मध्यप्रदेश में 15 साल का वनवास काटने के बाद कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में आई है। कमलनाथ ने प्रदेश के 18वे मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ भी ले ली है और अब वह 613 करोड़ से ज्यादा की लागत से बने नए एनेक्सी भवन से सरकार चलाएंगे। शपथग्रहण के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ एनेक्सी भवन आए, जिसके लिए यहां खास तैयारी की गई थी। नए एनेक्सी भवन को फूलों से सजाया गया था। वहीं सुरक्षा के लिए भी कड़े इंतजाम किए गए थे। इस बिल्डिंग को आकार देने का काम तो पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने किया था, लेकिन अब कमलनाथ इसमें बैठेंगे। मंत्रालय में जगह कम पड़ने की वजह से पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 2015 में नई एनेक्सी भवन बनाने का सपना देखा था।
जनवरी 2015 में शिवराज सिंह ने एनेक्सी भवन का निर्माण शुरू कराया। कोशिश तो ये थी कि मौजूदा विधानसभा चुनाव के 6 महीने पहले ही इसका शुभारंभ हो जाए, लेकिन सीएम शिवराज सिंह के ये अरमान पूरे नहीं हो सके और अब कमलनाथ इस नई कॉपोर्रेट बिल्डिंग से अपनी सरकार चलाएंगे। मध्य प्रदेश की सबसे महंगी बिल्डिंग बताए जा रहे एनेक्सी की पांचवीं मंजिल पर सीएम का कमरा है। इस कमरे में भव्य सिंहासननुमा कुर्सी रखी गई है। जिस पर पहले तो शिवराज सिंह को बैठना था, लेकिन अब कमलनाथ इस पर बैठकर राज्य की बागडोर संभालेंगे। इस बिल्डिंग में 200 लोगों के बैठने के लिए खास हॉल बनाया गया है। यहां अफसरों के साथ सीएम कमलनाथ बैठक करेंगे। इसमें एलईडी स्क्रीन के साथ ही प्रोजेक्ट कर लगाए गए हैं। इसका लोकार्पण पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होना था। इसकी पूरी तैयारी भी कर ली गई थी। सितंबर के आखिरी हफ्ते में भोपाल में हुए कार्यकर्ता महाकुंभ के वक्त ही इसका लोकार्पण होना था। लेकिन उस वक्त ये नहीं हो सका और उसके कुछ दिनों बाद ही चुनाव आचार संहिता लगने की वजह से पूर्व सीएम शिवराज सिंह भी यहां नहीं बैठ सके।
ऐसी है नई एनेक्सी बिल्डिंग
करीब 6 लाख वर्ग फीट में बनी और धौलपुर के पत्थरों से सजी मंत्रालय की यह एनेक्सी कार्पोरेट तर्ज पर बनी है। इसकी पांचवीं मंजिल के 40 हजार वर्गफीट एरिया में सीएम सचिवालय बनाया गया है। इसमें सीएम कक्ष के बगल में मीटिंग रूम है। पांच हजार वर्गफीट ओपन एरिया है। 50 मीटर की लॉबी है, जिसमें सीएम सचिवालय के अधिकारी बैठ सकेंगे। कैबिनेट की बैठक के लिए भी हाईटेक हॉल बनाया गया है। जिसमें ई-कैबिनेट की व्यवस्था की गई है। बड़े-बड़े प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। इसमें 700 कारों के खड़े रहने के लिए मल्टी लेवल पार्किंग बनाई गई है। इसके अलावा अलग-अलग विभागों के प्रमुख सचिवों के लिए हाईटेक ऑफिस और मीटिंग रूम बनाए गए हैं। इसे आकार लेने में साढ़े तीन साल लगे हैं।
