पत्रकारिता नही ये चाटुकारिता है , सिनेमा नही ये असल जिंदगी है : रोहित गुप्ता

Newbuzzindia- रोहित गुप्ता :  सुनने में अजीब लगेगा , कुछ लोगो को बुरा भी लग सकता है । लेकिन यही हमारे देश की पत्रकारिता का हाल है और यही सच्चाई है । संविधान का चौथा स्तंभ कही जाने वाली पत्रकारिता को अब चार कंधे की जरुरत है । अखबार देशभक्त हुए जा रहे है , चैनल राष्ट्रवादी हुए जा रहे है । जनता है कि जैसे सिनेमा हॉल में बैठकर पिक्चर देख रही है । नायक खलनायक की पिटाई कर रहा है और जनता खुश हो रही है ।

हमें ये समझना होगा की पत्रकारिता का काम क्या है..? अगर आप मनोरंजन के लिए जी न्यूज़ या टाइम्स नाउ देख रहे है तो उसके लिए जी टीवी और स्टार प्लस जैसे चैनल मौजूद है । आप चाहे तो कार्टून नेटवर्क और पोगो भी देख सकते है । यहाँ आपको एंकर से ज्यादा चिल्लाने वाले और एंकर से ज्यादा लड़ने वाले लोग भी मिल सकते है ।

पत्रकारिता समाज का आइना होता है । ये कैंडी कैमरा नही है जो सिर्फ अच्छा और अच्छा ही दिखाएगा । में मानता हूं कि ये सेल्फी का जमाना है और सभी लोग फोटो में अच्छा दिखना चाहते है । लेकिन हमें ये समझना होगा की पत्रकारिता समाज का आइना होता है । किसी व्यक्ति या समूह विशेष का नही ।

इससे पहले की मुझे देशद्रोही या आतंकवादी का सर्टिफिकेट मिल जाए में आपको बता दूं कि मैं किसी बड़े अखबार या चैनल में काम नही करता हु और न ही किसी राजनैतिक पार्टी से मेरा कोई नाता है । मैं पत्रकारिता का एक विद्यार्थी हूँ और newbuzzindia नाम की वेबसाइट पर अपने विचार लिखता हूं ।

अब मैं सिर्फ वही बात करूंगा जो मैंने देखी है और अनुभव की है । मैं वही बात करूंगा जो आप लोग रोज देखते है , अनुभव भी करते है पर शायद समझ नही पाते । आज का समय टेक्नोलॉजी का समय है । चैनल भी हाई टेक होते जा रहे है । एंकर को छोड़कर 5 और लोग अब टीवी पर दिखाई देते है ।  एनीमेशन और वीएफएक्स के लिए अब सिनेमा हॉल नही जाना पड़ता । न्यूज़ चैनल देखता हूं तो देखता ही जाता हूँ । मनोरंजन की कोई कमी नही लगती । एक हीरो सिर्फ बातों से ही 3-4 गुंडों की पिटाई कर देता है ।

न्यूज़ चैनल आजकल देशभक्त और राष्ट्रवादी हो गए है । ( नोट – राष्ट्रवादी से मेरा मतलब आरएसएस और भाजपा से बिलकुल नही है ) । टीवी देखकर मुझे पता चलता है कि “मेरा देश बदल रहा है” । जो 60 सालों में नही हुआ वो अब हो रहा है । विकास हो रहा है । में ख़ुशी से गदगद हो जाता हूं । फिर टीवी पर मोदी जी को देखकर मेरी छाती 56 इंच की हो जाती है । ऐसा लगता है कि पहली बार देश को कोई मर्द प्रधानमंत्री मिला है । अंततः मुझे पूरा भरोसा हो जाता है कि “अच्छे दिन” आ गए ।

लेकिन जब में टीवी बंद कर देता हूँ तो शायद कोई और ही दुनिया में आ जाता हूँ । सड़क पर निकलता हूँ तो देखता हूँ की गड्ढों का विकास हो गया है । मंदिर जाता हूँ तो देखता हूँ की भिखारियों की संख्या में विकास हो गया है । दोस्तों से मिलता हूँ तो पता चलता ही की बेरोजगारों की संख्या में विकास हो गया है । कॉलेज जाकर पढ़ाई करता हूँ तो पता चलता है कि फीस में विकास हो गया है । घर आकर मम्मी से बात करता हूँ तो पता चलता है कि सब्जी-भाजी और राशन के मूल्य में भी विकास हो गया है ।

फिर समझ आता है कि टीवी पर सही दिखाया जाता है । जितना विकास 60 साल में नही हुआ वो मोदी जी ने 3 साल में कर दिखाया । समझ नही आता की चैनल समाचार दे रहा है या लॉलीपॉप । ऐसा नही है कि में पुरानी सरकार का हमदर्द या प्रशंसक रहा हूँ । किंतु 3 साल पहले जब में घर से निकलता था तो मुझे पता होता था कि सड़क पर गड्ढे मिलेंगे , दोस्त बेरोजगार मिलेंगे और बैंक में 15 लाख तो बिलकुल नही मिलेंगे ।

आज कश्मीर में तनाव है । नेता भौंक रहे है और एंकर दहाड़ रहे है । सैनिक सीमा पर जान दे रहे है और जनता जैसे “चीयर गर्ल” बनी हुई है । नेता का भौं और एंकर का दहाड़ना मानों जनता की जीत है । नेता और एंकर को देख जनता को ऐसा लगता है जैसे ये पाकिस्तान नही ये गली का कुत्ता है जो सिर्फ भौकता है और काटता नही ।

आज कश्मीर में तनाव हुए महीनों हो गए है । पाकिस्तान की ओर से उरी हमला हो चूका है और भारत की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक हो चुकी है । जंग जैसे हालात भी बन रहे है । सभी चैनल में होड़ लगी हुई है ये बताने में की भारत कितना शक्तिशाली है और ये शक्ति उसे पिछले 3 सालों में मिली है । बच्चों की तरह चैनल ये बता रहे है कि ये देह हमारे साथ है वो देश हमारे साथ है । इस देश ने पाकिस्तान को डांट दिया । उस देश ने पाकिस्तान को गरिया दिया ।

में देखकर दंग हूँ की किसी भी चैनल ने ये नही दिखाया की जंग होती क़ैसी है । जंग में सेना का कितना नुकसान होता है । जंग में देश का कितना नुकसान होता है । किसी भी चैनल ने ये नही बताया कि जंग होने पर देशवासियों को क्या अधिकार होते है और जंग होने पर आपको क्या परेशानियां झेलनी पड़ सकती है । किसी भी चैनल ने ये नही बताया कि परमाणु संपन्न पाकिस्तान ने अगर परमाणु हमला किया तो आपकी कितनी पुश्तों का नाम और निशान मिट जाएगा ।

मैं ये सब कहकर अपने देश या अपनी सेना पर शक नही कर रहा हूँ । वह बहादुर है , वह तैयार है और वह शक्तिशाली भी है । पर बहादुर होने का मतलब ये नही होता की mountain dew पियो और खाई में कूद जाओ । मैंने तो सोच लिया शायद आपको भी कुछ सोचने के लिए समय चाहिए…

अगर अच्छा लगे तो #Fightforjournalism के साथ शेयर जरूर करें..

spot_img

ताजा समाचार

Related Articles