भोपाल के अस्पतालों में है वेंटिलेटर की कमी

मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी से हालात दिनों दिन बिगड़ते ही जा रहे है। भोपाल के अलग अलग अस्पतालों में इस वक्त 900 वेंटिलेटर काम कर रहे हैं, जिनमें से 700 वेंटिलेटर भर चुके है। जिस तरह से रोजोना कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पतालों में अधिकतर बेड भर गए हैं और कुछ अस्पतालों में मरीजों को बेड भी नहीं मिल पा रहे है।

10 दिन में बढ़े 40 वेंटिलेटर

भोपाल में बीते 10 दिनों में राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में 40 वेंटिलेटर बढ़े हैं लेकिन दूसरी तरफ इस दौरान भोपाल में 5647 मरीज बढ़ गए है। ऐसे में मरीजों की संख्या और वेंटिलेटर्स की संख्या के बीच के बड़े अंतर को आसानी से समझा जा सकता है।

प्रदेश में होने वाली ऑक्सीजन सप्लाई के लिए

अस्पतालों में कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की कमी ना हो, उसके लिए भोपाल प्रशासन ने ऑक्सीजन सिलेंडर की डिलीवरी करने वाले वाहनों को 24 घंटे की छूट दे दी है। शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर लगे बैन से भी ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर जाने वाले वाहनों को सरकार की तरफ से छूट दे दी गई है।

प्रदेश में कोरोना मरीजो की संख्या

प्रदेश में अब तक 2,98,645 मरीज स्वस्थ हो चुके है और 35,316 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। रविवार को 3,306 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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