​घोटालों में माहिर मोदी सरकार का एक और घोटाला आया सामने, RTI से हुआ खुलासा

Newbuzzindia : सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार रेल मंत्रालय में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। खबर के अनुसार अधिकारियों ने जो कारनामा किया है वो मध्यप्रदेश के ‘सिंहस्थ घोटाले’ से भी बड़ा है।

भारतीय रेल के सेंट्रल रेलवे कैटरिंग डिपार्टमेंट में दही 972 रुपये प्रति 100 ग्राम और तेल 1253 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा गया है आरटीआई कार्यकर्ता अजय बोस द्वारा फ़ाइल की गई RTI में हासिल सूचना के अनुसार सेंट्रल रेलवे कैटरिंग डिपार्टमेंट ने खाने पीने की चीजों को उन पर लिखे एमआरपी से कई गुना ज्यादा दर पर खरीदा है। 

अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ से बातचीत में बोस ने बताया कि उन्होंने जुलाई 2016 में आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी लेकिन सेंट्रल रेलवे ने उन्हें गोलमोल जवाब दे दिया 
बोस को जब इसमे कुछ गड़बड़ी समझ आयी तब उन्होंने प्रथम अपील दाखिल की अपीलैट अथॉरिटी ने रेलवे को 15 दिन के अंदर वांछित सूचना देने का आदेश दिया लेकिन इसके बाद भी बोस को कई महीनों तक सूचना नहीं दी गयी।
रेलवे की मंशा पर संदेह बढ़ने के कारण बोस ने दोबारा अपील की तब जाकर उन्हें पूरी जानकारी मिली बोस को मिली सूचना के अनुसार सेंट्रल रेलवे ने अमूल दही 972 रुपये प्रति 100 ग्राम की दर से खरीदा था जबकि उसकी बाजार कीमत 25 रुपये है।

बोस के अनुसार उन्होंने जब सुना कि रेलवे का कैटरिंग विभाग घाटे में है तब उन्होंने आरटीआई के तहत ये सूचनाएं मांगी थीं रेलवे द्वारा बोस की आरटीआई के जवाब में दी गयी जानकारी के अनुसार मार्च 2016 में 58 लीटर रिफाइंड तेल 72,034 रुपये (1241 रुपये प्रति लीटर) में खरीदा गया था।

 
रेलवे ने टाटा नमक के 150 पैकेट 2670 रुपये (49 रुपये प्रति पैकेट) में खरीदे जबकि नमक के एक पैकेट की एमआरपी 15 रुपये थी। पानी की बोतल और कोल्ड ड्रिंक 59 रुपये प्रति बोतल की दर से खरीदे गए हैं।

बोस के अनुसार रेलवे ने चिकन, तुर दाल, मूंग दाल, बेसन और टिश्यू पेपर को भी बाजार भाव से काफी अधिक दर पर खरीदा है। 570 किलो तूर दाल 89,610 रुपये (157 रुपये प्रति किलो), 650 किलो चिकन 1,51,586 (233 रुपये प्रति किलो), 148.5 किलो मूंग दाल 89610 रुपये (157 रुपये प्रति किलो) और 178 पानी-कोल्ड ड्रिंक्स के बॉक्स (एक बॉक्स में 10 बोतलें) 106031 रुपये (59 रुपये प्रति बोतल) की दर से खरीदे गए।

आरटीआई की जानकारी के अनुसार रेलवे द्वारा खरीदी गयी सामग्री और वितरित की गयी सामग्री में विसंगती है। मसलन 7680 रुपये में 250 किलोग्राम आटा खरीदा गया लेकिन 450 किलो आटा (90 किलो बेस किचन को और 360 किलो आईआरसीटीसी-जन आहार कैंटिन को) बांटा गया। इसी तरह 20 किलो मैदा खरीदा गया लेकिन वितरित 35 किलो किया गया। खरीदा गया 255 किलो बासमती चावल लेकिन वितरित हुआ 745 किलो।

इस मामले पर जब ‘द हिंदू’ ने अधिकारियों से बात की तो उन्होंने इसका बचाव करते हुए इसे “‘टाइपिंग एरर” करार दे दिया।

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