Newbuzzindia : नोटेबंदी के मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एक बार फिर आक्रामक हो गए है । मनमोहन सिंह ने नोटेबंदी से जुडी कई कमियां गिनाई है । जिनमे मनमोहन सिंह के मुख्य बयान है –
- विमुद्रीकरण के पीछे यह गलतफहमी है कि ‘सारी नकदी काला धन है, और सारा काला धन नकदी के रूप में ही है’
- मनमोहन सिंह ने कहा है कि “नेताओं और सरकारों को कमज़ोर वर्गों की परवाह करनी होगी, वो अपनी इस ज़िम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते । “
- मनमोहन सिंह ने आगे कहा कि “मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं अपने ही देशवासियों को पैसे के लिए अंतहीन लाइन में इंतजार करते देखूँगा । “
- काले धन के खिलाफ लड़ाई सुनने में अच्छी लग सकती है, लेकिन इसमें एक भी ईमानदार भारतीय की जान नहीं जानी चाहिए ।
- विमुद्रीकरण से आम आदमी की जीविका और उनकी बचत को उजाड़ना भीषण त्रासदी है ।

