Newbuzzindia: पीएम मोदी द्वारा कालेधन को लेकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक का सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ रहा है। नोट बदलने के लिए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नोट बदले को लेकर बैंकों के बाहर लगी कतारों में लोगों को घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है।
मुंबई में इसके चलते तीन लोगों की मौत हो गई है। पुलिस के मुताबिक 73 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल है। यह बुजुर्ग विश्वनाथ वर्तक मुलुंड में नवघर स्थित एसबीआई की शाखा के बाहर नोट बदलने के लिए लाइन में लगे हुए थे। इसी दौरान वह अचानक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त वहां पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
उन्हें तुरंत ही अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गौरतलब है कि सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा के बाद से ही लोगों में इसको लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। एटीएम और बैंक खुलने के बाद से ही वहां पर लोगों की कतारेंं सुबह से ही लगी हुई हैं। हालत यह है कि लोगों के पास राेजाना के काम-काज के लिए भी पैसा नहीं है, जिसके चलते वह परेशान हो रहे हैं। ऐसे में बैंकों के बाहर खड़े लोगों की यह आम शिकायत है कि वहां पर न तो बैंकों की तरफ से बैठने का ही इंतजाम किया गया है और न ही पीने के पानी का इंतजाम है।
नोट पर पाबंदी सुन, भयभीत ग्रामीण महिला ने की खुदकुशी
हैदराबाद। दक्षिण भारत में एक ग्रामीण महिला ने केवल इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि नोटों पर पाबंदी लगने से वह भयभीत हो गयी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 व 1000 के पुराने नोटों पर पाबंदी की घोषणा से महिला अपनी जमापूंजी को लेकर काफी डर गयी। उसे चिंता थी कि उसके द्वारा बचाए गए पैसे अब व्यर्थ हो गए। पुलिस ने इस मामले की पुष्टि की कि 55 वर्षीया कांदुकुरी विनोदा के पास 1000 और 500 रुपये वाली बड़ी राशि थी। और प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद वह इस बात से डर गयी कि उसके पास मौजूद जमा पूंजी बेकार हो जाएगा।
स्थानीय पुलिस ऑफिसर, राज ने बताया,’ महिला के परिजनों के अनुसार, नोट पर पाबंदी की बात सुन उसने आत्महत्या कर ली।‘ पूर्वी हैदराबाद के महबूबाबाद जिले की विनोदा ने पिछले माह अपनी कुछ जमीन बेच दी थी और इसके लिए उसे करीब 5.5 मिलियन रुपये नकदी के रूप में मिले थे। इसमें से कुछ रकम उसने अपने पति के इलाज में खर्च किया था और बाकि बची राशि से जमीन खरीदने की योजना बनायी थी।
गांवों में रहने वाले अधिकांश भारतीय अपने घर में बड़ी राशि रखते हैं क्योंकि ऐसा करने से वे टैक्स देने से बचते हैं साथ ही सूदूर इलाकों में बैंकों की भी कमी होती है। काले धन व भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह घोषणा की थी ।
