Newbuzzindia: केंद्र की सत्तासीन नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले दो सालो में अपने प्रचार प्रसार में इतना पैसा खर्च कर दिया है कि अगर उसको किसी प्रदेश पर खर्च किया जाता तो उस प्रदेश की तकदीर बदल जाती।
RTI से मिली जानकारी के अनुसार ये खुलासा हुआ है कि 2.5 सालो में मोदी सरकार ने केवल अपने प्रचार प्रसार पर 1200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया है।
सूचना का अधिकार (RTI) के जरिए यह जानकारी ग्रेटर नोएडा के आरटीआई एक्टिविस्ट रामवीर सिंह ने हासिल की है।
रामवीर ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से पूछा था कि मोदी सरकार के गठन से अगस्त 2016 तक विज्ञापनों पर कितना सरकारी धन खर्च हुआ है?
मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया कि सरकार ने ब्रॉडकास्ट, कम्युनिटी रेडियो, डिजिटल सिनेमा, इंटरनेट, दूरदर्शन, प्रोडक्शन, एसएमएस, टेलीकास्ट पर 12 अरब रुपये खर्च किए गये है।
सूचना मंत्रालय ने जो सूची RTI के माध्यम से प्रदान की है उसके मुख्य बिंदु निम्न है।
- 1 जून 2014 से 31 मार्च 2015 तक लगभग 4.48 अरब रुपये खर्च किए गए।
- 1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2016 तक 5.42 अरब रुपये।
- 1 अप्रैल 2016 से 31 अगस्त 2016 तक 1.20 अरब रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
अगर इन तीनों खर्चो को जोड़ दिया जाए तो ये कुल 11 अरब, 11 करोड़ 78 लाख रुपये होता है।
RTI से मिली जानकारी के बाद देश के प्रमुख विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हो गए है और उन्होंने सरकार से इस खर्च का हिसाब माँगा है।
