Newbuzzindia: घोषणावीर नाम से मशहूर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की घोषणाओं की पोल खुलती नजर आ रही है । “द एसोसिएटेड चैम्बर्स आॅफ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री आॅफ इण्डिया (एसोचैम)” की एक अगस्त को जारी रिपोर्ट में मप्र में निवेश की पोल खोल कर रख दी है । रिपोर्ट में दिए गए कुछ मुख्य पॉइंट है ।
- निवेश में आई 14 फीसदी की गिरावट
- क्रियान्वयन में देरी के कारण कई प्रोजेक्ट की लागत बड़ी
- निवेश मित्र वातावरण बनाने में मध्यप्रदेश सरकार नाकाम
- निजी निवेशकों को नही लुभा पाई मध्यप्रदेश सरकार
रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में आए 53000 करोड़ के निवेश में से 86.5 प्रतिशत निवेश केवल घोषणाओं तक ही सीमित हैं। शेष निवेश परियोजनाएं भी विभिन्न प्रकार की मंजूरियों के फेर में उलझी हैं।
मध्यप्रदेश का विश्लेषण: अर्थव्यवस्था, मूलभूत ढांचा एवं निवेश विषय पर किये गये इस अध्ययन में कहा गया है कि वर्ष 2013-14 में करीब 60 प्रतिशत की गिरावट के बाद मध्य प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के आयोजन के फलस्वरूप राज्य में नये निवेश में साल दर साल 700 प्रतिशत की भारी बढ़ोत्तरी हुई लेकिन गिरावट का दौर फिर शुरू हुआ और वर्ष 2015-16 में इसमें 14 प्रतिशत की कमी आई है ।
गौरतलब है की मध्यप्रदेश सरकार पहले से ही कर्ज में डूबी हुई है और ऐसे में देखना दिलचस्प होगा की शिवराज सरकार के द्वारा निवेश पर किये गए दावों की पोल खुलने के बाद इस रिपोर्ट पर सरकार क्या रुख अपनाती है ।

[…] […]