमेस्टर को स्टूडेंट की परीक्षा ओपन बुक प्रणाली से कराने का फैसला ले चुका है। स्नातक स्तर पर इस बार 14 लाख 88 हजार स्टूडेंट ओपन बुक प्रणाली तरीके से पेपर देंगे वहीं पोस्ट ग्रेजुशन में 1 लाख 35 हजार स्टूडेंट शामिल होंगे।

वही उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव के बयान पर एनएसयूआई मेडिकल विंग के प्रदेश समन्वयक रवि परमार ने कहा कि एनएसयूआई ने स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं की ओपन बुक एग्जाम की मांग को लेकर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों ओर महाविद्यालय में एनएसयूआई पदाधिकारियों द्वारा प्रदर्शन से लेकर भूख हड़ताल तक की गई थी।

रवि ने कहा कि आज मंत्री जी ने हमारी मांगो को प्राथमिकता देते हुए फैसला लिया जिसका हम स्वागत करते हैं। हम उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करते है। उन्होंने सही समय पर कोरोना की भयावह स्थिति को समझते हुये और छात्र- छात्राओं की सुरक्षा ओर स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ओपन बुक प्रणाली से परीक्षा कराए जाने की घोषणा की है।

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