अच्छे दिन के सामने दिखाकर सत्ता में आई मोदी सरकार अच्छे दिन तो नही लाई पर महँगे दिन जरूर ले आई है । कभी पेट्रोल के दाम 65-70 हो जाने पर सड़क पर हंगामा करने वाली भाजपा अब 80 रुपये लीटर पेट्रोल बेच रही है ।
आपको बता दें कि पिछले 2 महीने में पेट्रोल के दामों में 7 रुपये तक कि वृद्धि हुई है । देश के कई हिस्सों में पेट्रोल के दाम 80 रुपये तक पहुंच गए है । पेट्रोल के बड़े दामों की सबसे ज्यादा मार मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में पड़ी है । मध्यप्रदेश औए महाराष्ट्र में पेट्रोल पर सबसे ज्यादा वैट लगाया जाता है ।
अगर देश के चार महानगरों की तुलना करें तो 12 सितंबर को दिल्ली में पेट्रोल का दाम 70.38 रुपये प्रति लीटर है जो कि सबसे सस्ता है। वहीं कोलकाता में 73.12 रुपये, मुंबई में 79.48 रुपये और चेन्नई में 72.95 रुपये प्रति लीटर है ।
इस महीने में अब तक पेट्रोल के दामों में 1.53 – 1.80 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं डीजल के दामों में यह बढ़ोतरी 2.78-2.96 फीसदी तक हो गई है। अब यह आंकड़े अच्छे दिन की निशानी तो नही है ।
एक समय था जब पेट्रोल के दाम बढ़ते थे तो सरकार को निकम्मा बताया जाता था । याद नही है तो यह देखें ..

यह है हमारे गृहमंत्री राजनाथ सिंह पेट्रोल के दाम बढ़ने पर सड़क पर जाकर बैठ जाए करते थे लेकिन सत्ता में आने बाद सिर्फ निंदा ही कर पाते है ।

यह देखिए यह है हमारे वित्त मंत्री और विदेश मंत्री जो पहले पेट्रोल के दाम में 1 रुपये की भी बढ़ोतरी होने पर घर-बार और सारा काम धंदा छोड़कर धरने पर बैठ जाती थी । वैसे तो पेट्रोल के दाम आज भी बढ़ें है लेकिन सुषमा जी अभी ट्विटर पर व्यस्त है ।
यह है हमारे शिवराज मामा , अरे नही भी यह हमारी माता श्री के भाई नही है और ना ही इन्होंने कभी हमारे पैर छुए । यह तो स्वघोषित मामा है । आपको लग रहा होगा कि यह पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए साईकल चला रहे है पर नही यह भी पेट्रोल के बड़े दामों का विरोध करने के लिए साईकल चला रहे है ।
मामा जी अब तो केंद्र सरकार भी आपकी है और राज्य सरकार भी आपकी है । फिर भी मध्यप्रदेश में पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे है । अब फिरसे सायकलें चलोगे या अब ठेला लाना पड़ेगा । खैर बहुत ज्यादा बोल लिया मैंने यह तो मोदी जी का गुजरात मॉडल है । पास के नुकसान का नही डोर के फायदे का सोचो ।

