कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ऑपरेशन क्लीनबोल्ड का चौथा भाग जारी किया। ऑपरेशन के चौथे भाग में प्रियंका ने प्रदेश में बच्चों के साथ कुपोषण और महिलाओं के साथ बड़ते बलात्कार के मुद्दों को उठाया। प्रियंका ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोलते हुए कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री शिवराज अपने आपको बच्चों का मामा बताते है और अपनी छवि पर करोड़ों रुपये खर्च करते है। वहीं दूसरी उर प्रदेश की बहन-बेटिओं के साथ बलात्कार और अपहरण जैसी घटनाएँ बढती जा रही है।
महिला अपराध के साथ ही प्रियंका ने प्रदेश में बढ़ते कुपोषण को लेकर भी मुख्यमंत्री शिवराज पर जमकर हमला बोला। प्रियंका के कहा कि मध्यप्रदेश में बच्चों एवं नवजात शिशुओं की म्रत्यु डर देश में सबसे ज्यादा है। कुछ आंकड़े पेश करते हुए प्रियंका ने कहा कि प्रदेश में हर वर्ष 90 हजार बच्चे अपना पहला जन्मदिन तक नही मना पाते। हर वर्ष 61 हजार बच्चे अपने जीवन का एक महीने के भीतर ही कुपोषण या लचर स्वास्थ व्यवस्था के चलते दम तोड़ देते है। मामा के राज में 32% नाबालिग बेटिओं की शादी करा दी जाती है।
प्रदेश में बड़ी बच्चों की तस्करी
प्रियंका ने कहा की मामा शिवराज जी के राज में बड़े पैमाने पर बच्चों की तस्करी हो रही है। प्रियंका ने बताया की प्रदेश में 2004 से 2017 तक 1,18,789 बच्चे गम हो गये, जिनमें से 70 हजार से जयादा बेटियां है। कानून यह कहता है कि कोई भी बच्चा अगर 3 महीने तक नही मिलता है तो मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज होना चाहिए लेकिन मामा के राज में यह मुकदमा दर्ज नही किया जाता। यहाँ तक की बच्चों की तस्करी में भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों का तक नाम आ रहे है। एक सोशल एक्टिविस्ट के स्टिंग ऑपरेशन में अलीराजपुर के एक भाजपा नेता पिंटू जैसवाल के समधी शैलेन्द्र जैन का नाम बच्चों की तस्करी में आया हैं।
लहार में फायरिंग, चुनाव आयोग से शिकायत करेगी कांग्रेस
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस मीडिया विभाग की प्रदेश अध्यक्ष शोभा ओझा ने लहार विधानसभा में फायरिंग का मामला भी उठाया। ओझा ने कहा कि लहार विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी रसालसिंह के परिवार ने कांग्रेस प्रत्याशी गोविन्द सिंह के भतीजे और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अनुरुद्ध प्रताप सिंह पर जान से मारने की नियत से हमला किया।
कांग्रेस प्रत्याशी गोविन्द सिंह ने इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी व्ही। एल कान्ताराव को पत्र लिखकर उचित कार्यवाही और सुरक्षा की मांग की।
